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खजराना गणेश का तैयार हो रहा चांदी का मुकुट:एक हफ्ते में हो जाएगा तैयार, गर्भगृह में लगी चांदी की हो रही रिपेयरिंग

Best Indore NewsKhajrana Ganesh's silver crown is being prepared:

Best Indore News इंदौर का खजराना गणेश मंदिर देशभर में प्रसिद्ध है और यहां गणेश भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। इसी आस्था को और भव्य स्वरूप देने के लिए अब खजराना गणेश जी के लिए एक नया चांदी का मुकुट तैयार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह मुकुट एक सप्ताह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। यह मुकुट पूरी तरह से शुद्ध चांदी से निर्मित किया जा रहा है और इसे मंदिर के गर्भगृह में विराजे भगवान गणेश को अर्पित किया जाएगा। चांदी की हो रही मरम्मत:मंदिर प्रशासन ने बताया कि न केवल नया मुकुट तैयार किया जा रहा है बल्कि गर्भगृह में पहले से लगी चांदी की सजावट और परत की भी मरम्मत का कार्य चल रहा है। गर्भगृह की चांदी की परतें समय के साथ कुछ स्थानों पर खराब हो गई थीं, जिन्हें फिर से मजबूत और चमकदार बनाया जा रहा है। यह काम मंदिर की गरिमा और भव्यता को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। विशेष कारीगर कर रहे निर्माण:मुकुट और चांदी की मरम्मत का काम पारंपरिक कारीगरों द्वारा किया जा रहा है, जिन्हें इस प्रकार की धार्मिक कलाकृति बनाने में विशेष दक्षता है। यह कारीगर न केवल धार्मिक परंपरा का सम्मान करते हैं, बल्कि भगवान की मूर्ति को एक दिव्य और आकर्षक स्वरूप प्रदान करने का भी ध्यान रखते हैं। भक्तों में उत्साह:खजराना गणेश जी के नए मुकुट की खबर सुनते ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर में आने वाले भक्त अब इस नए मुकुट की झलक पाने के लिए और भी अधिक उत्साहित हो गए हैं। यह मुकुट गणेश चतुर्थी या किसी विशेष पर्व पर भगवान को पहनाया जा सकता है। मंदिर समिति की पहल:मंदिर समिति ने यह पहल मंदिर की भव्यता को बनाए रखने और श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए की है। चांदी के मुकुट और गर्भगृह की चांदी की परतें मंदिर को और भी दिव्यता प्रदान करती हैं। इससे पहले भी मंदिर में कई बार भक्तों द्वारा स्वर्ण और रजत अर्पण किए जा चुके हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व:खजराना गणेश मंदिर का धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्व है। यह मंदिर होलकर राजवंश की रानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनवाया गया था और तब से यहां गणेश जी की विशेष पूजा होती है। भक्त मानते हैं कि यहां की जाने वाली मनोकामना जरूर पूर्ण होती है। खजराना गणेश मंदिर के इस नवीन चांदी के मुकुट से भक्तों की आस्था और भी मजबूत होगी। मंदिर प्रशासन और कारीगरों का यह कार्य न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में एक सराहनीय पहल भी है। भक्तों को गणेश जी के इस नव स्वरूप के दर्शन की प्रतीक्षा है, जो एक सप्ताह के भीतर पूरी होने वाली है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

एमपी में एक जैसे पदों के लिए अब एक ही परीक्षा: उम्मीदवारों को मिलेगा विकल्प चुनने का मौका

