इंदौर-खंडवा रेल लाइन को मिली वन विभाग से मंजूरी: अब बनेगा उत्तर-दक्षिण भारत को जोड़ने वाला सबसे छोटा रेल मार्ग

Best Indore News इंदौरवासियों और पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर आई है। इंदौर-खंडवा नई ब्रॉडगेज रेल लाइन को आखिरकार वन विभाग (Forest Department) से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिल गया है। इस परियोजना को वर्षों से वन भूमि के उपयोग को लेकर अड़चनें आ रही थीं, लेकिन अब हरी झंडी मिलने के साथ ही यह रास्ता उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला सबसे छोटा रेल मार्ग बनने की ओर अग्रसर है। क्या है इंदौर-खंडवा रेल परियोजना? इंदौर-खंडवा ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना की शुरुआत 2016 में की गई थी। इस लाइन के निर्माण से: परियोजना की कुल लंबाई करीब 199 किलोमीटर है, जिसमें से 118 किलोमीटर का कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य वन भूमि और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रतीक्षा में अटका हुआ था। वन विभाग की NOC क्यों थी जरूरी? रेल लाइन का कुछ हिस्सा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और संरक्षित वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में निर्माण कार्य के लिए: जैसे कई पहलुओं पर विचार जरूरी था। लंबे समय तक पत्राचार और रिपोर्ट तैयारियों के बाद वन मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को सशर्त हरी झंडी दे दी है। उत्तर-दक्षिण भारत को जोड़ेगा सबसे छोटा रेल मार्ग इस रेल लाइन के शुरू होते ही: यह परियोजना भारतीय रेलवे के लिए स्ट्रैटेजिक लिंक की तरह काम करेगी। अब क्या होगा अगला कदम? वन विभाग की NOC मिलने के बाद रेलवे विभाग ने जानकारी दी है कि: रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना अब प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत भी शामिल हो सकती है। जनता और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया NOC मिलने की खबर के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और नागरिकों ने खुशी जताई है। सांसद शंकर लालवानी ने कहा: “यह सिर्फ रेल लाइन नहीं, बल्कि इंदौर को दक्षिण भारत से जोड़ने वाली जीवन रेखा है। इस परियोजना से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।” व्यापारियों और उद्योगपतियों का मानना है कि: पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष उपाय वन क्षेत्र से गुजरने के कारण परियोजना में कई पर्यावरणीय शर्तें लागू की गई हैं: इतिहास और अटकी परियोजना का संघर्ष इंदौर-खंडवा रेल मार्ग British Era में मीटर गेज के रूप में अस्तित्व में था। लेकिन: अब NOC मिलने से यह अटका हुआ सपना साकार होता नजर आ रहा है। इंदौर-खंडवा ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना को वन विभाग से मिली मंजूरी इंदौर और पूरे मध्यप्रदेश के लिए विकास का द्वार खोलने वाली खबर है। यह केवल रेल नेटवर्क को नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक संपर्क को भी सशक्त बनाएगी। अब जरूरत है कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो, ताकि यात्री और व्यापारी वर्ग जल्द इसका लाभ उठा सकें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
बारिश में नहाने को लेकर भाइयों में कहासुनी बनी मौत की वजह: छोटे भाई के धक्के से नाराज़ आतिफ ने की आत्महत्या

Best Indore News इंदौर शहर में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बारिश में नहाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी ने एक मासूम की जान ले ली। परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार में दो नाबालिग भाइयों के बीच हुई छोटी सी बात ने बड़े भाई आतिफ (13 वर्ष) को ऐसा मानसिक आघात दिया कि उसने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि मासूम मन पर पड़ने वाले गहरे मानसिक दबाव और पारिवारिक संवाद की कमी को भी उजागर करती है। घटना की शुरुआत: बारिश का मौसम और भाईयों की शरारत इंदौर में मंगलवार को हल्की बारिश हो रही थी। शहर के कई इलाकों में बच्चों