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CM मोहन यादव देंगे इंदौर को 381 करोड़ की सौगात

Best Indore News: CM Mohan Yadav will give a gift

Best Indore News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में दो बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहे हैं—एक आपातकाल पर संगोष्ठी, और दूसरा 381 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण। इस मौके पर आए इंजीनियरी, बुनियादी ढांचे और लाभार्थियों से जुड़ी कई पहलें शहरवासियों को समर्पित की जाएंगी। आइए विस्तार से देखें दोनों कार्यक्रमों के बारे में: कार्यक्रम 1: आपातकाल पर संगोष्ठी (25 जून रात) इंदौर में बुधवार को आयोजित होने वाली यह संगोष्ठी आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ (25 जून 1975) पर आयोजित की गई है, जिसमें सीएम मोहन यादव लोकतंत्र के सम्मान की बात कहेंगे। कार्यक्रम 2: 381 करोड़ रुपये के विकास कार्य सीएम मोहन यादव इंदौर दौरे के दौरान बड़ी संख्या में 381 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार: कार्यक्रम की रूपरेखा: समय आयोजन सुबह 10:00 बजे आपातकाल संगोष्ठी में भागीदारी दोपहर / शाम 381 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण—जिनमें सीनियर सिटीज़न भवन, रोड अपग्रेडेशन, पार्किंग स्थल, ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर आदि शामिल 381 करोड़ के कार्यों का विस्तृत विवरण जिला प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रियाएं विकास बनाम लोकतंत्र—दोहरी छवि इस कार्यक्रम में दोहरी छवि स्पष्ट दिखेगी: इस तरह के कार्यक्रम से सन्देश साफ है: सीएम यादव की योजनाओं का कुल महत्व मोहन् यादव का इंदौर दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहरी और नागरिक जीवन में दोहरे लाभ ले कर आया है—एक ओर लोकतंत्र का संदेश, वहीं दूसरी ओर बुनियादी संरचना और सुविधा में विकास। इन कार्यों के असर को आम नागरिक आने वाले महीनों में महसूस करें, यही उम्मीद है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

मध्य प्रदेश मौसम अपडेट (25 जून 2025): कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

MP Weather News: Heavy rain warning in many districts

MP Weather News: भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ज़ोरदार संकेतों के बीच राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी भारत में तेज़ी से फैल रहे मानसून की लहर अब मध्य प्रदेश में दस्तक दे चुकी है। 25 जून से राज्य में कई जिलों में भारी बारिश, गर्मी में राहत और बाढ़ की संभावनाएं के मद्देनजर व्यापक संक्रमण देखा जा रहा है। किस जिलों में चेतावनी जारी की गई? IMD ने राज्य के 16 से अधिक जिलों में भारी बारिश का येलो एवं ऑरेंज अलर्ट जारी किया है: आज का खास अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा-नर्मदापुरम संभागों समेत 16 जिलों में 4.5 इंच (करीब 115 मिमी) तक बारिश हो सकती है । इंदौर: बारिश बहाल, राह चलते लोक बिगड़े इंदौर में मंगलवार दोपहर भारी बारिश (लगभग 47.8 मिमी/घंटा) से कई इलाकों में जलभराव हुआ, कम दृश्यता और ट्रैफिक जाम देखने को मिला, साथ ही बिजली कटौती की शिकायतें भी रहीं । मौसम विभाग ने कहा कि अगले 2–4 दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। बारिश के पीछे की वजह आबोहवा में बदलाव: तापमान और उमस में गिरावट नदी-नाले और बाढ़ की संभावना स्थानीय प्रभाव: जीवन और यातायात क्या सचेत रहें? मौसम की दृष्टि से सलाह मध्य प्रदेश में मानसून ने तेज़ी से अपना प्रभाव दिखाया है। तापमान में गिरावट और उमसभरी बारिश ने मानसून की वास्तविकता को महसूस कराया है।हालांकि किसानों के लिए यह राहत भरा मौसम है, लेकिन साथ ही प्रशासन, बोल्डर और नागरिकों के लिए सावधानी, योजना और सतर्कता भी बेहद जरूरी हो गई है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

