MP कॉलेजों में 15 दिन में छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का आदेश

Best MP News: मध्य प्रदेश के कॉलेजों में विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नए आदेश जारी किए हैं। अब विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी होने के 15 दिनों के भीतर प्रवेश नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। विभाग ने कॉलेजों को प्रमोट करने पर जोर दिया है और विद्यार्थियों को तुरंत फीस भरने के निर्देश दिए हैं। इंदौर। उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए प्रवेश नवीनीकरण को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। अब विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी होने के 15 दिनों के भीतर प्रवेश नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। छात्र निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें नए सत्र की कक्षाओं में शामिल होने से रोका जा सकता है। इससे उनकी उपस्थिति और परीक्षा में बैठने की पात्रता प्रभावित हो सकती है। विभाग ने कॉलेजों को प्रमोट करने पर जोर दिया है। वहीं विद्यार्थियों को तुरंत फीस भरने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इसके लिए ई-प्रवेश पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। स्नातक द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के साथ स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग आदेशों को लेकर सख्त विद्यार्थियों को पोर्टल पर लॉगिन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और फीस संबंधी जानकारी के लिए अपने कॉलेज से संपर्क करना होगा। विभाग ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को तकनीकी सहायता और स्पष्ट गाइडलाइन प्रदान करें। ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. राजीव झालानी ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग इस बार आदेशों को लेकर सख्त है। यदि यह नियम प्रभावी ढंग से लागू होता है तो यह शैक्षणिक सत्र को समय पर शुरू करने और एकेडमिक कैलेंडर का पालन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। मध्यप्रदेश के कॉलेजों में रिजल्ट घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि रिजल्ट आने के 15 दिनों के भीतर छात्रों को प्रमोशन देकर नई कक्षाओं में एडमिशन सुनिश्चित किया जाए। यह आदेश प्रदेशभर के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों पर लागू होगा। क्या है नया नियम? नई गाइडलाइन के अनुसार, रिजल्ट घोषित होने के बाद कॉलेजों को अधिकतम 15 दिन के भीतर छात्रों का प्रमोशन कर देना होगा। इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों की पढ़ाई में किसी प्रकार की देरी न हो और सत्र समय पर शुरू हो सके। कॉलेजों के लिए क्या होगा प्रोसेस? स्टूडेंट्स को क्या फायदा होगा? मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम छात्रों के हित में है। रिजल्ट आने के 15 दिनों के भीतर प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी करने से शैक्षणिक सत्र समय पर चलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पीएम मोदी से महत्वपूर्ण मुलाकात:

MP News: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री निवास पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण विषयों पर गंभीर संवाद और प्रस्तावों की प्रस्तुति का अवसर भी थी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, जल संरक्षण प्रयासों, किसानों के सम्मेलन, टेक्सटाइल पार्क, मेट्रो प्रोजेक्ट, नक्सलवाद पर कार्रवाई और उज्जैन से जुड़ी वैदिक कालीन समय गणना की पहल जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से कई कार्यक्रमों के उद्घाटन एवं सम्मिलनों में शामिल होने का अनुरोध भी किया, जिसे पीएम मोदी ने सहर्ष स्वीकार किया। सबका साथ, सबका विकास” की भावना से कार्य कर रही है मप्र सरकार: सीएम यादव मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के मूलमंत्र ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास’ के अनुरूप कार्य कर रही है। केंद्र की नीतियों और योजनाओं को ज़मीन पर उतारने में मप्र सरकार पूरी तरह तत्पर है।जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता: पीएम को वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून 2025 तक जल संरक्षण हेतु “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया गया। इस अभियान से भूजल स्तर सुधारने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। खंडवा जिला, देश भर में भूगर्भीय जल भंडारण में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि मध्य प्रदेश ने देश के शीर्ष चार राज्यों में जगह बनाई। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान गुजरात सरकार से प्रेरित था, जिसमें पुराने कुएं, बावड़ियां और नदी तटों का पुनर्जीवन किया गया। उन्होंने पीएम मोदी को इस अभियान के समापन कार्यक्रम में वर्चुअली सम्मिलित होकर आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। सीहोर में 2 लाख किसानों का महासम्मेलन: पीएम को किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने और कृषि आधारित उद्योगों के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में आगामी 12-14 अक्टूबर 2025 को सीहोर जिले में दो लाख से अधिक किसानों का वृहद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को इस ऐतिहासिक सम्मेलन के उद्घाटन हेतु आमंत्रित किया। धार में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क: भूमि पूजन के लिए आमंत्रण मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि धार जिले में पीएम मित्र योजना के अंतर्गत टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य में वस्त्र उद्योग को नया आयाम देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के भूमि पूजन और औद्योगिक खंडों के आवंटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का आग्रह किया। भोपाल मेट्रो अक्टूबर में होगी शुरू, पीएम से उद्घाटन की अपेक्षा डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ हो जाएगा। मेट्रो के संचालन से शहरी यातायात को नई दिशा मिलेगी और आमजन को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को मेट्रो के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: मुख्यमंत्री ने दी जानकारी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में प्रदेश में 10 से अधिक नक्सलवादी मारे गए, जिन पर कुल 1.62 करोड़ रुपये का इनाम था। अब सिर्फ बालाघाट जिले के कुछ हिस्सों में नक्सली गतिविधियां सीमित हैं। गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा के अनुसार, मार्च 2026 तक मप्र को नक्सल मुक्त बना दिया जाएगा। कर्मचारियों की पदोन्नति नीति में बड़ा सुधार मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से अटकी हुई कर्मचारियों की पदोन्नति को प्रदेश सरकार ने हल किया है। नई पदोन्नति नीति के अनुसार, यह सरकारी कर्मचारियों के मनोबल और प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि लाएगा। उज्जैन को फिर से बनाना चाहते हैं समय गणना का केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि तीन हजार वर्ष पूर्व उज्जैन से ही समय की गणना होती थी, जिसे औपनिवेशिक शक्तियों ने पेरिस और बाद में ग्रीनविच स्थानांतरित कर दिया। अब भारत को फिर से वैश्विक समय गणना का केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उज्जैन के पास एक नई वेधशाला स्थापित की गई है, जो वैज्ञानिक समय निर्धारण का प्रमुख केंद्र बनेगी। जनवरी 2026 में वैश्विक सम्मेलन का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसके उद्घाटन हेतु प्रधानमंत्री को आमंत्रण दिया गया। सम्राट विक्रमादित्य की गाथा को वैश्विक मंच पर लाने की योजना मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने आदिकाल में गणतंत्र और सुशासन की स्थापना की थी। उनकी महान गाथा को देशभर में महानाट्य के माध्यम से मंचित किया गया है। अब राज्य