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Best Indore News   एमपी में एक जैसे पदों के लिए अब एक ही परीक्षा: उम्मीदवारों को मिलेगा विकल्प चुनने का मौकामध्यप्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब एक जैसे सरकारी पदों के लिए केवल एक ही परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत, उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान यह विकल्प मिलेगा कि वे किस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया भी पहले से अधिक व्यवस्थित और सरल हो जाएगी। MPPSC और कर्मचारी चयन मंडल का जिम्मा तयनई नीति के अनुसार, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) अब 5 प्रकार की परीक्षाएं आयोजित करेगा, जबकि कर्मचारी चयन मंडल 4 विभिन्न श्रेणियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करेगा। इस प्रकार कुल मिलाकर नौकरियों के लिए उम्मीदवारों को अब बार-बार परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी, बल्कि एक ही परीक्षा में शामिल होकर वे अपनी योग्यता के अनुसार पद का चयन कर सकेंगे। सरकार की मंशा: पारदर्शिता और सरलताराज्य सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल उम्मीदवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ कम होगा, बल्कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा। साथ ही, इससे भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटेगा, जिससे रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जा सकेगा। उम्मीदवारों को मिलेगा विकल्प चुनने का अवसरइस प्रक्रिया में एक विशेष पहलू यह है कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को रिजल्ट आने के बाद यह विकल्प मिलेगा कि वे किस विभाग या पद के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं। इस निर्णय को स्कोर और मेरिट के आधार पर माना जाएगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता मिलेगी। क्या होंगे लाभ? कब से लागू होगी ये प्रक्रिया?राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह नई परीक्षा प्रणाली अगले भर्ती सत्र से लागू की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं और तकनीकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बहुत अच्छी खबर है। अब उन्हें एक से अधिक बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और एक ही परीक्षा के माध्यम से वे विभिन्न पदों के लिए योग्य ठहर सकते हैं। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार है बल्कि युवाओं के भविष्य को भी दिशा देने वाली है। आने वाले समय में यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो संभव है कि अन्य राज्यों में भी इसे अपनाया जाए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

निजी अस्पताल के टेक्नीशियन ने किया सुसाइड:प्रेम प्रसंग के चलते दी जान, जांच में जुटी पुलिस

Best Indore NewsTechnician of private hospital committed suicide

Best Indore News इंदौर, 24 जुलाई 2025 — शहर के एक निजी अस्पताल में काम करने वाले एक लैब टेक्नीशियन द्वारा आत्महत्या करने की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें निजी और मानसिक तनाव के चलते युवक ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना इंदौर के एक नामी प्राइवेट अस्पताल की है, जहां 28 वर्षीय युवक टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। पुलिस को प्राथमिक जांच में प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है, जिसके चलते युवक बीते कुछ समय से तनाव में चल रहा था। क्या हुआ था? पुलिस के अनुसार, युवक ने बुधवार रात अपने किराए के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब वह अस्पताल नहीं पहुंचा और फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया, तब उसके साथियों ने मकान मालिक से संपर्क किया। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो उसका शव पंखे से लटका मिला। युवक की पहचान और पृष्ठभूमि युवक की पहचान अभिषेक (परिवर्तित नाम) के रूप में हुई है, जो बीते चार वर्षों से इंदौर में एक निजी अस्पताल की लैब में काम कर रहा था। मूलतः वह धार जिले का रहने वाला था और यहां नौकरी के सिलसिले में किराए के मकान में अकेला रह रहा था। अभिषेक के करीबी साथियों का कहना है कि वह बीते कुछ हफ्तों से चुप-चुप रहने लगा था। एक महिला सहकर्मी से उसका संबंध था, जो हाल ही में उससे दूर हो गई थी। पुलिस जांच में क्या निकला? पुलिस ने युवक के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें उसने निजी रिश्तों से जुड़ी पीड़ा और टूटे दिल की बात लिखी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उस महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और उससे पूछताछ जारी है। सुसाइड नोट में लिखा गया है: “मैं थक गया हूं, अब और सहन नहीं कर सकता। मुझे माफ कर देना। मैं किसी को दोष नहीं देता, यह मेरा खुद का फैसला है।” अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया अस्पताल प्रबंधन ने घटना पर दुख जताया है और कहा कि अभिषेक एक जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी था। “हमें इस घटना से गहरा दुख हुआ है। हम उसके परिवार के संपर्क में हैं और हरसंभव मदद देने का प्रयास कर रहे हैं।” परिवार का दर्द अभिषेक के माता-पिता को जैसे ही यह खबर मिली, वे इंदौर के लिए रवाना हुए। उनके अनुसार, अभिषेक ने कभी इस तरह के मानसिक तनाव की बात नहीं की थी।मां का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने कहा कि, “अगर बेटा कुछ कहता तो शायद हम उसे समझा पाते।” सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य की चिंता यह घटना फिर से यह सवाल उठाती है कि प्रेम में टूटे दिल और मानसिक तनाव के मामलों को समाज में गंभीरता से क्यों नहीं लिया जाता। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रिश्तों में विफलता और अकेलापन आज के युवाओं को भीतर से तोड़ देता है। “ऐसे युवाओं को समय पर काउंसलिंग और परिवारिक समर्थन मिलना बहुत जरूरी है,” — डॉ. सीमा शर्मा, मनोचिकित्सक। पुलिस की अगली कार्रवाई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के लिए उकसाने की आशंका के तहत उस महिला की भूमिका की जांच कर रही है। अगर साक्ष्य मिलते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इंदौर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर किया है कि प्यार, रिश्ते और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर समाज को और अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। ऐसे मामलों में परिवार, दोस्त और संस्थाएं आगे आकर समय पर सहयोग करें तो कई जीवन बचाए जा सकते हैं इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

