शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 8.80 लाख की ठगी: ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के नाम पर लिंक भेजकर फंसाया, रुपए ऐंठ लिए

निवेश का सपना, धोखाधड़ी की हकीकत Best Indore News: इंदौर में एक बार फिर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उससे ₹8.80 लाख की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के प्रतिनिधि बताकर भरोसा दिलाया और फर्जी लिंक और ऐप के जरिए रकम डलवाई। पीड़ित ने जब मुनाफे की मांग की, तो जवाब देना बंद कर दिया गया। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी का तरीका: कैसे बनाया शिकार? ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना जाल जांच में पता चला कि जिन वेबसाइट्स और ऐप्स का इस्तेमाल किया गया, वे सभी अवैध और अनरजिस्टर्ड थे। ऐप डाउनलोड करने के बाद: पीड़ित का बयान “शुरुआत में सब कुछ असली लग रहा था। मेरे दोस्त ने भी ₹10,000 कमाए थे। मैं जब ₹8 लाख से ऊपर निवेश कर चुका था, तभी मुझे संदेह हुआ। जब मैंने रिटर्न मांगा तो सब गायब हो गए।”– पीड़ित निवेशक पुलिस जांच में क्या सामने आया? बढ़ते जा रहे हैं ऐसे मामले सिर्फ इंदौर ही नहीं, पूरे देशभर में शेयर मार्केट में ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद से लोग ऑनलाइन निवेश की ओर तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसी का फायदा साइबर फ्रॉड गैंग उठा रहे हैं। वर्ष केवल इंदौर में ऐसे केस 2022 38 केस 2023 62 केस 2024 (अभी तक) 45 से अधिक क्या सावधानी रखें निवेशक? यदि आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो इन बातों का रखें ध्यान: पुलिस की अपील “ऐसे मामलों में शिकायत तुरंत साइबर सेल में करें। जितना जल्दी शिकायत आएगी, पैसा ट्रैक करने में उतनी ही मदद मिलेगी।”– साइबर सेल अधिकारी, इंदौर साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे शेयर मार्केट स्कीमों से सतर्क रहें, और कोई भी वित्तीय लेनदेन सोच-समझकर करें। ऑनलाइन ठगों का जाल अब सिर्फ OTP या बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब वे लोगों की निवेश की महत्वाकांक्षाओं को निशाना बना रहे हैं। अगर हम सावधान न रहें, तो मिनटों में हमारी मेहनत की कमाई ठगों के खातों में पहुंच सकती है। जरूरी है कि हम जागरूक बनें, तथ्यों की जांच करें और भरोसे के बिना किसी भी लिंक या स्कीम में हिस्सा न लें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
शिवपुरी का हरसी बांध ओवरफ्लो: 20 गांवों पर खतरा मंडराया, गुना में नदी में डूबे दो मासूम, मैहर में दीवार गिरने से दहशत

बारिश बनी संकट, जगह-जगह से जलप्रलय की खबरें Best Indore News: मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश अब आफत बनकर सामने आ रही है। शिवपुरी जिले का हरसी बांध ओवरफ्लो हो गया है, जिससे कम से कम 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उधर, गुना जिले में दो मासूम बच्चे नदी में डूब गए, वहीं सतना के मैहर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। राज्य सरकार ने अलर्ट जारी कर SDRF और स्थानीय प्रशासन को तैनात कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हरसी बांध से लगातार बह रहा पानी, प्रशासन सतर्क शिवपुरी के प्रसिद्ध हरसी बांध में बीते 48 घंटों से लगातार पानी की आवक बनी हुई थी। शनिवार रात को जल स्तर इतना बढ़ गया कि बांध का जल ओवरफ्लो होने लगा। बांध से जुड़े 20 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। “हमने जलस्तर नियंत्रण के लिए गेट खोले हैं, लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों को तुरंत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है।”– एसडीएम, शिवपुरी खतरे में कौन-कौन से गांव? बांध के नीचे बसे प्रमुख गांव जो खतरे की जद में हैं: प्रशासन की ओर से इन गांवों में लाउडस्पीकर, वैन और मुनादी के माध्यम से चेतावनी दी जा रही है। रेस्क्यू बोट और एनडीआरएफ की टीमें स्टैंडबाय पर हैं। गुना में दर्दनाक हादसा: नदी में डूबे दो बच्चे वहीं दूसरी ओर, गुना जिले के एक गांव में उस समय मातम फैल गया, जब दो मासूम बच्चे तेज बहाव वाली नदी में बह गए। बताया जा रहा है कि बच्चे नहाने के लिए नदी किनारे गए थे, लेकिन बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक शव बरामद किया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। “बच्चे पास के स्कूल में पढ़ते थे, छुट्टी के बाद नदी में खेलने गए थे। