Top 1 Astrologer in Indore

इंदौर–देवास जाम केस में NHAI ने बदला वकील: हाईकोर्ट में अनीता शर्मा के बयान पर मचा था बवाल

Best Indore NewsNHAI changed the lawyer in Indore-Dewas jam case

पृष्ठभूमि: इंदौर–देवास हाईवे बना जाम का पर्याय Best Indore News मध्यप्रदेश के दो प्रमुख शहरों – इंदौर और देवास – को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) बीते कुछ समय से भारी जाम और यातायात अव्यवस्था के लिए चर्चा में है। रोज़ाना हज़ारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन निर्माण कार्य, खराब प्लानिंग और सुस्त प्रबंधन के चलते ये सड़क एक यात्री-कष्ट मार्ग बनती जा रही है। इंदौर इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी, जिसमें NHAI (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से जवाब मांगा गया। लेकिन जवाब देने गईं अधिवक्ता अनीता शर्मा का एक विवादित बयान सबके लिए चौंकाने वाला रहा। हाईकोर्ट में उठे सवाल, अधिवक्ता के बयान से मचा विवाद हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान जब NHAI की ओर से अधिवक्ता अनीता शर्मा पेश हुईं तो उन्होंने कहा: “लोग बिना कारण के इतनी जल्दी क्यों निकलते हैं? ट्रैफिक जाम तो कभी भी हो सकता है। हर बार एनएचएआई को ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं।” उनके इस बयान से कोर्ट रूम में न केवल असहमति की लहर दौड़ी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोग गुस्से में आ गए। नागरिकों ने कहा कि यह बयान आम जनता के संवेदनशील मुद्दे के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। NHAI ने अधिवक्ता को हटाया, नया वकील किया नियुक्त बयान पर विवाद बढ़ने के बाद, NHAI ने तत्काल प्रभाव से अनीता शर्मा को केस से हटा दिया और एक नए वकील की नियुक्ति की पुष्टि की। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा: “हम आम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हैं। हमारी मंशा कभी भी किसी की परेशानी को अनदेखा करना नहीं है। बयान दुर्भाग्यपूर्ण था, इसलिए हमने वकील बदलने का फैसला किया है।” अब इस केस की अगली सुनवाई में एक नया अधिवक्ता पेश होगा, जो NHAI की ओर से हाईकोर्ट में पक्ष रखेगा। इंदौर–देवास हाईवे की समस्या क्या है? इन कारणों से अक्सर हाईवे पर 5–7 किमी लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। जनता की पीड़ा देवास निवासी राजीव तिवारी कहते हैं: “ऑफिस के लिए हर दिन 8 बजे निकलता हूँ, फिर भी जाम में फंस कर 10:30 तक पहुंचता हूँ। NHAI को जवाबदेह बनाना जरूरी है।” इंदौर की नेहा ठाकुर बताती हैं: “मेरी बेटी की स्कूल बस भी जाम में फंसती है। बारिश के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं। हमें लगता है सरकार सुन ही नहीं रही।” हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी हाईकोर्ट ने भी इस मामले में NHAI को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त टिप्पणी की थी कि: “जनता के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है। सड़क निर्माण जनता के लिए हो रहा है, न कि जनता के विरोध में।” कोर्ट ने NHAI से कहा है कि वह एक विस्तृत कार्य योजना पेश करे जिसमें बताए कि ट्रैफिक नियंत्रण और निर्माण कार्य एक साथ कैसे चलेंगे। आगे की कार्रवाई सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दीं: इंदौर–देवास हाईवे का मामला अब सिर्फ जाम या असुविधा का नहीं रहा, यह जनता की गरिमा और शासन की जवाबदेही से जुड़ चुका है। NHAI का वकील बदलना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असल बदलाव तभी होगा जब सड़कें समय पर बनें और यातायात की बेहतर व्यवस्था हो। आशा है कि हाईकोर्ट की सख्ती, जन आक्रोश और मीडिया की सतर्कता से जिम्मेदार संस्थाएं अब निष्क्रिय नहीं रहेंगी और इंदौर–देवास के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

सीएम से बोले विजयवर्गीय – वन विभाग सहयोग नहीं करता:समय पर पौधे नहीं मिलते, विदेश दौरे से पहले अधिकारियों को निर्देश दें

