स्टॉप डैम हादसा: डूबने से दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, बुझ गए दो घरों के इकलौते चिराग

MP News: खेत बुवाई के लिए परिवार सहित गुरुवार को सुबह से बोवनी करने के लिए जंगल किनारे स्थित खेड़ी ढाना के कमानी गेट के पास वाले खेत में बच्चे गए हुए थे। जहां परिवार सहित खेती के काम में लग गए और बच्चे खेलने में लग गए। खेलते खेलते कब डैम के पास पहुंच गए पता ही नहीं चला। प्रभात पट्टन ब्लॉक के ग्राम सावंगी में दो बच्चों की स्टॉप डैम में डूबने से मौत हो गई। दोनों चचेरे भाई थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार रवि उर्फ पप्पू पिता माधवराव मोगरकर 12 वर्ष एवं कौस्तुभ पिता शेषराव मोंगरकर 10 वर्ष की गुरुवार खेत से खेलते खेलते समीप के स्टाप डेम पहुंच गए और उसमें नहाते समय गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। खेलते समय डैम पर पहुंचे बच्चे सावंगी निवासी मृतक कौस्तुभ के पिता शेषराव मोंगरकर ने बताया कि वे अपने भाई माधवराव के साथ खेत बुवाई के लिए परिवार सहित गुरुवार को सुबह से बोवनी करने के लिए जंगल किनारे स्थित खेड़ी ढाना के कमानी गेट के पास वाले खेत में गए हुए थे। जहां परिवार सहित खेती के काम में लग गए और बच्चे खेलने में लग गए। खेलते खेलते कब डैम के पास पहुंच गए पता ही नहीं चला। दोपहर में भोजन करने के लिए बच्चों को देखा तो दिखे नहीं। जिससे खेत के आसपास आवाज भी दी पर बुलाने पर भी नहीं आए। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शव खेत के पास ही बने स्टॉप डैम के पास देखा तो दोनों भाइयों के कपड़े और चप्पल पड़े थे । ग्रामीणों की सहायता से लगभग 12 फीट गहरे स्टॉप डेम के पानी में उतरकर देखा तो पानी में मृत अवस्था में कौस्तुभ नजर आया जिसे शाम को निकाला। इधर रवि को ढूंढने की कोशिश की पर नहीं मिला जिसे एसडीआरएफ टीम ने दूसरे दिन शुक्रवार को रवि की तलाश कर उसका शव भी पानी से बाहर निकाला। मासोद पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपे गए तथा पूरा मामला जांच में लिया है। चार बहनों में इकलौता था रवि दोनों ही चचेरे भाई अपने परिवार में इकलौते थे। बताया जा रहा है कि रवि चार बहनों में इकलौता था। कौस्तुभ भी परिवार में इकलौते था। दोनों बच्चों की आकस्मिक मौत से परिवार सदमे में है तथा पूरे गांव में शोक की लहर है। शुक्रवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया जिसमे पूरा गांव शामिल हुआ। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
पेट्रोल पंपों पर PUC सेंटर अनिवार्य – प्रदूषण नियंत्रण की पहल

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब हर पेट्रोल पंप में प्रदूषण जांच केंद्र (पीयूसी सेंटर) खोला जाएगा। इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत जिला प्रशासन ने यह फैसला किया है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रदूषण जांच को अनिवार्य कर दिया है। NCAP की बैठक में जिला प्रशसन के अफसरों के साथ-साथ नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों के अलावा पेट्रोल पंप संचालक शामिल थे। दरअसल, इंदौर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब होने की वजह से इंदौर को साफ हवा की कवायद किए जाने वाले शहर में रखा गया है। इसके बाद ही जिला प्रशासन ने पीयूसी सेंटर को लेकर यह फैसला किया है। इस फैसले के बाद हर पेट्रोल पंप पर वाहनों के उत्सर्जन की निगरानी के लिए पीयूसी सेंटर अनिवार्य होंगे। कलेक्टर ने बताया कि हम शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमने पाया है कि शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाहनों के उत्सर्जन से होता है। इसके मद्देनजर हम सुनिश्चित करेंगे कि शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर पीयूसी केंद्र स्थापित हो जाएं। कलेक्टर ने बताया कि पीयूसी केंद्र स्थापित करने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों को 15 दिन की मोहलत दी जाएगी। 15 दिन में हर पेट्रोल पंप में पीयूसी जांच होगी। इंदौर की सफाई और हवा को लेकर वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी ने कहा कि इंदौर सफाई में देश में नंबर वन तो है ही, इंदौर ने वायु प्रदूषण खत्म करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में जो सर्वे आया है उसमें इंदौर के वायुमंडल में PM पार्टिकल की कमी आई है। इसका मतलब हुआ है कि इंदौर के वायुमंडल में गंदगी कम हुई है, प्रदूषण कम हुआ है और लोगों को साफ हवा मिल रही है। आपको बता दें कि इंदौर की हवा में पिछले कुछ सालों के मुकाबले काफी सुधार हुआ है। इंदौर जिला प्रशासन की तरफ से लगातार इस संबंध में कोशिशें की जातीं रहीं हैं। इन कोशिशों के बाद ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2024-25 में इंदौर में वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया। पिछले वर्ष की तुलना में पीएम 10 के स्तर में 14 प्रतिशत की कमी आई है। इस वर्ष भी सुधा है, लेकिन अभी भी काफी कवायद करने की जरूरत है।