ने बारिश का आनंद लिया। परदेशीपुरा इलाके में रहने वाले एक परिवार के दो भाई – आतिफ (13) और उसका छोटा भाई (10) – भी घर के सामने बारिश में नहा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार: परिजनों ने तुरंत बीच-बचाव कर लिया, लेकिन आतिफ अंदर जाकर चुपचाप कमरे में बंद हो गया। फंदे पर झूला आतिफ: किसी ने नहीं सोचा था ऐसा कदम उठाएगा घटना के कुछ ही मिनट बाद परिवार वालों ने देखा कि आतिफ बाहर नहीं निकला। जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने जबरन दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देख परिवार वालों के होश उड़ गए। पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस की जांच और प्राथमिक निष्कर्ष परदेशीपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि: “मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिजनों के बयान के अनुसार बारिश में खेलते समय भाइयों में मामूली कहासुनी हुई थी। इसी बात से आहत होकर बच्चे ने यह कदम उठाया।” पुलिस फिलहाल परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज कर रही है और मामले की जांच जारी है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण: बचपन की भावनाएं कितनी नाजुक होती हैं बच्चों के मन बेहद संवेदनशील होते हैं। छोटी-छोटी बातों को वे बहुत गंभीरता से ले लेते हैं।किशोर अवस्था (12-16 वर्ष) का समय मानसिक रूप से अत्यंत उलझन भरा होता है, जहां बच्चों को: मनोचिकित्सकों का मानना है कि बच्चों के भावनात्मक व्यवहार पर ध्यान देना आज के दौर में बेहद जरूरी हो गया है। पड़ोसियों और परिजनों का दुख घटना से मोहल्ले में भी शोक का माहौल है। पड़ोसियों ने बताया: “आतिफ एक चुलबुला, हँसमुख और सामान्य बच्चा था। किसी को नहीं लगा कि वो ऐसा कुछ कर सकता है। ये हादसा बहुत बड़ा सबक है हम सब के लिए।” परिजन अभी भी इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं और छोटा भाई मानसिक रूप से बेहद व्यथित है। जरूरत है सतर्कता और संवाद की इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि: इंदौर में हुई यह त्रासदी एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन साथ ही पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। बच्चों की दुनिया हमें भले ही सरल लगे, लेकिन उनके भावनात्मक संघर्ष असल में बेहद जटिल होते हैं। हम सभी की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि हम अपने आसपास के बच्चों से जुड़ें, उन्हें समझें, और जब कभी वे चुप हों – उनकी चुप्पी को अनदेखा न करें। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर: परदेशीपुरा में गुंडे के घर पर बम से हमला, दो आरोपी गिरफ्तार; जेल से चल रही थी गैंग की साजिश

Best Indore News इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक कुख्यात बदमाश के घर पर देशी बम फेंककर हमला किया गया। तेज धमाके के साथ हुए इस हमले से क्षेत्र में दहशत फैल गई। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का नहीं, बल्कि जेल से संचालित हो रही एक संगठित आपराधिक गैंग की साजिश का हिस्सा था। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो बम बनाकर हमला करने में शामिल थे। इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। घटना का विवरण: देर रात दहशत का मंजर घटना बीती रात करीब 2 बजे की है जब परदेशीपुरा स्थित कुख्यात बदमाश राजा कुरैशी के घर पर दो अज्ञात युवकों ने देशी बम फेंका। घटना के बाद इलाके में पुलिस की टीमें पहुंचीं और CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया गया। दो आरोपी गिरफ्तार: जेल से हो रही थी गैंग की कमान पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि: देशी बम बनाकर किया हमला जांच में पता चला कि हमला करने से पहले आरोपियों ने: पुरानी रंजिश या गैंग वॉर का हिस्सा? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हमला दो गैंगों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा हो सकता है। पुलिस की कार्रवाई और जांच घटना के बाद पुलिस ने: जेल से चल रही थी गैंग, जेल प्रशासन पर सवाल सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जेल में बंद इरशाद पठान के पास: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अब जेल प्रशासन से भी पूछताछ की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों में दहशत और गुस्सा इस घटना के बाद परदेशीपुरा क्षेत्र के रहवासियों में गहरी नाराज़गी है। आगे की कार्रवाई: गैंग पर लग सकता है NSA पुलिस ने संकेत दिए हैं कि: परदेशीपुरा में हुआ यह बम हमला कोई साधारण आपराधिक घटना नहीं, बल्कि गंभीर सुरक्षा चूक और संगठित अपराध की बड़ी मिसाल है। यह घटना बताती है कि कैसे जेल के अंदर बैठे अपराधी बाहर गैंग को ऑपरेट कर रहे हैं। अब वक्त है कि प्रशासन ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए, ताकि इंदौर जैसे शांत शहर में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
चलती ट्रेन में 5 करोड़ की डकैती: नोटों से भरे बॉक्स लूटे, सुरक्षा में लगे 18 पुलिसकर्मी भी रह गए अनजान

Best Indore News मध्यप्रदेश में चलती ट्रेन में हुई डकैती ने पूरे रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेन में लदी नकदी के बॉक्स से करीब ₹5 करोड़ की डकैती को अंजाम दिया गया, और हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान ट्रेन में तैनात 18 सशस्त्र पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह मामला न केवल एक संगठित अपराध की ओर इशारा करता है, बल्कि रेलवे सुरक्षा की खामियों को भी उजागर करता है। घटना कैसे हुई? यह वारदात बीती रात दिल्ली से चेन्नई जा रही ट्रेन में उस वक्त हुई जब ट्रेन मध्यप्रदेश के एक स्टेशन से गुजर रही थी। जब ट्रेन गंतव्य पर पहुंची और करेंसी की गिनती शुरू हुई, तब जाकर इस डकैती का खुलासा हुआ। न कोई गवाह, न कोई सुराग इस डकैती की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि: पुलिस और रेलवे का क्या कहना है? रेलवे पुलिस (RPF) और जीआरपी ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है।वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि: “यह घटना बेहद गंभीर है। इतनी बड़ी रकम की जिम्मेदारी के बावजूद किसी को भनक नहीं लगना, दिखाता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक हुई है। तकनीकी और फॉरेंसिक टीम को जांच में लगाया गया है।” FIR और प्रारंभिक जांच CCTV फुटेज और गार्ड के मोबाइल रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है। ₹5 करोड़ की रकम कैसे भेजी जा रही थी? क्या यह अंदर का काम था? जांच अधिकारियों को शक है कि: रेलवे की साख पर सवाल इस घटना से एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठे हैं: इन सवालों का जवाब अब रेलवे प्रशासन को देना होगा राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनता में आक्रोश इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी उबाल है। विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए कहा है: “अगर सरकारी खजाने की ये हालत है, तो आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा?”“RBI की नकदी भी सुरक्षित नहीं, तो बाकी देश की संपत्ति का क्या?” सोशल मीडिया पर भी लोग रेलवे और सुरक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष और नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं। क्या बदलेगा अब? रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को आदेश दिया है कि: चलती ट्रेन में ₹5 करोड़ की डकैती न केवल एक बड़ी सुरक्षा चूक है, बल्कि यह देश की रेलवे व्यवस्था के लिए जागने की घंटी भी है। अब देखना यह है कि जांच एजेंसियां कितनी तेजी और पारदर्शिता से काम करती हैं और दोषियों को पकड़ पाती हैं या नहीं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में पितृ पर्वत से सीधे जुड़ेंगे चिंतामण गणेश मंदिर: सिंहस्थ 2028 से पहले 4 लेन की सड़क तैयार, 228 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