इंदौर में उजागर हुई पौधारोपण अभियान की हकीकत Best Indore News  इंदौर में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराज़गी जताई। विजयवर्गीय ने कहा कि जब भी नगर निगम या प्रशासन द्वारा पौधारोपण अभियान चलाया जाता है, वन विभाग समय पर पौधे उपलब्ध नहीं कराता, जिससे योजनाओं पर असर पड़ता है। क्या बोले विजयवर्गीय? कैलाश विजयवर्गीय ने सार्वजनिक मंच से कहा: इंदौर “हम पौधारोपण करना चाहते हैं, लेकिन वन विभाग सहयोग नहीं करता। समय पर पौधे नहीं मिलते। ऐसे में अभियान कैसे सफल हो? मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूँ कि विदेश यात्रा से पहले अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दें कि वे अपना काम समय पर करें।” उनकी यह टिप्पणी सुनकर मंच पर बैठे अन्य अधिकारी और अतिथि भी थोड़े असहज दिखे, लेकिन यह साफ जाहिर हो गया कि मंत्री खुद भी पर्यावरण सुधार के लिए गंभीर हैं और चाहते हैं कि सभी विभागों का सहयोग मिलना चाहिए। क्यों उठी पौधों की उपलब्धता की समस्या? इंदौर नगर निगम और राज्य सरकार हर साल वृक्षारोपण अभियान चलाती है, जिसका उद्देश्य: है। परंतु, पिछले कुछ वर्षों से नगर निगम और सामाजिक संगठनों को समय पर उचित मात्रा और गुणवत्ता वाले पौधे नहीं मिल पा रहे। कई बार अभियान की तिथि निकल जाती है, लेकिन पौधे नहीं आते। इस समस्या को विजयवर्गीय ने सार्वजनिक मंच पर उठाकर प्रशासन की नींद तो जरूर तोड़ी है। मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा और प्रशासनिक कामकाज मुख्यमंत्री मोहन यादव जल्द ही विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं, जिसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश और विकास के अवसरों को बढ़ाना है। इसी संदर्भ में विजयवर्गीय ने कहा कि: “मुख्यमंत्री विदेश जाएं, लेकिन उसके पहले यह सुनिश्चित करें कि अधिकारी अपने स्तर पर पूरी जिम्मेदारी निभाएं।” उनका संकेत था कि अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि योजनाएं समय पर पूरी हो सकें। जनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा विजयवर्गीय का यह बयान सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इसके राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई मायने निकाले जा रहे हैं: कई पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि “वन विभाग को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।” इंदौर और वृक्षारोपण: आंकड़े क्या कहते हैं? समाधान की क्या आवश्यकता है? इस तरह की समस्याओं को देखते हुए कुछ ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है: नागरिकों की राय नीरा वर्मा, एक समाजसेवी कहती हैं: “हमने स्कूल के बच्चों के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम रखा, लेकिन हमें समय पर पौधे नहीं मिले। हमें खुद नर्सरी से महंगे पौधे खरीदने पड़े।” आरटीआई कार्यकर्ता महेश जैन ने कहा: “वन विभाग की नर्सरियों में अच्छा स्टॉक होने के बाद भी कई बार बहाना बना दिया जाता है। यह एक प्रशासनिक विफलता है।” कैलाश विजयवर्गीय का मुख्यमंत्री के सामने वन विभाग की शिकायत करना एक साहसिक कदम है। यह स्पष्ट करता है कि अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, जमीनी कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वन विभाग इन बातों से सीख लेकर अपनी व्यवस्था दुरुस्त करता है या फिर वही पुरानी कार्यशैली दोहराई जाती है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में कल रहा जुलाई का सबसे ज्यादा तापमान: 31 डिग्री पार, मौसम साफ पर उमस ने बढ़ाई परेशानी

Best Indore News:Indore had the highest temperature of July yesterday:

मौसम ने बदला मिजाज, जुलाई में पहली बार ऐसा तापमान Best Indore News मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। जहां एक ओर लोग बरसात की उम्मीद में आसमान की ओर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गर्मी और उमस ने दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को इंदौर में इस जुलाई महीने का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया, जो 31 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया। यह तापमान अब तक जुलाई में दर्ज सबसे अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बारिश की कमी और साफ आसमान के कारण धूप तेज हो गई है, जिससे तापमान में इजाफा हुआ है। सुबह से ही साफ आसमान, बीच-बीच में बादल मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। हालांकि दिन के मध्य कुछ देर के लिए हल्के बादल नजर आए, लेकिन वे बारिश लाने में नाकाम रहे। इस वजह से दोपहर में गर्मी और उमस का स्तर बढ़ गया, जिससे घर से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी असहजता महसूस हुई। खासकर दुकानदार, यात्री और सड़क पर चलने वाले आम लोग परेशान दिखे। मौसम विभाग की रिपोर्ट क्या कहती है? मौसम विज्ञान केंद्र, इंदौर के अनुसार: मौसम विभाग ने यह भी बताया कि आने वाले 2-3 दिन तक जोरदार बारिश के आसार नहीं हैं। आसमान साफ या आंशिक रूप से मेघाच्छन्न रहेगा, लेकिन अभी कोई सक्रिय मानसूनी सिस्टम नहीं बना है आम जनता पर असर तापमान बढ़ने और बारिश न होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है: जुलाई में अब तक बारिश का हाल इंदौर में जुलाई माह की शुरुआत में ही कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें देखने को मिली थीं, लेकिन अब तक संतोषजनक बारिश नहीं हुई। तारीख बारिश (मिमी में) 1 जुलाई 2.6 मिमी 2 से 10 जुलाई 0.0 मिमी कुल अब तक 2.6 मिमी यह सामान्य से बहुत कम है और चिंता का विषय बनता जा रहा है, खासकर कृषि और जल प्रबंधन के नजरिए से। क्या कहती है जनता? शहर के रहने वाले सुनील चौधरी बताते हैं: “हर साल जुलाई में बारिश हो जाती है, लेकिन इस बार धूप और उमस से बहुत परेशानी हो रही है। खेत में बुआई भी रोक दी है क्योंकि बारिश नहीं हो रही।” कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई, तो सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि: तब तक नागरिकों को सलाह दी गई है कि गर्मी और उमस से बचने के लिए सतर्कता बरतें, पर्याप्त पानी पिएं और दिन के समय लंबी यात्राओं से बचें। जुलाई के इस मौसम में जहां बारिश की उम्मीदें अधूरी रह गई हैं, वहीं तापमान का बढ़ता ग्राफ चिंता का विषय बन गया है। इंदौर के निवासियों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा जब तक कि मानसून फिर से सक्रिय न हो जाए। शहर प्रशासन और नागरिकों को मिलकर पानी के संरक्षण, बिजली की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में सावधानी बरतनी चाहिए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

उज्जैन में रोपवे से हर घंटे 2000 यात्री करेंगे सफर: 55 गोंडोले चलेंगे, 2025 के अंत तक बनकर तैयार होगा प्रोजेक्ट

