इंदौर एयरपोर्ट के पास ऑफिस, होटल या रूम खरीदना: निवेश का स्मार्ट निर्णय

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अब केवल एक व्यापारिक शहर नहीं रहा, बल्कि यह देश के प्रमुख रियल एस्टेट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। खासकर इंदौर एयरपोर्ट यानी देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का क्षेत्र आज रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक बेहद आकर्षक स्थान बन गया है। यदि आप ऑफिस, होटल या रूम खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो एयरपोर्ट के पास की लोकेशन आपके लिए एक स्मार्ट निर्णय हो सकती है। आइए जानते हैं कैसे: एयरपोर्ट के पास की प्रीमियम लोकेशन इंदौर एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र न केवल भौगोलिक रूप से शानदार है, बल्कि भविष्य में इसके और भी तेजी से विकसित होने की संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र सुपर कॉरिडोर, बायपास रोड और MR10 जैसे बड़े मार्गों से जुड़ा हुआ है, जिससे यातायात और कनेक्टिविटी बेहतरीन रहती है। ऑफिस या को-वर्किंग स्पेस खरीदने के फायदे इंदौर का एयरपोर्ट इलाका अब एक कॉर्पोरेट हब में बदल रहा है। कई स्टार्टअप, IT कंपनियाँ और कंसल्टिंग फर्म्स इस क्षेत्र में ऑफिस खोल रही हैं। होटल या गेस्ट हाउस के लिए बेहतरीन क्षेत्र चूंकि एयरपोर्ट के पास आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए होटल और गेस्ट हाउस की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। स्टूडियो या सर्विस्ड रूम्स – रेंटल इनकम का साधन यह क्षेत्र उन लोगों के लिए आदर्श है जो कम बजट में निवेश कर एक स्थायी किराया आय चाहते हैं। एयरपोर्ट के नजदीक स्टूडियो फ्लैट्स और सर्विस्ड रूम्स की डिमांड हमेशा बनी रहती है। रियल एस्टेट ग्रोथ और निवेश की संभावनाएं इंदौर एयरपोर्ट क्षेत्र में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र का विकास और अधिक तेज़ होने की संभावना है। किन बातों का रखें ध्यान? इंदौर एयरपोर्ट के पास ऑफिस, होटल या रूम खरीदना आज के समय का एक दूरदर्शी निर्णय है। यह क्षेत्र न केवल वर्तमान में एक बेहतरीन निवेश अवसर प्रदान करता है, बल्कि आने वाले समय में यह आपकी वित्तीय स्थिरता और प्रॉपर्टी वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित करता है। यदि आप चाहते हैं कि आपका निवेश सुरक्षित भी हो और लाभकारी भी, तो एयरपोर्ट क्षेत्र आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact: 9039 636 706 | 8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish
निपानिया में प्रॉपर्टी खरीदने के 5 बड़े फायदे सिर्फ घर नहीं, भविष्य में सुरक्षा

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। इंदौर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है, जो न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के प्रमुख स्मार्ट शहरों में गिना जाता है। ऐसे में शहर के विभिन्न इलाकों में प्रॉपर्टी निवेश की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आप एक ऐसे स्थान की तलाश में हैं जहाँ घर खरीदने के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा भी हो, तो निपानिया आपके लिए एक आदर्श विकल्प हो सकता है। निपानिया, इंदौर का एक उभरता हुआ रिहायशी क्षेत्र है जो स्मार्ट लोकेशन, बेहतरीन कनेक्टिविटी और भविष्य की असीम संभावनाओं से भरपूर है। बायपास से 2 मिनट, मॉल से 5 मिनट – अद्वितीय कनेक्टिविटी निपानिया की सबसे बड़ी खासियत है इसकी शानदार कनेक्टिविटी। यहाँ से इंदौर बायपास रोड मात्र 2 मिनट की दूरी पर है, जिससे शहर के हर कोने तक पहुँचना आसान हो जाता है। स्कूल व अस्पताल नजदीक – परिवार के लिए सुविधाजनक जीवन निपानिया क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित स्कूल और हॉस्पिटल मौजूद हैं जो इसे परिवारों के लिए आदर्श बनाते हैं। रियल एस्टेट ग्रोथ और निवेश पर जबरदस्त रिटर्न निपानिया में पिछले कुछ वर्षों में प्रॉपर्टी के दामों में निरंतर वृद्धि