गर्मियों में ताजगी और ताकत देने वाले 8 मौसमी फल:

गर्मियों में ताजगी और ताकत देने वाले 8 मौसमी फल: सेहत का सीक्रेट अब आपकी थाली में गर्मी का मौसम अपने साथ लेकर आता है चिलचिलाती धूप, लू और थकावट। ऐसे में शरीर को ठंडक, ऊर्जा और भरपूर पोषण की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि डॉक्टरों और आयुर्वेदाचार्यों द्वारा बार-बार यह सलाह दी जाती है कि गर्मियों में मौसमी फलों का सेवन जरूर किया जाए। दरअसल, मौसमी फल केवल स्वाद में लाजवाब नहीं होते, बल्कि यह हमारे शरीर को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। तो चलिए जानते हैं गर्मियों के उन 8 विशेष फलों के बारे में जिन्हें यदि आप अपनी डाइट में शामिल कर लें, तो थकावट, कमजोरी और गर्मी से जुड़ी परेशानियां कोसों दूर रहेंगी। गर्मियों में मौसमी फल क्यों ज़रूरी हैं? गर्मियों में हमारे शरीर से पसीने के रूप में काफी मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे कमजोरी, चक्कर, थकावट और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसी समय, यदि आप मौसमी फलों का सेवन करते हैं तो यह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं बल्कि आपको ठंडक भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, इन फलों में पाए जाने वाले विटामिन A, C, पोटैशियम, फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूत करते हैं और त्वचा को भी निखारते हैं। तरबूज : प्राकृतिक ठंडक का स्रोत तरबूज गर्मियों का सबसे लोकप्रिय और ताज़गी देने वाला फल है। इसमें लगभग 92% पानी होता है जो शरीर को हाइड्रेट करने में बेहद सहायक होता है। स्वास्थ्य लाभ: तरबूज में लाइकोपीन (Lycopene) नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो सूरज की किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। खरबूजा : मीठी ताजगी और एनर्जी का खजाना खरबूजा भी गर्मियों का बेहद उपयोगी फल है जो न केवल शरीर को ठंडक देता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम, विटामिन C और बीटा-कैरोटीन शरीर को ऊर्जा से भर देते हैं। स्वास्थ्य लाभ: यदि आप इसे सुबह नाश्ते में शामिल करें, तो दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे। आम : फलों का राजा और पोषण का भंडार आम को यूं ही फलों का राजा नहीं कहा जाता। गर्मियों में मिलने वाला यह फल न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें पाए जाने वाले विटामिन A, C, E और आयरन से यह शरीर को शक्ति, रोग प्रतिरोधक क्षमता और सुंदरता प्रदान करता है। प्रमुख लाभ: दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो, चौसा, नीलम – ये सब इसकी अलग-अलग किस्में हैं जो पूरे भारत में लोकप्रिय हैं। चेरी : छोटा पैकेट, बड़ा धमाका चेरी दिखने में छोटी जरूर होती है लेकिन इसमें छिपे पोषक तत्व बेहद ताकतवर होते हैं। इसमें पाया जाने वाला एंथोसायनिन (Anthocyanin) सूजन को कम करता है और हृदय रोगों से बचाव करता है। सेहत से जुड़े लाभ: चेरी का खट्टा-मीठा स्वाद इसे स्नैक्स के रूप में परफेक्ट बनाता है। आलू बुखारा: इम्यून बूस्टर और ब्लड प्यूरीफायर गर्मियों में मिलने वाला ये फल लाल, पीला या काले रंग में पाया जाता है। आयरन और पोटैशियम का समृद्ध स्रोत होने के कारण यह शरीर में खून की कमी को दूर करता है और शरीर को अंदर से मज़बूत बनाता है। स्वास्थ्य लाभ: यह फल विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाभकारी माना गया है क्योंकि यह हार्मोनल बैलेंस में भी मदद करता है। ड्रैगन फ्रूट: सुंदरता और स्वास्थ्य का मिश्रण ड्रैगन फ्रूट जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही शक्तिशाली पोषण से भरपूर होता है। इसमें विटामिन C, फाइबर, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सेहत संबंधी फायदे: यह फल डिटॉक्सिफिकेशन में भी बेहद प्रभावी होता है, जिससे शरीर की गंदगी बाहर निकलती है। नाशपाती (Pear): दिल का साथी और त्वचा का रक्षक नाशपाती एक underrated लेकिन सुपरहेल्दी फल है। इसमें पाया जाने वाला घुलनशील फाइबर (soluble