इंदौर में बोले शिवराज सिंह: “अब खेत के फैसले खेत में होंगे, दिल्ली में नहीं”

Best Indore News: खेती अब कागजों में नहीं, जमीन पर किसानों से बातचीत के आधार पर चलेगी। कृषि नीतियों के फैसले अब मंत्रालय के कमरों में नहीं, खेतों की मिट्टी में लिए जाएंगे। यह संदेश केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इंदौर स्थित भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान में हुई बैठक में दिया। यहां देशभर से आए वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, किसानों और अधिकारियों के बीच उनका अलग ही अंदाज नजर आया। खेत में ट्रैक्टर चलाकर उन्होंने न केवल वैज्ञानिकों को व्यावहारिक ज्ञान की अहमियत समझाई, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि वे नकली नहीं, असली किसान हैं। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चौहान(Shivraj Singh Chouhan) ने कहा, अब कृषि शोध और नीति निर्माण की प्रक्रिया बदलने जा रही है। शोध के विषय अब दिल्ली में नहीं, खेत में किसानों से चर्चा कर तय होंगे। किसान जो अनुभव और सुझाव देंगे, वही वैज्ञानिकों और नीतिकारों की दिशा तय करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनकर विकास की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है। अब समय है कि विकसित भारत के लिए विकसित कृषि और समृद्ध किसान की दिशा में भी उतनी ही गंभीरता से काम हो। लैब-टू-लैंड का मॉडल मंत्री चौहान ने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत देशभर में 2170 वैज्ञानिक टीमें बनाई गईं, जिन्होंने 1.23 लाख गांवों में जाकर 1.35 करोड़ किसानों से सीधा संवाद किया। इस अभियान में किसानों ने कई अहम मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि खेतों में अब मजदूरों की कमी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में खेती को ‘मैकेनाइजेशन’ यानी मशीनों के उपयोग की दिशा में ले जाना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को इंदौर में एक किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब खेती से जुड़े फैसले “दिल्ली के दफ्तरों” में नहीं, बल्कि “खेत की मिट्टी” में होंगे। यह वक्तव्य किसानों के हितों की प्राथमिकता और कृषि नीति में आमूलचूल बदलाव की ओर इशारा करता है। शिवराज सिंह ने कहा, “किसान अब सिर्फ उत्पादन नहीं करेगा, बल्कि उसकी राय पर योजनाएं बनेंगी। एमएसपी, बीमा योजना, खाद बीज की आपूर्ति और नई कृषि तकनीकें – सब कुछ स्थानीय जरूरत के मुताबिक तय होगा।” पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से आग्रह किया कि कृषि क्षेत्र को नौकरशाही के निर्णयों से मुक्त कर, किसानों को नीति निर्माण में भागीदार बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के किसान अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, निर्णयकर्ता भी होंगे। कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों ने शिवराज के बयान का स्वागत किया और इसे कृषि सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम चौहान ने कहा कि इसके बाद कोयंबटूर में कपास पर, मेरठ में गन्ने पर और कानपुर में दलहन पर इसी तरह के संवाद होंगे। हमारी योजना है कि हर फसल, हर क्षेत्र और हर किसान की समस्या सुनी जाए व उसका वैज्ञानिक समाधान तैयार हो। उन्होंने इसे ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’ का मंत्र बताया और कहा कि अब देशभर की कृषि व्यवस्था को एक साथ, संगठित रूप से आगे बढ़ाना है। सोयाबीन उत्पादकता को आत्मनिर्भरता से जोड़ेंगे अनुसंधान केंद्र पर अन्य राज्यों से आए वैज्ञानिकों, अधिकारियों के साथ हुई विशेष बैठक में चौहान ने कहा कि सोयाबीन देश के लिए प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है और इसका तेल भारत की बड़ी आवश्यकता। भारत को सोयाबीन तेल के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, यह कहते हुए उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले बीज, जीनोम एडिटिंग तकनीक, बीज उपचार और रोग प्रतिरोधक किस्मों के विकास की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि ‘यलो मोजैक वायरस’ जैसे रोग फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके समाधान के लिए वैज्ञानिकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी किस्में विकसित करें, जो इन रोगों से मुकाबला कर सकें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
“हुकमचंद घंटाघर (इंद्र भवन): इंदौर की ऐतिहासिक शान का प्रतीक”

