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इंदौर-उज्जैन मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार:

Best Indore News-Indore-Ujjain Metro project

Best Indore News: मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों – इंदौर और उज्जैन – को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना को लेकर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) ने तेज़ी से कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, अब मेट्रो डिपो के निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए करीब 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि की आवश्यकता है, जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। डिपो मेट्रो प्रोजेक्ट का वह आधारभूत ढांचा होता है, जहाँ मेट्रो ट्रेनों की मरम्मत, रखरखाव और पार्किंग होती है। बिना डिपो के मेट्रो संचालन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए इस निर्माण कार्य को मेट्रो परियोजना की रीढ़ माना जा रहा है। क्या है इंदौर-उज्जैन मेट्रो प्रोजेक्ट? इंदौर: और उज्जैन को जोड़ने वाली इस मेट्रो परियोजना का उद्देश्य इन दो ऐतिहासिक और आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण शहरों के बीच यातायात को सुगम और तेज़ बनाना है।यह प्रोजेक्ट मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इसमें इंदौर शहर के भीतरी हिस्सों और उज्जैन के तीर्थ क्षेत्रों को जोड़ते हुए लगभग 50 किलोमीटर लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। इस रूट से रोज़ाना लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा, विशेषकर कामकाजी लोग, छात्र, श्रद्धालु और पर्यटक जो उज्जैन महाकाल मंदिर और इंदौर के व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच नियमित आवागमन करते हैं। क्यों जरूरी है मेट्रो डिपो? मेट्रो ट्रेनें सामान्य रेलवे की तुलना में कहीं अधिक हाई-टेक और संवेदनशील होती हैं। उनके लिए अलग से मेनटेनेंस और टेस्टिंग यूनिट की जरूरत होती है।इसलिए हर बड़े मेट्रो रूट के साथ एक या अधिक डिपो (Metro Depot) बनाए जाते हैं। ये स्थान मेट्रो को पार्क करने, उनकी तकनीकी जांच, मरम्मत, सफाई और रात्रि विश्राम के लिए प्रयुक्त होते हैं। डिपो न केवल मेट्रो ट्रेन संचालन का तकनीकी आधार होता है, बल्कि उसमें होने वाले कार्य संचालन, उपकरण नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन का केंद्र भी होता है। कहाँ बन सकता है डिपो? जानिए संभावित लोकेशन मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, डिपो के लिए इंदौर-उज्जैन के बीच स्थित ऐसे क्षेत्र की तलाश की जा रही है जो: उज्जैन रोड और सुपर कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों को लेकर गहन सर्वे जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि प्राइवेट भूमि अधिग्रहण से बचते हुए सरकारी भूमि का ही चयन हो ताकि समय और लागत दोनों की बचत हो सके। भू-अधिकार और पर्यावरणीय स्वीकृति पर भी ध्यान भूमि चयन में केवल स्थान ही नहीं, बल्कि कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। भूमि का गैर विवादित होना, पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन, वन भूमि या आरक्षित क्षेत्र न होना – यह सब आवश्यक है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर भू-अभिलेख, मानचित्र और भूमि स्वामित्व की पूरी जांच की जा रही है। भविष्य के लिए असर: ट्रैफिक कम होगा, समय बचेगा इंदौर और उज्जैन के बीच वर्तमान में बस, ऑटो और निजी वाहनों से यात्रा की जाती है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है। मेट्रो के शुरू होते ही: क्या है आगे की प्रक्रिया? मेट्रो डिपो निर्माण के लिए भूमि चयन के बाद प्रक्रिया इस प्रकार होगी: विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम डिपो के लिए ऐसी सरकारी भूमि की तलाश में हैं जो भविष्य में भी विस्तार की संभावना रखे। यह मेट्रो ऑपरेशन की नींव है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।” भोपाल मेट्रो के बाद अब इंदौर-उज्जैन की बारी ज्ञात हो कि भोपाल मेट्रो परियोजना पहले से अपने अंतिम चरण में है और अक्टूबर 2025 तक उसके ट्रायल रन और यात्री सेवाएं शुरू होने की संभावना है। अब इंदौर-उज्जैन मेट्रो को भी वैसी ही गति देने की कोशिशें चल रही हैं। मेट्रो डिपो बनेगा विकास का इंजन इंदौर-उज्जैन मेट्रो डिपो के निर्माण से न सिर्फ मेट्रो नेटवर्क की तकनीकी मजबूती बढ़ेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्र में नई नौकरियों, व्यावसायिक अवसरों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की संभावनाएं भी जन्म लेंगी। सरकारी भूमि के चयन से परियोजना की लागत घटेगी और समय की बचत भी होगी, जिससे मध्य प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेजी से संभव होगा। इंदौर और उज्जैन को जोड़ने वाला यह मेट्रो रूट आने वाले वर्षों में राज्य के शहरी जीवन को आधुनिकता, सुविधा और सतत विकास की ओर ले जाएगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर: तकनीकी खराबी के चलते जबलपुर फ्लाइट कैंसिल,