IMC की तैयारी – मानसून में जलभराव से निपटने के उपाय

इन्दौर : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 (1) (2) के अंतर्गत जन स्वास्थ्य एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से महू तहसील अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थलों पर आमजन के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। श्री सिंह ने निर्देशित किया है कि संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उक्त स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाएं एवं जहाँ आवश्यक हो वहाँ भौतिक सीमाएं भी निर्धारित करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस, प्रशासनिक व सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा यह अन्य सभी लागू नियमों के अतिरिक्त प्रभावशील रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
भोपाल में सीएम मोहन यादव, इंदौर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योग अभ्यास

Best Indore News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भोपाल और इंदौर में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अटल पथ पर योग किया, जबकि इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजवाड़ा पर योगाभ्यास में भाग लिया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रीगण शामिल हुए। भोपाल। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2025 का राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम सुबह छह बजे भोपाल के टीटी नगर स्थित अटल पथ पर आयोजित हुआ। एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिए योग थीम पर यह वृहद आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के साथ योग किया। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष सहित विभिन्न विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलों के कार्यक्रम में मंत्रीगण शामिल हुए। देवास में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के राजवाड़ा में, केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर धार के मांडव में शामिल हुईं। उज्जैन में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, ग्वालियर में मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, जबलपुर में मंत्री राकेश सिंह शामिल हुए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
चिटफंड कंपनी की 10 राज्यों में ₹2,300 करोड़ की धोखाधड़ी का पर्दाफाश
इंदौर में निवेश के नाम पर मुनाफे का लालच देकर हुई 20.18 लाख की ठगी ने चिटफंड कंपनी के बड़े नेटवर्क की पोल खोल दी। दुबई में हेड ऑफिस बनाकर गैंग दो फर्जी फर्म से 10 राज्यों में चिटफंड का नेटवर्क चला रही थी। निवेश के नाम पर हर माह 6 से 8% मुनाफे का लालच देकर 2023-24 में 23 अरब बटोर लिए। मप्र एसटीएफ (MP STF) ने इस गैंग का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली के दो आरोपियों मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। (chitfund racket exposed) गैंग ने यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल के नाम की दो फर्जी फर्म बनाई। इसमें बॉट-बो सॉफ्टवेयर से मेटा-5 अकाउंट में ट्रेडिंग कराती थी। लोगों से रुपए जमा कराने के लिए रेंटल टेक्नोलॉजी और इंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन के नाम से खाते खोले। इन्हीं में चिटफंड के रुपए जमा कराए। एटीएस के एआइजी नवीन चौधरी, भोपाल एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने शुक्रवार को खुलासा किया। उन्होंने बताया सभी राज्यों में इसके सरगना हैं। अब ईडी भी फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन) एक्ट के तहत जांच कर रही है। इंदौर से सुराग, जांच में कड़ियां मिली तो अरबों के फ्रॉड का खुलासा इंदौर के ईशान सलूजा ने फर्जी फर्म यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल में निवेश के बाद ₹20.18 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। एसटीएफ ने जांच की तो चौंकाने वाली कड़ियां मिलीं। जांच में पता चला, दिल्ली के दो आरोपियों मदन मोहन व दीपक शर्मा ने साथियों के साथ मिलकर ठगी की। 2023-24 में मिला 22.80 अरब रुपए का ट्रांजेक्शन जांच में पता चला कि इंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन के खाते में 2023-24 में 72 अरब रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया। रेंटल टेक्नोलॉजी के खाते में इसी वर्ष 15.80 अरब के ट्रांजेक्शन मिले। एसटीएफ जांच कर रही है।
