NHAI और ठेकेदार एक माह में पूरा करें काम:इंदौर बायपास जाम; हाईकोर्ट की नाराजगी, कहा– पहले सर्विस रोड जरूरी थी
Best Indore News: इंदौर बायपास पर बढ़ते जाम के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने NHAI और ठेकेदार को एक माह के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही यह टिप्पणी भी की गई कि पहले सर्विस रोड को तैयार करना प्राथमिकता होनी चाहिए थी, जिससे लोगों को परेशानी न झेलनी पड़ती। समस्या की जड़: क्यों हुआ जाम का संकट? इंदौर बायपास पर पिछले कुछ महीनों से सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान सर्विस रोड पूरी तरह तैयार न होने के कारण बायपास पर रोजाना वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। शहर के बाहरी इलाकों में भी जाम की स्थिति से आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। व्यापारिक परिवहन, स्कूल बसें और इमरजेंसी वाहन भी जाम में फंस रहे हैं, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा: अदालत ने साफ किया कि अगर तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। NHAI की योजना और ठेकेदार की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आश्वासन दिया कि बचे हुए काम को एक महीने में पूरा किया जाएगा। ठेकेदारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे 24×7 काम करके प्रोजेक्ट को समयसीमा में खत्म करें। बायपास पर डाइवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने का आदेश दिया गया है। लोगों की परेशानी और समाधान स्थानीय लोगों और यात्रियों ने कहा कि इस काम की वजह से रोजाना 30 से 45 मिनट अतिरिक्त जाम में बिताने पड़ते हैं। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती है। हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए NHAI को डेडलाइन का पालन करने का आदेश दिया। इंदौर बायपास शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद अहम है। ऐसे में निर्माण कार्य में देरी न सिर्फ लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि विकास की गति को भी प्रभावित कर रही है। उम्मीद है कि NHAI और ठेकेदार समयसीमा में काम पूरा करेंगे और इंदौर को जल्द ही जाम से राहत मिलेगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में MPPSC-2024 भाग-2 और सहायक प्राध्यापक परीक्षा संपन्न,चार केंद्रों पर हुई परीक्षा

Best Indore News: मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा राज्य में सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। रविवार को इंदौर में MPPSC-2024 के भाग-2 की परीक्षा और सहायक प्राध्यापक परीक्षा आयोजित की गई। शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थियों ने अपने सपनों को साकार करने के लिए हिस्सा लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा का महत्व MPPSC परीक्षा मध्यप्रदेश के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा राज्य स्तरीय सेवाओं जैसे डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) और अन्य पदों के लिए प्रवेश द्वार है। दूसरी ओर, सहायक प्राध्यापक परीक्षा उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षक नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। इंदौर में परीक्षा का आयोजन परीक्षार्थियों को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं लाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षार्थियों का उत्साह परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों में उत्साह और थोड़ी घबराहट दोनों नजर आई। कई परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्न पत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे।मुख्य विषयों में शामिल थे: प्रशासन की तैयारी इंदौर जिला प्रशासन ने परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए। चुनौतियां और समाधान परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कुछ परीक्षार्थियों को बारिश और ट्रैफिक जाम की वजह से कठिनाई हुई, लेकिन प्रशासन ने अतिरिक्त बसों और परिवहन सेवाओं की व्यवस्था करके स्थिति संभाली। परीक्षा के बाद आगे क्या? अब परीक्षार्थियों को परिणाम का इंतजार है। विशेषज्ञों की राय शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर पिछले साल की तुलना में ज्यादा विश्लेषणात्मक रहा। परीक्षार्थियों को रटने की बजाय विषयों की गहन समझ की जरूरत थी। MPPSC-2024 भाग-2 और सहायक प्राध्यापक परीक्षा का सफल आयोजन इंदौर में प्रशासनिक कुशलता का प्रमाण है। यह परीक्षा हजारों युवाओं के लिए सरकारी सेवाओं में करियर बनाने का सुनहरा अवसर है। अब देखना होगा कि कौन से प्रतिभाशाली उम्मीदवार चयनित होकर राज्य सेवा में अपना योगदान देंगे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