Best Indore News: Jabalpur flight cancelled

Best Indore news: यात्रियों ने उस समय जमकर हंगामा कर दिया, जब इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर इंदौर से जबलपुर जाने वाली उड़ान को अंतिम समय में कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद फ्लाइट कंपनी ने पैसेंजर को किराया वापस देने और री-बुकिंग का ऑप्शन दिया। इंदौर: तकनीकी खराबी के चलते जबलपुर फ्लाइट कैंसिल, सूचना न मिलने पर यात्रियों का हंगामा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह भारी हंगामा हो गया, जब इंदौर से जबलपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को अंतिम क्षणों में अचानक रद्द कर दिया गया। यात्रियों को पहले उड़ान में मामूली देरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में उन्हें बिना किसी स्पष्ट जानकारी के बस में डेढ़ घंटे तक बैठाकर रखा गया, जिसके बाद फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना दी गई। इस लापरवाही के विरोध में यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया। उड़ान रद्द, यात्री हुए परेशान घटना शनिवार सुबह की है। इंदौर-जबलपुर इंडिगो फ्लाइट (अनुमानित समय: सुबह 6:55 बजे) के यात्री सुबह 6 बजे ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान 30 मिनट की देरी से उड़ेगा।सुबह 7:15 बजे यात्रियों को टर्मिनल से एयरपोर्ट बस के ज़रिए विमान की ओर ले जाया गया। लेकिन विमान में बोर्डिंग कराने की बजाय उन्हें बस में ही बैठाकर रखा गया। करीब डेढ़ घंटे तक यात्री बस में ही इंतजार करते रहे, लेकिन कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। यात्रियों का फूटा गुस्सा सुबह 9 बजे, फ्लाइट रद्द करने की सूचना दी गई। इस पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने कहा कि न तो समय पर सूचना दी गई और न ही उन्हें एयरपोर्ट पर समुचित सुविधा प्रदान की गई। भीषण गर्मी में बस में बैठाए रखने से कई बुजुर्ग और बच्चों को असुविधा हुई। इंडिगो एयरलाइंस की प्रतिक्रिया हंगामा बढ़ता देख इंडिगो एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को फ्लाइट कैंसिल होने की तकनीकी कारणों से जानकारी दी गई।एयरलाइन ने यात्रियों को टिकट रिफंड करने या फ्यूचर डेट्स में री-बुकिंग का विकल्प दिया। हालांकि, कई यात्रियों ने इस व्यवस्था को नाकाफी बताया और इंडिगो की प्रबंधन पर सवाल उठाए। एयर इंडिया पर भी डीजीसीए की सख्ती इस बीच एक अन्य बड़ी खबर में, डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एअर इंडिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी से हटाने के आदेश दिए हैं। इन पर चालक दल (क्रू) की शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग में गंभीर चूक का आरोप है। इन तीन अधिकारियों में एक डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल हैं। डीजीसीए ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की चूक पर लाइसेंस निलंबन और ऑपरेशनल बैन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।एअर इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि डीजीसीए के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इंदौर एयरपोर्ट पर हुए इस घटनाक्रम ने यात्रियों की असुविधा और एयरलाइंस की असमर्थता को उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां यात्रियों को बिना सूचना के बस में बैठाकर रखा गया, वहीं दूसरी ओर तकनीकी कारणों का हवाला देकर फ्लाइट रद्द कर दी गई।यह स्थिति फिर एक बार भारत की विमानन व्यवस्था की पारदर्शिता और यात्रियों के अधिकारों पर सवाल खड़े करती है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर-भुवनेश्वर इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी, रनवे से लौटा विमान

