शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 8.80 लाख की ठगी: ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के नाम पर लिंक भेजकर फंसाया, रुपए ऐंठ लिए

निवेश का सपना, धोखाधड़ी की हकीकत

Best Indore News: इंदौर में एक बार फिर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उससे ₹8.80 लाख की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के प्रतिनिधि बताकर भरोसा दिलाया और फर्जी लिंक और ऐप के जरिए रकम डलवाई। पीड़ित ने जब मुनाफे की मांग की, तो जवाब देना बंद कर दिया गया।

घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठगी का तरीका: कैसे बनाया शिकार?

  • पीड़ित को सोशल मीडिया के ज़रिए संपर्क किया गया।
  • उन्हें बताया गया कि एक प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल और ब्रोकरेज कंपनी द्वारा ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है।
  • निवेश के बदले में 7-10 दिन में 30% रिटर्न का झांसा दिया गया।
  • एक लिंक भेजा गया, जिसे खोलते ही एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खुल गया।
  • पीड़ित ने शुरुआत में ₹20,000 ट्रांजैक्ट किया और उन्हें ₹25,000 का फर्जी बैलेंस दिखाया गया।
  • भरोसा जमने के बाद उनसे किस्तों में ₹8.80 लाख तक की राशि ट्रांसफर करवा ली गई।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना जाल

जांच में पता चला कि जिन वेबसाइट्स और ऐप्स का इस्तेमाल किया गया, वे सभी अवैध और अनरजिस्टर्ड थे। ऐप डाउनलोड करने के बाद:

  • यूजर को ट्रेडिंग का इंटरफेस दिखाया जाता था
  • एक डमी बैलेंस भी दिखाया जाता
  • हर निवेश पर “ग्रोथ” दिखाई जाती थी
  • निकासी के समय सर्वर एरर, KYC पेंडिंग, टेक्निकल गड़बड़ी जैसे बहाने बना दिए जाते

पीड़ित का बयान

“शुरुआत में सब कुछ असली लग रहा था। मेरे दोस्त ने भी ₹10,000 कमाए थे। मैं जब ₹8 लाख से ऊपर निवेश कर चुका था, तभी मुझे संदेह हुआ। जब मैंने रिटर्न मांगा तो सब गायब हो गए।”
– पीड़ित निवेशक

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

  • आरोपी फर्जी नामों से व्हाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक पर संपर्क करते हैं
  • फर्जी वेबसाइट्स को एक या दो हफ्ते के लिए एक्टिव रखा जाता है
  • फर्जी KYC और ट्रेडिंग स्क्रिप्ट तैयार कर यूजर को रियल ट्रेडिंग का भ्रम दिया जाता है
  • फंड ट्रांसफर UPI ID, फर्जी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स से करवाया जाता है
  • पैसा तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है

बढ़ते जा रहे हैं ऐसे मामले

सिर्फ इंदौर ही नहीं, पूरे देशभर में शेयर मार्केट में ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद से लोग ऑनलाइन निवेश की ओर तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसी का फायदा साइबर फ्रॉड गैंग उठा रहे हैं।

वर्षकेवल इंदौर में ऐसे केस
202238 केस
202362 केस
2024 (अभी तक)45 से अधिक

क्या सावधानी रखें निवेशक?

यदि आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो इन बातों का रखें ध्यान:

  • सिर्फ SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर्स से ही निवेश करें
  • WhatsApp, Telegram पर मिलने वाले लिंक या ऑफर से दूर रहें
  • अनजान ऐप या वेबसाइट पर कभी KYC न करें
  • बहुत अधिक रिटर्न का वादा करने वाले ऑफर अवश्य फर्जी होते हैं
  • बैंकिंग डिटेल और OTP कभी साझा न करें
  • किसी भी निवेश से पहले बैकग्राउंड चेक ज़रूर करें

पुलिस की अपील

“ऐसे मामलों में शिकायत तुरंत साइबर सेल में करें। जितना जल्दी शिकायत आएगी, पैसा ट्रैक करने में उतनी ही मदद मिलेगी।”
– साइबर सेल अधिकारी, इंदौर

साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे शेयर मार्केट स्कीमों से सतर्क रहें, और कोई भी वित्तीय लेनदेन सोच-समझकर करें।

ऑनलाइन ठगों का जाल अब सिर्फ OTP या बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब वे लोगों की निवेश की महत्वाकांक्षाओं को निशाना बना रहे हैं। अगर हम सावधान न रहें, तो मिनटों में हमारी मेहनत की कमाई ठगों के खातों में पहुंच सकती है। जरूरी है कि हम जागरूक बनें, तथ्यों की जांच करें और भरोसे के बिना किसी भी लिंक या स्कीम में हिस्सा न लें।

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

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