Top 1 Astrologer in Indore

विशेष जुपिटर हॉस्पिटल, इंदौर: मध्यप्रदेश की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा

Best Indore Vishesh Jupiter Hospital, Indore June, 2025

विशेष जुपिटर हॉस्पिटल, इंदौर शहर के रिंग रोड पर स्थित एक प्रीमियम मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। यह जुपिटर हॉस्पिटल समूह का हिस्सा है, जो भारत में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं के लिए जाना जाता है। यह अस्पताल ‘Patient First’ यानी “मरीज सर्वोपरि” के सिद्धांत पर कार्य करता है। प्रमुख चिकित्सा विभाग इस अस्पताल में 30 से अधिक विशेषज्ञ विभाग कार्यरत हैं। इनमें कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), न्यूरोलॉजी (मस्तिष्क एवं तंत्रिका), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, डायलिसिस, आईवीएफ और न्यूरोसर्जरी प्रमुख हैं। हर विभाग में अनुभवी डॉक्टर और टेक्नोलॉजिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं। सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर अस्पताल में कुल 231 बेड्स हैं, जिसमें ICU, NICU और PICU की अलग-अलग यूनिट्स मौजूद हैं। यहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, उन्नत कैथ लैब, डिजिटल रेडियोलॉजी यूनिट, और हाई-टेक पैथोलॉजी लैब्स हैं। व्हीलचेयर एक्सेस, आपातकालीन सेवाएं, फार्मेसी और कैफेटेरिया भी मरीजों की सुविधा के लिए उपलब्ध हैं। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम विशेष जुपिटर हॉस्पिटल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक अनुभवी टीम कार्यरत है। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन, गाइनेकोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट प्रमुख हैं। मरीजों के अनुसार, डॉक्टर यहां न केवल विशेषज्ञ हैं, बल्कि सहानुभूति और समर्पण के साथ इलाज करते हैं। मान्यता और गुणवत्ता विशेष जुपिटर हॉस्पिटल, इंदौर न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को देश-विदेश में मान्यता भी प्राप्त है। यह अस्पताल NABH (National Accreditation Board for Hospitals) और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित है, जो इस बात का प्रमाण है कि यहां पर मरीजों को इलाज की सर्वोच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के साथ सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इन मान्यताओं के साथ यह अस्पताल न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि नैतिक और प्रोफेशनल मापदंडों पर भी पूरी तरह खरा उतरता है। साल 2019 में इसे ‘Hospital of the Year’ का प्रतिष्ठित अवार्ड सिंगापुर के Healthcare Asia Awards में प्राप्त हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और सेवा गुणवत्ता का परिचायक है। ये उपलब्धियां इस अस्पताल को न केवल इंदौर या मध्यप्रदेश में, बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करती हैं। यहां इलाज कराना केवल एक मेडिकल प्रोसेस नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और सम्मानजनक अनुभव होता है। ओपीडी समय और संपर्क जानकारी मरीजों का अनुभव हजारों मरीजों ने Vishesh Jupiter Hospital को 4.5/5 की रेटिंग दी है। मरीजों के अनुसार, यहां के डॉक्टर न केवल अनुभवी हैं, बल्कि बहुत ही शांत और समझदार भी हैं। कई मरीजों ने अस्पताल के स्वच्छ वातावरण, कम प्रतीक्षा समय और स्टाफ की सहयोगी प्रवृत्ति की सराहना की है। क्यों चुनें Vishesh Jupiter Hospital? विशेष जुपिटर हॉस्पिटल को इंदौर की सबसे विश्वसनीय स्वास्थ्य संस्थाओं में से एक इसलिए माना जाता है क्योंकि यह एक ही स्थान पर सभी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराता है। चाहे हृदय रोग हो, न्यूरोलॉजी हो, कैंसर या IVF—हर चिकित्सा विभाग में विशेष इलाज की सुविधा है। अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग होता है और इसे NABH जैसी राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संस्थाओं द्वारा प्रमाणित किया गया है, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता सिद्ध होती है। यहां कार्यरत डॉक्टर न केवल अनुभवी हैं, बल्कि पूरा स्टाफ भी पूर्णतः प्रशिक्षित और समर्पित है। इंदौर शहर के केंद्र में स्थित यह अस्पताल आसानी से पहुँचा जा सकता है और इसकी टीम सदैव मरीजों के हित में कार्य करती है, जिससे हर मरीज को विश्वास और सहूलियत मिलती है। यदि आप इंदौर या आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं और एक विश्वसनीय, आधुनिक और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सुविधा की तलाश कर रहे हैं, तो Vishesh Jupiter Hospital एक उत्तम विकल्प है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