CM मोहन यादव ने वाराणसी में विकास और स्वास्थ्य पर दिया जोर

Best Indore News: CM Mohan Yadav

MP News: 27 जून 2025 को वाराणसी में आयोजित 25वीं केंद्रीय–राज्य वार्षिक ज़ोनल काउंसिल मीट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आर्थिक और स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और हाल में राज्य में 17 नई सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सफलता बताया। इस कार्यक्रम में UP के CM योगी आदित्यनाथ, Uttarakhand के Pushkar सिंह धामी और Chhattisgarh के Vishnu Deo Sai सहित केंद्र सरकार के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। यह मंच “cooperative federalism” की एक प्रभावी मिसाल रहा, जहां राज्यों ने विकास, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। स्वास्थ्य क्षेत्र में मप्र का नया चरण प्रशासनिक सुधार और सरकारी कर्मचारियों को लाभ मेट्रो क्लस्टर विकास – शहरी मानचित्र बदलेगा आर्थिक सहयोग पर केंद्र–राज्य तालमेल राज्यों की एकरूप रणनीति से ‘विकसित भारत 2047’ अन्य राज्यों के सुझाव और साझेदारी गृह मंत्री अमित शाह ने उठाए कई आयाम मप्र के विकास का नया अध्याय इस ज़ोनल काउंसिल में सीएम मोहन यादव द्वारा उठाए गए कदम दिखाते हैं कि मध्य प्रदेश: वाराणसी सम्मेलन ने स्पष्ट कर दिया कि “कोई राज्य अकेला नहीं छूटेगा।” अब सभी राज्य मिलकर देश में परिवर्तन के मापदंड लिखेंगे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में कांग्रेस करेगी जनसंवाद, नगर निगम कर वृद्धि के खिलाफ जनआंदोलन का ऐलान

Best Indore News: Congress will hold a public dialogue in Indore,

Best Indore News: इंदौर नगर निगम द्वारा हाल ही में घोषित की गई प्रति परिवार नगर कर वृद्धि के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने 22 निगम z zonal कार्यालयों में जनसंवाद और जनआंदोलन की रणनीति शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को एक मंच पर लाना, निगम की नीतियों को जनाभिव्यक्ति तक पहुंचाना और कर वृद्धि पर पुनर्विचार करना है। इंदौर: इस खबर में हम जानते हैं न सिर्फ इस जनआंदोलन के उद्देश्य और प्रक्रियाओं, बल्कि इसके संभावित परिणाम, विरोध पक्ष की टिप्पणी, निगम की प्रतिक्रिया और आगामी राजनीतिक लड़ाई का रुख। संविधान की दिशा में संगठन: कांग्रेस की तैयारी कांग्रेस नेता आलोक शर्मा कहते हैं: “कर वृद्धि की घोषणा से गरीब, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर बोझ बढ़ गया है। करों में कटौती और इनकम स्लैब में बदलाव की मांग करेंगे।” विरोध की वजह: क्या है निगम का फैसला? राजनीतिक रणनीति: “22 क्षेत्रीय संवाद” चरण गतिविधि 1 वार्ड स्तर पर लोकसभा-सदस्य और विधायक अधिवेशन में नींव डालना 2 क्षेत्रीय संवाद— लोगो को बोले, भ्रष्टाचार, कीटाणु—रीलाइज करना 3 मंच से साक्षात्कार, पारदर्शी योजना, सोशल मीडिया वर्चुअल पंचायत 4 आग्रहपत्र– निगम और सरकार को अनुरोध पीसीसी मंच से सौंपना 5 विरोध प्रदर्शन– यदि निगम सुनवाई नहीं करे तो ’स्थायी धरना’ सहयोग नेटवर्क: अन्य पार्टियों और सिविल सोसाइटी जनता की प्रतिक्रिया “एक ही परिवार में चार सदस्य हैं, हम ₹2,000 दे रहे थे, अब तक छूट मिलती थी, अब कमाने के लिए थोड़ी सी भी समस्या बढ़ेगी।” “इलेक्ट्रीशियन बोले हैं— ₹50/दिन की बिक्री करनी मुश्किल हो जाएगी, ये वृद्धि ले-डिस्ट्रिक्ट वेंडर को प्रभावित करेगी। निगम की प्रतिक्रिया “बढ़े टैक्स का मकसद विकास, सड़क, म्यूनिसिपल—बिजली, वाटर और सेनेटेशन है। सभी को फैसलें पारदर्शी तरीके से बताए हैं।” रणनीतिक विश्लेषण और राजनीतिक पहलुओं आर्थिक दृष्टिकोण चुनाव से पहले सियासी बाज़ी संभावित प्रतिक्रिया अगले कदम: फर्क पड़ने वाली योजनाएं यह टकराव सिर्फ कर वृद्धि का नहीं, बल्कि जनसंवाद का है इंदौर की सड़कों पर ये पूछताछ का सवाल है– क्या जनता को शामिल किए बिना ‘विकास’ असंभव है? इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2026 के मुकाबलों की मेजबानी करेगा इंदौर