इंदौर, मध्यप्रदेश का हृदय, न केवल अपनी औद्योगिक प्रगति के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की ऐतिहासिक धरोहरें भी शहर को एक अनोखी पहचान देती हैं। इन्हीं धरोहरों में से एक है – हुकमचंद घंटाघर, जिसे इंद्र भवन के नाम से भी जाना जाता है। इतिहास की झलक यह भव्य भवन लगभग 100 साल पुराना है और इसे इंदौर के जाने-माने उद्योगपति, समाजसेवी और कपड़ा सम्राट सर सेठ हुकमचंद जी द्वारा बनवाया गया था। हुकमचंद जी को इंदौर का टाटा या बिड़ला कहा जाता था, और उन्होंने न केवल व्यापार में सफलता प्राप्त की, बल्कि धर्म, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया। इंद्र भवन की भव्यता इंद्र भवन को देखने पर लगता है मानो आप किसी राजमहल में आ गए हों। इसकी महल जैसी वास्तुकला, ऊँचे बुर्ज, और खूबसूरत मेहराबें इसकी शान को बढ़ाती हैं। इसके चारों ओर फैला हुआ हरा-भरा बाग़, जिसमें इटली से लाए गए सुंदर संगमरमर के स्टैच्यूज़ (मूर्तियाँ) लगे हैं, इसे एक यूरोपीय टच प्रदान करता है। यह भवन अपने समय में इंदौर की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहाँ होने वाले आयोजन आज भी इंदौरवासियों को अपनी ओर खींचते हैं। सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियाँ आज भी हुकमचंद घंटाघर परिसर में स्थानीय मेले, चित्रकला प्रदर्शनियाँ, हस्तशिल्प बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस ऐतिहासिक धरोहर ने इंदौर की रचनात्मक आत्मा को हमेशा जीवित रखा है। इस स्थल पर कई कलाकारों और स्थानीय शिल्पकारों को अपनी कला को प्रदर्शित करने का मंच मिलता है, जिससे यह भवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवंत संस्कृति का भी प्रतीक बन चुका है। हुकमचंद जी का योगदान सर सेठ हुकमचंद जी न केवल एक सफल व्यापारी थे, बल्कि उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा समाज सेवा को समर्पित किया। उन्होंने इंदौर में कई विद्यालय, अस्पताल और धर्मशालाएँ बनवाईं। हुकमचंद चंदनमल बालिका विद्यालय, हुकमचंद नेत्र चिकित्सालय, और कई धर्मार्थ संस्थाएँ आज भी उनके परोपकारी कार्यों की गवाही देती हैं। आज का हुकमचंद घंटाघर हालांकि समय के साथ इस भवन की चमक कुछ फीकी पड़ी है, परंतु इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता आज भी वैसी ही है। कई पर्यटक और इतिहास प्रेमी यहाँ आते हैं, इसकी वास्तुकला को निहारते हैं और इंदौर के गौरवशाली अतीत से जुड़ाव महसूस करते हैं। इंदौर नगर निगम और कुछ स्थानीय संगठन अब इसके संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के प्रयास में जुटे हैं ताकि यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। हुकमचंद घंटाघर या इंद्र भवन केवल एक इमारत नहीं है – यह एक प्रेरणा है, एक इतिहास है, और इंदौर की आत्मा का प्रतीक है। जब भी आप इंदौर जाएँ, इस स्थान पर अवश्य जाएँ। यहाँ की शांति, स्थापत्य और ऐतिहासिक ऊर्जा आपको एक अलग ही अनुभव देगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में कार रेंटल फ्रॉड का पर्दाफाश: Zoom App से कार किराए पर लेकर बेचते थे

Best Indore News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला कार रेंटल फ्रॉड सामने आया है, जिसमें दो आरोपियों ने Zoom App जैसे कार रेंटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए कारों को किराए पर बुक किया और फिर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते दामों में बेच दिया। परदेशीपुरा पुलिस ने इस मामले में दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। फरियादी की सतर्कता से हुआ खुलासा इंदौर में कार रेंटल फ्रॉड का पर्दाफाश: Zoom App से कार किराए पर लेकर बेचते थे स जालसाजी का भंडाफोड़ तब हुआ जब भवन सक्सेना नामक एक नागरिक ने अपनी कार के रेंटल पीरियड को बार-बार बढ़ाने की संदिग्ध मांग पर संदेह जताया। उन्होंने जब Zoom App से अपनी कार को बुक कराने वाले व्यक्ति से संपर्क किया, तो जवाब संतोषजनक नहीं मिला। उन्हें शक हुआ कि कहीं उनकी कार का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तुरंत परदेशीपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की तफ्तीश में निकली चौंकाने वाली जानकारी शिकायत मिलते ही पुलिस ने डिजिटल ट्रेसिंग और गाड़ी की लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की। जांच में सामने आया कि जिन लोगों ने कार किराए पर ली थी, वे महज उपयोग के लिए नहीं बल्कि उसे ग्रामीण क्षेत्रों में बेचने के मकसद से बुक कर रहे थे। आरोपी अब तक लगभग 10 से अधिक कारें इस तरह बेच चुके थे। Zoom App से गाड़ियों की