कांच मंदिर, इंदौर – कांच में रची आध्यात्मिकता की बेमिसाल रचना

Best Indore Kanch Mandir, Indore, June , 2025

इंदौर, मध्यप्रदेश का दिल, जहां आधुनिकता और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह शहर जहां एक ओर व्यापार और खान-पान के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत भी लोगों को आकर्षित करती है। इसी विरासत में एक अनमोल रत्न है – कांच मंदिर (Kanch Mandir), जो कला, श्रद्धा और वास्तुकला का अद्भुत संगम है। निर्माण और इतिहास कांच मंदिर का निर्माण 20वीं सदी की शुरुआत (1903-1904) में इंदौर के प्रसिद्ध उद्योगपति और समाजसेवी सर सेठ हुकुमचंद जैन द्वारा करवाया गया था। उन्हें ‘Cotton King’ और ‘Diamond King’ के नाम से भी जाना जाता था। उनका उद्देश्य था एक ऐसा मंदिर बनाना जो न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर हो, बल्कि कला और संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी बने। उन्होंने बेल्जियम से आयातित शीशों, चीन से मोज़ेक सामग्री और राजस्थानी कारीगरों की मदद से इस मंदिर का निर्माण करवाया। उस समय इतनी भव्यता और बारीकी से बना यह मंदिर अपनी मिसाल खुद था। मंदिर की खासियत – कांच का जादू जैसा कि नाम से स्पष्ट है, पूरे मंदिर का इंटीरियर कांच और मिरर वर्क से बना हुआ है। मंदिर के अंदर कदम रखते ही एक अलग ही दुनिया में प्रवेश का अनुभव होता है:  कुछ खास बातें: इस तरह की सजावट भारत के अन्य किसी धार्मिक स्थल में देखने को नहीं मिलती, जिससे यह मंदिर वास्तुकला के प्रेमियों के लिए किसी संग्रहालय से कम नहीं। धार्मिक महत्व यह मंदिर दिगंबर जैन संप्रदाय से संबंधित है और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। प्रमुख धार्मिक विशेषताएं: यह स्थान केवल जैन धर्म के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र है। स्थापत्य और कला कला का बेजोड़ संगम:  रात्रि समय का दृश्य: रात में जब मंदिर की सजावट पर कृत्रिम प्रकाश पड़ता है, तो ऐसा लगता है जैसे पूरा मंदिर सितारों से सजा हो। स्थान और पहुंच कांच मंदिर, इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र के इत्तेफाक रोड पर स्थित है। यह राजवाड़ा महल से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर है और इंदौर रेलवे स्टेशन से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है। सरवटे बस स्टैंड से मंदिर तक पहुंचने में केवल 10 से 15 मिनट का समय लगता है। यदि आप पास में हैं तो मंदिर तक पैदल भी आसानी से पहुंचा जा सकता है, या फिर ऑटो व कैब की सुविधा भी उपलब्ध है। खुलने का समय और प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टिकोण जैन मंदिरों की ऊर्जा अत्यंत शुद्ध और सात्त्विक मानी जाती है। कांच मंदिर का दर्शन करने से: पास के अन्य दर्शनीय स्थल  यात्रा सुझाव कांच मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक कला-काव्य है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव देता है, बल्कि हर आने वाले व्यक्ति को अपनी अनोखी भव्यता से चकित करता है। अगर आप इंदौर की यात्रा कर रहे हैं, तो कांच मंदिर आपके सफर का एक अविस्मरणीय हिस्सा बन सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में आने वाली मेट्रो और रिंग रोड से किन इलाकों की प्रॉपर्टी कीमतें बढ़ेंगी?