ये भी अद्भुत:सामान्य बच्चों के साथ पढ़ते दृष्टिबाधित, 5 बन चुके टॉपर …मेरिट वालों को प्राचार्य देते हैं 11 हजार

Best Indore News: सफलता किसी सीमा को नहीं मानती। यह बात इंदौर के उन दृष्टिबाधित बच्चों ने साबित कर दी है, जिन्होंने न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि सामान्य बच्चों के साथ पढ़ते हुए मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज कराया। इन छात्रों की लगन और परिश्रम आज समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। कौन हैं ये बच्चे? इंदौर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले दृष्टिबाधित बच्चे अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। अब तक ऐसे 5 दृष्टिबाधित छात्र टॉपर बन चुके हैं, जिन्होंने मेरिट में स्थान पाकर यह दिखाया कि शारीरिक बाधा उनकी शिक्षा में रुकावट नहीं डाल सकती। कैसे मिली ये सफलता? इन छात्रों की सफलता के पीछे केवल उनका संघर्ष ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन का सहयोग भी अहम है। प्राचार्य का प्रयास और प्रोत्साहन इन छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्राचार्य की भूमिका भी सराहनीय रही है। मेरिट सूची में आने वाले दृष्टिबाधित छात्रों को ₹11,000 का इनाम दिया जाता है। इस आर्थिक सहायता से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित होते हैं। चुनौतियां और समाधान दृष्टिबाधित छात्रों के लिए मुख्य चुनौतियां रही: लेकिन आज तकनीक और सामाजिक सहयोग से ये चुनौतियां कम हो रही हैं। ब्रेल नोट्स, स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर और ऑडियो क्लासेज ने इन बच्चों की पढ़ाई को आसान बना दिया है। समाज को संदेश इन बच्चों की कहानी हमें यह सिखाती है कि शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान है। अगर समाज और परिवार सहयोग करें, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। सरकारी पहल राज्य और केंद्र सरकार विशेष योजनाओं के तहत दृष्टिबाधित छात्रों को छात्रवृत्ति, फ्री किताबें, और रेजिडेंशियल स्कूल की सुविधा दे रही हैं। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इन छात्रों को अतिरिक्त समय और सहायक लेखक की सुविधा प्रदान की जाती है। दृष्टिबाधित छात्रों की यह सफलता समाज में एक नई सोच पैदा कर रही है। यह साबित करता है कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई कमी आड़े नहीं आती। शिक्षा सभी के लिए समान होनी चाहिए, और इन छात्रों ने दिखा दिया है कि यदि अवसर मिले, तो हर कोई सफलता की ऊंचाई छू सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
गुड़-बेसन और गोबर से तैयार जीवामृत, किसानों ने अपनाई जैविक खेती

रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती की ओर किसानों का रुझान Best Indore News: देश में बढ़ती रासायनिक खेती के नुकसान ने किसानों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। स्वास्थ्य और मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए कई किसान अब जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में इंदौर और आसपास के कई किसानों ने गुड़, बेसन और गोबर से बने जीवामृत का उपयोग शुरू किया है। यह एक प्राकृतिक खाद और कीटनाशक है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ फसल को रोगों से भी बचाता है। जीवामृत क्या है और कैसे बनता है? जीवामृत एक प्रकार का जैविक घोल है, जो पूरी तरह से प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल है। इसे बनाने के लिए निम्न सामग्री की जरूरत होती है: इन सभी चीजों को एक ड्रम में मिलाकर 3 से 5 दिनों तक रखा जाता है। इस दौरान मिश्रण को रोजाना हिलाया जाता है, ताकि उसमें सूक्ष्मजीव सक्रिय रह सकें। यह घोल फसल पर छिड़काव के लिए और सिंचाई के पानी में मिलाने के लिए उपयोग किया जाता है। रासायनिक खादों से नुकसान क्यों? रासायनिक खाद और कीटनाशक से मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है। लंबे समय तक इनका उपयोग करने से मिट्टी कठोर हो जाती है, पानी सोखने की क्षमता घट जाती है और फसल में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। यही नहीं, रासायनिक अवशेषों से मानव स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ता है। जीवामृत