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।”– ग्रामीण निवासी मैहर में मकान की दीवार गिरी, बड़ा हादसा टला सतना जिले के मैहर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। हालांकि सौभाग्यवश, कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए थे। नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची है और नुकसान का आकलन कर रही है। राज्यभर में क्या स्थिति है? मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है: जिला हालात शिवपुरी हरसी बांध ओवरफ्लो, गांवों को खतरा गुना नदी में डूबे दो बच्चे सतना/मैहर मकान की दीवार गिरी, क्षति डिंडोरी स्कूल बंद, सड़कें जलमग्न शहडोल शहर का 40% हिस्सा डूबा अगले 48 घंटे का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। निचले इलाकों में रहने वालों को सावधानी बरतने और बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। क्या कर रहा है प्रशासन? मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश अब केवल प्राकृतिक घटना नहीं रही, यह लोगों के जीवन, संपत्ति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है। हरसी बांध का ओवरफ्लो, बच्चों की डूबकर मौत और दीवार गिरने जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, यदि समय रहते कदम न उठाए जाएं। अब ज़रूरत है जन-जागरूकता, सतर्कता और सरकारी प्रयासों के साथ सहयोग की। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
प्रदेश में तीन टर्फ का इंदौर में नहीं असर: दो दिन बाद बनेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम, तब शुरू होगा तेज बारिश का दौर

इंदौर को अब भी इंतज़ार है झमाझम बारिश का Best Indore News: मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय है और प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हालांकि, इंदौर शहर में मानसून का असर अब तक कमजोर ही रहा है। प्रदेश में तीन अलग-अलग टर्फ लाइनें सक्रिय होने के बावजूद इंदौर में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में एक मजबूत सिस्टम विकसित होगा, जिसके बाद इंदौर में तेज और निरंतर बारिश की संभावना है। अभी क्यों नहीं हो रही है बारिश? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार: “टर्फ का असर फिलहाल इंदौर तक नहीं पहुंचा है। लेकिन 48 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनेगा। तब इंदौर में भी भारी बारिश शुरू होगी।”– डॉ. आर. शर्मा, मौसम वैज्ञानिक, IMD अब तक का मानसून रिपोर्ट कार्ड (इंदौर) अवधि सामान्य वर्षा हुई वर्षा कमी (%) 1 जून – 23 जुलाई 390 मिमी 138 मिमी -65% इंदौर में इस बार जून और जुलाई दोनों ही महीनों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। इस वजह से न सिर्फ खेती पर असर पड़ा है, बल्कि जलस्तर और गर्मी भी बढ़ गई है। गर्मी और उमस से बढ़ी परेशानी बारिश न होने के कारण तापमान में लगातार इज़ाफा हो रहा है। दिन और रात दोनों समय गर्मी और उमस का असर महसूस हो रहा है। नमी और धूप के कारण गर्मी चुभनभरी हो गई है, जिससे लोग थकान, सिरदर्द और बेचैनी की शिकायत कर रहे हैं किसान परेशान, खेत सूखने की कगार पर कम बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में: “अगर दो-तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो फसल खराब हो जाएगी।”– किसान मनोहर चौहान, खुड़ैल क्षेत्र आगे कैसा रहेगा मौसम? (मौसम पूर्वानुमान) मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों का अनुमान: दिनांक पूर्वानुमान 24 जुलाई आंशिक बादल, बूंदाबांदी संभव 25 जुलाई हल्की बारिश, उमस बनी रहेगी 26 जुलाई स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन सकता है 27-29 जुलाई तेज और निरंतर बारिश की संभावना इस बार का मानसून धीरे-धीरे एक्टिव हो रहा है, इसलिए 27 जुलाई के बाद से इंदौर में झमाझम बारिश के आसार जताए गए हैं। जलस्तर और जलस्रोतों पर असर बारिश की कमी के चलते यशवंत सागर, बिलावली तालाब, सिरपुर तालाब जैसे प्रमुख जलस्रोतों का जलस्तर घटने लगा है। पीने के पानी और सिंचाई दोनों ही क्षेत्रों में संकट गहराता जा रहा है। नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार: क्या करें नागरिक? इंदौर में तीन टर्फ के बावजूद बारिश न होना मानसून की अस्थिरता को दर्शाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि आने वाले 2-3 दिनों में एक मजबूत सिस्टम बनने की संभावना है, जिससे शहरवासियों को तेज और ठंडी बारिश का इंतजार खत्म हो सकता है। लेकिन तब तक सभी को सावधानी और संयम बरतने की जरूरत है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में फर्नीचर व्यापारी के घर 12 लाख की चोरी