Indore Property: upcoming metro and ring road in indore

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। इंदौर का बुनियादी ढांचा (infrastructure) अब नई ऊंचाइयों को छूने वाला है। आने वाली इंदौर मेट्रो रेल और रिंग रोड परियोजना शहर की कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदलने जा रही हैं। ये दोनों प्रोजेक्ट सिर्फ यातायात को आसान नहीं बनाएंगे, बल्कि जिन इलाकों से ये गुजरेंगे या पास होंगे, वहाँ की रियल एस्टेट कीमतों में निश्चित रूप से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अगर आप प्रॉपर्टी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि मेट्रो और रिंग रोड किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रभाव डालेंगे। मेट्रो और रिंग रोड: इंदौर की प्रगति के दो इंजन इंदौर मेट्रो की पहली लाइन सुपर कॉरिडोर से भंवरकुआं होते हुए रेलवे स्टेशन तक जाएगी, जिसमें विजय नगर, पलासिया, राजवाड़ा और रेलवे स्टेशन प्रमुख स्टॉप होंगे।वहीं रिंग रोड शहर के चारों ओर एक गोलाकार रूट बनाकर ट्रैफिक को व्यवस्थित करेगा और बाहरी क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ेगा। ये दोनों योजनाएं प्रॉपर्टी मार्केट के लिए गेम चेंजर साबित होंगी। सुपर कॉरिडोर – सबसे तेज़ वृद्धि की संभावना मेट्रो की शुरुआत सुपर कॉरिडोर से ही हो रही है। TCS, Infosys जैसी कंपनियों की मौजूदगी पहले ही इस क्षेत्र को आकर्षक बना चुकी है। मेट्रो के आने से यहाँ की प्रॉपर्टी की कीमतें तेज़ी से बढ़ेंगी। निवेश लाभ: विजय नगर और MR 10 रोड विजय नगर शहर का एक प्रमुख व्यापारिक और आवासीय क्षेत्र है। मेट्रो और रिंग रोड दोनों की पहुँच के कारण यहां का रियल एस्टेट और भी मजबूत होगा। MR10 रोड, जो पहले ही कॉर्पोरेट हब बन रहा है, अब मेट्रो और रिंग रोड के कारण प्रीमियम ज़ोन में बदल सकता है। भंवरकुआं और रेवती रेंज क्षेत्र यह क्षेत्र एजुकेशनल हब होने के साथ ही अब मेट्रो के कारण और भी अहम हो जाएगा। स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और निवेशकों के लिए यह लोकेशन आने वाले समय में उच्च रिटर्न दे सकती है। बायपास रोड – रिंग रोड का प्रभावी हिस्सा बायपास रोड रिंग रोड से सीधा जुड़ता है, जिससे यह क्षेत्र भारी ट्रैफिक से बचते हुए, तेजी से विकसित हो रहा है। मेट्रो और रिंग रोड की कनेक्टिविटी इसे और आकर्षक बनाएगी। तेजाजी नगर, कैम्पस और स्कीम 140 क्षेत्र रिंग रोड से जुड़े ये क्षेत्र अब तक कम डिवेलप थे, लेकिन मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी की वजह से यहां लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करने का यह सही समय है। स्कीम 140 की प्लानिंग और सरकारी सुविधाएं इसे एक नई हाउसिंग डेस्टिनेशन बनाएंगी। इन इलाकों की कीमतें बढ़ेंगी तेज़ी से: क्षेत्र प्रोजेक्ट लाभ मूल्य वृद्धि की संभावना सुपर कॉरिडोर मेट्रो, IT कंपनियाँ, एयरपोर्ट बहुत अधिक विजय नगर मेट्रो, कमर्शियल हब अधिक MR10 रोड मेट्रो, ऑफिस स्पेस डिमांड अधिक भंवरकुआं मेट्रो, एजुकेशनल ज़ोन मध्यम से उच्च रिंग रोड क्षेत्र ट्रैफिक डाइवर्जन, कनेक्टिविटी बहुत अधिक तेजाजी नगर/स्कीम 140 भविष्य की हाउसिंग प्लानिंग उच्च निवेश के लिए क्यों सही समय है? इंदौर मेट्रो और रिंग रोड प्रोजेक्ट्स न केवल शहर की लाइफलाइन बनेंगे, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर साबित होंगे। यदि आप सोच-समझकर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो आने वाले 3–5 वर्षों में आपके निवेश का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact:  9039 636 706  |  8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish

दृष्टि आईएएस की इंदौर में शाखा – मध्य भारत के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए दृष्टि आईएएस एक प्रतिष्ठित और भरोसेमंद नाम बन चुका है। अब यह संस्था इंदौर में अपनी एक नई शाखा के माध्यम से मध्य भारत के छात्रों के बीच पहुंच बना रही है। यह विस्तार दृष्टि के शैक्षणिक दर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है, साथ ही उन छात्रों को सशक्त करता है जो दिल्ली या अन्य महानगरों तक नहीं पहुंच पाते। इंदौर मध्य प्रदेश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहाँ IIT, IIM, DAVV जैसे संस्थान पहले से मौजूद हैं। अब दृष्टि आईएएस की उपस्थिति इस शहर की शैक्षणिक पहचान को और मजबूत बनाएगी। इंदौर की संस्कृति, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण इसे UPSC और MPPSC जैसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयुक्त स्थान बनाता है। दृष्टि की इंदौर शाखा छात्रों को वही गुणवत्ता, वही पाठ्यक्रम और वही मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगी जो दिल्ली में मिलता है। यहाँ की विशेषताओं में दिल्ली स्तर की अनुभवी फैकल्टी, पर्सनल मेंटरशिप, हिंदी माध्यम पर विशेष ध्यान और हाइब्रिड क्लासेस (ऑनलाइन + ऑफलाइन) शामिल हैं। साथ ही, नियमित टेस्ट सीरीज़ और उत्तर मूल्यांकन की सुविधा भी छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही है। इस शाखा के माध्यम से अब छात्रों को अपने घर के पास ही उच्च गुणवत्ता की कोचिंग मिल रही है। इससे न केवल खर्च में कमी आएगी, बल्कि विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ रहकर मानसिक रूप से भी अधिक संतुलित रह सकेंगे। साथ ही, राज्य सेवा (MPPSC) की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए स्थानीय दृष्टिकोण के साथ समर्पित मार्गदर्शन भी उपलब्ध रहेगा। इंदौर शाखा में UPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार की संपूर्ण तैयारी करवाई जाएगी। उत्तर लेखन कार्यशाला, निबंध प्रशिक्षण, करेंट अफेयर्स विश्लेषण जैसे सभी आवश्यक पहलुओं को विशेष रूप से कवर किया जाएगा। वहीं, MPPSC और अन्य राज्य सेवा परीक्षाओं के लिए भी दृष्टि विशेष बैच चला रही है। दृष्टि का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं है, बल्कि छात्रों में सोचने की शक्ति, गहराई से विश्लेषण करने की क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना है। इंदौर शाखा इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। यदि आप इंदौर या उसके आसपास रहते हैं और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की योजना बना रहे हैं, तो यह शाखा आपके लिए एक उत्तम विकल्प हो सकती है। दिल्ली जैसे मार्गदर्शन की सुविधा अब आपके अपने शहर में उपलब्ध है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