देखी गई है। यह क्षेत्र रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका है। आधुनिक रेसिडेंशियल टाउनशिप्स और गेटेड कम्युनिटी यहाँ कई नामी डेवलपर्स के टाउनशिप प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं जिनमें सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं: जीवनशैली और सामाजिक परिवेश निपानिया न केवल भौगोलिक रूप से, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक बेहतरीन लोकेशन है। यहाँ का माहौल शांत, सुरक्षित और सुव्यवस्थित है। किसके लिए उपयुक्त है निपानिया? कौन सी प्रॉपर्टी लें? निवेश के समय ध्यान रखें निपानिया वह स्थान है जो न केवल एक घर देता है, बल्कि आपके पूरे परिवार के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक और संतुलित जीवनशैली प्रदान करता है। इसकी कनेक्टिविटी, विकासशील परिवेश और भविष्य की संभावनाएं इसे इंदौर का प्रमुख रेसिडेंशियल हब बनाती हैं। यदि आप आज यहाँ निवेश करते हैं, तो यह कल एक सुरक्षित भविष्य की गारंटी बन सकता है। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact: 9039 636 706 | 8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish
जाम में फंसी तो छूट गया पेपर, फिर भी हौसला नहीं टूटा: बीकॉम छात्रा ने बीए के विद्यार्थियों के साथ दी परीक्षा

घटना का स्थान: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर Best Indore News: इंदौर शहर में चल रहे निर्माण कार्यों और अनियंत्रित ट्रैफिक का असर अब विद्यार्थियों की शिक्षा पर भी पड़ने लगा है। मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में हुई एक घटना ने न केवल इस समस्या को उजागर किया, बल्कि एक छात्रा के संघर्ष, इच्छाशक्ति और प्रशासन की संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश की। जाम में फंसी छात्रा, परीक्षा से चूकी उज्जैन से इंदौर परीक्षा देने आ रही बीकॉम अंतिम वर्ष की एक छात्रा (नाम गोपनीय) शहर की सीमा पर ट्रैफिक जाम में बुरी तरह फंस गई। इंदौर शहर में चल रहे मेट्रो, रोड ब्रिज और ड्रेनेज लाइन के निर्माण कार्य के कारण कई इलाकों में घंटों लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है। छात्रा को जिस परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुँचना था, वहाँ पहुँचने में उसे करीब एक घंटे की देरी हो गई। जब तक वह केंद्र पहुँची, उसकी परीक्षा शुरू हो चुकी थी और आधा घंटा बीत चुका था, जो विश्वविद्यालय की परीक्षा नीति के अनुसार परीक्षा में बैठने की सीमा से अधिक था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिखाई मानवीयता लेकिन छात्रा के आँसुओं और उसकी ईमानदारी ने परीक्षा नियंत्रक और केंद्र अधीक्षक का मन बदल दिया। छात्रा ने स्पष्ट रूप से बताया कि वह उज्जैन से आ रही थी, और बीच रास्ते में लंबे ट्रैफिक जाम में फंसी रही। उसने अपने मोबाइल में जाम की तस्वीरें, ट्रैफिक लाइव अपडेट और कॉल रिकॉर्डिंग दिखाकर प्रमाणित किया कि वह झूठ नहीं बोल रही। स्थिति को समझते हुए, केंद्र प्रभारी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष अनुमति दी। छात्रा को परीक्षा देने की इजाजत तो दी गई, लेकिन उसके विषय का पेपर समाप्त हो चुका था। बीए के छात्रों के साथ दी परीक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन ने विकल्प सुझाया कि अगर छात्रा परीक्षा देना चाहती है, तो वह बीए के छात्रों के साथ अलग कमरे में, उसी समय स्लॉट में, अपना पेपर दे सकती है।