fiber) कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखता है। मुख्य फायदे: नाशपाती को स्नैक या सलाद में शामिल किया जा सकता है। संतरा : विटामिन C का पावरहाउस गर्मियों में संतरे का रस किसी अमृत से कम नहीं होता। इसमें पाया जाने वाला विटामिन C न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि यह स्किन, बालों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। अन्य फायदे: संतरे को सुबह के समय खाना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। फल खाएं, बीमारियां भगाएं – ये आदत बनाएं कहा जाता है – “जो फल नहीं खाते, उनके लिए अस्पताल में फल ले जाना पड़ता है।” यह कहावत बिल्कुल सही है। हर मौसम में उसके अनुरूप फल खाना एक प्राकृतिक और सस्ती हेल्थ पॉलिसी है। गर्मियों में खासतौर पर फलों का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि ये शरीर को ठंडक, ताजगी और आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। फल खाने के कुछ जरूरी सुझाव: गर्मी के मौसम में मौसमी फलों को अपने भोजन का हिस्सा बनाकर आप खुद को फिट, फ्रेश और फुर्तीला बना सकते हैं। फल खाने से शरीर को वो ताकत मिलती है, जो सिर्फ दवाइयों से नहीं मिल सकती। इसलिए आज से ही रोज़ एक कटोरी या एक प्लेट फल अपने दिन की शुरुआत में शामिल करें। स्वास्थ्य के लिए फल खाएं, प्रकृति के आशीर्वाद को अपनाएं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
Chief Minister Mohan Yadav suddenly reached the Collector’s office, everyone was surprised

Indore News: The Chief Minister who was going to Barwani had to cancel his tour due to bad weather. He participated in this program through video conference from the Collector’s office itself. Due to bad weather, the Chief Minister had to cancel his Barwani tour. On Thursday morning, he suddenly reached the Collector’s office and from there attended the Barwani program through video conferencing. This program is being organized in village Talun of Barwani district on World Sickle Cell Day. Chief Minister Dr. Mohan Yadav participated in it through video conferencing from Indore Collectorate. The trip had to be postponed due to bad weather Chief Minister Mohan Yadav was to reach Talun from Indore via Barwani by helicopter, but this trip was postponed due to bad weather. As per the scheduled program, the Chief Minister was to reach Indore Airport by plane at 10:20 am and from here he was to leave for Talun by helicopter at 10:25 am. The Chief Minister reached Indore on time, but due to bad weather he could not fly to Talun by helicopter. As per the pre-scheduled program, the Chief Minister has to go from Barwani to Khargone at 1:15 pm. He has to reach village Bedia Sanawad of Khargone and participate in the local program and at 3:50 pm he has to reach Indore Airport by helicopter from Bedia. From here he has to leave for Bhopal by plane at 4.15 pm. Governor and Deputy Chief Minister went by road Due to rain, the guests had to go by road as per the changed program. Governor Mangubhai Patel and Deputy Chief Minister Rajendra Shukla are also participating in this program. The Governor and Deputy Chief Minister left for Talun by road from Indore in the morning. The Governor has to leave from Barwani at 2 pm and reach Indore at 5 pm and stay overnight. The Governor will leave for Bhopal by plane the next day at 10.30 am. Leaders reached to meet the Chief Minister All the senior leaders reached the Collector’s office to meet the Chief Minister who came to Indore. Mayor Pushyamitra Bhargava remained with the Chief Minister throughout the time. The Chief Minister also talked to the officials and asked about the status of Metro and other major projects in Indore.