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Best Indore News: इंदौर से भुवनेश्वर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई 6332 रनवे से वापस लौट आई। प्लेन में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान वापस आ गई। यात्रियों को बताया गया है कि फ्लाइट जल्द ही रवाना होगी। इंडिगो एयरलाइंस के इंजीनियर तकनीकी गड़बड़ी को सुधारने में जुटे हुए हैं। इंदौर: से भुवनेश्वर जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 6332 सोमवार सुबह एक अप्रत्याशित तकनीकी गड़बड़ी के चलते रनवे से वापस लौट आई। एयरक्राफ्ट टेक ऑफ की प्रक्रिया में ही था, तभी पायलट ने समय रहते समस्या को महसूस कर फ्लाइट को रोककर उसे रनवे से टैक्सी कर वापसी कर दी। इस विमान में करीब 80 से अधिक यात्री सवार थे, जो अपनी मंज़िल के लिए तैयार बैठे थे, लेकिन अचानक घोषणा हुई कि उड़ान तकनीकी कारणों से थोड़ी देर के लिए रोकी जा रही है। यात्रियों को आश्वस्त किया गया कि यह केवल एहतियातन कदम है और तकनीकी टीम इस पर काम कर रही है। इंजीनियरिंग टीम सतर्क इंडिगो एयरलाइंस की इंजीनियरिंग टीम ने विमान की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी खराबी के सटीक कारण का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार की तकनीकी खराबी आई थी, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह कोई गंभीर समस्या नहीं है और उसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। पायलट की सतर्कता से टली बड़ी समस्या पायलट की सतर्कता और निर्णय क्षमता की सराहना की जा रही है। उड़ान भरने से पहले ही गड़बड़ी को पहचान लेना एक बड़ी दुर्घटना से बचाव का संकेत माना जा रहा है। पायलट ने तुरंत ग्राउंड स्टाफ को अलर्ट किया और विमान को सुरक्षित रनवे से वापस ले आया। यात्री कर रहे हैं इंतज़ार विमान के रुकने के बाद यात्रियों को केबिन क्रू द्वारा स्थिति की जानकारी दी गई और एयरपोर्ट पर ही इंतजार करने का अनुरोध किया गया। यात्रियों ने भी संयम दिखाया और अधिकतर लोग शांति से विमान में या टर्मिनल में बैठे हुए हैं। इंडिगो का आधिकारिक बयान इंडिगो एयरलाइंस की ओर से कहा गया है कि, “यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उड़ान 6E 6332 में एक हल्की तकनीकी दिक्कत आई थी, जिसे हमारे इंजीनियरिंग स्टाफ द्वारा ठीक किया जा रहा है। हम जल्दी ही इस फ्लाइट को रवाना करेंगे।” क्या अगली उड़ान तय समय पर होगी? हालांकि फ्लाइट का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था, लेकिन अब इसमें लगभग एक घंटे से अधिक की देरी हो चुकी है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो विमान दोपहर तक अपनी उड़ान भर सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में प्रदूषण पर लगेगी लगाम, उद्योगों की जांच को बनेगी टीमें, कलेक्टर करेंगे निगरानी