के फायदे देशी तकनीक और नवाचारों का उपयोग किसानों ने सिर्फ जीवामृत ही नहीं, बल्कि अन्य देशी तकनीकें भी अपनाई हैं। जैसे वर्मी कम्पोस्ट, पंचगव्य और बायो-पेस्टिसाइड्स का उपयोग। ये तकनीकें न केवल सस्ती हैं, बल्कि खेतों को रासायनिक प्रदूषण से भी बचाती हैं। किसानों का अनुभव जिन किसानों ने जीवामृत का उपयोग किया है, उन्होंने बताया कि इससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है और फसल रोगों से सुरक्षित रहती है। इसके अलावा, खेती की लागत में भी काफी कमी आई है। सरकारी प्रयास और योजनाएं राज्य सरकार और केंद्र सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही हैं। किसानों को ट्रेनिंग, सब्सिडी और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गुड़, बेसन और गोबर से बने जीवामृत जैसे जैविक विकल्प खेती को सस्टेनेबल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह न केवल किसानों की लागत घटाता है, बल्कि मिट्टी और मानव स्वास्थ्य को भी सुरक्षित करता है। रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान को देखते हुए जैविक खेती समय की मांग है। आने वाले समय में यही तकनीकें कृषि के भविष्य को सुरक्षित बनाएंगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में आज बारिश के आसार, सीजन में अब तक 10 इंच से ज्यादा पानी

Best Indore News: इंदौर में मानसून ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। शुक्रवार रातभर हुई रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। शहर में लगातार बदलते मौसम ने न केवल तापमान को कम किया, बल्कि उमस से परेशान लोगों को भी राहत दी। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज भी शहर में बारिश की संभावना बनी हुई है। इस सीजन में अब तक इंदौर में 10 इंच से ज्यादा पानी दर्ज हो चुका है। रातभर हुई हल्की बारिश शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक शहर में रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। बारिश के बाद सुबह का मौसम बेहद सुहावना रहा। सड़कों पर पानी जमा नहीं हुआ, जिससे लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। अब तक का बारिश का आंकड़ा मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में इस सीजन की कुल बारिश का आंकड़ा 10 इंच से ज्यादा पहुंच चुका है। हालांकि, जुलाई के शुरुआत में बारिश में कमी देखी गई थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। किसानों के लिए राहत की खबर यह बारिश खासतौर पर किसानों के लिए राहत लेकर आई है। जिन किसानों ने बोवनी कर दी थी, उनके खेतों में पानी पहुंच गया है। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई थी, वहां के किसानों को भी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पानी मिलेगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में शहर और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की संभावना है, खासकर दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में। तापमान में गिरावट बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे रिकॉर्ड किया गया। उमस में कमी से लोगों ने राहत की सांस ली। नागरिकों की प्रतिक्रिया लोगों ने बारिश का स्वागत किया। बच्चों ने घरों की छतों पर खेल का मजा लिया। वहीं सोशल मीडिया पर भी बारिश की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। सड़क और यातायात व्यवस्था हालांकि बारिश के कारण कुछ इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हुई, लेकिन बड़े जाम की स्थिति नहीं बनी। नगर निगम की टीम ने पहले से नालियों की सफाई का काम किया था, जिससे पानी निकासी में दिक्कत नहीं हुई। इंदौर में हुई रिमझिम बारिश ने शहरवासियों को राहत दी है। मानसून की रफ्तार तेज होने के संकेत हैं, जिससे किसानों और आम जनता के चेहरे खिल उठे हैं। अगर आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो जलस्तर सुधरेगा और फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जुलाई के आखिरी हफ्ते में और अधिक बारिश की संभावना है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
नागपंचमी पर घटती सपेरों की पहचान और आजीविका का संकट