संपत्ति कर वसूली में इंदौर नगर निगम हुआ सख्त: ₹50 हजार से अधिक बकाया

Best Indore News: Indore Municipal Corporation

Best Indore News: नगर निगम ने शहर में राजस्व संग्रहण की गति को तेज करने के लिए संपत्ति कर के बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। खासतौर पर ₹50 हजार से अधिक बकाया रखने वाले संपत्ति मालिक अब नगर निगम के रडार पर आ चुके हैं। निगम के राजस्व विभाग ने इस संबंध में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत शहरभर में ऐसे बकायेदारों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध नोटिस जारी कर वसूली प्रक्रिया को गति दी जा रही है। राजस्व लक्ष्य को लेकर बढ़ी सक्रियता इंदौर नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025 के लिए संपत्ति कर से बड़े स्तर पर आय जुटाने का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए राजस्व विभाग ने बकाया करदाताओं की सूची तैयार की है, जिन पर ₹50 हजार या उससे अधिक का टैक्स बाकी है। निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बकाया राशि की वसूली में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जो भी व्यक्ति तय समय सीमा के भीतर बकाया राशि नहीं चुकाएगा, उसकी संपत्ति सील करने से लेकर कुर्की तक की कार्रवाई की जाएगी। मैन्युअल और डिजिटल डाटा का मिलान राजस्व विभाग ने विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से बकाया करदाताओं की पूरी सूची तैयार की है। इसके अलावा क्षेत्रीय अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बकाया करदाताओं का भौतिक सत्यापन करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें। विभाग ने बकाया करदाताओं को चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित अवधि में कर का भुगतान नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बढ़ते बकायों पर चिंता नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में ऐसे हजारों संपत्ति करदाता हैं, जिन पर हजारों-लाखों रुपये तक का बकाया है। इनमें कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने वर्षों से कर जमा नहीं किया। इस वजह से नगर निगम की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है, और विकास कार्यों के लिए फंड की कमी हो रही है। इसे देखते हुए निगम ने यह निर्णय लिया है कि वह अब विशेष वसूली अभियान चलाकर बड़े बकायेदारों को भुगतान के लिए बाध्य करेगा। नोटिस वितरण शुरू राजस्व अधिकारियों ने पहले चरण में 500 से अधिक बकायेदारों को नोटिस थमा दिए हैं। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि वे आगामी 7 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करते हैं, तो उनकी संपत्ति को सील कर दिया जाएगा या संपत्ति कर अधिनियम के अंतर्गत कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी बताया कि नियमित करदाताओं को प्रोत्साहन के तौर पर छूट भी दी जाएगी। जनता से अपील इंदौर नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने लंबित कर समय पर चुकाएं ताकि शहर के विकास कार्यों में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग स्वेच्छा से आकर कर का भुगतान करेंगे, उन्हें जुर्माने और ब्याज में कुछ राहत दी जा सकती है, लेकिन जानबूझकर चूक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इंदौर नगर निगम की यह मुहिम साफ संकेत देती है कि अब समय पर कर न चुकाने वाले संपत्ति मालिकों के लिए राहत की गुंजाइश नहीं रहेगी। इससे न केवल राजस्व संग्रहण बढ़ेगा बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। जनता को भी यह समझना होगा कि कर देना न केवल एक कानूनी दायित्व है, बल्कि यह शहर के विकास में उनकी भागीदारी भी दर्शाता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में कार रेंटल फ्रॉड का पर्दाफाश: Zoom App से कार किराए पर लेकर बेचते थे

Indore News: Car rental fraud exposed in Indore:

Best Indore News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला कार रेंटल फ्रॉड सामने आया है, जिसमें दो आरोपियों ने Zoom App जैसे कार रेंटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए कारों को किराए पर बुक किया और फिर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते दामों में बेच दिया। परदेशीपुरा पुलिस ने इस मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। फरियादी की सतर्कता से हुआ खुलासा इंदौर में कार रेंटल फ्रॉड का पर्दाफाश: Zoom App से कार किराए पर लेकर बेचते थे स जालसाजी का भंडाफोड़ तब हुआ जब भवन सक्सेना नामक एक नागरिक ने अपनी कार के रेंटल पीरियड को बार-बार बढ़ाने की संदिग्ध मांग पर संदेह जताया। उन्होंने जब Zoom App से अपनी कार को बुक कराने वाले व्यक्ति से संपर्क किया, तो जवाब संतोषजनक नहीं मिला। उन्हें शक हुआ कि कहीं उनकी कार का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तुरंत परदेशीपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की तफ्तीश में निकली चौंकाने वाली जानकारी शिकायत मिलते ही पुलिस ने डिजिटल ट्रेसिंग और गाड़ी की लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की। जांच में सामने आया कि जिन लोगों ने कार किराए पर ली थी, वे महज उपयोग के लिए नहीं बल्कि उसे ग्रामीण क्षेत्रों में बेचने के मकसद से बुक कर रहे थे। आरोपी अब तक लगभग 10 से अधिक कारें इस तरह बेच चुके थे। Zoom App से गाड़ियों की बुकिंग और फिर ग़ायब पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी Zoom जैसी प्रतिष्ठित रेंटल कंपनियों के ऐप्स से फर्जी डॉक्युमेंट्स के सहारे गाड़ियों को बुक करते थे। वे कार लेकर बड़े शहरों से दूर, छोटे कस्बों और गांवों में चले जाते, जहां वाहन के असली मालिक की जांच करने वाला कोई नहीं होता। यहां वे कम दामों पर अनजान ग्रामीणों को ये गाड़ियाँ बेच देते थे। कार बेचने की तरकीब आरोपियों ने ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बना रखी थी और वहां पहले से कुछ ‘बिचौलियों’ से संपर्क कर रखा था। वे वहां की भोली-भाली जनता को ये कहकर गाड़ियाँ बेचते थे कि यह बैंक से नीलामी में मिली है या मालिक विदेश जा रहा है। इस तरह वे एक नई गाड़ी को भी कम कीमत पर बेच देते थे और जल्द पैसा कमा लेते थे। दो आरोपी गिरफ्तार, गिरोह में और लोगों की तलाश पुलिस ने फिलहाल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके नाम गोपनीय रखे गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में इस रैकेट में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है, विशेषकर वे लोग जो ग्रामीण इलाकों में कारें खरीदते और बेचते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही इस फ्रॉड रैकेट के मास्टरमाइंड को भी पकड़ा जाएगा। क्या बोले पुलिस अधिकारी? परदेशीपुरा थाना प्रभारी ने कहा – “यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है। आरोपियों ने तकनीक का इस्तेमाल करके कारों को किराए पर लिया और फिर उन्हें बेचने की योजना बनाई। फरियादी की सतर्कता और समय पर रिपोर्टिंग से हम इस फ्रॉड का जल्दी खुलासा कर सके।” Zoom App जैसी सेवाओं के लिए चेतावनी इस घटना के बाद ऑनलाइन रेंटल प्लेटफॉर्म्स को भी सजग रहने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कंपनियों से अपील की है कि वे बुकिंग के लिए यूज़ किए जा रहे दस्तावेजों की दोबारा जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करें। आम जनता के लिए सबक यह मामला आम नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी है कि जब भी आप अपनी कार रेंट पर दें या किसी भी प्रकार की संपत्ति को किराए पर दें, तो सभी दस्तावेजों और उपयोग की निगरानी करें। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय आवश्यक सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। इंदौर पुलिस की तेज़ कार्यवाही ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस घटना से यह स्पष्ट है कि टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करके भी फ्रॉड संभव है, लेकिन समय पर सतर्कता और सही कदम उठाकर इससे बचा जा सकता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नागरिकों, प्लेटफॉर्म्स और प्रशासन – सभी को मिलकर काम करना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर के उर्दू स्कूलों में हिंदी-संस्कृत शिक्षकों की तैनाती बनी शिक्षा में बाधा