Best Indore News: कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश, शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जाएंगे प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास इंदौर: जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण हेतु प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत जिले में सघन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी। अभियान में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही होगी। जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अनेक प्रभावी कदम भी उठाए जाएंगे। जिले में सभी पेट्रोल पम्पों पर पीयूसी जांच केन्द्र स्थापित करना होंगे। जांच केन्द्र नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में दी गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर निशा डामोर, संयुक्त संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.एन. द्विवेदी, महाप्रबंधक उद्योग स्वप्निल गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएबैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर संयुक्त कार्य योजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएं। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। यह प्रयास किए जाएं कि कोयले से संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयां जल्द ही गैस के संचालन में परिवर्तित हो जाएं। इसके लिए सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दें। समय-सीमा देकर यह कार्य करवाया जाए। समय सीमा में अपनी औद्योगिक इकाईयां गैस में परिवर्तित नहीं करने पर कार्यवाही की जाए। इसी तरह उन्होंने वाहनों के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए।  वाहनों की भी सख्ती से होगी जांचकलेक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर सूक्ष्म जांच के वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हों। हर वाहन की सूक्ष्मता से जांच की जाना चाहिए। इसी तरह उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि फिटनेस और पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं रखने वालों के विरुद्ध कार्यवाही हो। ऐसे पीयूसी संचालक जो बगैर जांच के ऑफलाइन पीयूसी प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सभी पेट्रोल पंपों सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपन बॉयोमास कचरा एवं खुले में कचरा जलाए जाने पर कार्यवाही की जाए। ज्यादा धूल उड़ने वाले स्थानों को हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित कर मैकेनिकल स्वीपिंग व नियमित जल छिड़काव किया जाए। पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई होगीशहरों के आस-पास के खेतों/ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाए जाने पर सतत निगरानी रखी जाए। पराली जलाने पर चालानी कार्यवाही की जाए। बताया गया कि पराली जलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसके तहत 25 एफआईआर दर्ज हुई है और 837 लोगों पर 18 लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। शहर एवं शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों में पर्यावरण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इस हेतु सतत निगरानी रखी जाए। शहर की सड़कों पर जमीनी धूल-मिट्टी को हटाने हेतु की नियमित साफ-सफाई करायी जाए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

Indore Weather: तेज बारिश से हालात बिगड़े, पूरे प्रदेश में नदियां उफान पर, कई जिलों में चेतावनी

Best Indore News: मानसून ने पूरे प्रदेश में दस्तक दे दी है। तेज बारिश ने कई जिलों में सड़कों को डुबो दिया है। इंदौर में पारा गिर गया है औऱ ठंडी हवाओं के साथ लगातार रिमझिम हो रही है।  इंदौर समेत पूरे मप्र में मानसून आ चुका है। सभी जिलों में बारिश ने राहत पहुंचा दी है। इंदौर में शनिवार सुबह से ही बूंदाबांदी जारी है और योग के कार्यक्रम बादलों और रिमझिम के बीच किए जा रहे हैं। मप्र के 20 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को सुबह से रात तक बारिश का दौर चलता रहा। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा।  लगातार गिर रहा पारापारा अब लगातार 30 डिग्री के अंदर बना हुआ है। शुक्रवार को दिन का पारा 28.6 डिग्री और रात का पारा 22.8 डिग्री पर रहा। रात में तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं और दिन में भी बादलों की वजह से ठंडक बनी हुई है। इस महीने लोग लगातार 15 दिन तक पड़ी तेज गर्मी और उमस से परेशान रहे जिससे दो दिन की रिमझिम ने राहत दिला दी है।  इंदौर में भी अलर्ट जारी कियामौसम विभाग ने पूर्वी हिस्से के जिले-सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में यलो अलर्ट है। लो प्रेशर एरिया बना, तेज बारिश होगीप्रदेश के ऊपर से एक लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) गुजर रहा है। वहीं, पश्चिमी हिस्से से ट्रफ की एक्टिविटी है। ये दोनों ही सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से पूर्वी और उत्तरी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ भी सक्रिय है, जो पूरे प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश करा रहे हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

योग दिवस पर इंदौर में सिंधिया का योग अभ्यास, कहा – बेहतर जीवन के लिए व्यायाम जरूरी