यह एक असामान्य स्थिति थी, लेकिन छात्रा ने मौके को खोने के बजाय तुरंत हाँ कह दी और निर्धारित समय के अनुसार पूरी ईमानदारी से पेपर दिया। छात्रा ने कहा – “मेरे भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं” परीक्षा के बाद जब पत्रकारों ने छात्रा से बात की तो उसकी आँखें नम थीं, पर चेहरा आत्मविश्वास से भरा था। “मैं घर से समय पर निकली थी, लेकिन देवास-इंदौर बायपास के पास इतना भयानक जाम था कि गाड़ी चल ही नहीं पा रही थी। मैं परेशान थी कि कहीं साल भर की मेहनत बर्बाद न हो जाए। लेकिन विश्वविद्यालय ने मेरी बात मानी, इसके लिए मैं आभारी हूँ।” उसने आगे कहा: “पढ़ाई मेरी प्राथमिकता है। परिस्थिति कैसी भी हो, मुझे हार मानना पसंद नहीं।” DAVV प्रशासन की पहल सराहनीय देवी अहिल्या विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह साबित किया कि जब शिक्षा व्यवस्था में मानवीयता और लचीलापन होता है, तो छात्र-छात्राएँ अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन सक्सेना ने बताया: “छात्रा की ईमानदारी और वास्तविक कारणों को देखकर हमने उसे अनुमति दी। हमारा उद्देश्य छात्रों का भविष्य संवारना है, न कि नियमों में जकड़ देना।” इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था अब चुनौती बन चुकी है यह घटना एक बार फिर इंदौर शहर की ट्रैफिक समस्या की गंभीरता को दर्शाती है। मेट्रो, ROB (रेलवे ओवरब्रिज), स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के चलते कई मार्गों पर गाड़ियाँ घंटों फँसी रहती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि: तो इस प्रकार की समस्याएँ रोकी जा सकती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना छात्रा की परीक्षा देने की यह कहानी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने DAVV प्रशासन की इस संवेदनशीलता की सराहना की है। ट्विटर पर एक यूज़र ने लिखा: “यही है नया भारत की शिक्षा – जहाँ नियम भी हैं और इंसानियत भी।” पढ़ाई और perseverance की मिसाल इस छात्रा की कहानी यह दिखाती है कि जब संकल्प दृढ़ हो, तो परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, इंसान अपनी राह बना ही लेता है।चाहे ट्रैफिक जाम हो, समय की कमी या तनाव—जब मन में लक्ष्य हो, तो परीक्षा हॉल तक पहुँच ही जाते हैं। इस खबर से तीन बातें स्पष्ट होती हैं: इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
खजराना गणेश मंदिर: अब 6 किलो के स्वर्ण मुकुट से दमकेगी इंदौर की आस्था

आकर्षक शुरुआत – क्या बदल रहा है? Best Indore News: इंदौर के प्रमुख धार्मिक केंद्र खजराना गणेश मंदिर में जल्द ही भगवान गणेश की आभा नई चमक से जगमगाएगी। मंदिर प्रशासन ने लगभग 6–7 किलो वजन वाले एक भव्य स्वर्ण मुकुट लगाने का निर्णय लिया है। इसकी जानकारी तब सामने आई जब पुराने मुकुट में दरार (क्रैक) पाई गई। रविवार को सामने आई खबरों के अनुसार, ऐसे मुकुट की प्रक्रिया का पहला सत्यापन मॉडल 3 किलो का चांदी का मुकुट बनाकर किया जाएगा, जिसको पहनाकर इसके फिट और डिज़ाइन की परख की जाएगी चांदी का मॉडल क्यों? मुकुट का वजन, सामग्री और डिज़ाइन नए मुकुट की रेखाचित्र और जानकारी इस प्रकार है: घटक अनुमानित वजन गणेश स्वर्ण मुकुट 5–6 किलो रिद्धि–सिद्धि मुकुट 1–1.5 किलो शुभ–लाभ मुकुट 500 ग्राम निर्माण प्रक्रिया व समयसेमा सामग्री की व्यवस्था – कहाँ से आएगी सोना? कथित महत्व – श्रद्धालुओं के दृष्टिकोण से सोशल मीडिया और वीडियो अपडेट धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में नए 6 किलो के स्वर्ण मुकुट का जुड़ना सिर्फ सजावटी मसला नहीं, बल्कि यह श्रद्धा, व्रत-त्यौहार, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की एक मजबूत सामूहिक अभिव्यक्ति है। चांदी के मॉडल से शुरू हुआ यह अध्याय जल्द वास्तविक सोने की चमक में बदलने के कगार पर है। भक्तगण इस ऐतिहासिक मोड़ को बेहद उत्साहपूर्वक देख रहे हैं—और यह नया मुकुट मंदिर में लाखों भक्तों के विश्वास और श्रृंगार को एक वैभवपूर्ण आभा से प्रकाशित करेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा: 3 नए संक्रमित मिले, 6 महीने में 189 केस दर्ज