बुकिंग और फिर ग़ायब पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी Zoom जैसी प्रतिष्ठित रेंटल कंपनियों के ऐप्स से फर्जी डॉक्युमेंट्स के सहारे गाड़ियों को बुक करते थे। वे कार लेकर बड़े शहरों से दूर, छोटे कस्बों और गांवों में चले जाते, जहां वाहन के असली मालिक की जांच करने वाला कोई नहीं होता। यहां वे कम दामों पर अनजान ग्रामीणों को ये गाड़ियाँ बेच देते थे। कार बेचने की तरकीब आरोपियों ने ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बना रखी थी और वहां पहले से कुछ ‘बिचौलियों’ से संपर्क कर रखा था। वे वहां की भोली-भाली जनता को ये कहकर गाड़ियाँ बेचते थे कि यह बैंक से नीलामी में मिली है या मालिक विदेश जा रहा है। इस तरह वे एक नई गाड़ी को भी कम कीमत पर बेच देते थे और जल्द पैसा कमा लेते थे। दो आरोपी गिरफ्तार, गिरोह में और लोगों की तलाश पुलिस ने फिलहाल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके नाम गोपनीय रखे गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में इस रैकेट में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है, विशेषकर वे लोग जो ग्रामीण इलाकों में कारें खरीदते और बेचते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही इस फ्रॉड रैकेट के मास्टरमाइंड को भी पकड़ा जाएगा। क्या बोले पुलिस अधिकारी? परदेशीपुरा थाना प्रभारी ने कहा – “यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है। आरोपियों ने तकनीक का इस्तेमाल करके कारों को किराए पर लिया और फिर उन्हें बेचने की योजना बनाई। फरियादी की सतर्कता और समय पर रिपोर्टिंग से हम इस फ्रॉड का जल्दी खुलासा कर सके।” Zoom App जैसी सेवाओं के लिए चेतावनी इस घटना के बाद ऑनलाइन रेंटल प्लेटफॉर्म्स को भी सजग रहने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कंपनियों से अपील की है कि वे बुकिंग के लिए यूज़ किए जा रहे दस्तावेजों की दोबारा जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करें। आम जनता के लिए सबक यह मामला आम नागरिकों के लिए भी एक चेतावनी है कि जब भी आप अपनी कार रेंट पर दें या किसी भी प्रकार की संपत्ति को किराए पर दें, तो सभी दस्तावेजों और उपयोग की निगरानी करें। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय आवश्यक सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। इंदौर पुलिस की तेज़ कार्यवाही ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस घटना से यह स्पष्ट है कि टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करके भी फ्रॉड संभव है, लेकिन समय पर सतर्कता और सही कदम उठाकर इससे बचा जा सकता है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नागरिकों, प्लेटफॉर्म्स और प्रशासन – सभी को मिलकर काम करना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
बेटमा में प्रॉपर्टी खरीदें और शुरू करें अपना फार्महाउस या खेती का सपना

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। बेटमा में प्रॉपर्टी खरीदकर अपना फार्महाउस या खेती का सपना शुरू करना एक अच्छा विचार है। बेटमा, इंदौर के पास एक शांत और खूबसूरत जगह है, जो खेती और फार्महाउस के लिए उपयुक्त है। बेटमा में प्रॉपर्टी खरीदने के फायदे: सस्ती प्रॉपर्टी: बेटमा में, आपको शहर की तुलना में सस्ती प्रॉपर्टी मिल सकती है, खासकर यदि आप बड़े भूखंड या फार्महाउस की तलाश में हैं। शांत वातावरण: बेटमा एक शांत और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करता है, जो शहर के शोर-शराबे से दूर एक आरामदायक जीवन शैली के लिए एकदम सही है। खेती के अवसर: बेटमा में उपजाऊ भूमि है, जो खेती के लिए उपयुक्त है। आप यहां विभिन्न प्रकार की फसलें उगा सकते हैं या पशुपालन कर सकते हैं। आसानी से कनेक्टिविटी: बेटमा इंदौर शहर से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, जिससे आपको शहर की सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। फार्महाउस के लिए उपयुक्त: बेटमा में बड़े भूखंड उपलब्ध हैं, जो फार्महाउस बनाने के लिए आदर्श हैं। आप यहां एक सुंदर फार्महाउस बना सकते हैं और प्रकृति के करीब रह सकते हैं। शुरू करने के लिए, आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: अपनी आवश्यकताओं को परिभाषित करें: आप किस प्रकार की प्रॉपर्टी (जैसे, आवासीय, कृषि, या फार्महाउस) और कितना बड़ा भूखंड चाहते हैं, यह तय करें। बजट निर्धारित करें: अपनी प्रॉपर्टी खरीदने के लिए एक बजट निर्धारित करें और उसी के अनुसार प्रॉपर्टी की तलाश करें। संपर्क करें: स्थानीय रियल एस्टेट