Best Indore News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ा गणेश हॉल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ सामूहिक योग किया। वहीं अभिनेत्री अदा शर्मा और शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने योग कर आयोजन को भव्य रूप दिया। इंदौर: में राजवाड़ा के गणेश हॉल में योग दिवस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनप्राधियों और लोगों के साथ योग किया। सिंधिया ने इस मौके पर कहा कि स्वस्थ शरीर में ही सकारात्मक विचार आते हैं। बेहतर जीवन शैली के लिए व्यायाम आवश्यक है। इस भारतीय योग विधा को विश्व के कई देशों ने अपनाया है। योग एक स्वअनुशासन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि योग एक स्वअनुशासन है। योग से हमें शांति की दिशा मिलती है। भारत की संस्कृति हमें सिखाती है कि सभी का कल्याण हो। मैं से हम की यात्रा सेवा समर्पण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि योग को लोक शैली और दिनचर्या का हिस्सा बनाए। विश्व में योग के प्रचार के लिए भारत विज्ञान की मदद ले रहा है। इस पर रिसर्च हो रही है। भारतीय चिकित्सा में इसका महत्व बढ़ने लगा है।  इस दौरान मंत्री सिंधिया के साथ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला भी मौजूद रहे। इंदौर में गोपुर चौराहे पर भी सामूहिक योग किया गया। अभिनेत्री अदा शर्मा ने शहवासियों के साथ योग के विभिन्न आसान किए। इसके अलावा अभय प्रशाल में भी योग दिवस पर हजारों लोगों ने योग कर रिकॉर्ड बनाया। राजवाड़ा पर लगा दिए पोस्टर योग दिवस भी सिंधिया समर्थकों ने अपने नंबर बढ़ाने में कसर नहीं रखी। राजवाड़ा पर पोस्टर लगाना प्रतिबंधित है, लेकिन चौक को पोस्टरों से पाट दिया गया। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

पत्नी कहती है, तुम्हें राजा रघुवंशी बना दूंगी’… परेशान पति शिकायत लेकर पहुंचा इंदौर थाने

Best Indore news: इंदौर के एरोड्रम पुलिस थाने में एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। प्रेम नारायण ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी मानसी उसे राजा रघुवंशी की तरह हत्या करने की धमकी दे रही है। प्रेम नारायण का कहना है कि मानसी को दूसरे युवक से प्यार हो गया है। इंदौर। बाबू मुरारी कॉलोनी के प्रेम नारायण ने एरोड्रम पुलिस थाने पर पत्नी की शिकायत की है। इसमें उसने पत्नी मानसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि पत्नी राजा रघुवंशी की तरह हत्या करने की धमकी दे रही है। मूलतः दमोह निवासी प्रेम देवी अहिल्या एयरपोर्ट पर मशीन ऑपरेटर है। उसने दो साल पूर्व ही आर्य समाज में मानसी से शादी की थी। प्रेम ने ही एयर होस्टेज के लिए एडमिशन करवाया था। सिटी बस में दीपक नामक युवक से दोस्ती हो गई और दोनों में प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद अब पत्नी मानसी मुझे ही धमका रही है। उधर मानसी ने कहा- वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। मारपीट करने के कारण उसे छोड़ दिया है। एयर होस्टेज की ट्रेनिंग दिलवा रहा था प्रेम नारायण का कहना है कि मैं पत्नी को एयर होस्टेज की ट्रेनिंग दिलवा रहा था, ताकि वो मेरे साथ एयरपोर्ट पर अच्छी नौकरी कर सके। लेकिन वो तो किसी और को ही सिटी बस में दिल दे बैठी। जब उसके अफेयर की बात मुझे पता चली तो आपत्ति जताई, इसके बाद वो मुझे मारने की धमकी देने लगी। वो मुझसे कहती है कि तुम्हारा हाल राजा रघुवंशी की तरह बना दूंगी। पति ने शिकायत में कहा कि मैं पत्नी की इन धमकियों से परेशान हो गया हूं। मैं अब उसके साथ नहीं रहना चाहता, वो मुझे कभी भी खत्म कर सकती है। पुलिस ने इस मामले में पति की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक अगस्त में मेट्रो चलेगी, होगा ट्रायल रन