Best Indore News: मध्य प्रदेश की शैक्षणिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। शहर के कई शासकीय उर्दू स्कूलों में हिंदी और संस्कृत विषय के शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है, जबकि इन स्कूलों में सभी विषय उर्दू भाषा में पढ़ाए जाते हैं। नतीजा यह हो रहा है कि जिन छात्रों को उर्दू माध्यम में पढ़ाई करनी थी, वे या तो विषय के शिक्षक के अभाव में पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं या फिर उन्हें ऐसे विषय पढ़ाए जा रहे हैं जिनका उनके सिलेबस से कोई संबंध नहीं है। नियुक्ति में हो रहा है रसूख का दुरुपयोग मध्य प्रदेश स्थानीय सूत्रों और अभिभावकों की शिकायतों के अनुसार, कई हिंदी और संस्कृत विषय के शिक्षक अपने रसूख का उपयोग कर उर्दू माध्यम के स्कूलों में पदस्थापना ले लेते हैं। यहाँ आने के बाद वे जानते हैं कि उन्हें पढ़ाने की बाध्यता नहीं है, क्योंकि स्कूल की भाषा, पाठ्यक्रम और छात्रों की जरूरत उनके विषय से मेल नहीं खाती। परिणामस्वरूप, वे दिनभर विद्यालय में आराम करते हैं और समय पूरा होते ही घर चले जाते हैं। छात्रों के भविष्य पर असर इन स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। उर्दू माध्यम ही उनकी पढ़ाई का एकमात्र सहारा है। लेकिन जब उनके लिए निर्धारित विषयों के शिक्षक ही नहीं मिलते, तो शिक्षा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होती है। कई छात्र समझ ही नहीं पाते कि उन्हें हिंदी और संस्कृत पढ़ाई क्यों जा रही है, जबकि बोर्ड परीक्षा में उनकी भाषा उर्दू है। स्कूल प्रशासन मौन, शिक्षा विभाग भी उदासीन शहर के कुछ उर्दू स्कूलों के प्राचार्यों ने इस स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग से लिखित शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। कुछ स्कूलों ने इस समस्या को लेकर नगरीय प्रशासन एवं शिक्षा मंत्री तक बात पहुँचाने का प्रयास किया है, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। एक वरिष्ठ शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह सिस्टम की खामी है। शिक्षक तबादला लेकर उर्दू स्कूल में इसलिए आते हैं क्योंकि यहाँ अपेक्षाकृत कम कार्यभार है। लेकिन इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है।” कई स्कूल जहां हिंदी माध्यम के शिक्षकों की कमी इंदौर के विजय नगर, बाणगंगा आदि क्षेत्र में कई ऐसे शासकीय स्कूल हैं, जहां शिक्षकों की कमी है। बावजूद इसके उर्दू स्कूलों में आराम कर रहे शिक्षकों को पढ़ाने के लिए यहां नहीं भेजा जा रहा है। कई बार हो चुकी शिकायत उर्दू स्कूलों में हिंदी और संस्कृत माध्यम के शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में पालक संघ ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को कई बार शिकायत की है। विद्यार्थी भी अपने स्तर पर स्कूलों के प्राचार्य समस्या बता चुके हैं। फिर भी निराकरण नहीं हुआ है। विद्यार्थियों ने बताया कि उर्दू स्कूलों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान ऐसे विषय भी उर्दू में पढ़ाए जाते हैं। इस कारण हिंदी भाषा के शिक्षक नहीं पढ़ा पा रहे हैं। समाधान की मांग अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और उर्दू भाषा से जुड़े शिक्षाविदों ने सरकार से मांग की है कि: इंदौर जैसे शिक्षित शहर में उर्दू माध्यम के छात्रों को उनके अधिकारों से वंचित किया जाना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह शिक्षा की समावेशी नीति पर भी सवाल खड़े करता है। यदि सरकार और शिक्षा विभाग ने जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो यह उर्दू स्कूलों के भविष्य और वहाँ पढ़ रहे हजारों छात्रों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

CM मोहन यादव की खुली चुनौती: दम है तो मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के समर्थन में हलफनामा दे कांग्रेस

MP News:Open challenge of CM Mohan Yadav:

MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए एक खुली चुनौती दी है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि अगर उनमें दम है, तो वे इस मामले में अदालत में जाकर साफ-साफ हलफनामा दायर करें और बताएँ कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के समर्थन में हैं या नहीं। मध्यप्रदेश: यह बयान उस समय आया जब देश में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों पर राजनीतिक और सामाजिक बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। राम जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ के बाद अब मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामला भी न्यायालय में लंबित है और इस पर विभिन्न पक्षों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा, “अब समय आ गया है कि कांग्रेस को अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। अगर दम है तो कांग्रेस मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समर्थन में अदालत में हलफनामा दे। केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं चल सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सनातन आस्था और धर्म को लेकर लोगों की भावनाएं बहुत प्रबल हैं। राम मंदिर का निर्माण जनभावना की जीत का प्रतीक है और अब यही भावना मथुरा में भी जागृत हो रही है। कानूनी पृष्ठभूमि: क्या है मथुरा विवाद? मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच भूमि को लेकर विवाद दशकों पुराना है। हिंदू पक्ष का कहना है कि यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थल है और मुग़ल काल में एक मंदिर को तोड़कर वहाँ मस्जिद बनाई गई। हालांकि, 1968 में एक समझौता हुआ था जिसमें दोनों धार्मिक संस्थानों के बीच सीमांकन किया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में कई याचिकाएँ दाखिल की गई हैं, जिनमें इस समझौते को अवैध और असंवैधानिक बताया गया है। यह मामला अब मथुरा की अदालत में विचाराधीन है। भाजपा की रणनीति या आस्था का समर्थन? मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी रणनीति के तहत फिर से उभारने की कोशिश कर रही है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि, “यह आस्था का विषय है, न कि चुनावी मुद्दा। भगवान श्रीकृष्ण केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक चरित्र नहीं हैं, वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के केंद्र में हैं।” कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कांग्रेस आज तक मथुरा और काशी जैसे धार्मिक मामलों पर दोगली नीति अपनाती आई है। जब-जब सनातन धर्म से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, कांग्रेस या तो चुप्पी साध लेती है या अप्रत्यक्ष रूप से विपक्षी रुख अख्तियार करती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कांग्रेस वास्तव में धर्मनिरपेक्ष है और सभी धर्मों का सम्मान करती है, तो उसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मसले पर खुलकर समर्थन करना चाहिए विपक्ष की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है। उनके अनुसार, इस तरह के मुद्दों को उठाकर जनता के वास्तविक मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। क्या बोले धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि? विष्णु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य रामेश्वर शास्त्री ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि, “यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। समय आ गया है कि मथुरा की धरती पर भी श्रीकृष्ण मंदिर पुनः भव्य स्वरूप में स्थापित हो।” वहीं मुस्लिम संगठनों की तरफ से संयमित प्रतिक्रिया आई है, जिनका कहना है कि न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि होगा और सभी पक्षों को उसे स्वीकार करना चाहिए। आने वाले चुनावों पर असर? राजनीतिक पंडितों का मानना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दा उत्तर भारत के राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एक बार फिर धार्मिक भावनाओं को उद्वेलित करने का माध्यम बन सकता है। यह मुद्दा धार्मिक आस्था और राजनीतिक रणनीति का एक मिश्रण बन गया है, जिसमें हर पार्टी अपनी भूमिका तय करने की कोशिश में लगी हुई है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कांग्रेस को दिया गया यह खुला चैलेंज केवल एक बयान नहीं बल्कि आने वाले राजनीतिक और सामाजिक विमर्श की दिशा को दर्शाने वाला संकेत है। मथुरा जैसे आस्था से जुड़े मुद्दे देश की न्यायिक प्रणाली से लेकर जनभावनाओं तक व्यापक असर डालते हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस चुनौती को स्वीकार कर कोर्ट में हलफनामा देती है या नहीं, और इससे आने वाले चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर की युवा महिला क्रिकेटरों की सफलता

