MP विधानसभा में गरजने को तैयार कांग्रेस, भाजपा पर बरसेगा सवालों का मानसून!

MP News: मध्य प्रदेश में अगले महीने विधानसभा का मानसून सत्र होगा। कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामलों पर सरकार से सवाल पूछने का फैसला किया है। साथ ही ग्वालियर में लगातार चर्चा में बने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा मामले में सरकार की चुप्पी पर भी हंगामा होगा। MP विधानसभा मानसून सत्र: कांग्रेस का वार, भाजपा पर सवालों की बौछार की तैयारी भोपाल, जून 2025 – मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। इस बार कांग्रेस पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में है और उसने सत्र में भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा के अंदर सवालों की बारिश और विरोध का गरजता तूफान देखने को मिल सकता है। कांग्रेस ने दावा किया है कि सरकार कई मोर्चों पर विफल रही है और जनता के सवालों का जवाब देने से बच रही है। अब सदन में उसे हर जवाबदेही के लिए मजबूर किया जाएगा। आइए जानते हैं कांग्रेस किन मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की योजना बना रही है और भाजपा का क्या जवाब है। भोपाल (MP Assembly Monsoon Session)। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस (Congress in MP) अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अत्याचार के मामलों को उठाएगी। इसके लिए सागर, छतरपुर, दमोह सहित अन्य जिलों में हुईं हत्या-मारपीट जैसी घटनाओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के मामले में सरकार की चुप्पी, लगातार लिए जा रहे कर्ज, खाद की कमी सहित अन्य मुद्दों को भी उठाने की तैयारी है। कब से शुरू होगा एमपी में विधानसभा का मानसून सत्र इसी तरह दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुंडागर्दी के साथ बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आदिवासियों के पट्टे निरस्त करने का मुद्दा उठाने की तैयारी है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश के तीन लाख से अधिक पात्र आदिवासियों की पात्रता होने के बाद भी अब तक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टे नहीं दिए हैं।दूसरी ओर आदिवासियों की जमीन बड़े पैमाने पर अधिकारियों द्वारा सांठगांठ करके गैर आदिवासियों को बेची जा रही है। प्रदेश के ऊपर कर्ज सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसे कम करने के स्थान पर सरकार लगातार कर्ज ले रही है। वहीं, विभागों में पूंजीगत कामों की गति धीमी है, जिसके कारण अधोसंरचना विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं। भाजपा संविधान और दलित विरोधी कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इस बात को पूरी ताकत के साथ रखें कि भाजपा संविधान और दलित विरोधी है। ग्वालियर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना से जुड़े विवाद पर अब तक न तो मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने समाधान निकालने की कोई पहल ही और न ही पार्टी की ओर से अपना पक्ष स्पष्ट किया गया। इससे साफ है कि भाजपा संविधान विरोधी है। दलितों पर अत्याचार के मामले में प्रदेश अव्वल है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा का पलटवार – “विकास ही जवाब है” दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस बेवजह का हंगामा खड़ा कर रही है। भाजपा के मुख्य सचेतक ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली जैसे हर क्षेत्र में रिकॉर्ड काम हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संकेत दिए हैं कि मानसून सत्र में उनकी सरकार विकास के आंकड़ों के साथ विपक्ष को जवाब देगी। साथ ही राज्य में हाल ही में घोषित नई योजनाओं और निवेश आकर्षण की सफलता भी उजागर की जाएगी। MP विधानसभा का यह मानसून सत्र हंगामेदार होने के पूरे संकेत दे रहा है। विपक्ष तैयारी में है, सत्ता पक्ष जवाब के लिए मोर्चा संभाल रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सदन में असली मुद्दों पर कितनी चर्चा होती है और कितनी राजनीति। जनता की नजरें दोनों दलों पर हैं—वो जवाब चाहती है, बहाने नहीं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