Best Indore News: ताज़ा अपडेट छह महीने में कुल स्थिति – इंडौर में 189 केस मरीजों की स्थिति और लक्षण स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और उपाय ट्रेंड्स में मिल रही जानकारी संभावनाएँ और सावधानियाँ टेस्टिंग की स्थिति क्या परेशानी की वजह है? सबसे पहले क्या करें? भविष्य की रणनीति रणनीति विवरण सतत स्वास्थ्य समीक्षा कलेक्टर, CMHO और RRT नेतृत्व में सतत समीक्षा बैठकें जारी अस्पताल तैयारी पर्याप्त बिस्तर, दवाइयाँ और ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करें तेज संपर्क ट्रेसिंग पॉज़िटिव मामलों का शीघ्र पता लगाना और उन पर कार्रवाई करना जनजागरण अभियान मास्किंग, स्वच्छता और सामाजिक दूरी का संदेश व्यापक स्तर पर वैक्सीन बूस्टर योग्य श्रेणी (जैसे वरिष्ठ नागरिक, 18+) को तुरंत बूस्टर लगाने पर जोर इंदौर में तीन नए मामले एक चेतावनी संकेत हैं कि COVID-19 अभी समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि लक्षण हल्के और केस नियंत्रित हैं—पर: हमारी अपील: मास्क पहनें, हाथ धोएँ, भीड़ से बचें – क्योंकि सामूहिक प्रयास ही कोरोना मुक्त इंदौर की दिशा में असली इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर: पति के अफेयर और मारपीट से तंग आकर महिला ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में चौंकाने वाले खुलासे

घटना का प्रारंभ—कब और कहाँ हुई घटना? Best Indore News: इंदौर के कनाड़िया इलाके में यह दिल दहला देने वाली घटना हाल ही में सामने आई। 27 वर्षीय नेहा मालवीय, जो क्षेत्र के एक सरकारी इंजीनियर की पत्नी थी, ने 15 जुलाई की रात जहर लेकर अपनी जान दे दी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। घटना की शुरुआत तब हुई जब नेहा ने अपने घर पर कब्जा जमाए पति राहुल के लंबे समय तक जारी अफ़ेयर और लगातार हो रही मारपीट से तंग आकर यह कदम उठाया। सुसाइड नोट और वीडियो: आरोपों की बानगी नेहा का 24 पेज का लिखा सुसाइड नोट और लगभग एक घंटे प्रयाप्त की वीडियो क्लिप सामने आई है, जिसमें उसने पति पर गंभीर आरोप लगाए: पुलिस-कमिशन की प्रतिक्रिया—क्या हुई FIR दर्ज़? बाकी घटनाओं की तरह, इस भी शुरुआत हुई शिकायत से—नेहा के परिवार ने उसकी मौत की रिपोर्ट दर्ज़ कराई। लेकिन पुलिस कार्रवाई और कानूनी पहल में 9 वर्षों की तरह चीनापन बरतने की आशंका व्यक्त की जा रही है। आरोप है कि प्राथमिकी (FIR) में POCSO या घरेलू हिंसा अधिनियम नहीं जोड़ा गया।शहर की सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि “घरेलू दमन से मुक्ति के लिए पेश की गई यह जांच असमान है” और न्यायपालिका को उचित संज्ञान लेने की आवश्यकता पर बल दिया है। PMO और उच्च न्यायालय ने उठाया संज्ञान इस दुखद घटना की चर्चा और विस्तृत रिपोर्टिंग से उपजे दबाव के प्रभाव से, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने विषय को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की पहचान, सख्ती से जांच और FIR दर्ज़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारीयों को दिए हैं।साथ ही, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की फास्ट‑ट्रैक सुनवाई का निर्देश जारी किया जिसमें कहा गया कि पीड़िता के परिवार को उचित क्षतिपूर्ति और न्याय मिले। अन्य दीर्घकालीन संदर्भ: इंदौर-कनाड़िया से लेकर उज्जैन तक की घटनाएँ माना डायनामिक—भ्रष्टाचार या सिस्टम फेल्योर? कैसे हो शीघ्र न्याय—5 सुझाव यह इंदौर कनाड़िया की यह घटना केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि हिंसा और समुदाय में असुरक्षा के संकेत देती है। अगर जिम्मेदार संस्थाएं समय पर कार्रवाई करें, FIR में POCSO शामिल हो, परिवार एवं समाज साथ खड़ा हो—तो ऐसी घटनाएँ कम होंगी। हमारा संदेश: ऐसी दुखद घटनाएँ समाचार तक सीमित न रहें—बल्कि उन्हें समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा समझकर रणनीतिक समाधान अपनाएँ। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर के सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार

Best Indore News: इंदौर जिले के खुड़ैल क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में नाबालिग छात्राओं के शोषण का मामला सामने आया है। दो शिक्षकों पर अश्लील बातें करने, मारपीट करने और छात्राओं की लैंगिक गरिमा के खिलाफ अमानवीय व्यवहार करने के आरोप हैं। शुरूआती घटना – कब और कहाँ? इंदौर इस वर्ष अगस्त में इंदौर के एक सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल (मल्हारगंज) में गंभीर घटना सामने आई। उस दिन एक शिक्षक ने मोबाइल की घंटी सुनकर कुछ छात्राओं को शौचालय में बुलाया और वहां उनके कपड़े उतारकर तलाशी ली। नाबालिग बच्चियाँ भयानक मानसिक आघात से गुज़र रही थीं । आरोप है कि शिक्षिका ने मोबाइल की खोज के बहाने यह करने के साथ-साथ कुछ छात्राओं को वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी और उनमें से कुछ को मारपीट से भी रूबरू कराया पुलिस में शिकायत और सीमित कार्रवाई घटना के पश्चात माता-पिता ने मल्हारगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, तथापि पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज नहीं की और न ही POCSO के तहत तत्काल मुकदमा शुरू किया गया । इस निष्क्रियता के कारण पालकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्च न्यायालय की शरण ली। हाईकोर्ट की सख्ती मामले की गंभीरता पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस दुप्पला वेंकटरमणा की पीठ) ने घटना को बेहद गंभीर मानते हुए राज्य सरकार, पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर और मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया कोर्ट ने निर्देश दिया कि 7 दिन के भीतर POCSO एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करें और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें POCSO मुकदमा एवं रिपोर्ट में खामियाँ हाईकोर्ट की सुनवाई में सामने आया कि शिकायत के 1 सप्ताह बाद भी पुलिस POCSO जैसे गंभीर कानून के अंतर्गत कोई कार्यवाही नहीं कर रही थी सरकार को रिपोर्ट जमा करने के बावजूद, कुछ भी सख्त कार्रवाई नहीं की गई। एसडीएम रिपोर्ट और 9 साल में FIR नहीं हालांकि वर्तमान घटनाक्रम इस वर्ष का है, लेकिन इसके पीछे लंबे समय से चली जाने वाली प्रकिया है जिसके तहत शिकायतों को प्रबंधन स्तर (मैनेजमेंट कमेटी, SDM) तक ले जाया गया। विश्वास है कि स्कूल अधोसंरचना, कर्मचारियों की शिकायतों की जांच और आरोपों पर कोई सक्रिय कार्रवाई नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर SDM स्तर पर बनी जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि इतने समय में FIR दर्ज नहीं करने की प्रक्रिया का कोई उचित औचित्य नहीं दिखता, और इससे पीड़ित बच्चियों की सुरक्षा और न्याय वितरण दोनों प्रभावित हुए। PMO का हस्तक्षेप ऐसी घटनाओं से जुड़े सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लिया। इसकी सूचना के अनुसार PMO ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले की स्वतंत्र जांच करवाएं और पीड़ितों को न्याय दिलाने की पहल तेज़ करें विश्लेषण: क्या यह अकेली घटना है? इंदौर ही नहीं, मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सरकारी स्कूलों से जुड़ी ऐसी घटनाओं की श्रृंखला चली आ रही है— इन मामलों से स्पष्ट होता है कि बुनियादी ढाँचे की कमी और बच्चों की सुरक्षा‑संबंधी नीतियों का लागू नहीं होना मिलकर उन्हें चिंता का विषय बना रहे हैं। सहायता की दिशा: क्या कदम उठाने चाहिए? इंदौर के सरकारी स्कूल में हुई यह घटना केवल एक “घटना” नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थाओं में प्रणालीगत अंडरडेटेक्शन और नाबालिगों की सुरक्षा में मौजूदा खामियों की ज़ोरदार चेतावनी है। सरकार, पुलिस, शिक्षा विभाग और समाज का सहयोग ही एक संभावित बदलाव ला सकता है। न्यायपालिका से अख्तियार मिलने के बाद यदि कार्यवाही समय पर की जाए और सभी नियंत्रक संस्थाएँ मिलकर जवाबदेही फोकस करें—तो यह घटनाएँ दोबारा नहीं होंगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर के खजराना गणेश जी को मिलेगा नया स्वर्ण मुकुट:

Best Indore News: इंदौर के श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर इन दिनों एक नई तैयारी के चलते सुर्खियों में है। यहां भगवान गणेश जी को जल्द ही एक नया स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन द्वारा यह फैसला उस समय लिया गया जब गणेशजी के पुराने मुकुट में दरार (क्रैक) देखी गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय ने भक्तों के बीच उत्साह और श्रद्धा को और अधिक गहरा कर दिया है। क्यों बदला जा रहा है मुकुट? इंदौर: खजराना गणेश मंदिर में भगवान गणेशजी के श्रृंगार में इस्तेमाल किया जाने वाला स्वर्ण मुकुट अब पुराने हो चुके है। नियमित पूजा और विशेष अवसरों पर होने वाले अलंकरण के कारण मुकुट में महीन दरारें आ गई हैं। इस बात की जानकारी मिलते ही मंदिर समिति ने इस पर गहन विचार-विमर्श किया और नया मुकुट बनाने का निर्णय लिया गया। पहले तैयार होगा चांदी का मॉडल मुकुट नए मुकुट को तैयार करने से पहले, मंदिर प्रशासन एक 3 से 3.5 किलो चांदी का मॉडल मुकुट तैयार करेगा। इसे गणेशजी पर पहनाकर देखा जाएगा कि आकार, डिज़ाइन और भार संतुलित है या नहीं। यदि यह मुकुट पूरी तरह अनुकूल और संतोषजनक पाया गया, तभी असली स्वर्ण मुकुट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कितना होगा वजन और डिज़ाइन? नए स्वर्ण मुकुट का वजन लगभग 6 से 7 किलो प्रस्तावित है। इसके अलावा गणेश जी के साथ विराजमान रिद्धि और सिद्धि तथा शुभ और लाभ की प्रतिमाओं के लिए भी अलग-अलग मुकुट तैयार किए जाएंगे। रिद्धि-सिद्धि के मुकुट लगभग 1–1.5 किलो और शुभ-लाभ के मुकुट लगभग 500 ग्राम के होंगे। मुकुट के डिज़ाइन को बेहद भव्य और धार्मिक भावना से प्रेरित रखा गया है। इसमें ॐ, स्वास्तिक, कमल पुष्प, बेलपत्र आकृति, शंख जैसे पवित्र प्रतीकों को उकेरा जाएगा, जिससे मुकुट न केवल सौंदर्य की दृष्टि से मनोहारी हो, बल्कि उसमें आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संचार हो। कौन देखेगा प्रक्रिया की निगरानी? इस कार्य की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु मंदिर ट्रस्ट द्वारा एक 10-सदस्यीय निगरानी समिति बनाई गई है। इस समिति में पुजारियों, शिल्पकारों, नगर निगम के प्रतिनिधियों, खजाना विभाग तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों को शामिल किया गया है। यह समिति मुकुट निर्माण की हर प्रक्रिया पर नज़र रखेगी और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। कब तक बनकर तैयार होगा मुकुट? मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि यह नया मुकुट आगामी गणेश चतुर्थी से पहले बनकर तैयार हो जाए। हालांकि, यदि किसी कारणवश यह समयसीमा पूरी नहीं हो पाई, तो गणेश चतुर्थी पर भगवान को पुराना मुकुट पहनाया जाएगा और ‘तिल चतुर्थी’ (जनवरी) के अवसर पर नया मुकुट धारण कराया जाएगा। चांदी का मॉडल मुकुट तैयार होने में लगभग 1 महीना, और उसके बाद स्वर्ण मुकुट के निर्माण में लगभग 20–25 दिन का समय लगेगा। इस प्रक्रिया को पारंपरिक तौर-तरीकों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्ण किया जाएगा। सोने की व्यवस्था कैसे होगी? मंदिर ट्रस्ट के पास पहले से ही 6 से 6.5 किलो सोना विभिन्न रूपों में उपलब्ध है, जिसमें पुराने मुकुट, चैन, छत्र आदि शामिल हैं। यदि आवश्यकता पड़ी, तो भक्तों से स्वर्ण दान भी लिया जा सकता है। कई श्रद्धालु पहले ही इस धार्मिक कार्य में योगदान देने की इच्छा जता चुके हैं। श्रद्धालुओं में उत्साह इस समाचार के सामने आने के बाद से ही शहर सहित प्रदेशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सभी की भावनाएं गणेशजी के नए मुकुट से जुड़ी हैं और भक्तगण इसकी भव्यता देखने को आतुर हैं। माना जा रहा है कि यह मुकुट खजराना गणेश जी के इतिहास में अब तक का सबसे भव्य अलंकरण होगा। खजराना गणेश मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि इंदौर की आत्मा है। यहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। गणेशजी के इस नए स्वर्ण मुकुट से न केवल मंदिर की शोभा बढ़ेगी, बल्कि आस्था भी और अधिक प्रबल होगी। यह पहल मंदिर की धार्मिक गरिमा, संस्कृति संरक्षण और भव्यता को दर्शाती है। उम्मीद है कि इस मुकुट के साथ खजराना गणेशजी और भी अधिक भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे और सभी को सुख, समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद देंगे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