शहर में फिर एक सनसनीखेज चोरी, पुलिस जांच में जुटी Best Indore News: इंदौर में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताज़ा मामला शहर के एक प्रतिष्ठित फर्नीचर व्यापारी के घर से सामने आया है, जहां चोरों ने परिवार के मस्जिद जाने का फायदा उठाकर 12 लाख रुपए से अधिक की चोरी कर डाली। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति को देखा जा सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस लगातार फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। घटना का पूरा विवरण इंदौर की यह घटना इंदौर के साउथ तुकोगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। फर्नीचर व्यापारी शकील अहमद (परिवर्तित नाम) अपने परिवार के साथ हर रोज़ की तरह नमाज़ पढ़ने मस्जिद गए थे। घर का दरवाज़ा बाहर से लॉक था और परिवार के सभी सदस्य नमाज़ में शामिल थे। इस बीच एक बाइक सवार व्यक्ति आया, जो कुछ समय तक इलाके में घूमता रहा, और फिर घर के पीछे की दीवार से चढ़कर अंदर दाखिल हो गया। उसने बड़ी चालाकी से घर के अंदर रखे अलमारी और लॉकर को तोड़ा और 12 लाख रुपए नकद और सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया। CCTV में पूरी वारदात रिकॉर्ड घर के बाहर और पड़ोस के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है: “हमने पुलिस को CCTV फुटेज दे दिया है। उमीद है जल्दी आरोपी पकड़ा जाएगा।”– व्यापारी शकील अहमद क्या-क्या हुआ चोरी? शुरुआती जांच में व्यापारी ने पुलिस को बताया कि चोरी में जो माल गया है, उसमें शामिल हैं: कुल अनुमानित नुकसान: ₹12 से ₹13 लाख के बीच पुलिस की जांच और बयान जांच में लगे थाना प्रभारी ने बताया कि: “घटना सुनियोजित लग रही है। आरोपी ने पहले रेकी की थी। वह जानता था कि परिवार रोज़ इस समय मस्जिद जाता है। हम CCTV फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।” पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे 60 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले हैं। संदेह है कि आरोपी या तो पहले से जानकार है या किसी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल घटना के बाद मोहल्ले में रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं। सभी का कहना है कि अगर इतना भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में ऐसा हो सकता है, तो सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। “रोज़ रात को गश्त होती है, पर दिन में कोई पुलिस नहीं दिखती। अब तो घर छोड़कर नमाज़ पढ़ने भी डर लगता है।”– स्थानीय निवासी, ताज मोहल्ला व्यापारियों ने की सुरक्षा की मांग फर्नीचर व्यापारियों और मोहल्ला समिति ने मिलकर थाना पुलिस से स्थायी गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक के लिए विशेष टीम गठित की जाए। क्या करें नागरिक? पुलिस ने सभी नागरिकों को अपील की है कि: इंदौर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि चोर अब सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर जाने का समय हो या त्योहारों का मौका – कोई भी समय अब सुरक्षित नहीं रहा। पुलिस की सतर्कता के साथ नागरिकों को भी अब अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर: कैंटीन-किचन में गड़बड़ी, फूड सेफ्टी का छापा

दो दिन चला अभियान, कई संस्थानों में मिली गड़बड़ियां Best Indore News: इंदौर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के स्कूलों, कॉलेजों और होस्टलों में दो दिनों तक चले विशेष फूड सेफ्टी अभियान में 63 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इस दौरान कैंटीन, मेस, हॉस्टल किचन और स्टॉल की जांच की गई, जहां कई जगह सफाई में लापरवाही, दस्तावेजों की कमी और खाद्य नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। अब प्रशासन गंदगी और अव्यवस्थाओं पर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। किसका किया गया निरीक्षण? इंदौर फूड सेफ्टी विभाग ने जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से यह अभियान चलाया, जिसमें प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया: “छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए नियमित निरीक्षण अब लगातार किया जाएगा।”– जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, इंदौर अभियान के मुख्य आंकड़े निरीक्षण क्षेत्र लिए गए सैंपल गड़बड़ी वाले स्थल स्कूल कैंटीन 22 7 कॉलेज कैंटीन व स्टॉल 18 5 हॉस्टल किचन 23 9 कुल 63 21 से अधिक जांच के दौरान कई कैंटीनों में खराब तेल, खुले खाद्य पदार्थ, स्टोरिंग में गंदगी, और स्टाफ के पास लाइसेंस या हेल्थ कार्ड नहीं थे। किस तरह की गड़बड़ियां मिलीं? आगे की कार्रवाई: नोटिस और जुर्माना जिन स्थानों पर गड़बड़ियां मिली हैं, उन्हें 7 दिन के भीतर सुधार के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुए, तो: “फूड सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा। जिन संस्थानों में गड़बड़ी मिलेगी, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”– मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बच्चों की सेहत से जुड़ा है मामला शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे और युवा कई बार कैंटीन या हॉस्टल का खाना नियमित रूप से खाते हैं। यदि भोजन की गुणवत्ता खराब हो, तो यह खाद्य जनित बीमारियों, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है, इस तरह के फूड सेफ्टी अभियान का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में छात्र स्वास्थ्य संकट से बच सकें। सरकार की दिशा और प्रयास मध्यप्रदेश शासन और इंदौर जिला प्रशासन ने इस अभियान को “स्वस्थ भारत – स्वस्थ छात्र” पहल के तहत शुरू किया है। आने वाले समय में: अभिभावकों की प्रतिक्रिया “हम अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए हॉस्टल में भेजते हैं, लेकिन खाने की गुणवत्ता से डरते हैं। ऐसे अभियान से कम से कम प्रशासन सतर्क रहेगा।”– रचना शर्मा, अभिभावक, इंदौर “कैंटीन वाले कम कीमत में खाना देते हैं, लेकिन सफाई का ध्यान नहीं रखते। हम तो मजबूरी में खाते हैं।”– छात्र, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज इंदौर में फूड सेफ्टी अभियान के अंतर्गत जो गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, वह सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी हैं। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को हल्के में लेना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं। जिला प्रशासन की यह मुहिम स्वागत योग्य है और यदि इसे नियमित, सख्त और पारदर्शी रूप में जारी रखा जाए, तो छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
मौसम का मिज़ाज बदल रहा है, इंदौरवासियों को गर्मी ने फिर से परेशान किया

Best Indore News: इंदौर में मानसून की बेरुखी अब साफ तौर पर महसूस की जा रही है। जुलाई के तीसरे सप्ताह तक पहुंचते-पहुंचते, शहर में न केवल तेज़ बारिश नदारद है, बल्कि दिन और रात के तापमान में भी लगातार इजाफा देखा जा रहा है। बीते 24 घंटे में दिन का तापमान 4 डिग्री तक उछल गया, वहीं रात का तापमान भी 1 डिग्री बढ़ा है। बारिश के अभाव में नमी भरी गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अभी 2-3 दिन और तेज़ बारिश की संभावना नहीं है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जुलाई में एक इंच भी नहीं हुई बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के 22 दिन बीत जाने के बाद भी इंदौर में कुल बारिश महज 22 मिमी (करीब 0.8 इंच) ही हुई है। जबकि सामान्य तौर पर जुलाई महीने में 300 मिमी से अधिक वर्षा हो जाती है। यह आंकड़ा औसत से 80% कम है, जो कृषि और जलस्तर दोनों के लिए चिंताजनक संकेत है। “इस बार जुलाई में अब तक कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम नहीं बना है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से सिस्टम कमजोर रहे।”– डॉ. पी. के. शर्मा, मौसम वैज्ञानिक तापमान में तेजी से बदलाव दिन का तापमान: रात का तापमान: तेज धूप और हवा में नमी के कारण गर्मी अधिक चुभनभरी हो गई है। सुबह से दोपहर तक लोग घरों में रहने को मजबूर हो रहे हैं। व्यापारिक क्षेत्रों में भी दोपहर के समय भीड़ कम देखी जा रही है। खेती पर संकट: किसान कर रहे हैं इंतजार जुलाई का महीना खेती के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। लेकिन बारिश की कमी के कारण धान, मक्का, सोयाबीन जैसी फसलों की बुआई या तो रुकी हुई है या पानी के अभाव में फसलें मुरझाने लगी हैं। “अगर आने वाले सप्ताह में बारिश नहीं हुई तो बोवनी का नुकसान हो जाएगा और हमें वैकल्पिक फसल की ओर जाना पड़ेगा।”