Indore Weather Updait: इंदौर, 26 जून 2025 – मौसम विभाग ने इंदौर और आसपास के इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी में कहा गया है कि आज दीर्घावधि बादल और मॉनसून की सक्रियता के चलते मध्यम स्तर की बारिश होगी, साथ ही बिजली और तेज हवाओं की संभावना भी बनी रहेगी । पिछले 24 घंटों में पूर्वी इंदौर में 15.5 मिमी और पश्चिमी भाग में 1 मिमी बारिश दर्ज हुई महत्वपूर्ण राहत मिली है इस सप्ताह, इंदौर का तापमान लगभग 4–6°C नीचे दर्ज किया जा रहा है—अधिकतम रीडिंग 28–29°C के आसपास और न्यूनतम 23–24°C बनी हुई है । इंदौर में आज भारी बारिश के आसार हैं, मौसम विभाग ने इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया है। शहर में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चल सकती है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर ऊपरी हवा का चक्रवात और बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवात सक्रिय है। परिस्थिति और अगले चार दिन का पूर्वानुमान मौसम विज्ञानियों के अनुसार, आज से लेकर आगामी शनिवार तक इंदौर में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। अगले 4–7 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश, आंशिक बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा । विशेष दिन-wise पूर्वानुमान है: 27 जून के बाद बारिश में आएगी कमी वहीं अरब सागर से एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व मप्र की ओर जा रही है। ऐसे में अरब सागर से आ रही नमी के कारण इंदौर में अभी मध्यम से भारी वर्षा की स्थितियां दिखाई दे रही हैं। गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इस वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी पर रोक लगेगी। ऐसे में 27 जून को शहर में मध्यम बारिश होगी और इसके बाद बारिश में कमी आएग क्या जोखिम है – तैयारी आवश्यक संभावित चुनौतियों पर नजर अपनी सुरक्षा के लिए उठाएं ये कदम सावधान रहें, सुरक्षित रहें मौसम की यह सक्रियता किसानों के लिए फायदेमंद है, लेकिन शहरवासियों के लिए यह चुनौतियाँ भी ला सकता है—खासकर ट्रैफिक और स्वास्थ्य के संदर्भ में।इसलिए आवश्यकता है कि हम सभी योजना और समय की निगरानी के साथ सतर्क रहें, बारिश से उत्पन्न जोखिमों को नियंत्रित करें। बारिश जारी है, लेकिन सावधानी के साथ आप शिविर में सुरक्षित रह सकते हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
मध्यप्रदेश के GMC में बनेगी देश की दूसरी मल्टी‑डिसिप्लिनरी मेडिकल रिसर्च यूनिट

MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज होने जा रही है। यहां जल्द ही देश की दूसरी मल्टी‑डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MDRU) की स्थापना की जाएगी। यह कदम न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने वाला है, बल्कि पूरे भारत में चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को भी मजबूत करेगा। भोपाल: राजधानी का गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जल्द ही चिकित्सा अनुसंधान (मेडिकल रिसर्च) का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के निर्देशन में देश की दूसरी ‘मेडिकल रिसर्च स्किल यूनिट’ स्थापित की जा रही है। इस तरह की यूनिट पहले पुणे में स्थापित की जा चुकी है। यह ऐसी इकाई होगी, जहां डाक्टरों को अनुसंधान की आधुनिक तकनीकों और नैतिक बारीकियों का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह यूनिट भोपाल समेत राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, पंजाब, चेन्नई, मुंबई, भुवनेश्वर और पूर्वोत्तर राज्यों के चिकित्सकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगी। जीएमसी में बनने वाली इस नई यूनिट के लिए तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला की शुरुआत बुधवार को हुई। MDRU क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण? MDRU यानी मल्टी‑डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट ऐसे केंद्र होते हैं जहाँ कई मेडिकल विभाग शोध कार्यों को संयोजित रूप से अंजाम देते हैं।भोपाल की यह यूनिट रायपुर (GMC का पहला MDRU) के बाद देश भर में दूसरी होगी, जिसे ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय की मान्यता मिली है GMC में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार यह मॉर्डनाइजेशन डॉक्टरों को सुविधाजनक और समयबद्ध चिकित्सा जांच की सुविधा प्रदान करेगा। खास शोध—क्या होंगे प्रमुख फोकस? MDRU के तहत कई गंभीर और सामूहिक स्वास्थ्य समस्याओं पर शोध होगा: ये सभी पहलें न सिर्फ मरीजों को लाभ देंगी, बल्कि वैज्ञानिक और मेडिकल छात्रों के लिए भी अत्यधिक शिक्षाप्रद होंगी। शैक्षणिक और चिकित्सा छात्रों पर लाभ भोपाल चिकित्सा इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण योगदान अभी भी चुनौती क्या हैं? क्या कहते हैं जिम्मेदार? भोपाल होगा रिसर्च राजधानी भोपाल का GMC चिकित्सकीय अनुसंधान में नई गति प्राप्त करने वाला है।MDRU की स्थापना से: यह पहल मध्यप्रदेश को मेडिकल रिसर्च के मानचित्र में एक नई ऊँचाई प्रदान कर सकती है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में अब सिर्फ ऑनलाइन PUC सर्टिफिकेट ही मान्य