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Best Indore news: इंदौर मेट्रो के सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन अगस्त में और कमर्शियल संचालन अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है। स्टेशनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, यात्री संख्या में गिरावट के चलते फेरे घटाए गए हैं। प्रबंधन संचालन से सुधार की उम्मीद कर रहा है। इंदौर। इंदौर मेट्रो के सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक के हिस्से में मेट्रो दौड़ाने का इंतजार अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। अगस्त के पहले सप्ताह में इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन किया जाएगा, जबकि अक्टूबर माह के अंत तक यहां कमर्शियल संचालन शुरू होने की संभावना है। गुरुवार को मेट्रो के प्रबंध निदेशक एस. कृष्ण चैतन्य ने इस मार्ग पर ट्रॉली निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। ट्रैक, स्टेशन और गेट का काम लगभग पूरा एमडी चैतन्य ने सुपर कॉरिडोर स्टेशन एससी-3 से रेडिसन चौराहे तक करीब 11 किमी लंबे ट्रैक और स्टेशनों का ट्रॉली निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस हिस्से में दो मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकासी द्वार पूरी तरह बन चुके हैं, जबकि अन्य पांच स्टेशनों पर एक-एक गेट तैयार हो चुका है। शेष चार स्टेशनों पर ढाई से तीन महीने में गेट निर्माण का कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने मेघदूत गार्डन, विजय नगर, बापट, हीरा नगर, चंद्रगुप्त चौराहा, एमआर-10 और भौरासला चौराहा सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सिविल और सिस्टम संबंधी प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। बुधवार को उन्होंने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर संबंधित अधिकारियों, कांट्रैक्टर और कंसल्टेंट के साथ बैठक भी की। इसके अलावा एमडी ने एयरपोर्ट से बड़ा गणपति, छोटा गणपति, नगर निगम होते हुए बंगाली चौराहा तक प्रस्तावित रूट के स्टेशनों के चिन्हित स्थानों का भी दौरा किया। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या घटी दूसरी ओर सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को केवल 849 यात्रियों ने मेट्रो में यात्रा की, जो पिछले 19 दिनों में सबसे कम है। जबकि 15 जून को रविवार होने के चलते 7394 यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद से लगातार यात्रियों की संख्या कम होती गई – 16 जून को 1811, 17 को 1755, 18 को 1480 यात्रियों ने सफर किया।इस गिरावट को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने फेरे भी कम कर दिए हैं। जहां पहले हर 15 से 20 मिनट में मेट्रो चल रही थी, अब गुरुवार को यह अंतराल बढ़ाकर हर आधे घंटे कर दिया गया। पहले प्रतिदिन 98 फेरे लगाए जा रहे थे, जबकि गुरुवार को केवल 48 फेरे ही चलाए गए। कमर्शियल संचालन से उम्मीदें अधिकारियों का मानना है कि अगस्त में ट्रायल और अक्टूबर में कमर्शियल संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फिलहाल ट्रायल रन और संरचनात्मक तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में पार्षद अनवर डकैत के घर और ससुराल पर पुलिस की रेड

Best Indore News: इंदौर में लव जिहाद कांड को लेकर पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत की तलाश जारी है। पुलिस ने उसके घर और ससुराल पर छापेमारी की है, लेकिन वह अभी तक फरार है। अनवर पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इंदौर। लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों का वित्त पोषक पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत छठे दिन भी नहीं मिला। बाणगंगा और सदर बाजार पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। अनवर के विरुद्ध शहर के विभिन्न थानों में 19 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। बाणगंगा पुलिस के अनुसार अनवर पुत्र मोहम्मद असलम कादरी का दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोपित अल्ताफ खान और साहिल ने नाम लिया था। हिंदू युवतियों से दुष्कर्म करने वाले इन दोनों आरोपितों को अनवर ने तीन लाख रुपये देकर कहा था कि उनसे शादी करो और अनैतिक कारोबार में शामिल करो। आरोपितों की अनवर से मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में मुलाकात होती थी। टीआई सियारामसिंह गुर्जर के अनुसार पुलिस ने अनवर को आरोपित बनाया है। उसके घर (भिश्ती मोहल्ला) और ससुराल (सदर बाजार) में छापा मार कार्रवाई की जा रही है। अनवर के विरुद्ध सदर बाजार, आजाद नगर, संयोगितागंज, उज्जैन सहित विभिन्न थानों में 19 केस दर्ज हैं। डीसीपी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित भी कर दिया है। पुलिस ने उसके साले अमजद और आमिर के स्वजन से पूछताछ की है। रासुका की तैयारी, कमिश्नर ने नोटिस भेजा सदर बाजार पुलिस ने अनवर के विरुद्ध रासुका का प्रस्ताव भेजा है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अनवर ने एक प्रदर्शन में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए थे। टीआई यशवंत बड़ौले के मुताबिक अनवर की इस मामले में जमानत हो चुकी है। पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर रासुका का प्रस्ताव भेजा है। सीपी कोर्ट से अनवर को नोटिस भी जारी हो चुका है। सरकार के सामने नहीं चलेगी किसी की दादागीरी शहर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भगोड़े पार्षद अनवर कादरी को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस को फ्री हैंड देने की बात कही। उन्होंने कहा कि डकैत हो या डकैत का बाप प्रदेश सरकार के सामने किसी की दादागीरी नहीं चलेगी।. इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन से दौड़ती रही इंदौर मेट्रो, डबल सप्लाय देना भूले