एजेंटों से संपर्क करें और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रॉपर्टी की तलाश करें। प्रॉपर्टी का निरीक्षण करें: अपनी रुचि की प्रॉपर्टी का निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि यह आपकी आवश्यकताओं को पूरा करती है। कानूनी प्रक्रिया: प्रॉपर्टी खरीदने से पहले, कानूनी प्रक्रिया को समझें और आवश्यक दस्तावेज तैयार करें। खरीदें: एक बार जब आप सभी आवश्यक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर लेते हैं, तो आप प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। बेटमा में प्रॉपर्टी खरीदना आपके फार्महाउस या खेती के सपने को साकार करने का एक शानदार अवसर है। यह एक शांत और सुंदर जगह है, जो खेती और फार्महाउस के लिए उपयुक्त है। आप यहां एक आरामदायक और प्रकृति के करीब जीवन जी सकते हैं। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact: 9039 636 706 | 8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish
इंदौर कनाडिया रोड पर ऑफिस लेने के लाभ

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। इंदौर कनाडिया रोड पर ऑफिस लेने के कई फायदे हैं। यह एक प्रमुख स्थान है, जिससे व्यवसाय को अधिक दृश्यता और पहुंच मिलती है। इसके अलावा, यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे भविष्य में संपत्ति के मूल्य में वृद्धि की संभावना है। कनाडिया रोड पर ऑफिस लेने के कुछ विशिष्ट लाभ इस प्रकार हैं: सुविधाजनक स्थान: कनाडिया रोड इंदौर शहर के मध्य में स्थित है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचना आसान है। यह क्षेत्र सार्वजनिक परिवहन के साधनों से भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। व्यावसायिक वातावरण: कनाडिया रोड एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जिसमें कई अन्य व्यवसाय और कार्यालय स्थित हैं। इससे व्यवसाय के लिए एक मजबूत नेटवर्क और सहयोग के अवसर पैदा होते हैं। विकास की संभावना: कनाडिया रोड एक तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जिससे भविष्य में संपत्ति के मूल्य में वृद्धि की संभावना है। यह व्यवसाय के लिए एक अच्छा निवेश हो सकता है। आधुनिक सुविधाएं: कनाडिया रोड पर कई आधुनिक कार्यालय भवन और सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो व्यवसाय के लिए एक आरामदायक और कुशल कार्य वातावरण प्रदान करती हैं। स्थानीय बाजार तक पहुंच: कनाडिया रोड स्थानीय बाजार के करीब है, जिससे व्यवसाय को ग्राहकों और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचने में आसानी होती है। ग्राहक और क्लाइंट बेस के करीब: यह इलाका रिहायशी, एजुकेशनल और हेल्थ ज़ोन से घिरा हुआ है। स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, रिटेल आउटलेट्स और अपार्टमेंट्स के पास होने के कारण यहां लोगों की आवाजाही ज़्यादा रहती है, जो किसी भी व्यवसाय के लिए आवश्यक है। कनाडिया रोड पर ऑफिस लेने का सार: यदि आप इंदौर में एक प्रभावशाली और लाभदायक ऑफिस लोकेशन की तलाश में हैं, तो कनाडिया रोड आपकी प्राथमिक सूची में होना चाहिए। बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं की उपलब्धता और रियल एस्टेट ग्रोथ इसे व्यापारिक दृष्टि से एक स्मार्ट निर्णय बनाते हैं। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact: 9039 636 706 | 8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish
CM मोहन यादव की खुली चुनौती: दम है तो मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के समर्थन में हलफनामा दे कांग्रेस

MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए एक खुली चुनौती दी है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि अगर उनमें दम है, तो वे इस मामले में अदालत में जाकर साफ-साफ हलफनामा दायर करें और बताएँ कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के समर्थन में हैं या नहीं। मध्यप्रदेश: यह बयान उस समय आया जब देश में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों पर राजनीतिक और सामाजिक बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। राम जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ के बाद अब मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामला भी न्यायालय में लंबित है और इस पर विभिन्न पक्षों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा, “अब समय आ गया है कि कांग्रेस को अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। अगर दम है तो कांग्रेस मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समर्थन में अदालत में हलफनामा दे। केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए धर्म और आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं चल सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सनातन आस्था और धर्म को लेकर लोगों की भावनाएं बहुत प्रबल हैं। राम मंदिर का निर्माण जनभावना की जीत का प्रतीक है और अब यही भावना मथुरा में भी जागृत हो रही है। कानूनी पृष्ठभूमि: क्या है मथुरा विवाद? मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच भूमि को लेकर विवाद दशकों पुराना है। हिंदू पक्ष का कहना है कि यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थल है और मुग़ल काल में एक मंदिर को तोड़कर वहाँ मस्जिद बनाई गई। हालांकि, 1968 में एक समझौता हुआ था जिसमें दोनों धार्मिक संस्थानों के बीच सीमांकन किया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में कई याचिकाएँ दाखिल की गई हैं, जिनमें इस समझौते को अवैध और असंवैधानिक बताया गया है। यह मामला अब मथुरा की अदालत में विचाराधीन है। भाजपा की रणनीति या आस्था का समर्थन? मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी रणनीति के तहत फिर से उभारने की कोशिश कर रही है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि, “यह आस्था का विषय है, न कि चुनावी मुद्दा। भगवान श्रीकृष्ण केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक चरित्र नहीं हैं, वे हमारी सांस्कृतिक चेतना के केंद्र में हैं।” कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कांग्रेस आज तक मथुरा और काशी जैसे धार्मिक मामलों पर दोगली नीति अपनाती आई है। जब-जब सनातन धर्म से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, कांग्रेस या तो चुप्पी साध लेती है या अप्रत्यक्ष रूप से विपक्षी रुख अख्तियार करती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कांग्रेस वास्तव में धर्मनिरपेक्ष है और सभी धर्मों का सम्मान करती है, तो उसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मसले पर खुलकर समर्थन करना चाहिए विपक्ष की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति करार दिया है। उनके अनुसार, इस तरह के मुद्दों को उठाकर जनता के वास्तविक मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। क्या बोले धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि? विष्णु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य रामेश्वर शास्त्री ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि, “यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। समय आ गया है कि मथुरा की धरती पर भी श्रीकृष्ण मंदिर पुनः भव्य स्वरूप में स्थापित हो।” वहीं मुस्लिम संगठनों की तरफ से संयमित प्रतिक्रिया आई है, जिनका कहना है कि न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि होगा और सभी पक्षों को उसे स्वीकार करना चाहिए। आने वाले चुनावों पर असर? राजनीतिक पंडितों का मानना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दा उत्तर भारत के राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एक बार फिर धार्मिक भावनाओं को उद्वेलित करने का माध्यम बन सकता है। यह मुद्दा धार्मिक आस्था और राजनीतिक रणनीति का एक मिश्रण बन गया है, जिसमें हर पार्टी अपनी भूमिका तय करने की कोशिश में लगी हुई है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कांग्रेस को दिया गया यह खुला चैलेंज केवल एक बयान नहीं बल्कि आने वाले राजनीतिक और सामाजिक विमर्श की दिशा को दर्शाने वाला संकेत है। मथुरा जैसे आस्था से जुड़े मुद्दे देश की न्यायिक प्रणाली से लेकर जनभावनाओं तक व्यापक असर डालते हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस चुनौती को स्वीकार कर कोर्ट में हलफनामा देती है या नहीं, और इससे आने वाले चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
विनर्स इंस्टीट्यूट, इंदौर: MPPSC, SSC और सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए एक भरोसेमंद कोचिंग सेंटर