Best Indore News: जून 2025 – इंदौर में अब वाहन चालकों को अपने प्रदूषण नियंत्रण (Pollution Under Control – PUC) प्रमाणपत्र को लेकर नई व्यवस्था के अनुसार चलना होगा। परिवहन विभाग और नगर प्रशासन ने मिलकर निर्णय लिया है कि अब से केवल ऑनलाइन जारी किए गए PUC सर्टिफिकेट ही वैध माने जाएंगे, जबकि ऑफलाइन या मैनुअल प्रमाणपत्रों को पूरी तरह से अमान्य घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, फर्जी सर्टिफिकेट की बढ़ती संख्या और ट्रैकिंग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। क्या है PUC सर्टिफिकेट? PUC सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं और गैसें तय सीमा के भीतर हैं और वह वाहन पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है। भारत सरकार द्वारा यह नियम केंद्रीय मोटर व्हीकल नियम 1989 के अंतर्गत लागू किया गया है और हर वाहन के लिए यह सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। क्यों हुआ यह बदलाव? इंदौर आरटीओ और परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में वाहन मालिक अब भी फर्जी या मैनुअल प्रमाणपत्र बनवा कर चल रहे हैं। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि शहर की वायु गुणवत्ता को भी नुकसान पहुंचा रहा है। आरटीओ इंदौर के अधिकारी शिवराज पटेल के अनुसार: “अब शहर में PUC सर्टिफिकेट केवल ऑनलाइन ही मान्य होंगे। यह कदम पारदर्शिता, सटीकता और डेटा ट्रैकिंग की सुविधा के लिए लिया गया है।” ऑनलाइन सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें? अब वाहन मालिकों को अपने नजदीकी प्रमाणित PUC केंद्र पर जाकर वाहन की जांच करवानी होगी, और वहां से ऑनलाइन PUC प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसे वाहन पोर्टल पर भी देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। प्रक्रिया: ऑफलाइन सर्टिफिकेट रखने वालों को चेतावनी परिवहन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑफलाइन सर्टिफिकेट अब अवैध माने जाएंगे। किसी भी चेकिंग में अगर वाहन चालक के पास ऑफलाइन या मैनुअल प्रमाणपत्र पाया गया तो उस पर ₹1000 से ₹5000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर वाहन जब्त तक किया जा सकता है। इस फैसले के पीछे की पर्यावरणीय चिंता इंदौर, जो पहले ही देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में प्रसिद्ध है, अब वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है। शहर में प्रति दिन लाखों वाहनों का आवागमन होता है, जिनमें से कई प्रदूषण मानकों पर खरे नहीं उतरते। शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को स्थिर बनाए रखने और नागरिकों को स्वस्थ पर्यावरण देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। डेटा ट्रैकिंग और निगरानी होगी आसान ऑनलाइन सर्टिफिकेट से अब प्रशासन को यह जानना आसान होगा कि कौन-से वाहन समय पर पीयूसी करवा रहे हैं और कौन नहीं। साथ ही, यह सिस्टम वाहनों की नियमित निगरानी, धोखाधड़ी रोकने, और बड़े पैमाने पर डेटा एनालिसिस में मददगार होगा। पर्यावरण विभाग के अफसरों ने भी इसे स्मार्ट ट्रैकिंग के लिए एक जरूरी कदम बताया है। टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालकों पर होगा असर इंदौर में लगभग 70% वाहन दोपहिया और ऑटो रिक्शा हैं। इन वाहनों से निकलने वाला धुआं, खासकर पुराने वाहनों से, प्रदूषण का बड़ा कारण बनता है। इसलिए प्रशासन की नजर अब टू-व्हीलर्स पर भी विशेष रूप से है। कब से लागू होगा यह नियम? यह नियम 1 जुलाई 2025 से पूरे इंदौर जिले में प्रभावी होगा। PUC केंद्रों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे मैनुअल प्रमाणपत्र जारी न करें, और पूरी तरह से ऑनलाइन प्रणाली को अपनाएं। PUC केंद्रों की सूची और शुल्क इंदौर में वर्तमान में 150+ प्रमाणित पीयूसी सेंटर हैं, जिनकी सूची परिवहन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। दोपहिया वाहनों के लिए औसतन शुल्क ₹50 और चार पहिया डीजल वाहनों के लिए ₹100 तक है। जनता से अपील प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर PUC जांच करवाएं, फर्जी सर्टिफिकेट से बचें और ऑनलाइन सर्टिफिकेट ही प्राप्त करें। इस पहल से न केवल प्रदूषण पर अंकुश लगेगा बल्कि नागरिकों को भी सड़क पर परेशानी नहीं होगी। इंदौर नगर प्रशासन और परिवहन विभाग का यह निर्णय भविष्य की दृष्टि से अत्यंत सराहनीय है। जहां एक ओर यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों के लिए भी डिजिटल ट्रैकिंग और कानूनी रूप से सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त करता है। अगर हर वाहन मालिक समय पर सही तरीके से PUC सर्टिफिकेट लेगा, तो इंदौर न केवल स्वच्छता में नंबर 1 बना रहेगा, बल्कि वायु गुणवत्ता के मामले में भी देश में उदाहरण बनेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
MPL 2025 का फाइनल: रोमांच, तनाव और जश्न से भरपूर मुकाबले में चंबल घड़ियाल्स बनीं चैंपियन

Indore Sport News: जून 2025 – मध्यप्रदेश की बहुचर्चित MPL (Madhya Pradesh Premier League) 2025 का फाइनल मुकाबला रविवार रात इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। यह मुकाबला दर्शकों के लिए एक अद्वितीय क्रिकेट अनुभव लेकर आया, जिसमें चंबल घड़ियाल्स और ग्वालियर चीताज की टीमें आमने-सामने थीं। मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि अंतिम ओवर तक नतीजे की भविष्यवाणी कर पाना नामुमकिन था। चंबल घड़ियाल्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतिम ओवर में मैच को जीतकर MPL 2025 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टॉस और रणनीति मैच की शुरुआत ग्वालियर चीताज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लेकर की। कप्तान राजवीर तोमर का मानना था कि पहले बैटिंग करके बोर्ड पर बड़ा स्कोर डालना फायदे का सौदा होगा, लेकिन चंबल की गेंदबाजी योजना ने उन्हें चौंका दिया। ग्वालियर की पारी – मजबूत शुरुआत, बिखरती मिडल ऑर्डर ग्वालियर की ओर से ओपनर हर्ष दुबे और सौरभ परमार ने अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने पहले 6 ओवर में 65 रन जोड़े। हर्ष ने 34 गेंदों पर 48 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे। लेकिन मिडल ऑर्डर में चंबल के स्पिन अटैक ने ग्वालियर की गति को रोक दिया। स्पिनर आर्यन सिंह और विनीत रावत ने मिलकर 6 विकेट लिए। अंत में कप्तान राजवीर ने 24 गेंदों पर 40 रन की अहम पारी खेली और स्कोर को 162/8 तक पहुंचाया। चंबल की पारी – धीमी शुरुआत, फिर तूफानी अंदाज लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंबल की टीम की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। ओपनर अपूर्व द्विवेदी और अंकुश सेन को शुरुआती झटके लगे, लेकिन फिर पारी को संभाला कप्तान शुभम शर्मा और हरप्रीत सिंह ने। शुभम ने 35 गेंदों में 52 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि हरप्रीत ने 29 गेंदों में 46 रन बनाए। मैच आखिरी 2 ओवरों में पहुंचा जब चंबल को 18 रन चाहिए थे। पंकज शर्मा ने अंतिम ओवर में एक छक्का और दो चौके लगाकर टीम को विजयी बना दिया। स्टेडियम में जश्न का माहौल होलकर स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। जैसे ही विजयी रन बना, पूरा स्टेडियम “चंबल-चंबल” के नारों से गूंज उठा। टीम के कोच, खिलाड़ियों और स्टाफ ने मैदान पर दौड़ते हुए जश्न मनाया। फायरवर्क, पटाखे और रंग-बिरंगे कन्फेटी के साथ ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह हुआ। ट्रॉफी MPL चेयरमैन श्री नवीन परमार और MPCA अध्यक्ष डॉ. नितिन चौधरी ने कप्तान शुभम शर्मा को सौंपी। पुरस्कार वितरण लाइव स्ट्रीम और सोशल मीडिया हाइप इस मैच का लाइव प्रसारण यूट्यूब और MPL की आधिकारिक वेबसाइट पर किया गया, जिसे 3 लाख से ज्यादा दर्शकों ने लाइव देखा। ट्विटर पर #MPLFinal और #ChambalChampions ट्रेंड करने लगे। इंदौर के लोकल कैफे और रेस्तरां में भी मैच को बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया, जिससे पूरे शहर में क्रिकेट का उत्सव छा गया। खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं कप्तान शुभम शर्मा (चंबल घड़ियाल्स): “ये सिर्फ एक जीत नहीं, पूरी टीम की मेहनत और एकता का परिणाम है। हम पूरे टूर्नामेंट में एक परिवार की तरह खेले और आज उसका फल मिला।” राजवीर तोमर (ग्वालियर चीताज कप्तान): “हमने अच्छा खेला, लेकिन चंबल ने निर्णायक क्षणों में हमसे बेहतर प्रदर्शन किया। हम अगली बार और मजबूती से लौटेंगे।” MPL 2025 का समापन – भविष्य के सितारों को मिला मंच इस टूर्नामेंट के जरिए मध्यप्रदेश के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मंच मिला। कई खिलाड़ियों को अब रणजी ट्रायल्स और IPL टीमों की नजर में आने का मौका मिलेगा। आयोजकों ने घोषणा की कि MPL 2026 अगले वर्ष और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। MPL 2025 का फाइनल एक ऐसा मुकाबला था जिसमें रोमांच, खेल भावना, टीम वर्क और दर्शकों का भरपूर साथ देखने को मिला। चंबल घड़ियाल्स ने यह साबित किया कि कड़ी मेहनत और रणनीति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर नेशनल इंस्टीट्यूशन्स क्रिकेट चैंपियनशिप 2025