इंदौर की कंपनी पर CBI की कार्रवाई – ₹183 करोड़ फर्जी बैंक गारंटी स्कैम
इंदौर में CBI ने 183 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी के घोटाले का पर्दाफाश किया है। पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर समेत 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। हाइलाइट्स Indore Scam: इंदौर की एक कंपनी के फर्जी बैंक गारंटी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। CBI ने घोटाले की जांच में पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर समेत 2 लोगों को अरेस्ट किया है। कंपनी ने 183 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी देकर मध्यप्रदेश जल निगम से 974 करोड़ के 3 सिंचाई प्रोजेक्ट्स हासिल किए थे। इन प्रोजेक्ट के लिए 8 फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई थीं। जल निगम को PNB की फर्जी ID से भेजे थे मेल मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड को पंजाब नेशनल बैंक की फर्जी मेल आईडी से ईमेल भेजे गए थे। ये साल 2023 का मामला है। बैंक गारंटियों को असली बताया गया। मेल के आधार पर कंपनी को प्रोजेक्ट्स दिए गए थे। 3 मई 2025 को दर्ज हुए थे 3 अलग-अलग केस MP हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने 9 मई 2025 को इस मामले में 3 अलग-अलग केस दर्ज किए थे। जांच के बाद CBI ने 19 और 20 जून को देश के 5 राज्य दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, झारखंड और MP में 23 जगहों पर छापेमारी की थी। कोलकाता से दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी CBI ने कोलकाता से 2 लोगों को अरेस्ट किया है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक का सीनियर मैनेजर भी शामिल है। दोनों को कोलकाता की लोकल कोर्ट में पेश किया गया था। अब ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया जाएगा। कोलकाता में बड़ा गिरोह एक्टिव CBI की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि कोलकाता में एक गिरोह एक्टिव है जो फर्जी बैंक गारंटी बनाकर सरकारी ठेके हासिल करने का काम करता है। ये गिरोह देश के कई राज्यों में ऐसे घोटाले कर चुका है। CBI इस गिरोह की पूरी परतें खोलने में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि इसमें सरकारी कर्मचारी और प्राइवेट एजेंसी शामिल हो सकती हैं।
इंदौर के टॉप 3 मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
इंदौर के टॉप 3 मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की सूची और उनकी विशेषताएं स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है, जिसमें कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। इंदौर, मध्यप्रदेश का एक प्रमुख और तेजी से विकसित होता शहर है, जो न केवल व्यापार और शिक्षा का केंद्र है, बल्कि चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यदि आप इंदौर में बेहतरीन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की तलाश कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यहां हम बात करेंगे इंदौर के टॉप 3 मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की, जो न केवल अपनी आधुनिक सुविधाओं, बल्कि विश्वसनीय सेवाओं और अनुभवी विशेषज्ञों के कारण भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित हैं। शेल्बी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, इंदौर स्थापना और स्थान:शेल्बी अस्पताल की स्थापना वर्ष 2015 में इंदौर के प्रसिद्ध जंजीरवाला चौराहा स्थित रेस कोर्स रोड पर की गई थी। आधुनिक तकनीकों और विश्वसनीय चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित यह अस्पताल बहुत कम समय में ही इंदौर के प्रमुख हेल्थकेयर सेंटर के रूप में उभरा है। विशेषताएं:यह अस्पताल NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) से मान्यता प्राप्त है, जो इसकी गुणवत्ता और