Indore Sport News: ICC Women's Cricket World Cup 2026

Indore Sport News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने एक बार फिर अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। होलकर स्टेडियम अब ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2026 के कुछ अहम मुकाबलों की मेजबानी करने जा रहा है। इस निर्णय के बाद इंदौर न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर भी एक बार फिर चमक उठा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि महिला विश्व कप 2026 की मेज़बानी भारत करेगा। इस टूर्नामेंट के आयोजन के लिए इंदौर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, लखनऊ और गुवाहाटी जैसे शहरों को संभावित वेन्यू के रूप में चुना गया है। और अब यह लगभग तय हो चुका है कि होलकर स्टेडियम में कम से कम तीन मैचों का आयोजन किया जाएगा। होलकर स्टेडियम: गौरवशाली क्रिकेट इतिहास होलकर स्टेडियम, जिसे पहले नेहरू स्टेडियम के नाम से जाना जाता था, पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट का मजबूत केंद्र बन चुका है। महिला क्रिकेट का बढ़ता कद: इंदौर में मिलेगा नया मुकाम महिला क्रिकेट अब धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता के चरम पर पहुंच रहा है। ऐसे में होलकर स्टेडियम में महिला विश्व कप के मैचों का होना इंदौर शहर और मध्य प्रदेश के लिए बेहद गर्व की बात है। स्टेडियम तैयारियों की समीक्षा शुरू मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) और स्थानीय प्रशासन ने पहले ही स्टेडियम और शहर की सुविधाओं की समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। MPCA अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा: “हम इंदौर को महिला विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे हैं। दर्शकों के बैठने की क्षमता, ड्रेसिंग रूम, मीडिया बॉक्स, प्रैक्टिस नेट्स और सुरक्षा व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होंगी।” इसके अलावा, खिलाड़ियों के रहने, अभ्यास स्थल, मेडिकल सपोर्ट और फिजियो सुविधाओं को भी अपडेट किया जा रहा है। शहर की तैयारियाँ: होटल, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन होगा, इसलिए खिलाड़ियों, स्टाफ और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए होटल बुकिंग, एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट, लोकल शटल व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। इंदौर प्रशासन ने कहा है कि एयरपोर्ट से स्टेडियम तक विशेष रूट तय किए जाएंगे ताकि यातायात बाधित न हो और खिलाड़ियों को सुगम अनुभव मिले। दर्शकों में उत्साह: टिकट बुकिंग को लेकर बढ़ी उम्मीदें इंदौरवासियों में इस खबर के बाद जबरदस्त उत्साह है। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि महिला विश्व कप से महिला क्रिकेट के प्रति नई जागरूकता उत्पन्न होगी। स्कूल, कॉलेज और स्पोर्ट्स क्लब इस आयोजन को लेकर विशेष गतिविधियों की तैयारी कर रहे हैं। MPCA द्वारा टिकट वितरण और बुकिंग व्यवस्था के लिए विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म की योजना बनाई जा रही है। संभावित कार्यक्रम और टीम्स महिला विश्व कप 2026 में 8 से 10 अंतरराष्ट्रीय टीमें भाग लेंगी। इनमें भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमें शामिल होंगी। इंदौर में होने वाले मैचों में से कम से कम एक मुकाबला भारत महिला टीम का हो सकता है – ऐसी उम्मीदें जताई जा रही हैं। राज्य सरकार भी उत्साहित: सांस्कृतिक आयोजन की योजना मध्य प्रदेश सरकार ने इस आयोजन को “खेल और संस्कृति का संगम” बनाने का फैसला किया है। मैचों के दौरान शहर में संस्कृतिक कार्यक्रम, खेल उत्सव, महिला सशक्तिकरण वर्कशॉप्स और युवाओं के लिए स्पोर्ट्स सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी ICC को पत्र लिखकर इंदौर में फाइनल मैच की मेज़बानी की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा: “इंदौर स्वच्छता, संस्कृति और खेल के लिए जाना जाता है। महिला क्रिकेट विश्व कप यहां नई पहचान लेकर आएगा।” क्या बोले खेल विशेषज्ञ? वरिष्ठ क्रिकेट विश्लेषक विजय मेहता ने कहा: “होलकर स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए फेवरेट ग्राउंड है। अगर महिला विश्व कप के बड़े मुकाबले यहां होते हैं, तो न केवल उच्च स्कोरिंग मैच होंगे, बल्कि यह महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई देगा।” युवा खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन इंदौर और आसपास के जिलों में सैकड़ों महिला क्रिकेटर प्रशिक्षण ले रही हैं। इन युवा खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आएगा। भारती क्रिकेट क्लब की कोच रेणुका वर्मा कहती हैं: “हमारी कई खिलाड़ी पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच को लाइव देखने जा रही हैं। इससे उन्हें सपनों को पंख मिलेंगे।” होलकर स्टेडियम से महिला क्रिकेट को मिलेगा नया आयाम ICC महिला विश्व कप 2026 में इंदौर का चयन केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, शहर की पहचान और युवाओं के सपनों की उड़ान का प्रतीक है। होलकर स्टेडियम न सिर्फ मैचों का गवाह बनेगा, बल्कि नए इतिहास की रचना करेगा। यह आयोजन इंदौर की खेल संस्कृति को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा और महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