“दीपावली पर लाड़ली बहनों को सौगात, हर महीने मिलेंगे ₹1500 – CM मोहन यादव”

Indore News: मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कह रहे है कि लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना चाहिए। कांग्रेस ने तो कभी महिला वर्ग की चिंता नहीं की। उनके शासनकाल में तो महिला अपराध ज्यादा बढ़े। बड़वानी में सिकल सेल एनिमिया दिवस पर हुए कार्यक्रम में पहले राष्ट्रपति का आना कैंसल हो गया और खराब मौसम की वजह से मुख्यमंत्री मोहन यादव भी नहीं जा सके, लेकिन वे इंदौर से वर्चुअली आयोजन से जुड़े और लोगों को संबोधित भी किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कह रहे है कि लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना चाहिए। कांग्रेस ने तो कभी महिला वर्ग की चिंता नहीं की। उनके शासनकाल में तो महिला अपराध ज्यादा बढ़े। कांग्रेस के कई नेतागणों के खिलाफ केस है और वे जमानत पर चल रहे है। हमारी सरकार ने संकल्प पत्र में योजना की राशि बढ़ाने की घोषणा की है। दीपावली पर डेढ़ हजार रुपये की राशि बहनों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों के लिए भी कुछ नहीं कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के गेहूं को देश में सबसे ज्यादा एमएसपी राशि 2500 रुपये क्विंटल में खरीदा। कांग्रेस की सरकार में वर्ष 1956 में 94 रुपये गेहूं के दाम क्विटंल थे, जब दिग्विजय सिंह की सरकार थी तो साढ़े पांच सौ रुपये क्विंटल पर सरकारी खरीदी होती थी। 55 वर्षों में सिर्फ पांच सौ रुपये क्विंटल दाम बढ़े। भाजपा की सरकार में 20 वर्षों में दो हजार रुपये क्विंटल भाव बढ़ाए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कानून हाथ में लेने वालों से निपटना जानती है। चाहे वह अनवर डकैत हो या डकैत का बाप हो। मैने अफसरों को कहा है कि आप उसे पकड़े। इसके लिए जो भी प्रयास हो करें। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी जन्म शताब्दी वर्ष पर हमारी सरकार कई काम करेगी। आठ घंटे से ज्यादा बिजली किसानों को खेतों में दी जा रही है। हम फूड इंडस्ट्री पर भी ध्यान दे रहे है, ताकि किसानों को भी इसका लाभ मिल सके।
मध्य प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी होंगे इधर से उधर

MP Police Transfer: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हो रहे हैं। डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर, चार साल से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों को हटाया जा रहा है। लगभग 12 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रभावित हो सकते हैं। यह फैसला पारदर्शिता बढ़ाने और आम जनता की शिकायतें कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। भोपाल (MP Police)। इस माह के अंत तक प्रदेश के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों के चेहरे बदले-बदले नजर आएंगे। कारण यह कि एक सप्ताह के भीतर डीजीपी कैलाश मकवाणा के निर्देश पर जारी तीन आदेश हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव तो यह होने वाला है कि चार साल से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे। जिलों से पुलिस मुख्यालय को भेजी गई जानकारी के अनुसार इनकी संख्या आठ हजार से अधिक है। इनमें आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त एक ही अनुभाग में दस साल से अधिक समय से काम कर रहे पुलिसकर्मियों का तबादला करने के आदेश दिए गए हैं। यही नहीं जिनके विरुद्ध जांच लंबित है, उन्हें भी हटाने का निर्देश है। इन आदेशों का पालन करने से थानों में बड़ा फेरबदल दिखाई देगा। इन आदेशों के तहत 12 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों का तबादला संभावित है। पहली बार एक साथ इस तरह से बदलाव की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन की शिकायतें कम होंगी। चार साल से एक थाने में जमे पुलिसकर्मी हटेंगे मुख्यालय के निर्देश पर तीन श्रेणी के पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। चार वर्ष से एक ही थाने में जमे पुलिसकर्मियों की जानकारी 16 जून तक पुलिस मुख्यालय को भेजने के लिए आदेशित किया गया था। अभी तक की जानकारी के अनुसार यह आंकड़ा लगभग आठ हजार है। दूसरा आदेश, दागी पुलिसकर्मियों को थाना, चौकी और कार्यालयों में पदस्थापना में नहीं रखने को लेकर है। मुख्यालय की तरफ से पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर जिलों में अमल नहीं किया गया। इस कारण मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ने फिर आदेश जारी कर सख्ती से लागू कराने के लिए कहा है। हर थाने में तीन से चार पुलिसकर्मी ऐसे हो सकते हैं जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हैं या विभागीय जांच चल रही है। ऐसे में इनकी संख्या भी तीन हजार से चार हजार के बीच हो सकती है। अन्य को मिला लें तो यह आंकड़ा 12 हजार से अधिक रहेगा। कुछ जिलों में चार वर्ष से अधिक समय से जमे पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित करने का काम भी प्रारंभ हो गया है।
Bhopal 90 Degree Bridge: There is a lot of brainstorming on this wonderful bridge, the change in Bhopal is dependent on the hope of 3 feet extra space from the railway

MP News: The preparations to round the 90 degree sharp turn of Bhopal’s Aishbagh overbridge have gained momentum. The Public Works Department has asked for two and a half to three feet of land from the Railways. The Railway team has conducted a survey, but the decision will be taken only after receiving a proposal from the Railway Board. Bhopal. The preparations have begun to round the 90 degree sharp turn of the Aishbagh Railway Overbridge (ROB), which has become a subject of joke across the country. The Public Works Department (PWD) has asked for two and a half to three feet of additional land from the Railways to rectify the defect of this bridge, so that the turn can be made a little circular and it can be made safe for heavy vehicles. The engineering team of the railway reached the spot on Wednesday and conducted a preliminary survey on this verbal proposal of PWD. However, till late Wednesday evening, no formal proposal was sent to the railway by PWD. Railway officials say that the final decision to give the land will be taken by the Railway Board, but this proposal will be sent from the divisional level. If 2.5-3 feet of land is available, the design will