द्वारकापुरी से पहले एरोड्रम इलाके में महिला से लूट:खुद को पुलिसवाला बताकर उतरवाए जेवर, रजिस्टर में इंट्री के बहाने किए गायब

Best Indore News Fake policeman robbed a woman in Indore

Best Indore News  इंदौर में एक बार फिर से महिला से लूट की घटना ने लोगों को चौंका दिया है। यह वारदात एरोड्रम थाना क्षेत्र में घटित हुई, जहां एक महिला से खुद को पुलिसकर्मी बताकर बदमाश ने जेवर उतरवाए और मौके से फरार हो गया। खास बात यह है कि यह घटना द्वारकापुरी क्षेत्र में होने वाली लूट से पहले की बताई जा रही है, जिससे साफ है कि बदमाश पहले से ही इस इलाके में सक्रिय था। जानकारी के अनुसार, महिला अपने निजी काम से जा रही थी तभी रास्ते में एक व्यक्ति ने उसे रोका और खुद को पुलिसकर्मी बताया। उसने महिला को यह कहकर डराया कि इलाके में अपराधियों की गतिविधि बढ़ गई है और सोने के जेवर पहनकर निकलना सुरक्षित नहीं है। बदमाश ने रजिस्टर में इंट्री करने की बात कही और महिला को विश्वास में ले लिया। महिला जब कुछ समझ पाती, उससे पहले ही उस व्यक्ति ने उसके सोने की चूड़ियाँ और गहने उतरवाए और कहा कि इनका सुरक्षित रखाव पुलिस स्टेशन में किया जाएगा। महिला को लगा कि वह वाकई पुलिस वाला है, क्योंकि उसने कपड़े और बातचीत का तरीका ऐसा अपनाया था। लेकिन जैसे ही वह महिला रजिस्टर में इंट्री करने के लिए मुड़ी, वह ठग मौका पाकर वहां से गायब हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में लूट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और संदिग्ध की तलाश जारी है। इस वारदात ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इंदौर में लुटेरों की सक्रियता बनी हुई है और आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर महिलाएं जब अकेले बाहर निकलें तो सतर्कता बरतें और किसी भी अजनबी की बातों में आकर अपने गहने या सामान किसी को न सौंपें, चाहे वह खुद को पुलिस वाला ही क्यों न बताए। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि इस ठगी की घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति पेशेवर लग रहा है, जिसने बहुत चतुराई से महिला को झांसे में लिया। पुलिस टीम द्वारा आसपास के चौराहों, कॉलोनियों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से उसकी तलाश तेज कर दी गई है। एरोड्रम थाना प्रभारी ने बताया कि आसपास के इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें बदमाश खुद को पुलिस वाला या सरकारी अधिकारी बताकर ठगी करते हैं। इसीलिए अब पुलिस आमजन से अपील कर रही है कि कोई भी व्यक्ति अगर इस तरह का व्यवहार करता है तो तुरंत 100 नंबर या 112 पर कॉल कर सूचना दें। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। नगरवासी चाहते हैं कि पुलिस ऐसे बदमाशों पर लगाम लगाने के लिए इलाके में गश्त बढ़ाए और आम लोगों को जागरूक करे। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शहरवासियों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी व्यक्ति से पहचान पत्र मांगे बिना उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए, चाहे वह किसी भी वेशभूषा में हो। खासकर बुजुर्ग महिलाएं और अकेली महिलाएं इस तरह के जाल में जल्दी फंस सकती हैं। यह घटना न केवल महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराधी कितनी आसानी से लोगों को धोखा देने में सफल हो रहे हैं। पुलिस को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए और जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर जनता में विश्वास बहाल करे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर में गणेश प्रतिमा विवाद: मॉडर्न रूप पर बवाल, बजरंग दल ने जताया विरोध