इंदौर शहर में स्थापित विनर्स इंस्टीट्यूट वर्ष 2017 से ही सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक बना हुआ है। चाहे बात हो MPPSC, SSC, बैंकिंग, या फिर VYAPAM जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की, यह संस्थान हर स्तर पर विद्यार्थियों को सही दिशा देने का कार्य करता है। इसके अलावा, यह कोचिंग सेंटर सिर्फ पाठ्यक्रम को ही नहीं पढ़ाता, बल्कि विद्यार्थियों को वर्तमान परीक्षा प्रणाली की गहराई से समझ प्रदान करने के लिए चर्चा आधारित शिक्षण और नवाचारी तरीके अपनाता है। यही कारण है कि हर साल यहाँ से सैंकड़ों विद्यार्थी सफलता की ओर कदम बढ़ाते हैं। अनुभवी और समर्पित संकाय इस संस्थान की सबसे बड़ी ताक़त है इसका अनुभवी और समर्पित शिक्षक वर्ग, जो न केवल पाठ्य सामग्री पर ध्यान देता है बल्कि हर छात्र की व्यक्तिगत प्रगति पर भी नज़र रखता है। इसके शिक्षक स्वयं विभिन्न परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं, जिससे उनकी मार्गदर्शन क्षमता और भी सशक्त हो जाती है। सम्पूर्ण परीक्षा मार्गदर्शन केवल लिखित परीक्षा तक सीमित न रहकर, विनर्स इंस्टीट्यूट विद्यार्थियों को इंटरव्यू और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की ट्रेनिंग भी प्रदान करता है। यही नहीं, संस्थान द्वारा समय-समय पर आयोजित मॉक टेस्ट और रिवीजन सेशन्स से छात्रों को आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। छात्रों की सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके सफल छात्र हैं। हरिओम रघुवंशी जैसे छात्रों ने यहां से मार्गदर्शन प्राप्त कर MP Police Constable, SSC GD, CRPF और Airforce जैसी प्रमुख सेवाओं में स्थान प्राप्त किया। ऐसे उदाहरण यह सिद्ध करते हैं कि जब मार्गदर्शन सही हो तो सफलता सुनिश्चित होती है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जहाँ अधिकांश कोचिंग संस्थान केवल अकादमिक भाग पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, वहीं विनर्स इंस्टीट्यूट छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी उतना ही महत्व देता है। इसीलिए, समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। दूर-दराज के छात्रों के लिए भी है सुविधा इंदौर शहर में स्थित होने के बावजूद, यह संस्थान ऑनलाइन क्लासेस, YouTube लाइव सेशन्स और रिकॉर्डेड लेक्चर्स के माध्यम से दूर-दराज के छात्रों तक भी पहुँच बना चुका है। इससे यह साबित होता है कि यह संस्थान केवल सीमित नहीं है, बल्कि समर्पण से भरा एक विस्तृत मंच है। विनर्स इंस्टीट्यूट, इंदौर केवल एक कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि एक ऐसा ज्ञान मंदिर है जहाँ छात्रों को न केवल परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है, बल्कि उन्हें एक संपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में विकसित किया जाता है। यदि आप MPPSC, SSC, बैंकिंग या किसी भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह संस्थान आपके लिए सबसे उपयुक्त मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर की युवा महिला क्रिकेटरों की सफलता

Indore Sport News: इंदौर, मध्य प्रदेश की उभरती हुई क्रिकेट स्टार क्रांति गौड़ और शुचि उपाध्याय को इंग्लैंड के खिलाफ 28 जून से 22 जुलाई तक होने वाली आगामी टी20 और एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय महिला टीम में शामिल किया गया है। यह चयन शुचि के दूसरे राष्ट्रीय कॉल-अप और क्रांति के लिए जारी रन को चिह्नित करता है, जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। 22 वर्षीय क्रांति गौड़ छतरपुर जिले के घौरहा गांव की रहने वाली हैं। एक होनहार तेज गेंदबाज, वह महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2024 के दौरान नेट गेंदबाज थीं और डब्ल्यूपीएल 2025 के लिए प्रमुख चयनों में से एक हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) के लिए विभिन्न आयु वर्गों में अपने लगातार प्रदर्शन के लिए जानी जाने वाली क्रांति ने इस महीने की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, उन्होंने कहा, “श्रीलंका के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व का क्षण था। इंग्लैंड दौरे के लिए फिर से चुना जाना सम्मान की बात है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने और इस अवसर का पूरा लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मेरे साथियों, कोचों और एमपीसीए से मुझे अविश्वसनीय समर्थन मिला है।” स्टार खिलाड़ी जो बन गईं मिसाल आस्था चौरसिया (इंदौर): राज्य की सबसे तेज़ उभरती गेंदबाजों में से एक। उन्होंने पिछले साल अंडर-19 टूर्नामेंट में 5 विकेट लेकर सभी को चौंका दिया। अब वह नेशनल टीम के लिए तैयार की जा रही हैं। समाज और सरकार से मिल रहा सहयोग राज्य सरकार और खेल मंत्रालय ने भी महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। खेलो इंडिया, मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना और बालिका स्पोर्ट्स मिशन जैसे प्रोग्राम्स