Best Indore News: नागपंचमी का त्योहार भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दिन नागदेवता की पूजा का विशेष महत्व होता है। पहले जहां इस त्योहार पर सपेरों की मौजूदगी और उनकी बीन की धुन पूजा का अहम हिस्सा होती थी, वहीं अब यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। आधुनिक दौर में कानून, सामाजिक बदलाव और जीवनशैली के कारण सपेरों का पुश्तैनी पेशा समाप्ति की कगार पर पहुंच गया है। सपेरों की परंपरा और इतिहास सपेरे भारतीय समाज में सदियों से मौजूद हैं। उनका जीवन सांपों के साथ जुड़ा हुआ था। नागपंचमी, मेलों और धार्मिक आयोजनों में सपेरे अपने सांपों को दिखाकर दान, कपड़े और भोजन प्राप्त करते थे। यह सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि उनके लिए सम्मान का प्रतीक था। लेकिन समय के साथ यह पेशा पूरी तरह से बदल गया। परिवर्तन की बड़ी वजह वन्यजीव संरक्षण कानून लागू होने के बाद सांपों को पकड़ना और उनके साथ प्रदर्शन करना अपराध घोषित कर दिया गया। इसके बाद से सपेरों का यह पारंपरिक पेशा लगभग खत्म हो गया। पहले वे सांपों के जरिए लोगों का मनोरंजन करते और अपने परिवार का पेट पालते थे, लेकिन अब यह तरीका गैरकानूनी है। सपेरों की आज की हालत मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों में सपेरों की बस्तियों में अब हालात बहुत खराब हैं। कई सपेरे मजदूरी करने लगे हैं तो कुछ शहरों में रिक्शा चलाते हैं। महिलाओं को घरेलू काम करना पड़ रहा है। सपेरों का कहना है कि पहले नागपंचमी पर वे पूजा करवाते थे, लोग दान देते थे, कपड़े और अनाज देते थे। अब यह सब सिर्फ यादों में रह गया है। सांपों के बिना अधूरी पहचान सपेरे मानते हैं कि सांप उनके जीवन का हिस्सा हैं। उनके बिना उनकी पहचान अधूरी है। लेकिन कानून और आधुनिक समाज ने उन्हें इस पेशे से अलग कर दिया। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति खराब हुई है बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान भी मिट रही है। सरकार और समाज से उम्मीदें सपेरों का कहना है कि सरकार उनकी मदद करे, ताकि उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल सकें। कई एनजीओ और सामाजिक संगठन इन समुदायों को नई आजीविका देने की दिशा में काम कर रहे हैं। लेकिन इन प्रयासों का दायरा बहुत छोटा है। कानूनी पहलू और संरक्षण वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत सांपों को पकड़ना अपराध है, इसलिए सपेरों को इस पेशे से बाहर निकलना पड़ा। हालांकि, यह कानून जानवरों की सुरक्षा के लिए जरूरी था, लेकिन इसके चलते एक पूरी परंपरा और संस्कृति खत्म हो रही है। नागपंचमी पर जहां पहले सपेरों की बीन की धुन गूंजती थी, अब वहां सिर्फ पूजा और दूध चढ़ाने की परंपरा बची है। सांपों को बचाने के लिए बनाए गए कानून सही हैं, लेकिन इस बदलाव से प्रभावित समुदायों को नए रोजगार के अवसर देना भी जरूरी है। अगर उन्हें समय पर सहारा नहीं मिला, तो यह पारंपरिक कला और संस्कृति हमेशा के लिए खो जाएगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में तेज बारिश से एबी रोड पर पानी भरा:एमजी रोड पर एक होटल का छज्जा गिरा, 16 घंटे में ढाई इंच बारिश हुई

इंदौर में तेज बारिश: सड़कों पर जलभराव और हादसे Best Indore News: इंदौर में शनिवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया। बीते 16 घंटों में लगभग ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस बारिश से जहां मौसम सुहावना हुआ, वहीं कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली। खासतौर पर एबी रोड और एमजी रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में मुश्किलें आईं। इसके अलावा एमजी रोड पर एक होटल का छज्जा गिरने की घटना भी सामने आई, जिसमें किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है। 16 घंटे में ढाई इंच बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर में 16 घंटे में करीब 2.5 इंच बारिश दर्ज की गई। जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई इस बारिश ने सीजन का औसत आंकड़ा सुधारने में मदद की है। फिलहाल इंदौर में कुल बारिश का आंकड़ा 9 इंच के करीब पहुंच चुका है। जलभराव की समस्या बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। एबी रोड और बायपास के कुछ हिस्सों में पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए पंपिंग सेट से पानी निकासी की व्यवस्था की। एमजी रोड पर हादसा बारिश के दौरान एमजी रोड पर स्थित एक होटल का छज्जा गिर गया। हालांकि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। लोगों को दिक्कतें भारी बारिश के कारण शहर में ट्रैफिक पर भी असर पड़ा। कई जगहों पर गड्ढों में पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं बढ़ीं। आम लोगों को बाजार और दफ्तर जाने में काफी परेशानी हुई। प्रशासन की अपील नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे पानी भरे क्षेत्रों