– किसान रमेश पटेल, राऊ पानी की किल्लत और बढ़ेगी? यदि बारिश आगे भी नहीं होती है, तो इसका सीधा असर झीलों, तालाबों और जलाशयों के जलस्तर पर पड़ेगा। पीने के पानी की व्यवस्था करने वाली नगर निगम की टीम पहले से ही सतर्क हो गई है। फिलहाल यशवंत सागर और बिलावली तालाब का जलस्तर सामान्य है, लेकिन बारिश न होने से स्टॉक तेजी से घट रहा है। आगे कैसा रहेगा मौसम? आगामी 3-5 दिनों की संभावना: मौसम विभाग का कहना है कि 25 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे 28-30 जुलाई के बीच इंदौर में अच्छी बारिश हो सकती है। लेकिन यह पूर्वानुमान भी सिस्टम की सक्रियता पर निर्भर करता है। जनता पर असर गर्मी और उमस के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, लू और थकावट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को धूप में कम निकलने, ज्यादा पानी पीने और ताजगी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। “हम रोज़ाना 10-15 ऐसे मरीज देख रहे हैं जिन्हें चक्कर, थकावट, उल्टी जैसी गर्मी संबंधी शिकायतें हैं।”– डॉ. मनीषा गोयल, एम. वाय. अस्पताल प्रशासन की तैयारी नगर निगम और कृषि विभाग वैकल्पिक योजना पर काम कर रहे हैं। यदि बारिश देर से होती है तो किसानों के लिए ड्रिप इरिगेशन और वैकल्पिक बीज वितरण की योजना सक्रिय की जाएगी। इंदौर में मानसून की सुस्ती और तापमान की वृद्धि ने शहरवासियों की परेशानी को दोगुना कर दिया है। जुलाई महीने में जहां झमाझम बारिश की उम्मीद रहती है, वहां अब लोग बादलों को तरस रहे हैं। यदि आने वाले सप्ताह में भी मौसम ऐसा ही रहा तो खेती, जलस्तर और आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
NEET-UG 2024 में बिजली गुल विवाद: आज होगी सुनवाई, 75 छात्रों के पुनः परीक्षा पर होगी बहस, NTA ने दाखिल की है अपील

क्या है मामला? Best Indore News: NEET-UG 2024 की परीक्षा को लेकर देशभर में लगातार विवाद जारी है। बिजली गुल होने की एक बड़ी घटना के चलते 75 छात्र-छात्राओं की परीक्षा प्रभावित हुई थी, जिन्हें बाद में पुनः परीक्षा (Re-Exam) देने का अवसर दिया गया। इस निर्णय को लेकर अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आपत्ति जताई है और मामले की विचाराधीन सुनवाई आज (24 जून 2025) होनी है। इस केस में छात्र, अभिभावक, शिक्षा विशेषज्ञ और प्रशासन – सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला न सिर्फ 75 छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा बल्कि NEET-UG की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर सकता है। बिजली गुल कैसे बनी राष्ट्रीय मुद्दा? पिछले महीने 5 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2024 की परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर अचानक बिजली चली गई थी, जिससे छात्रों को परीक्षा पूरी करने में समस्या आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक: इस पर छात्रों और अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पुनः परीक्षा की मांग की थी। हाई कोर्ट का आदेश और NTA की अपील बिजली गुल होने के कारण प्रभावित छात्रों को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि इन छात्रों को पुनः परीक्षा देने का मौका दिया जाए ताकि वे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा में हिस्सा ले सकें। हाई कोर्ट के इस फैसले के विरुद्ध NTA ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। “अगर हर तकनीकी खामी पर Re-Exam दिया गया तो पूरी परीक्षा प्रणाली पर संकट खड़ा हो जाएगा।”– NTA की ओर से दाखिल हलफनामा छात्र और अभिभावकों की दलील छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान अचानक लाइट जाने से कंप्यूटर बंद हो गया या OMR शीट पूरी भरने का समय नहीं मिला। NTA और परीक्षा केंद्र प्रशासन इस पर लापरवाह रहे और उसी समय विकल्प नहीं दिया गया। “मेरे पास केवल 45 मिनट ही बचे थे, और फिर बिजली चली गई। जब तक वापिस आई, तब तक परीक्षा खत्म हो चुकी थी। मेरा साल बर्बाद हो गया।”