भारत गौरव यात्रा में इंदौर के यात्रियों को झेलनी पड़ी मुश्किलें:

Best indore News: India's pride tour

Best Indore News: भारत सरकार की “भारत गौरव ट्रेन यात्रा योजना” का उद्देश्य देशवासियों को तीर्थ स्थलों का धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव कराना है, लेकिन हाल ही में इंदौर से रवाना हुए यात्रियों के अनुभव ने इस योजना पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन्स) के लिए यह यात्रा, जो श्रद्धा और आस्था से भरी होनी चाहिए थी, वह अव्यवस्था, थकावट और असहजता का प्रतीक बन गई। भारत गौरव ट्रेन के माध्यम से इंदौर से वाराणसी, गया, पुरी, कोणार्क, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकले श्रद्धालु जब वाराणसी पहुंचे, तो उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। यात्रियों की शिकायत है कि उन्हें गलत हेलीपैड पर उतारा गया, होटल में लिफ्ट नहीं थी, और उन्हें तीसरी मंजिल तक सीढ़ियों से चढ़ना पड़ा। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह अनुभव अत्यंत कष्टदायक रहा। भारत गौरव यात्रा: उद्देश्य और वादा भारत गौरव ट्रेन योजना का शुभारंभ भारत सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया था। इसका उद्देश्य यात्रियों को एक साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कराने का है – वह भी उचित मूल्य पर, भोजन, रहना, ट्रांसपोर्ट, और गाइड की सुविधाओं के साथ। IRCTC द्वारा संचालित यह योजना कई यात्रियों के लिए एक सपना पूर्ण करने जैसी रही है, लेकिन इंदौर से जुड़े इस विशेष मामले ने योजना के प्रबंधन और जमीनी कार्यान्वयन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गलत हेलीपैड पर उतरे यात्री, दूरी हुई दुगुनी वाराणसी पहुंचने पर यात्रियों को गाड़ी से होटल पहुंचाया जाना था। लेकिन अफसोस की बात है कि उन्हें जिस हेलीपैड पर उतारा गया वह उनके होटल से अपेक्षाकृत बहुत दूर था। इससे न सिर्फ यात्रा का समय बढ़ा, बल्कि गर्मी और उमस के बीच घंटों तक बस और टेम्पो में बैठकर घूमना पड़ा। यात्रियों ने शिकायत की कि टूर ऑपरेटर और गाइड को खुद यह जानकारी नहीं थी कि उन्हें किस स्थान पर छोड़ना है। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा। होटल की व्यवस्था बेहद खराब, लिफ्ट नहीं – सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे बुजुर्ग पर्यटकों को जिस होटल में ठहराया गया, वहां लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा नहीं थी। अधिकतर कमरे तीसरी और चौथी मंजिल पर दिए गए थे, जहाँ तक पहुंचने के लिए यात्रियों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। विशेष रूप से 70 से 80 वर्ष की उम्र के यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद थकाने वाला रहा। कुछ यात्रियों की तो सांसें फूलने लगीं, और उन्हें ऊपर पहुंचने में 15-20 मिनट का समय लग गया। श्रीमती कमला बाई शर्मा (उम्र 73) ने बताया, “हमने