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Best Indore News: इंदौर मेट्रो के लिए बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही का मामला सामने आया है। मेट्रो ट्रेन को एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे दौड़ाया गया, जबकि नियमानुसार मेट्रो के लिए डबल सर्किट की बिजली व्यवस्था होनी चाहिए थी। इस लापरवाही को बाद में सुधार लिया गया और दूसरी वैकल्पिक लाइन से मेट्रो को जोड़ा गया। इंदौर। इंदौर के सबसे महत्वाकांक्षी मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए बिजली कनेक्शन देने में भी लापरवाही की गई। उद्घाटन के बाद मेट्रो सिर्फ एक ही पोल से मिले अस्थायी बिजली कनेक्शन के सहारे दौड़ती रही। वैकल्पिक दूसरे कनेक्शन की व्यवस्था पर ध्यान ही नहीं दिया गया। करीब एक सप्ताह बाद लापरवाही पकड़ में आई और खामोशी से उसे सुधार लिया गया। 31 मई से मेट्रो ट्रेन आधिकारिक रूप से पटरियों पर दौड़ने लगी। मेट्रो परियोजना की बिजली ग्रिड का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अभी मेट्रो रेल के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से 2 एमवीए का अस्थायी बिजली कनेक्शन लिया गया है, ताकि ग्रिड बनने और स्थायी कनेक्शन होने से पहले तक मेट्रो को चलने के लिए बिजली मिलती रही। नियमानुसार मेट्रो के लिए डबल सर्किट की बिजली व्यवस्था होनी थी। यानी उसे दो जगह से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करना थी, ताकि किसी आपात स्थिति में यदि एक खंभे से बिजली आपूर्ति रुके तो दूसरी जगह से आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। हालांकि वितरण कंपनी के इंजीनियरों ने खानापूर्ति करते हुए डबल सर्किट के नाम पर सिर्फ इतना किया कि एक ही खंभे से दो लाइन डाल दी। तो मेट्रो रेल वहीं रुक जाती मेट्रो इसी के सहारे दौड़ती भी रही। इस बीच बिजली कंपनी में कामों की समीक्षा शुरू हुई। किसी ने ध्यान दिला दिया कि जिस खंबे से मेट्रो ट्रेन को बिजली आपूर्ति की जा रही है। यदि उसे किसी गाड़ी ने टक्कर मारकर गिरा दिया या उसमें किसी तकनीकी रुकावट से आपूर्ति बाधित हुई तो मेट्रो ट्रेन को भी बिजली आपूर्ति रुक जाएगी। यह ऐसे समय होता है जब ट्रेन पटरियों पर दौड़ रही है तो मेट्रो जहां है वहीं रुक जाएगी। मेट्रो शुरुआत में एक सप्ताह जैतपुरा पैंथर लाइन से जुड़े मोनोपोल-ए से अस्थायी कनेक्शन दिया गया। इसी से दो केबल मेट्रो की बिजली के लिए दे दिए गए। करीब सप्ताहभर इस सिंगल पोल से सप्लाई के सहारे ट्रेन दौड़ती भी रही। इसके बाद बिजली कंपनी के मुख्यालय से वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश दिए। तुरत-फुरत में मेट्रो ट्रेन के लिए निरंजनपुर ग्रिड से भी दूसरी वैकल्पिक लाइन देने का आदेश हुआ। इसके बाद दूसरी लाइन से मेट्रो को जोड़ा गया। ताकि यदि जैतपुरा मोनोपोल से बिजली आपूर्ति रुके तो मेट्रो को निरंजनपुर से बिजली मिल सके। हालांकि लापरवाही दबा दी गई और इंजीनियरों से ना जवाब मांगा गया ना कार्रवाई हुई। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।