से गुजरते समय सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलें। साथ ही, बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। भविष्य की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। इंदौर में हुई तेज बारिश ने राहत के साथ-साथ परेशानी भी दी। जहां लोगों को गर्मी से निजात मिली, वहीं जलभराव और हादसों ने चुनौतियां खड़ी कर दीं। अब जरूरत है कि नगर निगम जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करे और नागरिक भी सावधानी बरतें। आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट रहना ही समझदारी है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
मंत्री बोले-आंगनवाड़ी में भर्ती कराने दलाल घूम रहे:पैसा लेकर नौकरी का कर रहे दावा, मेरे पास आई कई शिकायतें; मैरिट से ही होगी भर्ती
मंत्री का बड़ा बयान: आंगनवाड़ी भर्ती में दलालों की सक्रियता पर चिंता Best Indore News: इंदौर में एक अहम मुद्दे पर बड़ा खुलासा हुआ है। मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी में भर्ती कराने के नाम पर दलाल सक्रिय हैं, जो पैसों के बदले नौकरी दिलाने का दावा कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के भविष्य को भी प्रभावित कर रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी में भर्ती पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगी और किसी भी तरह का पैसा या सिफारिश मान्य नहीं होगी। क्या है मामला? हाल ही में सामने आई शिकायतों के अनुसार, कई लोग भर्ती प्रक्रिया में दलाली कर रहे हैं। वे उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। मंत्री ने बताया कि उनके पास इस तरह की कई शिकायतें आई हैं, जिससे स्पष्ट है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर अफवाहें और गलत गतिविधियां बढ़ रही हैं। दलालों का तरीका शिकायतों के अनुसार, दलाल उम्मीदवारों को फर्जी आश्वासन देते हैं कि वे विभाग के अधिकारियों से मिलकर या अपनी पहचान के आधार पर नौकरी दिला सकते हैं। कुछ मामलों में पैसे लेने के बाद उम्मीदवारों को धोखा भी दिया गया है। सरकार की सख्ती मंत्री ने साफ कहा कि सरकार ऐसे मामलों में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगी। आंगनवाड़ी भर्ती पूरी तरह से पारदर्शी होगी और चयन केवल मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि कोई भी व्यक्ति अगर पैसे की मांग करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। भर्ती प्रक्रिया कैसे होगी? अभ्यर्थियों के लिए संदेश मंत्री ने उम्मीदवारों से कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं। अगर कोई दलाल पैसे मांगता है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें। सरकार ने ऐसे दलालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा कदम सरकार की योजना है कि जल्द ही विशेष निगरानी टीम बनाई जाए, जो भर्ती प्रक्रिया पर नजर रखेगी। साथ ही, शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी जारी किए जाएंगे। आंगनवाड़ी भर्ती में दलालों की सक्रियता चिंताजनक है, लेकिन सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया और मेरिट आधारित चयन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। अब यह जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और किसी भी तरह के लालच या धोखाधड़ी से बचें। केवल मेरिट के आधार पर ही उम्मीदवारों को नौकरी मिलेगी, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और deserving उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
15 किमी पैदल चलकर इंदौर पहुंचे एकलव्य स्कूल के छात्र, प्रिंसिपल के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
प्रिंसिपल के खिलाफ गुस्से में छात्र, 15 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे इंदौर Best Indore News: इंदौर में शिक्षा जगत से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल के छात्रों ने प्रिंसिपल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में लगातार हो रहे अनियमितताओं और प्रिंसिपल के रवैये से परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। विरोध की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छात्र 15 किलोमीटर पैदल चलकर इंदौर पहुंचे। क्या है मामला? छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल के खिलाफ उनकी शिकायतों को बार-बार नजरअंदाज किया गया। आरोपों में भोजन की गुणवत्ता खराब होना, शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी, हॉस्टल की