Best Indore News2000 passengers will travel every hour

महाकाल की नगरी उज्जैन में लगेगा विकास का एक और पंख Best Indore News  मध्यप्रदेश की धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी उज्जैन अब एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रही है। जल्द ही यहां देश के सबसे आधुनिक और उच्च क्षमता वाले रोपवे प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद हर घंटे लगभग 2000 यात्री एक साथ रोपवे से यात्रा कर सकेंगे। 55 अत्याधुनिक गोंडोले (केबिन) इस सिस्टम का हिस्सा होंगे, जो यात्रियों को महाकाल लोक, काल भैरव मंदिर और अन्य पर्यटन स्थलों से जोड़ेंगे। निर्माण कार्य जोरों पर, CEO ने दिया आश्वासन इस महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। निर्माण कंपनी के CEO ने जानकारी दी कि: “यह प्रोजेक्ट अगले साल के अंत तक तैयार हो जाएगा। आधुनिक तकनीक, पर्यावरण अनुकूल निर्माण और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं, बल्कि उज्जैन के पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला प्रोजेक्ट है।” रोपवे प्रोजेक्ट की खास बातें विशेषता विवरण कुल गोंडोले (केबिन) 55 एक घंटे में यात्रा करने वाले यात्री लगभग 2000 यात्री यात्रा की लंबाई लगभग 2 किमी से अधिक प्रमुख स्टेशनों की संख्या 3 (शुरुआती, मध्य और अंतिम बिंदु) संचालन समय सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक (संभावित) किराया (प्रारंभिक अनुमान) ₹100–₹150 प्रति व्यक्ति (राउंड ट्रिप) किन स्थानों को जोड़ेगा रोपवे? यह रोपवे प्रणाली उज्जैन के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ेगी: इन क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि समय और ऊर्जा की बचत भी होगी। उज्जैन में क्यों जरूरी था रोपवे? उज्जैन एक धार्मिक नगरी है जहां प्रति दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। खासकर श्रावण मास, महाशिवरात्रि, नाग पंचमी और सिंहस्थ कुंभ जैसे आयोजनों में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। ऐसे में: इन सबका समाधान रोपवे प्रणाली से संभव होगा। यह प्रदूषण रहित, ट्रैफिक फ्री और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम परियोजना में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है: पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता रोपवे का मार्ग और निर्माण इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि: पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा इस प्रोजेक्ट से ना सिर्फ श्रद्धालुओं को लाभ होगा, बल्कि: सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी यह प्रोजेक्ट PPP मॉडल (Public-Private Partnership) पर आधारित है, जिसमें सरकार और निजी कंपनी मिलकर कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा भूमि, अनापत्ति प्रमाण पत्र और इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहायता दी जा रही है। नागरिकों और पर्यटकों से अपील प्रशासन और निर्माण कंपनी की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि निर्माण कार्य के दौरान: उज्जैन का रोपवे प्रोजेक्ट एक ऐतिहासिक और तकनीकी बदलाव का प्रतीक है। यह सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि उज्जैन की धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रगति की नई दिशा है। अगले कुछ वर्षों में जब श्रद्धालु गोंडोला में बैठकर ऊपर से महाकाल लोक की छटा देखेंगे, तो यह अनुभव न केवल भक्तिभाव से भरपूर होगा, बल्कि आधुनिक भारत की क्षमता का भी प्रतीक होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर: अब भारी या असामान्य कचरा भी उठेगा एक क्लिक पर स्वच्छता में एक और स्मार्ट कदम

Best Indore NewsIndore: Now even heavy or unusual garbage

इंदौर नगर निगम की नई पहल Best Indore News: स्वच्छता में लगातार नंबर वन रहने वाले इंदौर शहर ने अब एक और बड़ी सुविधा नागरिकों को दी है। अब घरों, दुकानों या निर्माण स्थलों पर जमा भारी और असामान्य कचरा (Bulk Waste) के लिए नगर निगम ने डिजिटल सेवा की शुरुआत की है। यानी यदि आपके घर पर टूटा हुआ फर्नीचर, कबाड़, पुराने गद्दे, निर्माण सामग्री या बागवानी से जुड़ा वेस्ट पड़ा है, तो एक क्लिक पर निगम की टीम आकर उसे उठाकर ले जाएगी। इस सेवा का उद्देश्य केवल स्वच्छता बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुविधा और जिम्मेदारी का अनुभव भी देना है। कैसे काम करेगी यह सेवा? इंदौर नगर निगम द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल सेवा में नागरिक अपने मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट कर सकते हैं। सेवा की प्रक्रिया इस प्रकार है: किस प्रकार के कचरे के लिए है यह सेवा? इस सेवा के अंतर्गत निम्नलिखित भारी और असामान्य कचरे को उठाया जाएगा: महत्वपूर्ण: घरेलू गीला और सूखा कचरा रोज़ की तरह पहले से ही नियमित रूप से उठाया जा रहा है। यह सेवा सिर्फ बड़े और विशेष वेस्ट के लिए है। क्या लगेगा कोई शुल्क? नगर निगम ने प्रारंभिक स्तर पर सेवा निःशुल्क रखी है, लेकिन यदि कचरा बहुत अधिक मात्रा में हुआ या कॉर्पोरेट उपयोग में आया तो प्रतीकात्मक शुल्क वसूला जा सकता है। शुल्क की सूचना अनुरोध के बाद ही दी जाएगी। प्रशासन का क्या कहना है? “स्वच्छता का स्तर बनाए रखने और स्मार्ट सुविधा देने के लिए यह सेवा शुरू की गई है। नागरिकों को अब बड़ी वस्तुएं बाहर फेंकने या जलाने की ज़रूरत नहीं। एक क्लिक पर नगर निगम उसे responsibly dispose करेगा।”– प्रशांत सिंह, उपायुक्त, स्वच्छता शाखा, इंदौर नगर निगम पर्यावरण को भी लाभ इस पहल से न केवल शहर साफ-सुथरा रहेगा, बल्कि कूड़े के गलत निपटान से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान में भी कमी आएगी। पहले कई लोग: अब इन सभी समस्याओं का समाधान एक व्यवस्थित प्रक्रिया से होगा। इंदौर की स्वच्छता में फिर एक कदम आगे इंदौर पिछले 7 वर्षों से स्वच्छता में देश का नंबर 1 शहर बना हुआ है। इसके पीछे: अब इस डिजिटल सेवा से स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में भी इंदौर एक बार फिर देश को उदाहरण देगा। नागरिकों से अपील इंदौर नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है: “एक साफ़ शहर, एक स्वस्थ समाज” – इसी सोच के साथ इंदौर नगर निगम ने इस अत्याधुनिक सेवा की शुरुआत की है। तकनीक और नागरिक भागीदारी का यह अनूठा उदाहरण देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा है। भारी कचरा अब समस्या नहीं, समाधान है – बस एक क्लिक की दूरी पर। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 8.80 लाख की ठगी: ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के नाम पर लिंक भेजकर फंसाया, रुपए ऐंठ लिए