संपत्ति कर वसूली में इंदौर नगर निगम हुआ सख्त: ₹50 हजार से अधिक बकाया

Best Indore News: नगर निगम ने शहर में राजस्व संग्रहण की गति को तेज करने के लिए संपत्ति कर के बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। खासतौर पर ₹50 हजार से अधिक बकाया रखने वाले संपत्ति मालिक अब नगर निगम के रडार पर आ चुके हैं। निगम के राजस्व विभाग ने इस संबंध में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत शहरभर में ऐसे बकायेदारों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध नोटिस जारी कर वसूली प्रक्रिया को गति दी जा रही है। राजस्व लक्ष्य को लेकर बढ़ी सक्रियता इंदौर नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025 के लिए संपत्ति कर से बड़े स्तर पर आय जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए राजस्व विभाग ने बकाया करदाताओं की सूची तैयार की है, जिन पर ₹50 हजार या उससे अधिक का टैक्स बाकी है। निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाया राशि की वसूली में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जो भी व्यक्ति तय समय सीमा के भीतर बकाया राशि नहीं चुकाएगा, उसकी संपत्ति सील करने से लेकर कुर्की तक की कार्रवाई की जाएगी। मैन्युअल और डिजिटल डाटा का मिलान राजस्व विभाग ने विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से बकाया करदाताओं की पूरी सूची तैयार की है। इसके अलावा क्षेत्रीय अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बकाया करदाताओं का भौतिक सत्यापन करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें। विभाग ने बकाया करदाताओं को चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित अवधि में कर का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बढ़ते बकायों पर चिंता नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में ऐसे हजारों संपत्ति करदाता हैं, जिन पर हजारों-लाखों रुपये तक का बकाया है। इनमें कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने वर्षों से कर जमा नहीं किया। इस वजह से नगर निगम की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है, और विकास कार्यों के लिए फंड की कमी हो रही है। इसे देखते हुए निगम ने यह निर्णय लिया है कि वह अब विशेष वसूली अभियान चलाकर बड़े बकायेदारों को भुगतान के लिए बाध्य करेगा। नोटिस वितरण शुरू राजस्व अधिकारियों ने पहले चरण में 500 से अधिक बकायेदारों को नोटिस थमा दिए हैं। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि वे आगामी 7 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति को सील कर दिया जाएगा या संपत्ति कर अधिनियम के अंतर्गत कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी बताया कि नियमित करदाताओं को प्रोत्साहन के तौर पर छूट भी दी जाएगी। जनता से अपील इंदौर नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने लंबित कर समय पर चुकाएं ताकि शहर के विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग स्वेच्छा से आकर कर का भुगतान करेंगे, उन्हें जुर्माने और ब्याज में कुछ राहत दी जा सकती है, लेकिन जानबूझकर चूक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इंदौर नगर निगम की यह मुहिम साफ संकेत देती है कि अब समय पर कर न चुकाने वाले संपत्ति मालिकों के लिए राहत की गुंजाइश नहीं रहेगी। इससे न केवल राजस्व संग्रहण बढ़ेगा बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। जनता को भी यह समझना होगा कि कर देना न केवल एक कानूनी दायित्व है, बल्कि यह शहर के विकास में उनकी भागीदारी भी दर्शाता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में बोले शिवराज सिंह: “अब खेत के फैसले खेत में होंगे, दिल्ली में नहीं”