Indore Sport News: women cricketers of Indore

Indore Sport News: इंदौर, मध्य प्रदेश की उभरती हुई क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ और शुचि उपाध्याय को इंग्लैंड के खिलाफ 28 जून से 22 जुलाई तक होने वाली आगामी टी20 और एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय महिला टीम में शामिल किया गया है। यह चयन शुचि के दूसरे राष्ट्रीय कॉल-अप और क्रांति के लिए जारी रन को चिह्नित करता है, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। 22 वर्षीय क्रांति गौड़ छतरपुर जिले के घौरहा गांव की रहने वाली हैं। एक होनहार तेज गेंदबाज, वह महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2024 के दौरान नेट गेंदबाज थीं और डब्ल्यूपीएल 2025 के लिए प्रमुख चयनों में से एक हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के लिए विभिन्न आयु वर्गों में अपने लगातार प्रदर्शन के लिए जानी जाने वाली क्रांति ने इस महीने की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, उन्होंने कहा, “श्रीलंका के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का क्षण था। इंग्लैंड दौरे के लिए फिर से चुना जाना सम्मान की बात है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने और इस अवसर का पूरा लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मेरे साथियों, कोचों और एमपीसीए से मुझे अविश्वसनीय समर्थन मिला है।” स्टार खिलाड़ी जो बन गईं मिसाल आस्था चौरसिया (इंदौर): राज्य की सबसे तेज़ उभरती गेंदबाजों में से एक। उन्होंने पिछले साल अंडर-19 टूर्नामेंट में 5 विकेट लेकर सभी को चौंका दिया। अब वह नेशनल टीम के लिए तैयार की जा रही हैं। समाज और सरकार से मिल रहा सहयोग राज्य सरकार और खेल मंत्रालय ने भी महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। खेलो इंडिया, मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना और बालिका स्पोर्ट्स मिशन जैसे प्रोग्राम्स ने ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई है। चुनौतियां भी कम नहीं इंदौर की युवा महिला क्रिकेटरों की सफलता शुरुआत में उन्हें गेंद निकालने में मदद करने के बाद, उन्हें जल्द ही टेनिस बॉल मैच में उनकी टीम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्हें सफलता तब मिली जब उन्होंने लेदर बॉल गेम में एक घायल खिलाड़ी की जगह ली, जिसके कारण उन्हें जिला ट्रायल और अंततः राज्य टीम के लिए चुना गया। भारतीय टीम में उनके साथ मंडला की 19 वर्षीय शुचि उपाध्याय भी शामिल हैं, जिन्हें श्रीलंका सीरीज़ के लिए टीम का हिस्सा बनने के बाद दूसरी बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। हालाँकि उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला, लेकिन शुचि इंग्लैंड दौरे में अपनी छाप छोड़ने के लिए दृढ़ हैं। शुचि ने कहा, “पहली बार भारतीय टीम के साथ होना एक शानदार अनुभव था। मैंने सीनियर्स से बहुत कुछ सीखा। अब मेरा लक्ष्य इंग्लैंड दौरे के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और आत्मविश्वास से भरा रहना है।” शुचि की यात्रा मंडला के नवघाट में रामलीला मैदान की धूल भरी पिचों पर शुरू हुई, जहाँ उन्होंने लड़कियों के लिए सुविधाओं की कमी के कारण लड़कों के साथ गली क्रिकेट खेला। बाद में उन्होंने मेकल क्रिकेट अकादमी में औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और जल्द ही एक बेहतरीन स्पिनर के रूप में उभरीं, यहाँ तक कि पुरुषों के टूर्नामेंट में भी भाग लिया। एमपीसीए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोनों खिलाड़ियों के चयन की खबर साझा की और दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। एमपीसीए की संयुक्त सचिव सिद्धयानी पाटनी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “यह उपलब्धि हमारी कड़ी मेहनत और शीर्ष स्तरीय प्रशिक्षण सत्रों का परिणाम है, जो हम महिला और पुरुष दोनों टीमों के लिए एक साथ आयोजित कर रहे हैं। एमपी की महिला क्रिकेटर पिछले तीन सालों से देश की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रही हैं और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भी इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। निरंतर प्रदर्शन के साथ, इन लड़कियों में महान ऊंचाइयों को छूने की क्षमता है।” इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