change On Monday, PWD had proposed to the railway officials that if 2.5 to 3 feet of land is available, the direction of the girder placed on the bridge can be changed, so that the sharp turn can be turned into a roundness to some extent. This will facilitate the turning of vehicles and the possibility of accident will decrease. Keeping this possibility in mind, the railway team inspected the site after taking measurements. Former Chief Engineer of NHAI gave recommendations related to safety Former Chief Engineer AK Chindke, who has been associated with the NHAI bridge section, has made several recommendations for safe traffic on the bridge. According to him, a six feet high iron angle should be installed at the beginning of the overbridge to prevent heavy vehicles from passing through this bridge. Along with this, the speed limit of light vehicles will have to be limited to 30 to 40 kilometers per hour. Speed breakers should be made just before the turn and a six feet high wall should also be erected in front of the turn so that the drivers become alert. Also, large convex mirrors should be installed on both sides so that vehicles coming from the other side can also be seen. There is a need to increase the number of lights on the turns for adequate lighting. Also, it has been suggested to reduce the width of the footpath by one and a half feet. Decision depends on approval of Railway BoardRailway officials have clarified that even though the proposal of PWD is technically feasible, the decision to give railway land can be taken only by the Railway Board. In such a situation, the process of transfer of land cannot proceed until a formal proposal is sent. “We are in constant touch with the railways” Additional Chief Secretary of Public Works Department Neeraj Mandloi has said, “We are in constant touch with the railways. As soon as there is agreement on the transfer of land, the process of improving the design of the bridge will be taken forward.” While this sharp turn of the Aishbagh overbridge remains a technical challenge on one hand, on the other hand it has also become the center of ridicule on social media. Now it has to be seen when the proposal reaches the Railway Board and when it gets approval.
World Sickle Cell Awareness Day 2025: Madhya Pradesh is the most affected state in the country in terms of sickle cell

MP News: World Sickle Cell Awareness Day 2025: Madhya Pradesh has the highest number of sickle cell patients in the country. 28128 patients have been found in the examination of 1.3 crore people in the state. Awareness and testing are needed to eradicate sickle cell anemia. Sickle cell patients are being given better treatment in Indore’s MY Hospital and newborns are being tested in the womb itself. Indore. Prime Minister Narendra Modi has set a target of eradicating sickle cell anemia by the year 2047. Most of the sickle cell patients are in Madhya Pradesh. The number of patients is increasing every year in the state because screening is being done in large numbers. Odisha is at second place. Barwani district has the highest number of patients in the state. Recently, the state had the highest number of sickle cell anemia tests in the country, 1.3 crore people, out of which 28128 patients were found. The highest number of patients in the test was 3662 from Barwani district. This test was conducted by the Governor. Finding such a large number of patients is a matter of concern. Sickle cell patients are in tribal areas. Treatment of a person suffering from this disease is very difficult. Many people have lost their lives due to this disease. Children’s lives are in danger due to continuous blood loss and other diseases caused by it. There is still a need for awareness in the state. If both parents have sickle cell disease, then their children are more likely to have sickle cell. Therefore, it should be tested before marriage. Currently, 1400 patients suffering from sickle cell anemia are registered in Indore’s MY Hospital, who are being provided treatment facilities. Checking whether the newborn has sickle cell in the womb In the only government MY hospital of the state, it is being checked whether the newborn has sickle cell in the womb or not. A molecular lab has been established here for this. In this, the fetus is being tested from the womb of the woman. This lab is only in selected medical colleges of the country. Modern facilities will be provided to children suffering from sickle cell in the hospital. Along with this, bone marrow transplant is also being done to the patients. 27 districts of the state are in sickle cell zone Let us tell you that the prevalence of symptoms in the tribal population in India is about 10 percent and the prevalence of the disease is one percent. 27 out of 45 districts of Madhya Pradesh come in the sickle cell zone. Let us tell you that in sickle cell anemia, the shape of red blood cells becomes crooked (like a sickle), due to which the victims start having many problems including anemia, joint pain. There is no cure for this disease. By avoiding marital relations between the carrier woman and man, the birth of a child suffering from this disease can be prevented. Better treatment is being provided in MY Sickle cell nodal officers Dr. Ramu Thakur and Dr. Sachin Sharma said that better treatment is being provided to sickle cell patients in MY Hospital. Screening is also being done by visiting tribal hostels in Indore. After confirmation of the patients, they are being monitored. Here, molecular labs are being used to find out in the womb itself whether the newborn has sickle cell or not.