सरकार, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री से सहयोग का अनुरोध किया। मप्र विकास की नई ऊंचाइयों की ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रधानमंत्री मोदी से यह मुलाकात मध्य प्रदेश के विकास के अगले चरण का संकेत है। उन्होंने प्रदेश की प्राथमिकताओं को केंद्र तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया और अनेक योजनाओं, कार्यक्रमों और अभियान के लिए प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन और सहभागिता की अपेक्षा जताई। इस मुलाकात से न केवल प्रदेश को केंद्र से सहयोग की नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आएगी। आने वाला समय मध्य प्रदेश के लिए विकास, नवाचार और गौरव की नई कहानियों से भरा होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
MPL 2025: चंबल घड़ियाल्स का धमाका, बुंदेलखंड बुल्स को 6 विकेट से हराया

Sport News: मध्य प्रदेश लीग (MPL) 2025 में रविवार को खेले गए आखिरी लीग मुकाबले में चंबल घड़ियाल्स ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से न सिर्फ मुकाबला जीता बल्कि टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भी प्रवेश कर लिया। बुंदेलखंड बुल्स के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में चंबल ने उन्हें 6 विकेट से हराकर अपनी सेमीफाइनल की सीट पक्की की। अब टीम को ग्वालियर चीताज के खिलाफ सेमीफाइनल खेलना है, जो फाइनल में पहुंचने की निर्णायक भिड़ंत होगी। बारिश से देरी, लेकिन रोमांच बरकरार मध्य प्रदेश: माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम, ग्वालियर में बारिश के चलते मुकाबले की शुरुआत में एक घंटे की देरी हुई, लेकिन खेल शुरू होते ही मैदान पर ऐसा तूफान आया जिसने दर्शकों को सीट से चिपका दिया। यह मुकाबला टूर्नामेंट का वर्चुअल नॉकआउट था — जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में और हारने वाली बाहर। बुंदेलखंड बुल्स की पारी: तेज शुरुआत के बाद धीमा अंत टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बुंदेलखंड बुल्स ने शानदार आगाज किया। हालांकि, मध्य ओवरों में विकेट गिरने और रन गति की धीमी रफ्तार ने टीम की स्कोरिंग को प्रभावित किया। नतीजा यह रहा कि टीम केवल 8 विकेट पर 163 रन ही बना सकी, जबकि शुरुआत 200 के पार का संकेत दे रही थी। चंबल घड़ियाल्स की गेंदबाजी: संयम और धार चंबल की गेंदबाजी में विविधता और अनुशासन दोनों देखने को मिला। चंबल की बल्लेबाजी: अपूर्व और अंकुश का तूफान लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंबल घड़ियाल्स की शुरुआत आग की तरह थी। पहले ही छह ओवर में टीम ने 96 रन बना डाले, जिससे मैच पर उनका कब्जा लगभग तय हो गया। अपूर्व द्विवेदी की तूफानी पारी: अंकुश सिंह का साथ: फिनिशिंग टच: शांत लेकिन सटीक जैसे ही टॉप ऑर्डर अपना काम कर गया, मिडल ऑर्डर ने भी कोई चूक नहीं की: बुंदेलखंड के गेंदबाज नाकाम बुंदेलखंड के गेंदबाज चंबल के शुरुआती आक्रमण को रोकने में पूरी तरह असफल रहे।सौम्य पांडेय ने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन रन गति पर लगाम नहीं लगा सके। बाकी गेंदबाजों को कोई खास सफलता नहीं मिली। सेमीफाइनल मुकाबला: अब ग्वालियर चीताज से भिड़ेगी चंबल इस शानदार जीत के बाद चंबल घड़ियाल्स सेमीफाइनल में ग्वालियर चीताज से भिड़ेगी।ग्वालियर की टीम इस टूर्नामेंट की सबसे स्थिर और संतुलित टीम रही है। दूसरी ओर चंबल की टीम अब लय में है और जीत के जोश के साथ मैदान में उतरेगी। फाइनल में पहुंचने के लिए यह मुकाबला बेहद अहम और हाई वोल्टेज होने वाला है। च का स्कोरबोर्ड सारांश: बुंदेलखंड बुल्स:163/8 (20 ओवर) चंबल घड़ियाल्स:165/4 (18 ओवर) MPL 2025 में चंबल घड़ियाल्स की यह जीत सिर्फ एक मुकाबला नहीं थी, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास, आक्रामकता और रणनीति की जीत थी। अब सेमीफाइनल में ग्वालियर चीताज से भिड़ंत इस पूरे टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मुकाबला बनने की ओर अग्रसर है। क्या चंबल घड़ियाल्स अपनी फॉर्म को बरकरार रख पाएगी? या ग्वालियर चीताज अनुभव का लाभ उठाकर फाइनल में जगह बनाएगी? पूरा मध्य प्रदेश देखेगा इस क्रिकेट महायुद्ध को — MPL 2025 सेमीफाइनल! इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