Indore Sport News: जून 2025 – शैक्षणिक उत्कृष्टता और खेल कौशल के संगम को दर्शाता एक भव्य आयोजन इस वर्ष IIM इंदौर में शुरू हुआ है। Indore National Institutions Cricket Championship 2025 का उद्घाटन सोमवार को हुआ, जिसमें देश के पाँच प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों की टीमें भाग ले रही हैं। इस टूर्नामेंट में न केवल प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊँचा है, बल्कि यह आयोजन छात्रों और जवानों के बीच समन्वय, अनुशासन और टीम भावना को भी बढ़ावा दे रहा है। प्रतिभागी संस्थान इस वर्ष के टूर्नामेंट में निम्नलिखित पाँच प्रतिष्ठित संस्थानों की टीमें भाग ले रही हैं: इन संस्थानों की टीमों में विभिन्न राज्यों से आए हुए खिलाड़ी शामिल हैं, जो न केवल शिक्षा में अग्रणी हैं बल्कि खेल में भी निपुणता दिखाने को तैयार हैं। इंदौर में हुआ भव्य उद्घाटन समारोह इंदौर उद्घाटन समारोह IIM इंदौर के खेल मैदान पर हुआ, जिसमें संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु राय, आर्मी वॉर कॉलेज से ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी, एवं IIT इंदौर के स्पोर्ट्स चेयरपर्सन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गान और मैत्री प्रदर्शनी मैच के साथ हुई। इस प्रदर्शनी मैच में IIM और आर्मी वॉर कॉलेज की टीमों ने दोस्ताना मुकाबला खेला। प्रो. राय ने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा के साथ खेल जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। ऐसे टूर्नामेंट छात्रों को लीडरशिप, टीम वर्क और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं।” मैच फॉर्मेट और व्यवस्था इस चैंपियनशिप को राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हर टीम एक-दूसरे से भिड़ेगी। टॉप दो टीमें फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होंगी। सभी मैच T20 फॉर्मेट में होंगे और IIM इंदौर के नए विकसित क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जाएंगे, जहाँ आधुनिक पिच और एलईडी स्कोरबोर्ड जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। टूर्नामेंट के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जिसमें छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और खेल प्रशिक्षकों को शामिल किया गया है, ताकि निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित हो सके। पहला दिन: IIT vs Army War College – रोमांचक शुरुआत टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में IIT इंदौर और Army War College, Mhow की टीमें आमने-सामने रहीं। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा जिसमें IIT इंदौर ने 6 विकेट से जीत दर्ज की।Army War College ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 147 रन बनाए। जवाब में IIT की टीम ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।मैन ऑफ द मैच रहे IIT के आरव वर्मा, जिन्होंने 38 गेंदों पर 62 रनों की धमाकेदार पारी खेली। छात्रों और दर्शकों में उत्साह IIM इंदौर का विशाल ऑडिटोरियम और खेल परिसर छात्रों से भरा रहा। मैच के दौरान छात्र ढोल-नगाड़े, बैनर और पोस्टर के साथ अपनी-अपनी टीमों को प्रोत्साहित करते नजर आए। यह नजारा किसी पेशेवर लीग से कम नहीं था। वहीं, आर्मी टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस और अनुशासन भी दर्शकों को बहुत प्रभावित कर रहा था। आयोजकों की योजना और उद्देश्य IIM इंदौर के स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर प्रो. सौरभ अग्रवाल ने बताया: “इस टूर्नामेंट का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और सैन्य संस्थानों के बीच सामाजिक और खेल संबंध को मजबूत करना है। यह आयोजन वर्ष भर का प्रतीक्षित कार्यक्रम बन चुका है।” उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में इस टूर्नामेंट