ने ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई है। चुनौतियां भी कम नहीं इंदौर की युवा महिला क्रिकेटरों की सफलता शुरुआत में उन्हें गेंद निकालने में मदद करने के बाद, उन्हें जल्द ही टेनिस बॉल मैच में उनकी टीम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्हें सफलता तब मिली जब उन्होंने लेदर बॉल गेम में एक घायल खिलाड़ी की जगह ली, जिसके कारण उन्हें जिला ट्रायल और अंततः राज्य टीम के लिए चुना गया। भारतीय टीम में उनके साथ मंडला की 19 वर्षीय शुचि उपाध्याय भी शामिल हैं, जिन्हें श्रीलंका सीरीज़ के लिए टीम का हिस्सा बनने के बाद दूसरी बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। हालाँकि उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला, लेकिन शुचि इंग्लैंड दौरे में अपनी छाप छोड़ने के लिए दृढ़ हैं। शुचि ने कहा, “पहली बार भारतीय टीम के साथ होना एक शानदार अनुभव था। मैंने सीनियर्स से बहुत कुछ सीखा। अब मेरा लक्ष्य इंग्लैंड दौरे के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और आत्मविश्वास से भरा रहना है।” शुचि की यात्रा मंडला के नवघाट में रामलीला मैदान की धूल भरी पिचों पर शुरू हुई, जहाँ उन्होंने लड़कियों के लिए सुविधाओं की कमी के कारण लड़कों के साथ गली क्रिकेट खेला। बाद में उन्होंने मेकल क्रिकेट अकादमी में औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और जल्द ही एक बेहतरीन स्पिनर के रूप में उभरीं, यहाँ तक कि पुरुषों के टूर्नामेंट में भी भाग लिया। एमपीसीए ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोनों खिलाड़ियों के चयन की खबर साझा की और दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। एमपीसीए की संयुक्त सचिव सिद्धयानी पाटनी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “यह उपलब्धि हमारी कड़ी मेहनत और शीर्ष स्तरीय प्रशिक्षण सत्रों का परिणाम है, जो हम महिला और पुरुष दोनों टीमों के लिए एक साथ आयोजित कर रहे हैं। एमपी की महिला क्रिकेटर पिछले तीन सालों से देश की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रही हैं और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भी इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। निरंतर प्रदर्शन के साथ, इन लड़कियों में महान ऊंचाइयों को छूने की क्षमता है।” इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
FSSAI – अब खाद्य पैकिंग पर नहीं दिखेगा 100% शुद्धता का दावा

Best Indore News: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर 100 प्रतिशत के चिह्न का उपयोग करने पर रोक लगा दी है। एफएसएसएआई का मानना है कि इससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। यह निर्देश सभी तरह के खाद्य पदार्थों पर लागू होगा और पुरानी पैकिंग को सितंबर माह तक बाजार से हटा लिया जाएगा। किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ की पैकिंग पर अब 100 प्रतिशत के चिह्न का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस पर रोक लगा दी है। प्राधिकरण ने माना है कि 100 प्रतिशत के दावे और निशान से उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं। पहले प्राधिकरण ने सिर्फ पैक्ड फलों के रस को लेकर ऐसे निर्देश दिए थे लेकिन अब सभी तरह के खाद्य पदार्थों को इसके दायरे में लिया गया है। इसमें इंटरनेट मीडिया इंफ्लूएंसरों की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। हालांकि उद्योगों का धड़ा इस नियम पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है। सभी को जारी किए निर्देश बीते दिनों एफएसएसएआई ने सभी खाद्य पदार्थ निर्माताओं के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि खाद्य उत्पाद लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री पर 100 प्रतिशत शब्द का उपयोग न किया जाए। इसके साथ ही ऐसे शब्द या चिह्न वाली पुरानी पैकिंग भी सितंबर माह तक बाजार से हटा ली जाए। इस आदेश के पीछे कारण बताते हुए एफएसएसएआई ने माना कि नियामक प्रविधानों तहत इसमें अस्पष्टता है, ऐसे में इसकी गलत व्याख्या उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है। खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2018 में 100 प्रतिशत शब्द को किसी भी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है। ऐसे में यह शब्द उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। इस बीच देश में खाद्य तेल उत्पादकों की शीर्ष संस्था साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) ने एफएसएसएआई को ज्ञापन