– आकांक्षा मिश्रा, परीक्षार्थी आज क्या होगी बहस का मुद्दा? आज होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि: विशेषज्ञों की राय शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्रों को उनकी गलती के बिना परीक्षा छूटने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा तो यह न्यायसंगत नहीं होगा। लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि ऐसी व्यवस्था बने जिससे हर तकनीकी खामी के बाद Re-Exam न मांगा जाए। “Re-Exam सिर्फ वहीं हो जहां त्रुटि प्रमाणित हो, लेकिन इसकी आड़ में कोई लाभ न ले।”– प्रो. अश्विनी जोशी, शिक्षा विश्लेषक राजनीति और छात्र संगठन भी हुए सक्रिय NEET परीक्षा को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने भी NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कई संगठनों ने बाहरी जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की है। “NEET परीक्षा हर साल विवादों में क्यों रहती है? कहीं न कहीं प्रणाली में सुधार की ज़रूरत है।”– अजय यादव, NSUI नेता क्यों है यह मामला इतना संवेदनशील? आज की सुनवाई सिर्फ 75 छात्रों की पुनः परीक्षा पर फैसला नहीं है, बल्कि यह देशभर के लाखों छात्रों के विश्वास और न्याय की परीक्षा है। यदि सुप्रीम कोर्ट छात्रों के पक्ष में निर्णय देता है, तो यह आने वाले वर्षों में एक मिसाल बन सकता है कि तकनीकी खामी के चलते छात्र को उसके प्रयास का अधिकार मिलना चाहिए। वहीं यदि NTA की अपील को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर भविष्य में परीक्षा से जुड़ी हर याचिका पर पड़ेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
“स्मार्ट मीटर में ’00’ दिखे तो सतर्क हो जाएं: जांच करवाना आपका अधिकार है”

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी: स्मार्ट मीटर और उनके नियम Best Indore News: इंदौर सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है। लेकिन इस प्रक्रिया में उपभोक्ताओं की चिंताएं और सवाल लगातार सामने आ रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि नए लगाए गए स्मार्ट मीटर में ‘00’ लिखा दिखाई दे रहा है, जिससे उन्हें आशंका है कि मीटर को ठीक से कैलिब्रेट या टेस्ट नहीं किया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को यह जानना ज़रूरी है कि अगर उनके मीटर में ऐसी स्थिति दिखाई देती है, तो उनके पास कानूनी अधिकार है कि वे उस मीटर की जांच की मांग कर सकते हैं। क्या है ‘00’ का मतलब? स्मार्ट मीटर पर दिखने वाला “00” एक संकेत है कि मीटर की टेस्टिंग पूरी नहीं हुई है या फिर उसकी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अधूरी है। आमतौर पर, हर बिजली मीटर को उपयोग में लाने से पहले वेट एंड मेजरमेंट विभाग (Weights & Measures Dept.) से टेस्टिंग और सत्यापन करवाना जरूरी होता है। अगर किसी उपभोक्ता के मीटर में ये ‘00’ दिखता है, तो उसे समझना चाहिए कि मीटर को अधिकृत रूप से टेस्ट नहीं किया गया है, और वह इसके विरोध और जांच की मांग करने का हकदार है। क्या उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार कर सकता है? हां, बिजली कंपनी किसी भी उपभोक्ता को जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के लिए बाध्य नहीं कर सकती, जब तक कि वह तकनीकी रूप से आवश्यक न हो। यदि उपभोक्ता पुराने मीटर से संतुष्ट है और उसकी रीडिंग में कोई तकनीकी समस्या नहीं है, तो वह कंपनी से लिखित में यह निवेदन कर सकता है कि वह स्मार्ट मीटर नहीं चाहता। लेकिन अगर वितरण कंपनी तकनीकी आधार पर यह सिद्ध कर देती है कि पुराना मीटर त्रुटिपूर्ण है या डाटा ट्रांसमिशन नहीं कर पा रहा, तो उस स्थिति में उपभोक्ता को नया मीटर स्वीकार करना होगा। कैसे करें मीटर की जांच की मांग? अगर उपभोक्ता को लगता है कि उसका स्मार्ट मीटर गलत रीडिंग दिखा रहा है, या उसमें ’00’ टेस्टिंग स्थिति दिखाई दे रही है, तो वह निम्न प्रक्रिया के तहत मीटर की जांच की मांग कर सकता है: प्रक्रिया: यदि जांच में मीटर दोषपूर्ण पाया जाता है, तो शुल्क वापस किया जाता है और नया मीटर निःशुल्क दिया जाता है। स्मार्ट मीटर के फायदे, लेकिन सही जानकारी जरूरी बिजली कंपनियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हैं, क्योंकि: लेकिन इन सबके लिए जरूरी है कि मीटर सही तरीके से इंस्टॉल और टेस्ट किया गया हो। ‘00’ जैसे संकेत इस प्रक्रिया की खामी को उजागर करते हैं। किस पर उठ रहे हैं सवाल? उपभोक्ताओं और उपभोक्ता संगठन का कहना है कि: “यह उपभोक्ता का अधिकार है कि उसे सही, टेस्टेड और प्रमाणित मीटर मिले। मीटर की टेस्टिंग रिपोर्ट उपभोक्ता को दी जानी चाहिए।”