निवेश का सपना, धोखाधड़ी की हकीकत Best Indore News: इंदौर में एक बार फिर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उससे ₹8.80 लाख की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने खुद को ब्रोकर्स और बिजनेस स्कूल के प्रतिनिधि बताकर भरोसा दिलाया और फर्जी लिंक और ऐप के जरिए रकम डलवाई। पीड़ित ने जब मुनाफे की मांग की, तो जवाब देना बंद कर दिया गया। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी का तरीका: कैसे बनाया शिकार? ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना जाल जांच में पता चला कि जिन वेबसाइट्स और ऐप्स का इस्तेमाल किया गया, वे सभी अवैध और अनरजिस्टर्ड थे। ऐप डाउनलोड करने के बाद: पीड़ित का बयान “शुरुआत में सब कुछ असली लग रहा था। मेरे दोस्त ने भी ₹10,000 कमाए थे। मैं जब ₹8 लाख से ऊपर निवेश कर चुका था, तभी मुझे संदेह हुआ। जब मैंने रिटर्न मांगा तो सब गायब हो गए।”– पीड़ित निवेशक पुलिस जांच में क्या सामने आया? बढ़ते जा रहे हैं ऐसे मामले सिर्फ इंदौर ही नहीं, पूरे देशभर में शेयर मार्केट में ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद से लोग ऑनलाइन निवेश की ओर तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसी का फायदा साइबर फ्रॉड गैंग उठा रहे हैं। वर्ष केवल इंदौर में ऐसे केस 2022 38 केस 2023 62 केस 2024 (अभी तक) 45 से अधिक क्या सावधानी रखें निवेशक? यदि आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो इन बातों का रखें ध्यान: पुलिस की अपील “ऐसे मामलों में शिकायत तुरंत साइबर सेल में करें। जितना जल्दी शिकायत आएगी, पैसा ट्रैक करने में उतनी ही मदद मिलेगी।”– साइबर सेल अधिकारी, इंदौर साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे शेयर मार्केट स्कीमों से सतर्क रहें, और कोई भी वित्तीय लेनदेन सोच-समझकर करें। ऑनलाइन ठगों का जाल अब सिर्फ OTP या बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब वे लोगों की निवेश की महत्वाकांक्षाओं को निशाना बना रहे हैं। अगर हम सावधान न रहें, तो मिनटों में हमारी मेहनत की कमाई ठगों के खातों में पहुंच सकती है। जरूरी है कि हम जागरूक बनें, तथ्यों की जांच करें और भरोसे के बिना किसी भी लिंक या स्कीम में हिस्सा न लें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

शिवपुरी का हरसी बांध ओवरफ्लो: 20 गांवों पर खतरा मंडराया, गुना में नदी में डूबे दो मासूम, मैहर में दीवार गिरने से दहशत

Best Indore NewsShivpuri's Harsi dam overflows:

बारिश बनी संकट, जगह-जगह से जलप्रलय की खबरें Best Indore News: मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश अब आफत बनकर सामने आ रही है। शिवपुरी जिले का हरसी बांध ओवरफ्लो हो गया है, जिससे कम से कम 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उधर, गुना जिले में दो मासूम बच्चे नदी में डूब गए, वहीं सतना के मैहर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। राज्य सरकार ने अलर्ट जारी कर SDRF और स्थानीय प्रशासन को तैनात कर दिया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हरसी बांध से लगातार बह रहा पानी, प्रशासन सतर्क शिवपुरी के प्रसिद्ध हरसी बांध में बीते 48 घंटों से लगातार पानी की आवक बनी हुई थी। शनिवार रात को जल स्तर इतना बढ़ गया कि बांध का जल ओवरफ्लो होने लगा। बांध से जुड़े 20 से अधिक गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। “हमने जलस्तर नियंत्रण के लिए गेट खोले हैं, लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों को तुरंत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की सलाह दी गई है।”– एसडीएम, शिवपुरी खतरे में कौन-कौन से गांव? बांध के नीचे बसे प्रमुख गांव जो खतरे की जद में हैं: प्रशासन की ओर से इन गांवों में लाउडस्पीकर, वैन और मुनादी के माध्यम से चेतावनी दी जा रही है। रेस्क्यू बोट और एनडीआरएफ की टीमें स्टैंडबाय पर हैं। गुना में दर्दनाक हादसा: नदी में डूबे दो बच्चे वहीं दूसरी ओर, गुना जिले के एक गांव में उस समय मातम फैल गया, जब दो मासूम बच्चे तेज बहाव वाली नदी में बह गए। बताया जा रहा है कि बच्चे नहाने के लिए नदी किनारे गए थे, लेकिन बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक शव बरामद किया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। “बच्चे पास के स्कूल में पढ़ते थे, छुट्टी के बाद नदी में खेलने गए थे। परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।”– ग्रामीण निवासी मैहर में मकान की दीवार गिरी, बड़ा हादसा टला सतना जिले के मैहर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। हालांकि सौभाग्यवश, कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल गए थे। नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची है और नुकसान का आकलन कर रही है। राज्यभर में क्या स्थिति है? मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है: जिला हालात शिवपुरी हरसी बांध ओवरफ्लो, गांवों को खतरा गुना नदी में डूबे दो बच्चे सतना/मैहर मकान की दीवार गिरी, क्षति डिंडोरी स्कूल बंद, सड़कें जलमग्न शहडोल शहर का 40% हिस्सा डूबा अगले 48 घंटे का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। निचले इलाकों में रहने वालों को सावधानी बरतने और बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। क्या कर रहा है प्रशासन? मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश अब केवल प्राकृतिक घटना नहीं रही, यह लोगों के जीवन, संपत्ति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है। हरसी बांध का ओवरफ्लो, बच्चों की डूबकर मौत और दीवार गिरने जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, यदि समय रहते कदम न उठाए जाएं। अब ज़रूरत है जन-जागरूकता, सतर्कता और सरकारी प्रयासों के साथ सहयोग की। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

प्रदेश में तीन टर्फ का इंदौर में नहीं असर: दो दिन बाद बनेगा स्ट्रॉन्ग सिस्टम, तब शुरू होगा तेज बारिश का दौर