भगवान के दर्शन के लिए यात्रा की थी, न कि सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए। टूर वालों ने यह नहीं बताया था कि होटल में लिफ्ट नहीं होगी। हमारी तबियत बिगड़ गई।” भोजन की गुणवत्ता और समय भी बना चिंता का विषय भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी कई यात्रियों ने नाराजगी व्यक्त की। एक ओर जहां कहा गया था कि शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा, वहीं यात्रियों को कई बार ठंडा या अधपका खाना दिया गया। साथ ही, खाने का समय नियमित नहीं था, जिससे दवा लेने वाले बुजुर्गों को परेशानी हुई। गाइड की अनुपस्थिति और अनुशासनहीन प्रबंधन गाइड और ट्रैवल स्टाफ से भी यात्रियों को खास सहयोग नहीं मिला। कई स्थानों पर यात्रियों को अकेले मंदिरों या पर्यटन स्थलों तक जाना पड़ा। भीड़ और गर्मी में गाइड न होने से बुजुर्ग यात्री भटकते रहे। श्री अनिल जोशी (उम्र 68) ने बताया, “हमें वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर तक कैसे जाना है – ये किसी ने नहीं बताया। बस ड्राइवर ने कहा – ‘सामने से चले जाइए।’ हमने बड़ी मुश्किल से भीड़ में रास्ता खोजा।” क्या कहती है IRCTC और पर्यटन विभाग की गाइडलाइन? IRCTC की वेबसाइट और बुकिंग ब्रोशर में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा, मेडिकल हेल्प और आरामदायक होटल की व्यवस्था होगी। लेकिन ज़मीनी सच्चाई इससे उलट रही। बुजुर्गों के लिए यात्रा – आशीर्वाद या आफत? भारत गौरव यात्रा योजना में बुजुर्गों की भागीदारी सबसे अधिक रहती है। यह वर्ग आशा करता है कि उन्हें सहूलियत के साथ जीवन में एक बार धार्मिक स्थलों के दर्शन मिलेंगे। लेकिन यदि उन्हें सड़कें, सीढ़ियां, असुविधाएं और उपेक्षा मिलेगी – तो यह यात्रा आशीर्वाद नहीं, आफत बन जाएगी। क्या कहती है जनता: यात्रियों की मांगें और सुझाव यात्रियों की मुख्य मांगें हैं: प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार फिलहाल इस घटना पर IRCTC या राज्य पर्यटन विभाग की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि सोशल मीडिया और यात्रियों के फीडबैक से यह स्पष्ट है कि यह घटना व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही है। श्रद्धा की यात्रा अव्यवस्था की भेंट न चढ़े भारत गौरव यात्रा जैसी योजनाएँ भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक हैं। लेकिन यदि ऐसी योजनाओं में सुविधा और सम्मान की जगह अव्यवस्था और उपेक्षा मिलती है, तो इसका उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। ज़रूरत है कि शासन, IRCTC और संबंधित एजेंसियाँ प्रत्येक यात्रा से पूर्व संपूर्ण योजना, निरीक्षण और यात्रियों की विशेष जरूरतों का ध्यान रखें। ताकि यात्रियों के लिए यह वास्तव में गौरव यात्रा बन सके, न कि एक कठिन परीक्षा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर-उज्जैन मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली नई रफ्तार:

Best Indore News-Indore-Ujjain Metro project

Best Indore News: मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों – इंदौर और उज्जैन – को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना को लेकर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) ने तेज़ी से कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, अब मेट्रो डिपो के निर्माण की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए करीब 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि की आवश्यकता है, जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। डिपो मेट्रो प्रोजेक्ट का वह आधारभूत ढांचा होता है, जहाँ मेट्रो ट्रेनों की मरम्मत, रखरखाव और पार्किंग होती है। बिना डिपो के मेट्रो संचालन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए इस निर्माण कार्य को मेट्रो परियोजना की रीढ़ माना जा रहा है। क्या है इंदौर-उज्जैन मेट्रो प्रोजेक्ट? इंदौर: और उज्जैन को जोड़ने वाली इस मेट्रो परियोजना का उद्देश्य इन दो ऐतिहासिक और आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण शहरों के बीच यातायात को सुगम और तेज़ बनाना है।यह प्रोजेक्ट मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इसमें इंदौर शहर के भीतरी हिस्सों और उज्जैन के तीर्थ क्षेत्रों को जोड़ते हुए लगभग 50 किलोमीटर लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। इस रूट से रोज़ाना लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा, विशेषकर कामकाजी लोग, छात्र, श्रद्धालु और पर्यटक जो उज्जैन महाकाल मंदिर और इंदौर के व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच नियमित आवागमन करते हैं। क्यों जरूरी है मेट्रो डिपो? मेट्रो ट्रेनें सामान्य रेलवे की तुलना में कहीं अधिक हाई-टेक और संवेदनशील होती हैं। उनके लिए अलग से मेनटेनेंस और टेस्टिंग यूनिट की जरूरत होती है।इसलिए हर बड़े मेट्रो रूट के साथ एक या अधिक डिपो (Metro Depot) बनाए जाते हैं। ये स्थान मेट्रो को पार्क करने, उनकी तकनीकी जांच, मरम्मत, सफाई और रात्रि विश्राम के लिए प्रयुक्त होते हैं। डिपो न केवल मेट्रो ट्रेन संचालन का तकनीकी आधार होता है, बल्कि उसमें होने वाले कार्य संचालन, उपकरण नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन का केंद्र भी होता है। कहाँ बन सकता है डिपो? जानिए संभावित लोकेशन मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, डिपो के लिए इंदौर-उज्जैन के बीच स्थित ऐसे क्षेत्र की तलाश की जा रही है जो: उज्जैन रोड और सुपर कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों को लेकर गहन सर्वे जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि प्राइवेट भूमि अधिग्रहण से बचते हुए सरकारी भूमि का ही चयन हो ताकि समय और लागत दोनों की बचत हो सके। भू-अधिकार और पर्यावरणीय स्वीकृति पर भी ध्यान भूमि चयन में केवल स्थान ही नहीं, बल्कि कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। भूमि का गैर विवादित होना, पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन, वन भूमि या आरक्षित क्षेत्र न होना – यह सब आवश्यक है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर भू-अभिलेख, मानचित्र और भूमि स्वामित्व की पूरी जांच की जा रही है। भविष्य के लिए असर: ट्रैफिक कम होगा, समय बचेगा इंदौर और उज्जैन के बीच वर्तमान में बस, ऑटो और निजी वाहनों से यात्रा की जाती है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है। मेट्रो के शुरू होते ही: क्या है आगे की प्रक्रिया? मेट्रो डिपो निर्माण के लिए भूमि चयन के बाद प्रक्रिया इस प्रकार होगी: विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम डिपो के लिए ऐसी सरकारी भूमि की तलाश में हैं जो भविष्य में भी विस्तार की संभावना रखे। यह मेट्रो ऑपरेशन की नींव है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।” भोपाल मेट्रो के बाद अब इंदौर-उज्जैन की बारी ज्ञात हो कि भोपाल मेट्रो परियोजना पहले से अपने अंतिम चरण में है और अक्टूबर 2025 तक उसके ट्रायल रन और यात्री सेवाएं शुरू होने की संभावना है। अब इंदौर-उज्जैन मेट्रो को भी वैसी ही गति देने की कोशिशें चल रही हैं। मेट्रो डिपो बनेगा विकास का इंजन इंदौर-उज्जैन मेट्रो डिपो के निर्माण से न सिर्फ मेट्रो नेटवर्क की तकनीकी मजबूती बढ़ेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्र में नई नौकरियों, व्यावसायिक अवसरों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की संभावनाएं भी जन्म लेंगी। सरकारी भूमि के चयन से परियोजना की लागत घटेगी और समय की बचत भी होगी, जिससे मध्य प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेजी से संभव होगा। इंदौर और उज्जैन को जोड़ने वाला यह मेट्रो रूट आने वाले वर्षों में राज्य के शहरी जीवन को आधुनिकता, सुविधा और सतत विकास की ओर ले जाएगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर: तकनीकी खराबी के चलते जबलपुर फ्लाइट कैंसिल,