मध्य प्रदेश के कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र जल्द शुरू, सिलेबस को लेकर असमंजस

MP News: मध्य प्रदेश के कॉलेजों में एक जुलाई से नया सत्र शुरू होने जा रहा है, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के पास अब तक पाठ्यक्रम तैयार नहीं है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यूजी के साथ-साथ पीजी में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई है। इससे प्रदेश के करीब 14 लाख विद्यार्थी परेशान होंगे। मध्य प्रदेश। एक जुलाई से प्रदेश के कॉलेजों में नया सत्र शुरू होने जा रहा है, सोचने वाली बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग के पास अब बस एक सप्ताह का समय शेष है, लेकिन अब तक पाठ्यक्रम भी तैयार नहीं किया जा सका है। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यूजी के साथ-साथ पीजी में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई है तो नया अध्यादेश भी लागू किया गया है। वहीं पीजी पाठ्यक्रम के लिए जारी करिकुलम और क्रेडिट फ्रेमवर्क के आधार पर नवीन अध्यादेश क्रमांक 14(2) के तहत बदलाव किया गया है। अब तक विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं हो पाई है। वहीं अब तक कई विश्वविद्यालयों ने यूजी चतुर्थ वर्ष का परिणाम भी जारी नहीं किया है। इससे पीजी में प्रवेश लेने में परेशानी होगी। विभाग ने ऐसे विद्यार्थियों की सीटों का आवंटन रोक दिया, जो यूजी में पढ़े विषयों को छोड़कर अन्य विषयों से दो वर्षीय पीजी करना चाहते हैं। दरअसल, विभाग पीजी के नए अध्यादेश के तहत व्यवस्था तैयार नहीं कर सके। अब इन विद्यार्थियों को पीजी में प्रवेश कैसे दिया जाएगा, इस संबंध में विभाग विचार कर रहा है। इससे प्रदेश के करीब 14 लाख विद्यार्थी परेशान होंगे।यूजी में यह बदलाव यूजी में यह बदलाव नए अध्यादेश के तहत यूजी में विद्यार्थी तीसरे विकल्प में बहुसंकाय (मल्टी डिस्पलनरी) विषय में से एक का चयन कर सकेंगे। इसमें 12वीं में विद्यार्थी ने जिस संकाय में पढ़ाई किया है, उस विषय को छोड़कर दूसरे संकाय के कोई भी विषय को ले सकेंगे। इसमें अब तक 25 विषयों का पाठ्यक्रम तैयार नहीं हो सका है। पीजी में इस तरह का बदलाव हुआ है दो वर्षीय पीजी में प्रवेश की पात्रता शर्तों में बदलाव हुआ है। इसके अनुसार विद्यार्थियों ने जिन विषयों को यूजी में पढ़ा है, उन्हीं से पीजी कर पाएगा। इन विषयों के अलावा अन्य विषय से पीजी करना चाहते हैं तो उन्हें उसकी पात्रता प्रवेश परीक्षा देकर प्राप्त करनी होगी। अब तक विभाग ने प्रवेश परीक्षा के संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं बनाई है। इसके तहत तीन वर्षीय यूजी करने के लिए जिन विषयों को मेजर(मुख्य विषय) और माइनर विषय बनाया है, उसी से पीजी करने की पात्रता होगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
IIT इंदौर में प्लेसमेंट्स में रिकॉर्ड ग्रोथ

IIT Indore: आईआईटी इंदौर ने प्लेसमेंट में नया रिकॉर्ड बनाया है। 85 प्रतिशत बीटेक छात्रों को नौकरी मिली। एक छात्र को एक करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिला है। पिछले साल के मुकाबले इस साल पैकेज में बढ़ोतरी हुई है। इंदौर: आईआईटी इंदौर के बीटेक के 85% छात्रों को नौकरी मिली है। एक छात्र को तो 1 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज मिला है। यह खबर आईआईटी इंदौर के लिए बहुत बड़ी है। इस साल प्लेसमेंट में कई रिकॉर्ड बने हैं। कई छात्रों को एक से ज्यादा कंपनियों से नौकरी के ऑफर मिले हैं। आईआईटी यानि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग संस्थान माने जाते हैं। मध्यप्रदेश में भी एक आईआईटी है। इस बार आईआईटी इंदौर ने नौकरी के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। आईआईटी इंदौर की 2024-25 की प्लेसमेंट रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस साल कई मामलों में यह रिपोर्ट ऐतिहासिक रही है। पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी की ग्रोथ आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर के 85 फीसदी बीटेक छात्रों को नौकरी मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि एक छात्र को 1 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज मिला है। प्रो जोशी ने कहा कि आईआईटी इंदौर के इतिहास में यह पैकेज अब तक का सबसे ऊंचा है और पिछले वर्ष के अधिकतम पैकेज 58 लाख रुपये की तुलना में 50 प्रतिशत की वृद्धि को प्रदर्शित कर रहा है। औसतन सैलरी पैकेज 27 लाख से ज्यादा आईआईटी की रिपोर्ट बताती है कि इस साल औसत सालाना सैलरी पैकेज 27.30 लाख रुपये रहा। पिछले साल यह 25.45 लाख रुपये था। इस साल पैकेज में औसतन 13% की बढ़ोतरी हुई है। आईआईटी इंदौर के 343 बीटेक छात्रों ने अलग-अलग कंपनियों से मिले नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। 800 से ज्यादा नौकरियों के ऑफर प्लेसमेंट की प्रक्रिया दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी। यह जुलाई 2025 तक चलेगी। अभी तक जिन 52 छात्रों को नौकरी नहीं मिली है, उन्हें भी मौका मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार कुल 395 बीटेक छात्रों में से 343 को 800 से ज्यादा नौकरियों के ऑफर मिले हैं। कई छात्रों को एक से ज्यादा कंपनियों से ऑफर आए हैं। 130 से ज्यादा कंपनियां हुईं शामिल प्लेसमेंट प्रक्रिया में 130 कंपनियां शामिल हुईं। इन कंपनियों में गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सैक्स, डीई शा, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, सी-डॉट, एलएंडटी, डेलॉइट, एक्सेंचर, आइसीआइसीआइ बैंक, बीएनवाई मेलॉन जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं। पिछले साल के मुकाबले इस बार 50 ज्यादा कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसका मतलब है कि इस साल ज्यादा कंपनियों ने छात्रों को नौकरी देने में दिलचस्पी दिखाई।
इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बन सकता है

अपने रणनीतिक स्थान और पार्किंग की उपलब्धता को देखते हुए, यह स्थल उच्च-स्तरीय सम्मेलनों के लिए आदर्श है इंदौर (मध्य प्रदेश): प्रतिष्ठित गांधी हॉल, जो कभी स्मार्ट सिटी इंदौर की सौंदर्यीकरण योजना का प्रमुख हिस्सा था, अब एक और बड़े उद्देश्य के लिए देखा जा रहा है – एक विश्व स्तरीय सम्मेलन केंद्र का विकास। सरकार ने केन्द्रीय स्थान पर स्थित इस हॉल को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे हॉल की तरह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा में परिवर्तित करने की योजना शुरू की है। अपनी रणनीतिक स्थिति और पार्किंग की उपलब्धता को देखते हुए, यह स्थल उच्च स्तरीय सम्मेलनों और पर्यटन सेवाओं के लिए आदर्श है। हाल ही में इंदौर की अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की सचिव वी विद्यावती मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रस्ताव से प्रभावित हुईं। मध्य प्रदेश पर्यटन के क्षेत्रीय निदेशक टी. इलियाराजा ने गांधी हॉल का दौरा किया और इसे एक प्रमुख सम्मेलन केंद्र में परिवर्तित करने की व्यवहार्यता पर विचार किया। स्मार्ट सिटी के सीईओ दिव्यांक सिंह ने कहा कि राज्य सरकार मंजूरी के लिए विस्तृत प्रस्ताव भेजने पर विचार कर रही है। इस योजना में इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, आईएमसी और स्थानीय विरासत विशेषज्ञों के साथ सहयोग शामिल है। अत्याधुनिक अंदरूनी हिस्सों और कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं के अलावा, विकास में एक पर्यटक सूचना केंद्र, कैफे, स्मारिका दुकानें और प्रदर्शनी स्थल भी शामिल होंगे। अधिकारियों का लक्ष्य विरासत संरचना को संरक्षित करते हुए इसकी उपयोगिता को बढ़ाना है। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो गांधी हॉल जल्द ही इंदौर के सांस्कृतिक और सम्मेलन परिदृश्य का केंद्र बन सकता है।