Best Indore News धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले पितृ पर्वत और चिंतामण गणेश मंदिर को अब आपस में जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस ऐतिहासिक परियोजना के अंतर्गत दोनों तीर्थस्थलों को जोड़ने के लिए एक चार लेन की चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, जो सीधे पितृ पर्वत से चिंतामण गणेश तक ले जाएगी। इस परियोजना को सिंहस्थ 2028 के पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने इसके लिए 228 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। क्या है यह परियोजना? इस महत्त्वपूर्ण सड़क परियोजना के अंतर्गत: कहां से कहां तक बनेगी यह सड़क? यह नई चार लेन सड़क रालामंडल के पास पितृ पर्वत से शुरू होकर सीधे चिंतामण गणेश मंदिर तक पहुंचेगी। रास्ते में यह सड़क: यह रास्ता पहले से मौजूद संकरी सड़कों और ट्रैफिक जाम की समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करेगा। धार्मिक महत्व और पर्यटन में इजाफा पितृ पर्वत, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग पितृ तर्पण और श्राद्ध के लिए आते हैं, और चिंतामण गणेश मंदिर, जो अति प्राचीन और सिद्ध स्थल है—दोनों धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन्हें जोड़ने से: भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू सड़क निर्माण के लिए 228 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। कलेक्टर कार्यालय ने इसके लिए: कई ग्रामीणों ने इस परियोजना का स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों ने मुआवजा मूल्य और पुनर्वास को लेकर आशंका भी जाहिर की है। निर्माण कब तक होगा पूरा? प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सड़क परियोजना 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ से पहले हर हाल में पूरी कर ली जाएगी।अभी की समय-सीमा: चिंतामण गणेश मंदिर: एक परिचय पितृ पर्वत: एक अद्वितीय आस्था केंद्र प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया इंदौर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और ज़िला प्रशासन ने इस सड़क को “धार्मिक सर्किट विकास योजना” के तहत प्राथमिकता दी है। स्थानीय विधायक ने कहा: “यह सड़क केवल एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि आस्था और विकास का पुल है। इससे ग्रामीणों को भी रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।” इंदौर के पितृ पर्वत से चिंतामण गणेश को जोड़ने वाली यह चार लेन सड़क न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करेगी, बल्कि इंदौर की विकास गाथा में भी एक नया अध्याय जोड़ेगी। सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन से पहले इस मार्ग का बनना शहर की यातायात व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में तापमान में आई 4 डिग्री की गिरावट: उमस से राहत, अब जुलाई के तीसरे हफ्ते में बन सकते हैं तेज बारिश के आसार

Best Indore News पिछले कुछ दिनों से भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे इंदौरवासियों को आखिरकार थोड़ी राहत मिली है। शहर में दिन के अधिकतम तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक आई है और लोग गर्म हवाओं से बचने में सफल हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह गिरावट दक्षिण-पश्चिमी मानसून की धीमी सक्रियता और स्थानीय बादल छाए रहने के कारण हुई है। अब उम्मीद की जा रही है कि जुलाई के तीसरे हफ्ते में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक राहत मिलेगी। तापमान में गिरावट कैसे आई? मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार: इसी प्रकार, न्यूनतम तापमान भी लगभग 1.5 डिग्री गिरा है।यह बदलाव उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं और रुक-रुक कर हो रही हल्की बूंदाबांदी के कारण संभव हो पाया है। बादल और रिमझिम ने बढ़ाई उम्मीद इंदौर में बुधवार से ही आकाश में बादल छाए हुए हैं, और कहीं-कहीं हल्की फुहारें भी देखने को मिली हैं। यह रिमझिम बारिश भले ही भारी नहीं थी, लेकिन वातावरण में ठंडक जरूर लेकर आई है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थितियाँ एक मजबूत मानसूनी सिस्टम बनने की संकेत दे रही हैं, जो जुलाई के तीसरे हफ्ते में तेज बारिश के रूप में सामने आ सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर. एस. पांडे ने बताया: “वर्तमान में अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में प्रवेश कर रही हैं। इसके कारण वातावरण में नमी बढ़ी है, जिससे बादल बन रहे हैं। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो 2 से 3 दिनों के भीतर इंदौर में जोरदार बारिश के आसार बन सकते हैं।” अब तक का मानसून कैसा रहा? बारिश में इस कमी के चलते किसानों और शहर के जलस्त्रोतों पर भी प्रभाव पड़ा है। किसानों के लिए राहत की खबर तापमान में आई गिरावट और संभावित बारिश की सूचना किसानों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। पिछले कई दिनों से किसान बीज बोने और जुताई को लेकर असमंजस में थे। लेकिन अब संभावित वर्षा की खबर से कृषि कार्यों में गति आने की उम्मीद है। “अगर अगले हफ्ते तक बारिश हो गई, तो हम सोयाबीन और मक्का की बुवाई शुरू कर देंगे।”– राजेश पटेल, किसान, महू तहसील शहरवासियों को मिली राहत तापमान गिरने से न केवल पर्यावरण में ताजगी आई है, बल्कि घरों, कार्यालयों और बाजारों में उमस की स्थिति भी कम हो गई है। क्या सावधानी बरतनी चाहिए? मौसम विभाग ने साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में: निगम और प्रशासन की तैयारियाँ इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन ने संभावित बारिश को देखते हुए नालियों की सफाई, जलजमाव वाले क्षेत्रों की निगरानी और बिजली आपूर्ति नियंत्रण जैसे कार्यों की समीक्षा की है। इंदौर में तापमान में आई 4 डिग्री की गिरावट केवल मौसम नहीं, बल्कि मन और माहौल दोनों के लिए सुखद परिवर्तन है। अब जब जुलाई के तीसरे हफ्ते में तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है, तो उम्मीद है कि शहर में मानसून पूरी तरह सक्रिय होकर सामान्य वर्षा स्तर को प्राप्त करेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
NEET-UG रि-एग्जाम की सुप्रीम कोर्ट में दस्तक: वकील बोले – परिणाम चाहे जो हो, छात्रों का पक्ष मजबूती से रखेंगे

Best Indore News NEET-UG 2025 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक और बिजली गुल जैसे मामलों को लेकर अब छात्र पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है। रि-एग्जाम की मांग को लेकर अब तक कई हाईकोर्ट्स में याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, लेकिन अब यह लड़ाई देश की सर्वोच्च अदालत में लड़ी जाएगी। इस मुद्दे पर छात्रों की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील आदित्य दीक्षित ने कहा है कि – “हम सुप्रीम कोर्ट में छात्रों की भावनाओं और उनके करियर से जुड़े सवालों को मजबूती से रखेंगे। चाहे निर्णय पॉजिटिव हो या नेगेटिव, हम पीछे नहीं हटेंगे।“ पृष्ठभूमि: क्या है मामला? NEET-UG 2025 परीक्षा के दौरान देशभर में कई परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताएं सामने आई थीं। इन्हीं घटनाओं के बाद, देशभर से 75 से अधिक छात्रों ने अलग-अलग अदालतों में याचिकाएं दायर की थीं।अब तक केवल कुछ छात्रों को ही रि-एग्जाम की अनुमति मिली है, जबकि बाकी मामले लंबित हैं। क्या कहती है NTA? नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी सीमित स्तर पर हुई और इसका प्रभाव पूरे देश के रिजल्ट पर नहीं पड़ा। NTA ने यह भी कहा है कि: “जहां भी तकनीकी त्रुटियां हुईं, वहां स्थानीय स्तर पर समाधान दिया गया। रि-एग्जाम केवल उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा जिनका केस साबित हो चुका है।” लेकिन छात्र पक्ष इससे संतुष्ट नहीं है। उनका तर्क है कि जब परीक्षा समान समय और समान परिस्थिति में नहीं हुई, तो परिणाम निष्पक्ष कैसे हो सकते हैं? छात्रों की व्यथा: करियर अधर में रि-एग्जाम की मांग कर रहे कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों के चलते उनका स्कोर कम आया, जिससे उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलने की संभावना खत्म हो गई। “मेरे पास अब सिर्फ एक साल बर्बाद करने का विकल्प है, जबकि गलती मेरी नहीं थी।”– साक्षी वर्मा, NEET उम्मीदवार, इंदौर “बिजली चली गई थी, ओएमआर शीट भरने में 10 मिनट बर्बाद हुए। अब कोई सुनवाई नहीं हो रही।”