को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना है, जिसमें देशभर के अन्य IIMs, IITs और रक्षा संस्थान भाग लेंगे। पुरस्कार और सम्मान विजेता टीम को मिलेगा: साझेदारी और प्रायोजन इस वर्ष के टूर्नामेंट को कई स्थानीय और राष्ट्रीय ब्रांड्स का सहयोग प्राप्त हुआ है। इनमें कुछ प्रमुख नाम हैं: इन सभी संस्थानों ने खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को मंच देने की दिशा में प्रशंसनीय कार्य किया है। Indore National Institutions Cricket Championship 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना का उत्सव है। IIM इंदौर द्वारा आयोजित यह आयोजन देश के उभरते नेतृत्वकर्ताओं, इंजीनियरों, वकीलों और सेना के अफसरों को एक साझा मंच पर लाता है, जहाँ वे न केवल खेल में श्रेष्ठता साबित करते हैं, बल्कि जीवन कौशल भी सीखते हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
नगर निगम का बड़ा फैसला: संपत्ति कर में बढ़ोतरी, बदले रेट जोन और स्लैब

Best Indore News: इंदौर नगर निगम (IMC) ने शहरवासियों के लिए संपत्ति कर (Property Tax) से जुड़ी एक अहम घोषणा की है, जिससे हजारों नागरिकों पर सीधा असर पड़ेगा। निगम ने रेट जोन (Rate Zone) की सीमा और संपत्ति कर स्लैब में व्यापक बदलाव करते हुए वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value) को भी संशोधित कर दिया है। इस बदलाव के कारण कई क्षेत्रों में लोगों का कर भार दो से तीन गुना तक बढ़ सकता है। इस निर्णय को निगम प्रशासन ने राजस्व वृद्धि और शहर की स्मार्ट सिटी रैंकिंग में सुधार के लक्ष्य से जोड़ा है, लेकिन आम नागरिकों और व्यापारियों में इसे लेकर चिंता और आक्रोश दोनों ही दिखाई दे रहा है। क्या है रेट जोन और क्यों हुआ बदलाव? नगर निगम शहर को विभिन्न रेट जोन में बांटता है – जैसे कि प्राइम लोकेशन, कमर्शियल जोन, रेसिडेंशियल जोन आदि। इन जोनों के आधार पर संपत्ति कर की गणना होती है। अबकी बार निगम ने लगभग 60% इलाकों की श्रेणी में बदलाव कर उन्हें ऊंची श्रेणी में कर दिया है। उदाहरण के लिए: किराया मूल्य में हुआ इजाफा निगम ने संपत्ति कर की गणना में उपयोग किए जाने वाले वार्षिक किराया मूल्य (ARV) को नए तरीके से निर्धारित किया है। पुराना किराया मूल्य – ₹12 प्रति वर्गफुट (आवासीय)नया किराया मूल्य – ₹30-40 प्रति वर्गफुट (क्षेत्र विशेष के अनुसार) इसका असर यह होगा किजिनका पहले सालाना संपत्ति कर ₹3,000 था, अब उन्हें ₹7,000 से ₹10,000 तक देना पड़ सकता है। कमर्शियल प्रॉपर्टी पर पड़ेगा सीधा असर नया नियम खासकर दुकानदारों, ऑफिस बिल्डिंग्स और कमर्शियल हब्स पर ज्यादा असर डालेगा। रेसिडेंशियल जोनों में भी बढ़ोतरी हुई है लेकिन व्यापारिक संपत्तियों पर टैक्स भार तीन गुना तक बढ़ेगा। नगर निगम का तर्क: राजस्व सुधार और विकास जरूरी नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि: “पिछले पांच वर्षों से संपत्ति कर में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि शहर की आबादी, सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर लागत लगातार बढ़ रही है। इस बदलाव से लगभग ₹200 करोड़ अतिरिक्त राजस्व मिलेगा जिससे नागरिक सुविधाएं बेहतर की जा सकेंगी।” निगमायुक्त ने कहा कि ये राशि पेयजल, सफाई, सीवरेज और सड़क विकास में लगाई जाएगी। नागरिकों का विरोध और असंतोष इन बदलावों के खिलाफ आमजन में असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में RWA (Resident Welfare Association) ने विरोध जताया है। अनामिका जैन (सुदामा नगर निवासी) कहती हैं: “हम पहले ही महंगाई से परेशान हैं, अब टैक्स भी तीन गुना कर दिया गया। नगर निगम ने हमसे पूछे बिना फैसला क्यों लिया?” इंदौर व्यापार महासंघ ने भी कहा है कि: “यह फैसला छोटे व्यापारियों को खत्म कर देगा। हम इसे न्यायालय में चुनौती देंगे।” संपत्ति कर की नई स्लैब दरें (उदाहरण) जोन प्रकार पुराना टैक्स नया टैक्स (संभावित) ZONE-C आवासीय ₹2,500 ₹5,000 ZONE-B दुकान ₹7,000 ₹14,000 ZONE-A ऑफिस ₹10,000 ₹28,000 नोट: वास्तविक दरें क्षेत्र और वर्गफुटेज पर आधारित होती हैं। टैक्स पेमेंट की नई व्यवस्था निगम ने यह भी घोषणा की है कि कर भुगतान के लिए ऑनलाइन पेमेंट पोर्टल को अपग्रेड किया गया है। इसके अंतर्गत: रियायत और सुझाव आमंत्रण का आश्वासन हालांकि विरोध के बाद नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि: कर बोझ या विकास का आधार? इंदौर में रेट जोन और किराया मूल्य में बदलाव नगर निगम की विकास-नीति का हिस्सा है। लेकिन जब तक इसकी सही तरीके से सामाजिक और आर्थिक वर्गों पर विवेचना नहीं होगी, तब तक यह निर्णय भारी विवाद का कारण बन सकता है। आम नागरिकों और व्यापारियों की राय, राहत योजना और पारदर्शिता के साथ लागू की गई व्यवस्था ही इस फैसले को स्वीकार्य बना सकती है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में गंदे पानी पर नगर निगम का सख्त एक्शन:

Best Indore News: इंदौर नगर निगम अब शहर में मिल रहे गंदे पानी को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार कई कॉलोनियों और वार्डों से पीने के पानी में गंदगी, बदबू, और मटमैले रंग की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम जनता बेहद परेशान थी। अब इस पर निगमायुक्त हरीश राठौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए जलप्रदाय विभाग और जोन अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि “अब किसी भी क्षेत्र से गंदे पानी की शिकायत नहीं आनी चाहिए।” शिकायतों का सिलसिला और जनता की नाराज़गी पिछले महीने इंदौर के कई क्षेत्रों – जैसे राजेंद्र नगर, माणिकबाग, सिलिकॉन सिटी, खजराना, मालवा मिल, और सुदामा नगर – से गंदे पानी की शिकायतें दर्ज की गईं। लोगों ने बताया कि पानी में बदबू आ रही है, उसमें कीड़े हैं या वह नहाने तक लायक नहीं है। कुछ जगहों पर यह पानी पीने से डायरिया और स्किन एलर्जी जैसी बीमारियों की भी खबरें आईं। स्थानीय निवासी भावना तिवारी (वार्ड 36) का कहना है – “पिछले 5 दिनों से लगातार पीले रंग का पानी आ रहा है। इसे पीना तो दूर, कपड़े धोने पर भी बदबू आती है।” निगमायुक्त ने की सख्त बैठक इन बढ़ती शिकायतों के बीच निगमायुक्त हरीश राठौड़ ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में सभी 19 जोन के ज़ोनल अफसरों, जलप्रदाय अभियंताओं और सुपरवाइज़रों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने कहा कि: “हर शिकायत का समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाए। जो अधिकारी कार्य में लापरवाही करेगा, उस पर वेतन रोक और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि: जड़ में है पाइपलाइन का जाल और पुरानी व्यवस्था नगर निगम के जलप्रदाय विभाग के अनुसार, शहर में लगभग 2600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन फैली है। इनमें से कई लाइनें 25 वर्ष से भी पुरानी हैं, जो अब जंग खा चुकी हैं और उनमें सीवेज का रिसाव हो रहा है। नई कॉलोनियों को जोड़ने के चक्कर में कई पुरानी लाइनों पर दबाव भी बढ़ा है। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार: “जहां भी गंदा पानी आ रहा है, वहां पाइपलाइन या तो लीकेज है या सीवेज पाइप से क्रॉस-कनेक्शन हो चुका है।” डिजिटल शिकायत प्रणाली होगी मजबूत निगमायुक्त ने IMC ऐप और 311 हेल्पलाइन पर दर्ज हो रही शिकायतों का भी विश्लेषण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि: जल गुणवत्ता परीक्षण के निर्देश हर जोन में जल गुणवत्ता परीक्षण यूनिट को एक्टिव कर दिया गया है। निगम ने 50 से अधिक नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है, ताकि पता चले कि किस इलाके का पानी पीने लायक है और कहां खतरे की आशंका है। टैंकर व्यवस्था और वैकल्पिक आपूर्ति जहां गंदा पानी लगातार आ रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से टैंकरों से शुद्ध पानी की सप्लाई की जा रही है। साथ ही, नगर निगम 15 नए हाई-प्रेशर वाटर टैंकर भी किराए पर ले रहा है। निगमायुक्त की अपील: जनता का सहयोग जरूरी अपने संदेश में निगमायुक्त हरीश राठौड़ ने नागरिकों से अपील की कि वे: स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया है। नगर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों – जैसे एमवाय, बॉम्बे हॉस्पिटल और ग्रेटर कैलाश – में जलजनित बीमारियों की रिपोर्टिंग की समीक्षा की जा रही है। डॉक्टरों ने भी लोगों से उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है। अब उम्मीदें जागीं, लेकिन इंतज़ार है कार्रवाई का इंदौर नगर निगम द्वारा गंदे पानी को लेकर लिया गया यह एक्शन आम जनता के लिए राहत का संकेत है। हालांकि यह देखना बाकी है कि केवल निर्देश और चेतावनी से हालात सुधरते हैं या वास्तविक सुधार कार्य भी ज़मीन पर दिखेंगे। शहरवासी अब यह देखना चाहते हैं कि “शब्दों से आगे बढ़कर निगम कितनी तेजी से पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करता है।” इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 16 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