मरीजों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यहां 9 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, एक उन्नत ICU और 24×7 आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं, जो इसे हर प्रकार की चिकित्सा स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाते हैं। प्रमुख चिकित्सा विभाग:शेल्बी अस्पताल में निम्नलिखित विभाग कार्यरत हैं, जिनमें अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा इलाज किया जाता है: प्रमुख सर्जरी और उपचार:शेल्बी अस्पताल में अनेक जटिल ऑपरेशन अत्यंत सफलतापूर्वक किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं: संपर्क विवरण: पता: पार्ट 5 और 6, रेस कोर्स रोड, आर. एस. भंडारी मार्ग, जंजीरवाला चौराहा, इंदौर – 452003, मध्य प्रदेश, भारत फोन नंबर: +91 70499 18800 ईमेल: info.indore@shalby.org वेबसाइट: www.shalby.org आपातकालीन सेवा: 24×7 उपलब्ध बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर . बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर इतिहास और पृष्ठभूमि:बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना 2003 में इंदौर में की गई थी। यह अस्पताल मूल रूप से 1950 के दशक में श्री रामेश्वर दास बिड़ला द्वारा स्थापित Bombay Hospital Trust का ही हिस्सा है, जो देश के प्रमुख परोपकारी संगठनों में से एक है। सुविधाएं और क्षमताएं:यह एक विशाल 600-बिस्तरों वाला तृतीयक रेफरल सेंटर है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और उच्च दक्षता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। NABH से मान्यता प्राप्त यह अस्पताल गरीबों की सहायता हेतु 300 बिस्तरों पर मुफ्त इलाज तथा 150 बिस्तरों पर भारी सब्सिडी प्रदान करता है। प्रमुख विभाग और सेवाएं:बॉम्बे हॉस्पिटल में मौजूद चिकित्सा विभाग इस प्रकार हैं: संपर्क विवरण:पता:ईस्टर्न रिंग रोड, रिंग रोड,आईडीए स्कीम नंबर 94/95, तुलसी नगर,विजय नगर, इंदौर – 452010, मध्य प्रदेश, भारत फोन नंबर: 0731-2558866ईमेल: medicaladminind[at]bombayhospital[dot]comवेबसाइट: www.bombayhospitalind आपातकालीन सेवा: 24×7 उपलब्ध मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, इंदौर परिचय और प्रतिष्ठा:मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल इंदौर एक 175-बिस्तरों वाला उन्नत चिकित्सा केंद्र है, जो संपूर्ण भारत में अपनी गुणवत्ता और अत्याधुनिक सेवाओं के लिए जाना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य है मरीजों को समग्र और समर्पित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना। विशेषताएं जो मेदांता को अलग बनाती हैं:यह अस्पताल NABH एवं NABL से मान्यता प्राप्त है और इसके अंतर्गत आधुनिक चिकित्सा तकनीक, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और अनुभवी चिकित्सक कार्यरत हैं। यहाँ OPD, IPD, ऑनलाइन कंसल्टेशन, वीडियो कंसल्टेशन, हेल्थ चेकअप और होमकेयर जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। मुख्य चिकित्सा विभाग:मेदांता में विभिन्न सुपर स्पेशलिटी विभाग मौजूद हैं, जैसे: सर्जिकल सेवाएं और तकनीक:यहां किए जाने वाले प्रमुख ऑपरेशन हैं: इन सर्जरी को अनुभवी सर्जनों द्वारा आधुनिक उपकरणों की सहायता से किया जाता है, जिससे रिकवरी अधिक तेज और सुरक्षित होती है। संपर्क जानकारी:पता (Address):प्लॉट नंबर 8, पीयू 04, वाणिज्यिक योजना 54,रसोमा चौराहा, विजय नगर, एबी रोड,इंदौर – 452010, मध्य प्रदेश, भारत फोन: 0731-4747000वेबसाइट: https://www.medanta.org/indore/आपातकालीन सेवा: 24×7 उपलब्ध इंदौर में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर दिन-ब-दिन उन्नत होता जा रहा है। शेल्बी अस्पताल जहां आधुनिकता और सटीकता का प्रतीक है, वहीं मेदांता बहुआयामी उपचार के लिए एक आदर्श विकल्प है। बॉम्बे हॉस्पिटल अपनी विशालता, परोपकार और दीर्घकालीन सेवा अनुभव के कारण विशेष स्थान रखता है। अगर आप इंदौर में किसी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल की तलाश कर रहे हैं, तो ये तीनों अस्पताल आपकी प्राथमिकता सूची में अवश्य होने चाहिए। इनकी गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और रोगी सेवा में समर्पण इन्हें इंदौर के सबसे भरोसेमंद चिकित्सा संस्थानों में शामिल करते हैं। स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है — और एक सही अस्पताल चुनना, एक बड़ा और निर्णायक कदम हो सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट बेस्ट इंदौर पर अवश्य जाएं।