– हर्ष तिवारी, भोपाल सुप्रीम कोर्ट की भूमिका क्यों अहम है? सुप्रीम कोर्ट शिक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में कई बार ऐतिहासिक निर्णय दे चुका है। अब उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट इस बार भी समानता और न्याय के सिद्धांतों के तहत छात्रों के हित में निर्णय देगा। क्या हो सकता है असर? अगर सुप्रीम कोर्ट छात्रों के पक्ष में निर्णय देता है, तो: शिक्षा विशेषज्ञों की राय शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष का NEET विवाद दर्शाता है कि परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और मजबूत करने की आवश्यकता है। “देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में यदि व्यवस्थाएं फेल हो रही हैं, तो यह छात्रों का नहीं, सिस्टम का दोष है।”– डॉ. अंशुल गुप्ता, शिक्षा विश्लेषक NEET-UG रि-एग्जाम की मांग अब सिर्फ एक छात्र वर्ग का मुद्दा नहीं रहा, यह सिस्टम की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का प्रश्न बन गया है। सुप्रीम कोर्ट से अब हजारों छात्रों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और वे एक सही मंच पर अपना करियर बना पाएंगे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में कॉलेज छात्रा को कुत्तों ने गिराकर नोंच डाला:ललकारा तो एक बार लौट गए, फिर झुंड बनाकर आए और हमला किया

Best Indore News इंदौर शहर, जिसे बार-बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है, वहां हाल ही में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने नगर निगम की व्यवस्थाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के एक कॉलेज परिसर के पास एक छात्रा पर स्ट्रीट डॉग्स ने अचानक हमला कर दिया। छात्रा को जमीन पर गिराकर उसे घसीटा और नोच डाला। यह पूरी घटना लोगों को झकझोर देने वाली है। क्या हुआ था? पूरी घटना का विवरण इंदौर घटना राऊ क्षेत्र के पास स्थित एक निजी कॉलेज के पास की है, जहां एक बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सोमवार सुबह कॉलेज पहुंचने के लिए पैदल चल रही थी। तभी रास्ते में 3–4 आवारा कुत्तों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पहले तो छात्रा ने डंडा दिखाकर उन्हें डराया और जोर से ललकारा, जिससे कुत्ते कुछ दूरी पर हट गए। लेकिन जब वह कुछ कदम आगे बढ़ी, कुत्तों का एक झुंड लौटकर आया और उस पर हमला कर दिया। छात्रा को कुत्तों ने पीछे से दबोचा, जिससे वह गिर गई। इसके बाद उसके पैरों, हाथों और पीठ को नोच डाला। “मैंने चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन आसपास कोई नहीं था। एक कुत्ता मेरी पीठ पर चढ़ गया था और मुझे नोंच रहा था।”– पीड़ित छात्रा (नाम गोपनीय) स्थानीय लोगों ने बचाया, अस्पताल में भर्ती छात्रा की चीख सुनकर पास की दुकान से कुछ लोग दौड़कर आए और डंडे से कुत्तों को भगाया। तब तक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। उसके शरीर पर लगभग 10 से ज्यादा जगहों पर गहरे घाव हुए हैं। उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल वह संक्रमण और मानसिक आघात से जूझ रही है। क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं? इंदौर में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या में लगातार इज़ाफा देखा जा रहा है। निगम के अनुसार, शहर में करीब 80,000 से अधिक आवारा कुत्ते हैं। इनमें से 10% से अधिक आक्रामक प्रवृत्ति के माने जा रहे हैं। हाल के महीनों में इंदौर में कुत्तों के हमले की 25 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया है। “नगर निगम को बार-बार शिकायत की जाती है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता। नसबंदी अभियान भी ठप है।”– स्थानीय रहवासी, राऊ क्षेत्र परिवार का आक्रोश, FIR दर्ज छात्रा के परिवार ने स्थानीय थाने और नगर निगम में इस घटना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने FIR दर्ज करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। “अगर कुत्तों को पहले ही पकड़ लिया जाता, तो आज हमारी बेटी अस्पताल में नहीं होती। यह लापरवाही है।”