Best Indore NewsThree turfs in the state have no effect in Indore

इंदौर को अब भी इंतज़ार है झमाझम बारिश का Best Indore News: मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय है और प्रदेश के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। हालांकि, इंदौर शहर में मानसून का असर अब तक कमजोर ही रहा है। प्रदेश में तीन अलग-अलग टर्फ लाइनें सक्रिय होने के बावजूद इंदौर में अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में एक मजबूत सिस्टम विकसित होगा, जिसके बाद इंदौर में तेज और निरंतर बारिश की संभावना है। अभी क्यों नहीं हो रही है बारिश? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार: “टर्फ का असर फिलहाल इंदौर तक नहीं पहुंचा है। लेकिन 48 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर एरिया बनेगा। तब इंदौर में भी भारी बारिश शुरू होगी।”– डॉ. आर. शर्मा, मौसम वैज्ञानिक, IMD अब तक का मानसून रिपोर्ट कार्ड (इंदौर) अवधि सामान्य वर्षा हुई वर्षा कमी (%) 1 जून – 23 जुलाई 390 मिमी 138 मिमी -65% इंदौर में इस बार जून और जुलाई दोनों ही महीनों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। इस वजह से न सिर्फ खेती पर असर पड़ा है, बल्कि जलस्तर और गर्मी भी बढ़ गई है। गर्मी और उमस से बढ़ी परेशानी बारिश न होने के कारण तापमान में लगातार इज़ाफा हो रहा है। दिन और रात दोनों समय गर्मी और उमस का असर महसूस हो रहा है। नमी और धूप के कारण गर्मी चुभनभरी हो गई है, जिससे लोग थकान, सिरदर्द और बेचैनी की शिकायत कर रहे हैं किसान परेशान, खेत सूखने की कगार पर कम बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में: “अगर दो-तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो फसल खराब हो जाएगी।”– किसान मनोहर चौहान, खुड़ैल क्षेत्र आगे कैसा रहेगा मौसम? (मौसम पूर्वानुमान) मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों का अनुमान: दिनांक पूर्वानुमान 24 जुलाई आंशिक बादल, बूंदाबांदी संभव 25 जुलाई हल्की बारिश, उमस बनी रहेगी 26 जुलाई स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन सकता है 27-29 जुलाई तेज और निरंतर बारिश की संभावना इस बार का मानसून धीरे-धीरे एक्टिव हो रहा है, इसलिए 27 जुलाई के बाद से इंदौर में झमाझम बारिश के आसार जताए गए हैं। जलस्तर और जलस्रोतों पर असर बारिश की कमी के चलते यशवंत सागर, बिलावली तालाब, सिरपुर तालाब जैसे प्रमुख जलस्रोतों का जलस्तर घटने लगा है। पीने के पानी और सिंचाई दोनों ही क्षेत्रों में संकट गहराता जा रहा है। नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार: क्या करें नागरिक? इंदौर में तीन टर्फ के बावजूद बारिश न होना मानसून की अस्थिरता को दर्शाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि आने वाले 2-3 दिनों में एक मजबूत सिस्टम बनने की संभावना है, जिससे शहरवासियों को तेज और ठंडी बारिश का इंतजार खत्म हो सकता है। लेकिन तब तक सभी को सावधानी और संयम बरतने की जरूरत है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में फर्नीचर व्यापारी के घर 12 लाख की चोरी

शहर में फिर एक सनसनीखेज चोरी, पुलिस जांच में जुटी Best Indore News:  इंदौर में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताज़ा मामला शहर के एक प्रतिष्ठित फर्नीचर व्यापारी के घर से सामने आया है, जहां चोरों ने परिवार के मस्जिद जाने का फायदा उठाकर 12 लाख रुपए से अधिक की चोरी कर डाली। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति को देखा जा सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस लगातार फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। घटना का पूरा विवरण इंदौर की यह घटना इंदौर के साउथ तुकोगंज थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। फर्नीचर व्यापारी शकील अहमद (परिवर्तित नाम) अपने परिवार के साथ हर रोज़ की तरह नमाज़ पढ़ने मस्जिद गए थे। घर का दरवाज़ा बाहर से लॉक था और परिवार के सभी सदस्य नमाज़ में शामिल थे। इस बीच एक बाइक सवार व्यक्ति आया, जो कुछ समय तक इलाके में घूमता रहा, और फिर घर के पीछे की दीवार से चढ़कर अंदर दाखिल हो गया। उसने बड़ी चालाकी से घर के अंदर रखे अलमारी और लॉकर को तोड़ा और 12 लाख रुपए नकद और सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया। CCTV में पूरी वारदात रिकॉर्ड घर के बाहर और पड़ोस के मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हुई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है: “हमने पुलिस को CCTV फुटेज दे दिया है। उमीद है जल्दी आरोपी पकड़ा जाएगा।”– व्यापारी शकील अहमद क्या-क्या हुआ चोरी? शुरुआती जांच में व्यापारी ने पुलिस को बताया कि चोरी में जो माल गया है, उसमें शामिल हैं: कुल अनुमानित नुकसान: ₹12 से ₹13 लाख के बीच पुलिस की जांच और बयान जांच में लगे थाना प्रभारी ने बताया कि: “घटना सुनियोजित लग रही है। आरोपी ने पहले रेकी की थी। वह जानता था कि परिवार रोज़ इस समय मस्जिद जाता है। हम CCTV फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।” पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे 60 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले हैं। संदेह है कि आरोपी या तो पहले से जानकार है या किसी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल घटना के बाद मोहल्ले में रहने वाले लोग काफी डरे हुए हैं। सभी का कहना है कि अगर इतना भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में ऐसा हो सकता है, तो सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। “रोज़ रात को गश्त होती है, पर दिन में कोई पुलिस नहीं दिखती। अब तो घर छोड़कर नमाज़ पढ़ने भी डर लगता है।”– स्थानीय निवासी, ताज मोहल्ला व्यापारियों ने की सुरक्षा की मांग फर्नीचर व्यापारियों और मोहल्ला समिति ने मिलकर थाना पुलिस से स्थायी गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग की है कि चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक के लिए विशेष टीम गठित की जाए। क्या करें नागरिक? पुलिस ने सभी नागरिकों को अपील की है कि: इंदौर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि चोर अब सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर जाने का समय हो या त्योहारों का मौका – कोई भी समय अब सुरक्षित नहीं रहा। पुलिस की सतर्कता के साथ नागरिकों को भी अब अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर: कैंटीन-किचन में गड़बड़ी, फूड सेफ्टी का छापा