अगले पांच दिन इंदौर में बारिश के आसार, मौसम में घुली ठंडक से मिली राहत

Indore Mai Barish: इंदौर में बुधवार को बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले पांच दिन लगातार बारिश की स्थितियां बनी रहेंगी। इससे शहरवासियों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी। तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। Indore Ka Muasam: इंदौर में बुधवार सुबह से बादल छाए और दोपहर में बूंदाबांदी हुई। शाम चार बजे बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में रिमझिम बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर तेज बौछारें भी पड़ीं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इंदौर में अगले पांच दिन लगातार बारिश की स्थितियां बनी रहेंगी। इस कारण आगामी दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे शहरवासियों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी। एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर बुधवार रात 8.30 बजे तक तीन मिमी वर्षा दर्ज हुई। रीगल स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वेदर स्टेशन पर 8.50 मिमी वर्षा दर्ज हुई।भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र मध्य राजस्थान पर बना हुआ है। शहर में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी वहीं एक द्रोणिका पंजाब होते हुए उत्तरी गुजरात तक जा रही है। इसके अलावा मध्य उत्तर प्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इसके प्रभाव से इंदौर में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में निरंतरता दिखाई देगी। इंदौर में अगले दो दिन 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलेंगी। वही गरज-चमक के साथ बारिश होगी। बुधवार को शहर में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य था। दो वेदर सिस्टम एक्टिव मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बने वेदर सिस्टम की वजह से कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार है। इस कारण रुक-रुककर बारिश का यह सिलसिला अभी जारी रहेगा।
जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा,सीएम मोहन यादव का बड़ा एलान
MP News: भोपाल के में ‘ग्रामीण रंग, पर्यटन संग’ उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश का आर्थिक विकास भी होगा। राज्य पर्यटन विभाग की ओर से यह सेवा शुरू की जाएगी। भोपाल: राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं के विकास के लिए तत्पर है। इसके लिए बुनियादी ढांचा विकास और बेहतर संपर्क की कोशिशें तेज होंगी। बुधवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर सभागार में ‘ग्रामीण रंग, पर्यटन संग’ उत्सव के दौरान इसका खाका सामने आया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर राज्य पर्यटन बोर्ड के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटकों के लिए वेलनेस सुविधाएं बढ़ाने के लिए समिट की है। इससे प्रदेश का मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। इस दौरान ग्रामीण होम स्टे संचालकों, सरपंचों और 10 जिले के कलेक्टरों को बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इंदौर और बड़वानी दौरा रद्द, खराब मौसम बनी वजह

President Draupadi Murmu 2 Day MP Tour Cancel : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18-19 जून दो दिवसीय दौरे पर इंदौर और बड़वानी जिले में आ रही थीं। लेकिन, अचानक उनका दौरा रद्द कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से मंगलवार देर रात इसकी सूचना जारी की गई है। President Draupadi Murmu 2 Day MP Tour Cancel : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानी 18 और 19 जून को मध्य प्रदेश के इंदौर और बड़वानी जिले के दौरे पर आ रही थीं। लेकिन, मंदलवार देर रात अचानक उनका दोनों दिनों की दौरा रद्द हो गया है। हालांकि, दौरा रद्द होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। लेकिन, संभावना जताई जा रहा है कि, मानसूनी गतिविधियों के चलते बिगड़ रहे मौसम को मद्देनजर रखते हुए उनका दौरा कैंसिल किया गया है। बड़वानी के ग्राम तलेन में 19 जून को होने वाले कार्यक्रम में अब सिर्फ राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही शामिल होंगे। राष्ट्रपति मुर्मू का दौरान रद्द होने की सूचना इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने मंगलवार देर रात अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जानकारी पोस्ट करके दी। पोस्ट में कहा गया कि, महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 एवं 19 जून का इंदौर और बड़वानी प्रवास निरस्त हो गया है। प्रशासन पिछले एक सप्ताह से इसकी तैयारियां कर रहा था। रविवार को कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा और सभी प्रमुख अधिकारियों ने राष्ट्रपति के पूरे दौरे के आयोजन स्थलों पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। सोमवार और मंगलवार को ट्रैफिक टीम ने पूरा रिहर्सल किया और आज देर रात खबर आई कि, राष्ट्रपति का दौरा निरस्त हो गया है। नहीं आने का कारण नहीं बताया महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का 18 एवं 19 जून का इंदौर और बड़वानी प्रवास निरस्त हो गया है।— Collector Indore कलेक्टर आशीष सिंह की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति भवन से भी दौरा निरस्त होने के कारण से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रही थीं। रात को वो इंदौर में रुकतीं। फिर यहीं से 19 जून को बड़वानी के ग्राम तलेन में विश्व सिकल सेल एनीमिया दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होतीं। वहां वे ‘सिकल मित्र पहल’ की शुरुआत करने आरही थीं। सभी तैयारियां हो चुकी थीं पूरी इससे पहले राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई थी। इसके लिए सुरक्षा, आवास, ट्रांसपोर्ट, बिजली, सफाई, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सुविधाओं को लेकर विशेष कसावट की गई थी। बड़वानी जिले के ग्राम तलेन में होने वाले कार्यक्रम स्थल पर भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति मुर्मू 18 जून की शाम इंदौर आने वाली थी।
लाडली बहना के हर महीने चोरी हो रहे 1800 रुपए, कोर्ट जाएगी कांग्रेस, भाजपा ने किया पलटवार

Ladli Behna Yojana : लाडली बहना योजना पर एक बार फिर सियायत गरमाने लगी है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने योजना को लेकर सरकार को घेरा है तो वहीं भाजपा ने भी पलटवार किया है। Ladli Behna Yojana : मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना पर एक बार फिर सियायत गरमाने लगी है। कांग्रेस ने लाडली बहना को अबतक 3 हजार रुपए न मिलने पर कोर्ट जाने की बात कही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि, अभी बहनों के 1800 रुपए हर महीने चोरी हो रहे हैं। 20 लाख बहनों के नाम काटे गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा ने भी पटवारी के बयान पर पलटवार किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि, लाडली बहना योजना से 20 लाख बहनों के नाम काट दिए गए। 2023 से योजना में पंजीयन ही नहीं हो रहा। योजना का लाभ लेने के लिए 25 से 30 लाख नई बहने आवेदव कर रही हैं। सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के नाम पर 60 से 70 हजार करोड़ सालाना कर्ज लिया जा रहा है। घोषणा करके पूरी न करना राजनीतिक अपराध पीसीसी चीफ के अनुसार, प्रदेश सरकार कर्ज लेकर साल का 16000 करोड़ का वितरण बहनों में किया जा रहा है। लेकिन, 50 हजार करोड़ से ज्यादा का पैसा दूसरे मद में ये अपराध है। कांग्रेस पार्टी बहनों को न्याय दिलाने न्यायालय जाएगी। हम अपना राजनीतिक दायित्व निभाएंगे। घोषणाएं करके पूरी न करना एक राजनीतिक अपराध है। भाजपा का पलटवार पीसीसी चीफ के आरोपों पर भाजपा का भी पलटवार सामने आया है। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि, कांग्रेस विवाद पैदा कर योजना बंद करना चाहती है। मध्य प्रदेश की सरकार ने लाडली बहनाओं की राशि बढ़ाई है। 1500 अब उनके खाते में अगले महीने से आएंगे, लेकिन कांग्रेस को कोर्ट जाना है, वो चले जाए ये वही पार्टी है जो योजना बंद करना चाहती है। बैगा सहरिया को हमने पैसा देने की योजना शुरू की थी कांग्रेस ने इस योजना को बंद कर दिया। कांग्रेस की इस चरित्र को सब ने देखा है। सरकार ने लाडली बहन योजना के साथ-साथ लाडली लक्ष्मी योजना को भी चलाया, कांग्रेस भला हमें किस बात का पाठ पढ़ाती है। भाजपा सरकार ने जो कहा वो पूरा किया है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बहनों के लिए घोषणा की। लाडली बहनों को राखी पर 250 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। भाई दूज से हर माह लाडली बहनों को 1500 रुपए मिलेंगे। चरणबद्ध रूप से लाडली बहनों की राशि में वृद्धि हो रही है। बीजेपी ने मध्य प्रदेश में विकास और कल्याण के नए आयाम लिखे हैं।