– छात्रा के पिता नगर निगम की प्रतिक्रिया नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज राजोरिया ने कहा कि— “घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम संबंधित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी जल्द तेज किया जाएगा।” हालांकि, नागरिकों का कहना है कि यह केवल कागज़ी आश्वासन है। ग्राउंड पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कॉलेज प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश कॉलेज प्रशासन ने अपने परिसर और आसपास की स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने नगर निगम को लेटर जारी कर परिसर के बाहर कुत्तों को हटाने की मांग की है। साथ ही, सुरक्षा गार्ड्स को भी सतर्क रहने को कहा गया है। समाजसेवियों और विशेषज्ञों की राय जानवरों के संरक्षण के लिए काम कर रहे संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं प्रबंधन की विफलता का परिणाम हैं। कुत्तों को दोष देने की बजाय, उनकी देखरेख, समय पर नसबंदी और उचित रहन-सहन के उपाय होने चाहिए। “कुत्ते आक्रामक तभी होते हैं जब भूखे होते हैं या डरते हैं। निगम को उन्हें उचित आश्रय देना होगा।”– जानवर अधिकार कार्यकर्ता इंदौर में कॉलेज छात्रा पर स्ट्रीट डॉग्स द्वारा किया गया यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या का आईना है। यह प्रशासन के लिए चेतावनी है कि समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं। अब जरूरी है: इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
सुखलिया: इंदौर का तेजी से उभरता रिहायशी और कमर्शियल हब

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें इंदौर मध्यप्रदेश का सबसे विकसित और स्मार्ट शहर है, और यहाँ पर हर क्षेत्र अपने आप में खास पहचान बना रहा है। उन्हीं में से एक क्षेत्र है – सुखलिया। पहले यह इलाका इंदौर के बाहरी क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज यह रिहायशी, कमर्शियल और निवेश के दृष्टिकोण से एक बेहतरीन विकल्प बन चुका है। सुखलिया अब न केवल रहने के लिए एक शांतिपूर्ण स्थान है, बल्कि व्यवसाय और निवेश के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सुखलिया में प्रॉपर्टी खरीदना क्यों एक समझदारी भरा निर्णय है। बेहतरीन कनेक्टिविटी सुखलिया की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत कनेक्टिविटी है। यह क्षेत्र AB रोड, रिंग रोड और MR-10 जैसे मुख्य मार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रिहायशी क्षेत्र के रूप में तेजी से विकास सुखलिया अब एक अत्यधिक विकसित और व्यवस्थित रिहायशी क्षेत्र बन चुका है। यहाँ की कॉलोनियाँ साफ-सुथरी, सुरक्षित और सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त हैं। कमर्शियल ग्रोथ सुखलिया अब सिर्फ रिहायशी क्षेत्र ही नहीं रहा, बल्कि यहाँ कमर्शियल एक्टिविटी भी तेजी से बढ़ रही है। निवेश के नजरिए से फायदे यदि आप किसी ऐसी जगह पर निवेश करना चाहते हैं जहाँ भविष्य में अच्छा रिटर्न मिले, तो सुखलिया आपके लिए एक उत्तम विकल्प है। सामाजिक सुविधाएं और लाइफस्टाइल सुखलिया का माहौल पारिवारिक और सामाजिक दृष्टि से काफी अनुकूल है। शांति और सुरक्षा यह क्षेत्र शांत, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण के लिए जाना जाता है। भविष्य की योजनाएं नगर निगम और प्राइवेट बिल्डरों की कई योजनाएं यहाँ लागू हो रही हैं: कौन सी प्रॉपर्टी लें? सुखलिया में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं: यदि आप इंदौर में घर खरीदने, निवेश करने या व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो सुखलिया आपके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हो सकता है। अब समय है इस क्षेत्र की संभावनाओं को पहचानने और भविष्य की समृद्धि में निवेश करने का। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact: 9039 636 706 | 8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish
किन्नरों के झगड़े की जांच में जुटी एसआईटी: धर्म परिवर्तन और एचआईवी संक्रमण के आरोपों की होगी पड़ताल