सौंप कर मांग रखी है कि जारी निर्देश पर पुनर्विचार किया जाए। नियमों में ही मिलावट की छूट दरअसल, देश के खाद्य सुरक्षा और मानक विनिमय में ही तमाम खाद्य पदार्थों में सम्मिश्रण या तय पैमानों तक सम्मिश्रण की छूट दे रखी है। जैसे किसी खाद्य वस्तु चाहे बिस्किट हो या घी-तेल से बना कोई पदार्थ या कुकिंग मीडियम, यदि उसमें दो प्रतिशत तक ट्रांसफेट है तो उसे नियमों में ट्रांसफेट फ्री माना जाएगा। इसी तरह खाद्य तेलों में 20 प्रतिशत तक ब्लेंडिंग (मिश्रण) की छूट सरकार ने ही दे रखी है, यानी एक तेल में दूसरे तेल की 20 प्रतिशत तक मिलावट की जा सकती है। सिर्फ सरसों तेल में किसी अन्य तेल की ब्लेंडिंग पर रोक है। काफी पावडर भी उदाहरण है क्योंकि देश के खाद्य सुरक्षा नियम छूट देते हैं कि इंस्टेंट काफी पावडर में चिकोरी के पौधों का पावडर मिलाया जा सकता है। तमाम इंस्टेंट काफी पावडर में 49 प्रतिशत तक चिकोरी की ब्लेंडिंग की छूट दी गई है। इसी तरह मक्खन के विकल्प के तौर पर बटरिन या माजरिन जैसे पदार्थ बाजार में बिक रहे हैं। किसी पदार्थ के 100 ग्राम या 100 मिली में 0.59 ग्राम शुगर है तो उसे शुगर फ्री माना जाने की इजाजत नियम देते हैं। ऐसे में ऐसे तमाम उत्पादों पर 100 प्रतिशत का मार्का उपयोग किए जाने पर भी इससे पहले तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती थी। क्या कहती हैं मौजूदा नियमावली? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2018 में 100 प्रतिशत शब्द की कोई परिभाषा नहीं है। जबकि नियम कई उत्पादों में सीमित मात्रा में मिलावट की छूट पहले से ही देते हैं: इन स्थितियों में “100 प्रतिशत” का दावा प्रैक्टिकली गलत साबित होता है। एफएसएसएआई का यह कदम खाद्य उत्पादों में गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। उपभोक्ताओं को जहां इस निर्णय से लाभ मिलेगा, वहीं उद्योग जगत को अपनी ब्रांडिंग रणनीतियों पर नए सिरे से काम करना होगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
“Choithram International School (Manik Bagh): एक उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का केंद्र जहाँ भविष्य गढ़ा जाता है”

Choithram International School (Manik Bagh) इंदौर के हरे-भरे और शांत वातावरण में स्थित Choithram International School (Manik Bagh) न केवल एक शैक्षणिक संस्थान है, बल्कि यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक उत्कृष्ट केंद्र भी है, जहाँ शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा, यह विद्यालय आधुनिक तकनीकों, वैश्विक पाठ्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण पद्धतियों को अपनाकर विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार करता है, जो भविष्य में समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम होंगे। हालाँकि कई स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा करते हैं, लेकिन Choithram International School ने समय के साथ यह सिद्ध किया है कि इसकी शिक्षण प्रणाली, शिक्षकों की विशेषज्ञता और विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ वास्तव में अनुकरणीय हैं। इतना ही नहीं, विद्यालय में विज्ञान, गणित, भाषा, कला, और खेलों के क्षेत्र में विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए कार्यक्रम छात्रों को प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ-साथ, विद्यालय के पास उच्च प्रशिक्षित शिक्षकगण, डिजिटल क्लासरूम, और समर्पित करियर काउंसलिंग सेवाएँ हैं जो विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप उचित मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। इसी कारणवश, यदि आप अपने बच्चे के उज्ज्वल और संतुलित भविष्य की तलाश में हैं, तो Choithram International School (Manik Bagh) आपके लिए सबसे उपयुक्त और समझदारी भरा विकल्प सिद्ध हो सकता है। यही नहीं, स्कूल द्वारा नियमित रूप से आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक उत्सव, विज्ञान प्रदर्शनियाँ और खेल प्रतियोगिताएँ छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक समझ को भी विकसित करती हैं, जिससे वे जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। इस प्रकार, आधुनिकता और भारतीय मूल्यों का एक सुंदर समन्वय प्रस्तुत करने वाला यह विद्यालय इंदौर ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के अग्रणी अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में से एक माना जाता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।