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक अगस्त में मेट्रो चलेगी, होगा ट्रायल रन

Best Indore news: इंदौर मेट्रो के सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन अगस्त में और कमर्शियल संचालन अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है। स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, यात्री संख्या में गिरावट के चलते फेरे घटाए गए हैं। प्रबंधन संचालन से सुधार की उम्मीद कर रहा है। इंदौर। इंदौर मेट्रो के सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक के हिस्से में मेट्रो दौड़ाने का इंतजार अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। अगस्त के पहले सप्ताह में इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन किया जाएगा, जबकि अक्टूबर माह के अंत तक यहां कमर्शियल संचालन शुरू होने की संभावना है। गुरुवार को मेट्रो के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने इस मार्ग पर ट्रॉली निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। ट्रैक, स्टेशन और गेट का काम लगभग पूरा एमडी चैतन्य ने सुपर कॉरिडोर स्टेशन एससी-3 से रेडिसन चौराहे तक करीब 11 किमी लंबे ट्रैक और स्टेशनों का ट्रॉली निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस हिस्से में दो मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकासी द्वार पूरी तरह बन चुके हैं, जबकि अन्य पांच स्टेशनों पर एक-एक गेट तैयार हो चुका है। शेष चार स्टेशनों पर ढाई से तीन महीने में गेट निर्माण का कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने मेघदूत गार्डन, विजय नगर, बापट, हीरा नगर, चंद्रगुप्त चौराहा, एमआर-10 और भौरासला चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सिविल और सिस्टम संबंधी प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। बुधवार को उन्होंने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर संबंधित अधिकारियों, कांट्रैक्टर और कंसल्टेंट के साथ बैठक भी की। इसके अलावा एमडी ने एयरपोर्ट से बड़ा गणपति, छोटा गणपति, नगर निगम होते हुए बंगाली चौराहा तक प्रस्तावित रूट के स्टेशनों के चिन्हित स्थानों का भी दौरा किया। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या घटी दूसरी ओर सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को केवल 849 यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा की, जो पिछले 19 दिनों में सबसे कम है। जबकि 15 जून को रविवार होने के चलते 7394 यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद से लगातार यात्रियों की संख्या कम होती गई – 16 जून को 1811, 17 को 1755, 18 को 1480 यात्रियों ने सफर किया।इस गिरावट को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने फेरे भी कम कर दिए हैं। जहां पहले हर 15 से 20 मिनट में मेट्रो चल रही थी, अब गुरुवार को यह अंतराल बढ़ाकर हर आधे घंटे कर दिया गया। पहले प्रतिदिन 98 फेरे लगाए जा रहे थे, जबकि गुरुवार को केवल 48 फेरे ही चलाए गए। कमर्शियल संचालन से उम्मीदें अधिकारियों का मानना है कि अगस्त में ट्रायल और अक्टूबर में कमर्शियल संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फिलहाल ट्रायल रन और संरचनात्मक तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में पार्षद अनवर डकैत के घर और ससुराल पर पुलिस की रेड
Best Indore News: इंदौर में लव जिहाद कांड को लेकर पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत की तलाश जारी है। पुलिस ने उसके घर और ससुराल पर छापेमारी की है, लेकिन वह अभी तक फरार है। अनवर पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इंदौर। लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों का वित्त पोषक पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत छठे दिन भी नहीं मिला। बाणगंगा और सदर बाजार पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। अनवर के विरुद्ध शहर के विभिन्न थानों में 19 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। बाणगंगा पुलिस के अनुसार अनवर पुत्र मोहम्मद असलम कादरी का दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोपित अल्ताफ खान और साहिल ने नाम लिया था। हिंदू युवतियों से दुष्कर्म करने वाले इन दोनों आरोपितों को अनवर ने तीन लाख रुपये देकर कहा था कि उनसे शादी करो और अनैतिक कारोबार में शामिल करो। आरोपितों की अनवर से मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में