Best Indore News: Jabalpur flight cancelled

Best Indore news: यात्रियों ने उस समय जमकर हंगामा कर दिया, जब इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर इंदौर से जबलपुर जाने वाली उड़ान को अंतिम समय में कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद फ्लाइट कंपनी ने पैसेंजर को किराया वापस देने और री-बुकिंग का ऑप्शन दिया। इंदौर: तकनीकी खराबी के चलते जबलपुर फ्लाइट कैंसिल, सूचना न मिलने पर यात्रियों का हंगामा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह भारी हंगामा हो गया, जब इंदौर से जबलपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को अंतिम क्षणों में अचानक रद्द कर दिया गया। यात्रियों को पहले उड़ान में मामूली देरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में उन्हें बिना किसी स्पष्ट जानकारी के बस में डेढ़ घंटे तक बैठाकर रखा गया, जिसके बाद फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना दी गई। इस लापरवाही के विरोध में यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया। उड़ान रद्द, यात्री हुए परेशान घटना शनिवार सुबह की है। इंदौर-जबलपुर इंडिगो फ्लाइट (अनुमानित समय: सुबह 6:55 बजे) के यात्री सुबह 6 बजे ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान 30 मिनट की देरी से उड़ेगा।सुबह 7:15 बजे यात्रियों को टर्मिनल से एयरपोर्ट बस के ज़रिए विमान की ओर ले जाया गया। लेकिन विमान में बोर्डिंग कराने की बजाय उन्हें बस में ही बैठाकर रखा गया। करीब डेढ़ घंटे तक यात्री बस में ही इंतजार करते रहे, लेकिन कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। यात्रियों का फूटा गुस्सा सुबह 9 बजे, फ्लाइट रद्द करने की सूचना दी गई। इस पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्रियों ने कहा कि न तो समय पर सूचना दी गई और न ही उन्हें एयरपोर्ट पर समुचित सुविधा प्रदान की गई। भीषण गर्मी में बस में बैठाए रखने से कई बुजुर्ग और बच्चों को असुविधा हुई। इंडिगो एयरलाइंस की प्रतिक्रिया हंगामा बढ़ता देख इंडिगो एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को फ्लाइट कैंसिल होने की तकनीकी कारणों से जानकारी दी गई।एयरलाइन ने यात्रियों को टिकट रिफंड करने या फ्यूचर डेट्स में री-बुकिंग का विकल्प दिया। हालांकि, कई यात्रियों ने इस व्यवस्था को नाकाफी बताया और इंडिगो की प्रबंधन पर सवाल उठाए। एयर इंडिया पर भी डीजीसीए की सख्ती इस बीच एक अन्य बड़ी खबर में, डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एअर इंडिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी से हटाने के आदेश दिए हैं। इन पर चालक दल (क्रू) की शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग में गंभीर चूक का आरोप है। इन तीन अधिकारियों में एक डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल हैं। डीजीसीए ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की चूक पर लाइसेंस निलंबन और ऑपरेशनल बैन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।एअर इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि डीजीसीए के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इंदौर एयरपोर्ट पर हुए इस घटनाक्रम ने यात्रियों की असुविधा और एयरलाइंस की असमर्थता को उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां यात्रियों को बिना सूचना के बस में बैठाकर रखा गया, वहीं दूसरी ओर तकनीकी कारणों का हवाला देकर फ्लाइट रद्द कर दी गई।यह स्थिति फिर एक बार भारत की विमानन व्यवस्था की पारदर्शिता और यात्रियों के अधिकारों पर सवाल खड़े करती है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर-भुवनेश्वर इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी खराबी, रनवे से लौटा विमान

