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इंदौर: कैंटीन-किचन में गड़बड़ी, फूड सेफ्टी का छापा

Best Indore NewsIndore: Irregularities in canteen and kitchen

दो दिन चला अभियान, कई संस्थानों में मिली गड़बड़ियां

Best Indore News: इंदौर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के स्कूलों, कॉलेजों और होस्टलों में दो दिनों तक चले विशेष फूड सेफ्टी अभियान में 63 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इस दौरान कैंटीन, मेस, हॉस्टल किचन और स्टॉल की जांच की गई, जहां कई जगह सफाई में लापरवाही, दस्तावेजों की कमी और खाद्य नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।

अब प्रशासन गंदगी और अव्यवस्थाओं पर नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

किसका किया गया निरीक्षण?

इंदौर फूड सेफ्टी विभाग ने जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से यह अभियान चलाया, जिसमें प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया:

  • सरकारी और निजी स्कूल
  • विश्वविद्यालय और निजी कॉलेज
  • छात्रावास और हॉस्टल
  • कैंटीन व कैंपस फूड स्टॉल

“छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए नियमित निरीक्षण अब लगातार किया जाएगा।”
– जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, इंदौर

अभियान के मुख्य आंकड़े

निरीक्षण क्षेत्रलिए गए सैंपलगड़बड़ी वाले स्थल
स्कूल कैंटीन227
कॉलेज कैंटीन व स्टॉल185
हॉस्टल किचन239
कुल6321 से अधिक

जांच के दौरान कई कैंटीनों में खराब तेल, खुले खाद्य पदार्थ, स्टोरिंग में गंदगी, और स्टाफ के पास लाइसेंस या हेल्थ कार्ड नहीं थे।

किस तरह की गड़बड़ियां मिलीं?

  • साफ-सफाई में लापरवाही:
    कई किचन और खाने की जगहों पर गंदे बर्तनों, खुले कूड़ेदानों और नमी वाले फर्श मिले।
  • बिना दस्तावेज संचालन:
    कुछ हॉस्टलों और कैंटीनों में FSSAI लाइसेंस नहीं मिला। कई स्टाफ सदस्यों के पास हेल्थ सर्टिफिकेट भी नहीं था।
  • बासी और खुले खाद्य पदार्थ:
    कुछ स्थानों पर खुले में रखे खाद्य आइटम, एक्सपायरी डेट पार सामग्री और तेल के कई बार प्रयोग की शिकायत मिली।
  • रसोई में हाइजीन की कमी:
    कई जगह बाथरूम के पास किचन बना मिला, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।

आगे की कार्रवाई: नोटिस और जुर्माना

जिन स्थानों पर गड़बड़ियां मिली हैं, उन्हें 7 दिन के भीतर सुधार के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुए, तो:

  • ₹2000 से ₹2 लाख तक का जुर्माना
  • अस्थायी रूप से कैंटीन/किचन बंद करने का आदेश
  • FSSAI रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है

“फूड सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा। जिन संस्थानों में गड़बड़ी मिलेगी, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
– मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

बच्चों की सेहत से जुड़ा है मामला

शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे और युवा कई बार कैंटीन या हॉस्टल का खाना नियमित रूप से खाते हैं। यदि भोजन की गुणवत्ता खराब हो, तो यह खाद्य जनित बीमारियों, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है, इस तरह के फूड सेफ्टी अभियान का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में छात्र स्वास्थ्य संकट से बच सकें।

सरकार की दिशा और प्रयास

मध्यप्रदेश शासन और इंदौर जिला प्रशासन ने इस अभियान को “स्वस्थ भारत – स्वस्थ छात्र” पहल के तहत शुरू किया है। आने वाले समय में:

  • हर महीने 100 संस्थानों की जांच
  • सभी फूड ऑपरेटर्स को FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
  • किचन स्टाफ के लिए हाइजीन ट्रेनिंग सेशन
  • ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की सुविधा

अभिभावकों की प्रतिक्रिया

“हम अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए हॉस्टल में भेजते हैं, लेकिन खाने की गुणवत्ता से डरते हैं। ऐसे अभियान से कम से कम प्रशासन सतर्क रहेगा।”
– रचना शर्मा, अभिभावक, इंदौर

“कैंटीन वाले कम कीमत में खाना देते हैं, लेकिन सफाई का ध्यान नहीं रखते। हम तो मजबूरी में खाते हैं।”
– छात्र, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज

इंदौर में फूड सेफ्टी अभियान के अंतर्गत जो गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, वह सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी हैं। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को हल्के में लेना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं।

जिला प्रशासन की यह मुहिम स्वागत योग्य है और यदि इसे नियमित, सख्त और पारदर्शी रूप में जारी रखा जाए, तो छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है।

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

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