मुलाकात होती थी। टीआई सियारामसिंह गुर्जर के अनुसार पुलिस ने अनवर को आरोपित बनाया है। उसके घर (भिश्ती मोहल्ला) और ससुराल (सदर बाजार) में छापा मार कार्रवाई की जा रही है। अनवर के विरुद्ध सदर बाजार, आजाद नगर, संयोगितागंज, उज्जैन सहित विभिन्न थानों में 19 केस दर्ज हैं। डीसीपी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित भी कर दिया है। पुलिस ने उसके साले अमजद और आमिर के स्वजन से पूछताछ की है। रासुका की तैयारी, कमिश्नर ने नोटिस भेजा सदर बाजार पुलिस ने अनवर के विरुद्ध रासुका का प्रस्ताव भेजा है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अनवर ने एक प्रदर्शन में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए थे। टीआई यशवंत बड़ौले के मुताबिक अनवर की इस मामले में जमानत हो चुकी है। पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर रासुका का प्रस्ताव भेजा है। सीपी कोर्ट से अनवर को नोटिस भी जारी हो चुका है। सरकार के सामने नहीं चलेगी किसी की दादागीरी शहर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भगोड़े पार्षद अनवर कादरी को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस को फ्री हैंड देने की बात कही। उन्होंने कहा कि डकैत हो या डकैत का बाप प्रदेश सरकार के सामने किसी की दादागीरी नहीं चलेगी।. इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन से दौड़ती रही इंदौर मेट्रो, डबल सप्लाय देना भूले

Best Indore News: इंदौर मेट्रो के लिए बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही का मामला सामने आया है। मेट्रो ट्रेन को एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे दौड़ाया गया, जबकि नियमानुसार मेट्रो के लिए डबल सर्किट की बिजली व्यवस्था होनी चाहिए थी। इस लापरवाही को बाद में सुधार लिया गया और दूसरी वैकल्पिक लाइन से मेट्रो को जोड़ा गया। इंदौर। इंदौर के सबसे महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए बिजली कनेक्शन देने में भी लापरवाही की गई। उद्घाटन के बाद मेट्रो सिर्फ एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे दौड़ती रही। वैकल्पिक दूसरे कनेक्शन की व्यवस्था पर ध्यान ही नहीं दिया गया। करीब एक सप्ताह बाद लापरवाही पकड़ में आई और खामोशी से उसे सुधार लिया गया। 31 मई से मेट्रो ट्रेन आधिकारिक रूप से पटरियों पर दौड़ने लगी। मेट्रो परियोजना की बिजली ग्रिड का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अभी मेट्रो रेल के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से 2 एमवीए का अस्थायी बिजली कनेक्शन लिया गया है, ताकि ग्रिड बनने और स्थायी कनेक्शन होने से पहले तक मेट्रो को चलने के लिए बिजली मिलती रही। नियमानुसार मेट्रो के लिए डबल सर्किट की बिजली व्यवस्था होनी थी। यानी उसे दो जगह से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करना थी, ताकि किसी आपात स्थिति में यदि एक खंभे से बिजली आपूर्ति रुके तो दूसरी जगह से आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। हालांकि वितरण कंपनी के इंजीनियरों ने खानापूर्ति करते हुए डबल सर्किट के नाम पर सिर्फ इतना किया कि एक ही खंभे से दो लाइन डाल दी। तो मेट्रो रेल वहीं रुक जाती मेट्रो इसी के सहारे दौड़ती भी रही। इस बीच बिजली कंपनी में कामों की समीक्षा शुरू हुई। किसी ने ध्यान दिला दिया कि जिस खंबे से मेट्रो ट्रेन को बिजली आपूर्ति की जा रही है। यदि उसे किसी गाड़ी ने टक्कर मारकर गिरा दिया या उसमें किसी तकनीकी रुकावट से आपूर्ति बाधित हुई तो मेट्रो ट्रेन को भी बिजली आपूर्ति रुक जाएगी। यह ऐसे समय होता है जब ट्रेन पटरियों पर दौड़ रही है तो मेट्रो जहां है वहीं रुक जाएगी। मेट्रो शुरुआत में एक सप्ताह जैतपुरा पैंथर लाइन से जुड़े मोनोपोल-ए से अस्थायी कनेक्शन दिया गया। इसी से दो केबल मेट्रो की बिजली के लिए दे दिए गए। करीब सप्ताहभर इस सिंगल पोल से सप्लाई के सहारे ट्रेन दौड़ती भी रही। इसके बाद बिजली कंपनी के मुख्यालय से वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश दिए। तुरत-फुरत में मेट्रो ट्रेन के लिए निरंजनपुर ग्रिड से भी दूसरी वैकल्पिक लाइन देने का आदेश हुआ। इसके बाद दूसरी लाइन से मेट्रो को जोड़ा गया। ताकि यदि जैतपुरा मोनोपोल से बिजली आपूर्ति रुके तो मेट्रो को निरंजनपुर से बिजली मिल सके। हालांकि लापरवाही दबा दी गई और इंजीनियरों से ना जवाब मांगा गया ना कार्रवाई हुई। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।