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Best Indore News: इंदौर से भुवनेश्वर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई 6332 रनवे से वापस लौट आई। प्लेन में तकनीकी खराबी के कारण उड़ान वापस आ गई। यात्रियों को बताया गया है कि फ्लाइट जल्द ही रवाना होगी। इंडिगो एयरलाइंस के इंजीनियर तकनीकी गड़बड़ी को सुधारने में जुटे हुए हैं। इंदौर: से भुवनेश्वर जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E 6332 सोमवार सुबह एक अप्रत्याशित तकनीकी गड़बड़ी के चलते रनवे से वापस लौट आई। एयरक्राफ्ट टेक ऑफ की प्रक्रिया में ही था, तभी पायलट ने समय रहते समस्या को महसूस कर फ्लाइट को रोककर उसे रनवे से टैक्सी कर वापसी कर दी। इस विमान में करीब 80 से अधिक यात्री सवार थे, जो अपनी मंज़िल के लिए तैयार बैठे थे, लेकिन अचानक घोषणा हुई कि उड़ान तकनीकी कारणों से थोड़ी देर के लिए रोकी जा रही है। यात्रियों को आश्वस्त किया गया कि यह केवल एहतियातन कदम है और तकनीकी टीम इस पर काम कर रही है। इंजीनियरिंग टीम सतर्क इंडिगो एयरलाइंस की इंजीनियरिंग टीम ने विमान की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी खराबी के सटीक कारण का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार की तकनीकी खराबी आई थी, लेकिन सूत्रों की मानें तो यह कोई गंभीर समस्या नहीं है और उसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा। पायलट की सतर्कता से टली बड़ी समस्या पायलट की सतर्कता और निर्णय क्षमता की सराहना की जा रही है। उड़ान भरने से पहले ही गड़बड़ी को पहचान लेना एक बड़ी दुर्घटना से बचाव का संकेत माना जा रहा है। पायलट ने तुरंत ग्राउंड स्टाफ को अलर्ट किया और विमान को सुरक्षित रनवे से वापस ले आया। यात्री कर रहे हैं इंतज़ार विमान के रुकने के बाद यात्रियों को केबिन क्रू द्वारा स्थिति की जानकारी दी गई और एयरपोर्ट पर ही इंतजार करने का अनुरोध किया गया। यात्रियों ने भी संयम दिखाया और अधिकतर लोग शांति से विमान में या टर्मिनल में बैठे हुए हैं। इंडिगो का आधिकारिक बयान इंडिगो एयरलाइंस की ओर से कहा गया है कि, “यात्रियों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उड़ान 6E 6332 में एक हल्की तकनीकी दिक्कत आई थी, जिसे हमारे इंजीनियरिंग स्टाफ द्वारा ठीक किया जा रहा है। हम जल्दी ही इस फ्लाइट को रवाना करेंगे।” क्या अगली उड़ान तय समय पर होगी? हालांकि फ्लाइट का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था, लेकिन अब इसमें लगभग एक घंटे से अधिक की देरी हो चुकी है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो विमान दोपहर तक अपनी उड़ान भर सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में प्रदूषण पर लगेगी लगाम, उद्योगों की जांच को बनेगी टीमें, कलेक्टर करेंगे निगरानी

Best Indore News: कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश, शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जाएंगे प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास इंदौर: जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण हेतु प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत जिले में सघन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी। अभियान में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही होगी। जिले में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अनेक प्रभावी कदम भी उठाए जाएंगे। जिले में सभी पेट्रोल पम्पों पर पीयूसी जांच केन्द्र स्थापित करना होंगे। जांच केन्द्र नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में दी गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर निशा डामोर, संयुक्त संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.एन. द्विवेदी, महाप्रबंधक उद्योग स्वप्निल गर्ग सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएबैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी विभागों के साथ मिलकर संयुक्त कार्य योजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। जिले में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए प्रभावी एवं परिणाममूलक प्रयास किए जाएं। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों और वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। यह प्रयास किए जाएं कि कोयले से संचालित होने वाली औद्योगिक इकाइयां जल्द ही गैस के संचालन में परिवर्तित हो जाएं। इसके लिए सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दें। समय-सीमा देकर यह कार्य करवाया जाए। समय सीमा में अपनी औद्योगिक इकाईयां गैस में परिवर्तित नहीं करने पर कार्यवाही की जाए। इसी तरह उन्होंने वाहनों के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही के निर्देश दिए।  वाहनों की भी सख्ती से होगी जांचकलेक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बगैर सूक्ष्म जांच के वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हों। हर वाहन की सूक्ष्मता से जांच की जाना चाहिए। इसी तरह उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि फिटनेस और पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं रखने वालों के विरुद्ध कार्यवाही हो। ऐसे पीयूसी संचालक जो बगैर जांच के ऑफलाइन पीयूसी प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने पोर्टल आधारित पीयूसी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सभी पेट्रोल पंपों सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपन बॉयोमास कचरा एवं खुले में कचरा जलाए जाने पर कार्यवाही की जाए। ज्यादा धूल उड़ने वाले स्थानों को हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित कर मैकेनिकल स्वीपिंग व नियमित जल छिड़काव किया जाए। पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई होगीशहरों के आस-पास के खेतों/ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाए जाने पर सतत निगरानी रखी जाए। पराली जलाने पर चालानी कार्यवाही की जाए। बताया गया कि पराली जलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसके तहत 25 एफआईआर दर्ज हुई है और 837 लोगों पर 18 लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। शहर एवं शहर के बाहर 10 किलोमीटर क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित इकाईयों में पर्यावरण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इस हेतु सतत निगरानी रखी जाए। शहर की सड़कों पर जमीनी धूल-मिट्टी को हटाने हेतु की नियमित साफ-सफाई करायी जाए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।