– विनोद पांडे, अध्यक्ष, उपभोक्ता संरक्षण मंच उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले उपभोक्ता इस मुद्दे को लेकर खासे चिंतित हैं। “मेरा बिल पहले ₹800 आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹2000 आने लगा। मीटर पर ’00’ लिखा है, और जब मैंने सवाल उठाया तो कहा गया जांच करवा लो।”– रेखा शर्मा, निवासी विजय नगर सुझाव और समाधान स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से एक उन्नत और उपयोगी प्रणाली है, लेकिन जब तक यह पारदर्शिता और सत्यापन के साथ लागू नहीं की जाती, तब तक यह उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी रहेगी। हर उपभोक्ता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और जब भी उन्हें मीटर में कोई गड़बड़ी दिखाई दे, तो वे जांच और जवाबदेही की मांग कर सकते हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
एक ही ज़मीन दो बार बेची, दोनों से वसूले लाखों रुपये: इंदौर में सामने आया हाईप्रोफाइल ठगी का मामला,

इंदौर में ज़मीन खरीददारों के साथ बड़ा धोखा Best Indore News: इंदौर में जमीन संबंधी धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक ही जमीन को दो बार दो अलग-अलग खरीदारों को बेचकर लाखों रुपये की ठगी की गई। इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए एक शातिर गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इंदौर पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज़ और डुप्लीकेट एग्रीमेंट के जरिए एक ही ज़मीन दो बार बेच दी और दोनों पक्षों से मोटी रकम ऐंठ ली। यह मामला अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। क्या है पूरा मामला? क्राइम ब्रांच के अनुसार, मामला इंदौर के स्कीम नंबर 140 के पास की एक कीमती रिहायशी ज़मीन से जुड़ा है। पीड़ित रमेश जैन नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि उन्होंने 2023 में इस प्लॉट को ₹35 लाख में खरीदा था और रजिस्ट्री भी करवा ली थी। हाल ही में रमेश को पता चला कि उसी जमीन की रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति (संदीप वर्मा) के नाम पर भी हो चुकी है, और वह भी उस प्लॉट पर दावा कर रहा है। जब दोनों पक्षों ने दस्तावेज़ निकाले तो पता चला कि दोनों के पास वैध लगने वाली रजिस्ट्री कॉपी और भुगतान रसीदें हैं ठगी का फॉर्मूला: ऐसे चली चाल पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी प्रॉपर्टी डीलर ने पहले एक खरीदार को ज़मीन बेची और एडवांस के नाम पर भुगतान ले लिया। बाद में, यह कहकर कि सौदा रद्द हो गया है, उसने उसी प्लॉट को किसी अन्य पार्टी को बेच दिया। विक्रेता ने दस्तावेज़ों में हेरफेर कर अलग-अलग नाम से ज़मीन को दो बार बेचा और नकली सेल एग्रीमेंट तैयार किए। पुलिस की जांच में क्या हुआ खुलासा? इंदौर क्राइम ब्रांच ने अब तक की जांच में पाया है कि फर्जीवाड़े में न केवल एक व्यक्ति बल्कि एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। इस गिरोह में बिल्डर, डीलर, रजिस्ट्रेशन एजेंट और दस्तावेज़ तैयार करने वाले लोग भी शामिल हैं। “हमने फर्जी दस्तावेजों, नकली एग्रीमेंट और दो अलग-अलग पेमेंट रसीदों को जब्त कर लिया है। गिरोह के मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।”– डीसीपी (क्राइम) निरंजन वर्मा किन धाराओं में केस दर्ज हुआ? इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में धोखाधड़ी (IPC 420), जालसाजी (IPC 467, 468), आपराधिक षड्यंत्र (IPC 120B) और फर्जी दस्तावेज़ पेश करने (IPC 471) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की कई डील की हैं, जिनकी फाइलें दोबारा खंगाली जा रही हैं। दस्तावेज़ की जांच में खुली पोल इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों खरीदारों के पास रजिस्ट्री कार्यालय से मिली रसीदें और सेल डीड भी मौज़ूद थीं, जो असली प्रतीत हो रही थीं। इसका मतलब साफ है कि या तो पुराने रिकॉर्ड का दुरुपयोग किया गया या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी किसी की मिलीभगत हो सकती है। क्राइम ब्रांच अब रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है और डिजिटल एंट्री रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। ज़मीन खरीदने वालों के लिए चेतावनी इस मामले के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को चेताया है कि वे: सामाजिक प्रतिक्रिया इस मामले के सामने आने के बाद शहर के प्रॉपर्टी मार्केट में हड़कंप मच गया है। आम नागरिकों से लेकर प्रॉपर्टी डीलर्स तक सभी इस तरह की ठगी से बचाव की मांग कर रहे हैं। “सरकार को चाहिए कि अब सभी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए।”