MP weather Updait: मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 16 से अधिक जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, विदिशा जैसे बड़े शहर शामिल हैं। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति आगामी चार दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए सभी को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। क्या कहता है मौसम विभाग का अलर्ट? IMD के अनुसार, गुजरात और राजस्थान की सीमा पर बना एक ऊपरी हवा का चक्रवात अब मध्य प्रदेश की ओर तेजी से प्रभाव डाल रहा है। इस सिस्टम के चलते अरब सागर से आने वाली नमी की वजह से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 25 जून से 28 जून तक “येलो” और “ऑरेंज अलर्ट” जारी किया है। इंदौर और भोपाल की बारिश से जीवन प्रभावित भोपाल में सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे और शाम को रुक-रुककर तेज बौछारें पड़ीं। कुछ इलाकों में जलभराव हो गया। अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई जिससे उमस तो घटी लेकिन लोगों को निकलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इंदौर में मंगलवार सुबह से लगातार रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। शहर के कई निचले इलाके जलभराव से प्रभावित हुए। एमजी रोड, पलासिया, विजय नगर जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक स्लो हो गया और स्कूली बच्चों को परेशानी हुई। किन जिलों में है अलर्ट? अलर्ट श्रेणी जिलों के नाम ऑरेंज अलर्ट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, देवास, उज्जैन येलो अलर्ट विदिशा, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, धार, अशोकनगर, सीहोर, नीमच ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है, इसलिए खेतों और खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी गई है। आगामी मौसम पूर्वानुमान बुधवार से शनिवार तक:राज्य के अधिकांश भागों में हल्की से भारी बारिश, दिन में बादल, रात्रि में बूंदाबांदी, और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। क्या है प्रभाव? किसानों के लिए विशेष सलाह सावधानी और सुझाव मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है और अब यह धीरे-धीरे पूरे राज्य को भिगो रहा है। बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं शहरवासियों को इससे सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन लगातार अलर्ट जारी कर रहा है, ऐसे में हमें भी सजग और सुरक्षित रहना चाहिए।
CM मोहन यादव देंगे इंदौर को 381 करोड़ की सौगात

Best Indore News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर में दो बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहे हैं—एक आपातकाल पर संगोष्ठी, और दूसरा 381 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण। इस मौके पर आए इंजीनियरी, बुनियादी ढांचे और लाभार्थियों से जुड़ी कई पहलें शहरवासियों को समर्पित की जाएंगी। आइए विस्तार से देखें दोनों कार्यक्रमों के बारे में: कार्यक्रम 1: आपातकाल पर संगोष्ठी (25 जून रात) इंदौर में बुधवार को आयोजित होने वाली यह संगोष्ठी आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ (25 जून 1975) पर आयोजित की गई है, जिसमें सीएम मोहन यादव लोकतंत्र के सम्मान की बात कहेंगे। कार्यक्रम 2: 381 करोड़ रुपये के विकास कार्य सीएम मोहन यादव इंदौर दौरे के दौरान बड़ी संख्या में 381 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार: कार्यक्रम की रूपरेखा: समय आयोजन सुबह 10:00 बजे आपातकाल संगोष्ठी में भागीदारी दोपहर / शाम 381 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण—जिनमें सीनियर सिटीज़न भवन, रोड अपग्रेडेशन, पार्किंग स्थल, ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर आदि शामिल 381 करोड़ के कार्यों का विस्तृत विवरण जिला प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रियाएं विकास बनाम लोकतंत्र—दोहरी छवि इस कार्यक्रम में दोहरी छवि स्पष्ट दिखेगी: इस तरह के कार्यक्रम से सन्देश साफ है: सीएम यादव की योजनाओं का कुल महत्व मोहन् यादव का इंदौर दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहरी और नागरिक जीवन में दोहरे लाभ ले कर आया है—एक ओर लोकतंत्र का संदेश, वहीं दूसरी ओर बुनियादी संरचना और सुविधा में विकास। इन कार्यों के असर को आम नागरिक आने वाले महीनों में महसूस करें, यही उम्मीद है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।