Best Indore News इंदौर में हाल ही में सामने आए किन्नर समुदाय के आपसी विवाद ने न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है। इस झगड़े ने तब गंभीर रूप ले लिया जब हिंदू किन्नरों ने कुछ मुस्लिम किन्नरों पर धर्म परिवर्तन कराने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, और लगभग 60 किन्नरों को एचआईवी संक्रमित करने के आरोप लगाए। अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए प्रशासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। क्या है मामला? इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 जुलाई को इंदौर के नंदानगर क्षेत्र में दो किन्नर समूहों के बीच हुए झगड़े और मारपीट से हुई। यह झगड़ा धीरे-धीरे सामुदायिक टकराव का रूप लेता गया। हिंदू किन्नरों का आरोप है कि उन्हें मजबूरी में इस्लाम अपनाने को मजबूर किया जा रहा है, और इस काम में कुछ प्रभावशाली मुस्लिम किन्नर संगठनों की भूमिका है। “हमें धमकाया गया कि अगर धर्म परिवर्तन नहीं किया, तो हमारे इलाकों से बाहर कर दिया जाएगा। कुछ किन्नरों ने हमारे खिलाफ फर्जी मुकदमे भी दर्ज करवाए।”– प्रियंका किन्नर, शिकायतकर्ता एचआईवी संक्रमण का गंभीर आरोप इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है एचआईवी संक्रमण से जुड़े आरोपों ने। हिंदू किन्नरों ने दावा किया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर एचआईवी पॉजिटिव किन्नरों को सामूहिक आवासों में रखा गया, जिससे दूसरों को भी संक्रमित किया गया। “हमारी मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि एक ही घर में रहने वाले कई किन्नर एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। हमें संदेह है कि यह जानबूझकर किया गया।”– शिकायत में दी गई जानकारी प्रशासन का एक्शन: SIT का गठन इस गंभीर मामले को देखते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नर आराकेश गुप्ता ने 3 सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जिसमें शामिल हैं: SIT को 10 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के मुख्य बिंदु SIT निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच करेगी: मामले ने पकड़ा कानूनी मोड़ हिंदू किन्नरों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, जान से मारने की धमकी, और स्वास्थ्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तीन एफआईआर दर्ज करवाई हैं। वहीं, विरोधी पक्ष ने झूठे आरोप और मानहानि के तहत काउंटर एफआईआर दर्ज करवाई है। “हम पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। यह सिर्फ एक समुदाय विशेष को बदनाम करने की साजिश है।”– रूबिना किन्नर, मुस्लिम किन्नर प्रतिनिधि समाजशास्त्रियों की राय समाजशास्त्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला सिर्फ धर्म या स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि किन्नर समुदाय के भीतर व्याप्त सत्ता संघर्ष का है। किन्नरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था “संवेदना” की प्रमुख डॉ. गीतांजलि राव कहती हैं: “वास्तविक मुद्दा यह है कि किन्नर समाज में कुछ समूह अधिक प्रभावशाली हो गए हैं और वे बाकी समुदाय पर दबाव बना रहे हैं। प्रशासन को इस सत्ता के असंतुलन को समझना होगा।” प्रशासन की अपील जांच शुरू होने के बाद प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है और सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने को कहा है। “यह एक संवेदनशील मामला है। कृपया जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।”– एसपी (क्राइम), इंदौर इंदौर में किन्नरों के इस झगड़े ने सामाजिक, धार्मिक और स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।SIT की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि इस विवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं और क्या वाकई इसमें कोई सोची-समझी साजिश है।प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि इस तरह के मुद्दों को संवेदनशीलता और निष्पक्षता से हल किया जाए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।