– संजय अग्रवाल, अधिवक्ता (इंदौर हाईकोर्ट) इंदौर में एक ही ज़मीन को दो बार बेचकर की गई ठगी ने यह साफ कर दिया है कि रियल एस्टेट सेक्टर में अब भी गहरी लापरवाही और धोखाधड़ी के रास्ते खुले हैं। इस मामले में क्राइम ब्रांच की सक्रियता और तत्परता ने समय रहते दो और परिवारों को ठगे जाने से बचा लिया। यह ज़रूरी है कि खरीददार सतर्क रहें, और हर छोटी-बड़ी प्रॉपर्टी डील को वैधानिक और दस्तावेज़ी रूप से जांचें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर-धार रोड पर बड़ा हादसा: दूध वाहन पलटा, लिफ्ट लेकर जा रहे युवक की मौत, दो घायल

हादसे से हड़कंप, टायर फटने से गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी Best Indore News: इंदौर-धार रोड पर सोमवार देर शाम एक दूध वाहन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब वाहन का एक टायर अचानक फट गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन में चालक के साथ-साथ तीन अन्य लोग भी मौजूद थे, जिनमें दो लोग रास्ते में लिफ्ट लेकर बैठे थे। हादसे में सबसे ज्यादा चोट एक युवक को आई, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। क्या था हादसे का पूरा विवरण? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूध से भरा मिनी ट्रक धार की ओर जा रहा था। जैसे ही गाड़ी बडवानी फाटे के पास पहुंची, तेज गति में चल रहे वाहन का अचानक आगे का टायर फट गया, जिससे ड्राइवर गाड़ी पर से नियंत्रण खो बैठा। वाहन अनियंत्रित होकर दायीं ओर पलट गया और कई मीटर तक घिसटता चला गया। दुर्घटना में शामिल वाहन: हादसे में क्या हुआ नुकसान? सभी घायलों को इंदौर एमवाय अस्पताल लाया गया, जहां एक की मौत हो गई और दो का इलाज जारी है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई हादसे की सूचना मिलते ही राजेन्द्र नगर थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने वाहन को क्रेन की सहायता से हटाया, और घायलों को तत्काल 108 एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने की धारा 279, 337, 304A के तहत केस दर्ज किया गया है। “ऐसा प्रतीत होता है कि वाहन में तकनीकी खामी थी। टायर फटना मुख्य कारण हो सकता है, लेकिन हम अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।”– एसआई अनिल वर्मा, राजेन्द्र नगर थाना लिफ्ट लेकर जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर चलने वाले ट्रांसपोर्ट वाहनों में लिफ्ट देने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि दूध, फल या अन्य माल से भरे छोटे व्यवसायिक वाहन सवारी भी बैठा लेते हैं। न तो इन वाहनों में यात्रियों के लिए सीटिंग अरेंजमेंट होता है और न ही कोई सुरक्षा उपाय। “हमने केवल 15 किमी के लिए लिफ्ट ली थी, पर सोचा नहीं था कि हादसा हो जाएगा।” – घायल फिरोज खान हाईवे पर वाहनों की फिटनेस की जांच हो आवश्यक ऐसे हादसे उन व्यावसायिक वाहनों की जांच प्रणाली पर भी सवाल उठाते हैं, जो बिना नियमित फिटनेस चेक के सड़कों पर दौड़ते हैं। अधिकतर ड्राइवर तेज गति और ओवरलोडिंग के कारण ऐसे हादसों को न्योता देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि: प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती घटना के समय सड़क पर काफी ट्रैफिक था। प्रत्यक्षदर्शी विजय पाटीदार ने बताया: “एक तेज धमाके की आवाज आई और तुरंत बाद ट्रक पलट गया। लोग चिल्लाते हुए बाहर निकले। हमने खुद घायलों को ट्रक से बाहर निकाला।” लगातार बढ़ रहे हैं सड़क हादसे इंदौर-धार रोड पर पिछले तीन महीनों में सड़क हादसों की संख्या में 20% तक वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी मुख्य वजहें हैं: इंदौर-धार रोड पर हुआ यह हादसा न केवल एक दर्दनाक घटना है, बल्कि यह बताता है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि सड़क सुरक्षा नियमों को और अधिक सख्ती से लागू करे, वहीं आम जनता को भी अपने और दूसरों की सुरक्षा के लिए सावधानीपूर्वक यात्रा करनी चाहिए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।