दो दिन चला अभियान, कई संस्थानों में मिली गड़बड़ियां Best Indore News: इंदौर में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले के स्कूलों, कॉलेजों और होस्टलों में दो दिनों तक चले विशेष फूड सेफ्टी अभियान में 63 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इस दौरान कैंटीन, मेस, हॉस्टल किचन और स्टॉल की जांच की गई, जहां कई जगह सफाई में लापरवाही, दस्तावेजों की कमी और खाद्य नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। अब प्रशासन गंदगी और अव्यवस्थाओं पर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। किसका किया गया निरीक्षण? इंदौर फूड सेफ्टी विभाग ने जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से यह अभियान चलाया, जिसमें प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया: “छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए नियमित निरीक्षण अब लगातार किया जाएगा।”– जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, इंदौर अभियान के मुख्य आंकड़े निरीक्षण क्षेत्र लिए गए सैंपल गड़बड़ी वाले स्थल स्कूल कैंटीन 22 7 कॉलेज कैंटीन व स्टॉल 18 5 हॉस्टल किचन 23 9 कुल 63 21 से अधिक जांच के दौरान कई कैंटीनों में खराब तेल, खुले खाद्य पदार्थ, स्टोरिंग में गंदगी, और स्टाफ के पास लाइसेंस या हेल्थ कार्ड नहीं थे। किस तरह की गड़बड़ियां मिलीं? आगे की कार्रवाई: नोटिस और जुर्माना जिन स्थानों पर गड़बड़ियां मिली हैं, उन्हें 7 दिन के भीतर सुधार के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुए, तो: “फूड सेफ्टी से कोई समझौता नहीं होगा। जिन संस्थानों में गड़बड़ी मिलेगी, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”– मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी बच्चों की सेहत से जुड़ा है मामला शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चे और युवा कई बार कैंटीन या हॉस्टल का खाना नियमित रूप से खाते हैं। यदि भोजन की गुणवत्ता खराब हो, तो यह खाद्य जनित बीमारियों, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है, इस तरह के फूड सेफ्टी अभियान का होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में छात्र स्वास्थ्य संकट से बच सकें। सरकार की दिशा और प्रयास मध्यप्रदेश शासन और इंदौर जिला प्रशासन ने इस अभियान को “स्वस्थ भारत – स्वस्थ छात्र” पहल के तहत शुरू किया है। आने वाले समय में: अभिभावकों की प्रतिक्रिया “हम अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए हॉस्टल में भेजते हैं, लेकिन खाने की गुणवत्ता से डरते हैं। ऐसे अभियान से कम से कम प्रशासन सतर्क रहेगा।”– रचना शर्मा, अभिभावक, इंदौर “कैंटीन वाले कम कीमत में खाना देते हैं, लेकिन सफाई का ध्यान नहीं रखते। हम तो मजबूरी में खाते हैं।”– छात्र, निजी इंजीनियरिंग कॉलेज इंदौर में फूड सेफ्टी अभियान के अंतर्गत जो गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, वह सिर्फ कानून की नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी हैं। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को हल्के में लेना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं। जिला प्रशासन की यह मुहिम स्वागत योग्य है और यदि इसे नियमित, सख्त और पारदर्शी रूप में जारी रखा जाए, तो छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।