FSSAI – अब खाद्य पैकिंग पर नहीं दिखेगा 100% शुद्धता का दावा

Best Indore News: 100% purity will not be visible on food packaging

Best Indore News: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर 100 प्रतिशत के चिह्न का उपयोग करने पर रोक लगा दी है। एफएसएसएआई का मानना है कि इससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। यह निर्देश सभी तरह के खाद्य पदार्थों पर लागू होगा और पुरानी पैकिंग को सितंबर माह तक बाजार से हटा लिया जाएगा। किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ की पैकिंग पर अब 100 प्रतिशत के चिह्न का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस पर रोक लगा दी है। प्राधिकरण ने माना है कि 100 प्रतिशत के दावे और निशान से उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं। पहले प्राधिकरण ने सिर्फ पैक्ड फलों के रस को लेकर ऐसे निर्देश दिए थे लेकिन अब सभी तरह के खाद्य पदार्थों को इसके दायरे में लिया गया है। इसमें इंटरनेट मीडिया इंफ्लूएंसरों की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। हालांकि उद्योगों का धड़ा इस नियम पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है। सभी को जारी किए निर्देश बीते दिनों एफएसएसएआई ने सभी खाद्य पदार्थ निर्माताओं के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि खाद्य उत्पाद लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर 100 प्रतिशत शब्द का उपयोग न किया जाए। इसके साथ ही ऐसे शब्द या चिह्न वाली पुरानी पैकिंग भी सितंबर माह तक बाजार से हटा ली जाए। इस आदेश के पीछे कारण बताते हुए एफएसएसएआई ने माना कि नियामक प्रविधानों तहत इसमें अस्पष्टता है, ऐसे में इसकी गलत व्याख्या उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है। खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2018 में 100 प्रतिशत शब्द को किसी भी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है। ऐसे में यह शब्द उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। इस बीच देश में खाद्य तेल उत्पादकों की शीर्ष संस्था साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) ने एफएसएसएआई को ज्ञापन सौंप कर मांग रखी है कि जारी निर्देश पर पुनर्विचार किया जाए। नियमों में ही मिलावट की छूट दरअसल, देश के खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय में ही तमाम खाद्य पदार्थों में सम्मिश्रण या तय पैमानों तक सम्मिश्रण की छूट दे रखी है। जैसे किसी खाद्य वस्तु चाहे बिस्किट हो या घी-तेल से बना कोई पदार्थ या कुकिंग मीडियम, यदि उसमें दो प्रतिशत तक ट्रांसफेट है तो उसे नियमों में ट्रांसफेट फ्री माना जाएगा। इसी तरह खाद्य तेलों में 20 प्रतिशत तक ब्लेंडिंग (मिश्रण) की छूट सरकार ने ही दे रखी है, यानी एक तेल में दूसरे तेल की 20 प्रतिशत तक मिलावट की जा सकती है। सिर्फ सरसों तेल में किसी अन्य तेल की ब्लेंडिंग पर रोक है। काफी पावडर भी उदाहरण है क्योंकि देश के खाद्य सुरक्षा नियम छूट देते हैं कि इंस्टेंट काफी पावडर में चिकोरी के पौधों का पावडर मिलाया जा सकता है। तमाम इंस्टेंट काफी पावडर में 49 प्रतिशत तक चिकोरी की ब्लेंडिंग की छूट दी गई है। इसी तरह मक्खन के विकल्प के तौर पर बटरिन या माजरिन जैसे पदार्थ बाजार में बिक रहे हैं। किसी पदार्थ के 100 ग्राम या 100 मिली में 0.59 ग्राम शुगर है तो उसे शुगर फ्री माना जाने की इजाजत नियम देते हैं। ऐसे में ऐसे तमाम उत्पादों पर 100 प्रतिशत का मार्का उपयोग किए जाने पर भी इससे पहले तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती थी। क्या कहती हैं मौजूदा नियमावली? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2018 में 100 प्रतिशत शब्द की कोई परिभाषा नहीं है। जबकि नियम कई उत्पादों में सीमित मात्रा में मिलावट की छूट पहले से ही देते हैं: इन स्थितियों में “100 प्रतिशत” का दावा प्रैक्टिकली गलत साबित होता है। एफएसएसएआई का यह कदम खाद्य उत्पादों में गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को जहां इस निर्णय से लाभ मिलेगा, वहीं उद्योग जगत को अपनी ब्रांडिंग रणनीतियों पर नए सिरे से काम करना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।