Best Indore News: खेती अब कागजों में नहीं, जमीन पर किसानों से बातचीत के आधार पर चलेगी। कृषि नीतियों के फैसले अब मंत्रालय के कमरों में नहीं, खेतों की मिट्टी में लिए जाएंगे। यह संदेश केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इंदौर स्थित भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान में हुई बैठक में दिया। यहां देशभर से आए वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, किसानों और अधिकारियों के बीच उनका अलग ही अंदाज नजर आया। खेत में ट्रैक्टर चलाकर उन्होंने न केवल वैज्ञानिकों को व्यावहारिक ज्ञान की अहमियत समझाई, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि वे नकली नहीं, असली किसान हैं। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने कहा, अब कृषि शोध और नीति निर्माण की प्रक्रिया बदलने जा रही है। शोध के विषय अब दिल्ली में नहीं, खेत में किसानों से चर्चा कर तय होंगे। किसान जो अनुभव और सुझाव देंगे, वही वैज्ञानिकों और नीतिकारों की दिशा तय करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनकर विकास की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है। अब समय है कि विकसित भारत के लिए विकसित कृषि और समृद्ध किसान की दिशा में भी उतनी ही गंभीरता से काम हो। लैब-टू-लैंड का मॉडल मंत्री चौहान ने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत देशभर में 2170 वैज्ञानिक टीमें बनाई गईं, जिन्होंने 1.23 लाख गांवों में जाकर 1.35 करोड़ किसानों से सीधा संवाद किया। इस अभियान में किसानों ने कई अहम मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेतों में अब मजदूरों की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में खेती को ‘मैकेनाइजेशन’ यानी मशीनों के उपयोग की दिशा में ले जाना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को इंदौर में एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब खेती से जुड़े फैसले “दिल्ली के दफ्तरों” में नहीं, बल्कि “खेत की मिट्टी” में होंगे। यह वक्तव्य किसानों के हितों की प्राथमिकता और कृषि नीति में आमूलचूल बदलाव की ओर इशारा करता है। शिवराज सिंह ने कहा, “किसान अब सिर्फ उत्पादन नहीं करेगा, बल्कि उसकी राय पर योजनाएं बनेंगी। एमएसपी, बीमा योजना, खाद बीज की आपूर्ति और नई कृषि तकनीकें – सब कुछ स्थानीय जरूरत के मुताबिक तय होगा।” पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र को नौकरशाही के निर्णयों से मुक्त कर, किसानों को नीति निर्माण में भागीदार बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के किसान अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, निर्णयकर्ता भी होंगे। कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों ने शिवराज के बयान का स्वागत किया और इसे कृषि सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम चौहान ने कहा कि इसके बाद कोयंबटूर में कपास पर, मेरठ में गन्ने पर और कानपुर में दलहन पर इसी तरह के संवाद होंगे। हमारी योजना है कि हर फसल, हर क्षेत्र और हर किसान की समस्या सुनी जाए व उसका वैज्ञानिक समाधान तैयार हो। उन्होंने इसे ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’ का मंत्र बताया और कहा कि अब देशभर की कृषि व्यवस्था को एक साथ, संगठित रूप से आगे बढ़ाना है। सोयाबीन उत्पादकता को आत्मनिर्भरता से जोड़ेंगे अनुसंधान केंद्र पर अन्य राज्यों से आए वैज्ञानिकों, अधिकारियों के साथ हुई विशेष बैठक में चौहान ने कहा कि सोयाबीन देश के लिए प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है और इसका तेल भारत की बड़ी आवश्यकता। भारत को सोयाबीन तेल के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, यह कहते हुए उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले बीज, जीनोम एडिटिंग तकनीक, बीज उपचार और रोग प्रतिरोधक किस्मों के विकास की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि ‘यलो मोजैक वायरस’ जैसे रोग फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके समाधान के लिए वैज्ञानिकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी किस्में विकसित करें, जो इन रोगों से मुकाबला कर सकें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।