समस्याएं और अनुशासनहीनता शामिल हैं। कई छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल द्वारा किया जा रहा व्यवहार छात्रों के लिए असहनीय हो गया था। छात्रों का आरोप 15 किलोमीटर का सफर क्यों? छात्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी शिकायतें कई बार स्कूल प्रशासन तक पहुंचाईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने सामूहिक रूप से इंदौर जाने का फैसला लिया। छात्र समूह ने पैदल मार्च कर 15 किलोमीटर की दूरी तय की और सीधे प्रशासन से संपर्क करने पहुंचे। प्रशासन की भूमिका छात्रों के पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। जांच के आदेश दिए गए हैं और आश्वासन दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों की प्रतिक्रिया अभिभावकों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और प्रशासन से मांग की कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे भी आंदोलन करेंगे। एकलव्य मॉडल स्कूल का उद्देश्य और चुनौतियां एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल का उद्देश्य आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। सरकार इस पर करोड़ों रुपए खर्च करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन उद्देश्यों पर सवाल खड़े कर देती है। अगर छात्रों की बुनियादी जरूरतें ही पूरी नहीं होंगी, तो यह योजना बेअसर हो जाएगी। एकलव्य स्कूल के छात्रों का यह कदम प्रशासन और समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे संस्थानों में भ्रष्टाचार, लापरवाही या किसी भी तरह का शोषण न हो। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में शुक्रवार रात को करीब 1 इंच बारिश:इस सीजन में साढ़े आठ इंच पानी बरसा, सुबह से छाए घने बादल; तेज बारिश शुरू

शुक्रवार रात इंदौर में हुई झमाझम बारिश, सीजन का आंकड़ा 8.5 इंच पहुंचा Best Indore News: इंदौर में शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही और शहर को लगभग 1 इंच पानी मिला। इसके साथ ही सीजन का आंकड़ा अब 8.5 इंच तक पहुंच गया है। शनिवार सुबह से ही आसमान पर काले बादलों का डेरा है और दोपहर तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है। कैसा रहा मौसम का हाल? शुक्रवार को दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम होते ही मौसम ने करवट ली। देर रात से रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो समय-समय पर तेज बौछारों में तब्दील होती रही। सुबह शहर के कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में इंदौर में लगभग 1 इंच बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले जुलाई के मध्य तक शहर में बारिश का ग्राफ काफी कम था, लेकिन अब लगातार होने वाली बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ है। सीजन का आंकड़ा और लक्ष्य जुलाई महीने में औसतन 12 इंच बारिश का अनुमान रहता है। फिलहाल इंदौर में 8.5 इंच पानी गिर चुका है। इसका मतलब है कि जुलाई के बचे दिनों में अगर औसत बारिश हुई, तो सीजन का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। क्यों बढ़ी बारिश की संभावना? मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया और अरब सागर में सक्रिय मानसूनी सिस्टम की वजह से पूरे मध्यप्रदेश में बारिश का दौर तेज हो गया है। खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अगले 48 घंटों तक लगातार बारिश की संभावना है। शहर के हालात बारिश के बाद कई कॉलोनियों में पानी भर गया। निगम की टीमें लगातार जलभराव को हटाने में लगी हुई हैं। वहीं, ट्रैफिक पुलिस को भी कई जगह वाहन चालकों को संभालना पड़ा। बारिश के दौरान लोग भीगते हुए ऑफिस और मार्केट तक पहुंचे फसलों को राहत इस बारिश से किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों को पानी की जरूरत थी। समय पर हुई इस बारिश से फसलों की सेहत में सुधार होगा और पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। आगे का मौसम मौसम विभाग ने इंदौर और आसपास के जिलों में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर निचले इलाकों में रहने वालों को। इंदौर में शुक्रवार की बारिश ने उमस से राहत दी और सीजन के आंकड़े को 8.5 इंच तक पहुंचाया। आने वाले दिनों में तेज बारिश के आसार हैं, जो न केवल मौसम को सुहावना बनाएंगे, बल्कि फसलों के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे। नगर निगम और प्रशासन को जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रहना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।