Best Indore News  इंदौर में गणेश उत्सव से पहले गणेश प्रतिमाओं के डिजाइन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर के एक स्थानीय मूर्तिकार द्वारा बनाई गई एक प्रतिमा, जिसमें भगवान गणेश के हाथों पर एक मॉडर्न युवती का चित्रण किया गया, ने धार्मिक संगठनों की भावनाओं को आहत किया है। विशेष रूप से बजरंग दल ने इस पर तीव्र आपत्ति जताई है और इसे “मूर्तिकार की सांस्कृतिक अज्ञानता और आस्था के अपमान” से जोड़ा है। मूर्तिकार पर गंभीर आरोप मूर्ति के वायरल होते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर विरोध जताया। उनका कहना था कि यह केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि हिंदू आस्थाओं का सीधा अपमान है। बजरंग दल के एक सदस्य ने कहा – “पहले देवी प्रतिमा को बुर्का पहनाया गया और अब गणेश जी के हाथों पर मॉडर्न युवती बनाई जा रही है। क्या यही संस्कृति रह गई है?” सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया जैसे ही तस्वीर सोशल मीडिया पर फैली, हजारों लोगों ने इसकी आलोचना की। कई धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने इसे “अशोभनीय और धार्मिक मर्यादा के खिलाफ” बताया। लोग पूछने लगे कि क्या मूर्तिकला की स्वतंत्रता इतनी भी होनी चाहिए कि वह धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करे? प्रशासन का रुख घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने संबंधित मूर्तिकार से संपर्क कर स्पष्टीकरण मांगा। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि सभी मूर्तिकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मूर्तियों का स्वरूप धार्मिक परंपराओं के अनुसार होना चाहिए। अगर कोई मूर्तिकार उल्लंघन करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मूर्तिकार का पक्ष हालांकि, जिस मूर्तिकार ने यह प्रतिमा बनाई है, उसका कहना है कि यह एक नई सोच के तहत किया गया प्रयोग था। उसका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। मूर्तिकार ने कहा – “यह आधुनिक युग और संस्कृति को दर्शाने का एक प्रयास था, लेकिन यदि किसी को इससे ठेस पहुँची है तो मैं माफी मांगता हूँ।” क्या यह कला की स्वतंत्रता है या संस्कृति पर चोट? यह सवाल इस विवाद के बाद चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक वर्ग इसे “आर्टिस्टिक फ्रीडम” मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे “धार्मिक भावनाओं पर हमला” बता रहा है। समाज में कलाकारों की भूमिका को लेकर भी फिर से विमर्श शुरू हो गया है। बजरंग दल की चेतावनी बजरंग दल ने साफ कहा है कि अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो वे सड़कों पर उतर कर विरोध करेंगे और मूर्तिकारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। संगठन ने यह भी कहा है कि शहर के सभी मूर्तिकारों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यह विवाद दर्शाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर समाज कितना संवेदनशील है। ऐसे मामलों में जहां एक ओर कलाकार नई सोच के साथ प्रयोग करना चाहते हैं, वहीं उन्हें यह भी समझना होगा कि धर्म और आस्था से जुड़ी चीजों में मर्यादा और सम्मान अत्यंत आवश्यक है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

सोनम हत्याकांड: परिवार को समाज से बहिष्कृत करने की मांग, आरोपी की जमानत पर सवाल”

Best Indore News:  पूर्वोत्तर भारत के शिलॉन्ग से आई सोनम हत्याकांड की खबर अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। इस जघन्य अपराध के बाद से पीड़िता सोनम के परिजनों में रोष है, वहीं आमजन और समाज के लोगों में भी आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस बीच सोनम के भाई राजा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि इस हत्याकांड में संलिप्त लोगों को समाज से बहिष्कृत किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोपी की जमानत को खारिज कराने की बात भी कही है। क्या है पूरा मामला? सोनम की हत्या का मामला शुरू से ही संदेहास्पद रहा है। परिजनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। हत्या के बाद सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई। यही कारण है कि इस केस को लेकर पूरे देश में गुस्सा देखा जा रहा है। राजा का कहना है कि जो लोग अपराध में शामिल हैं और जिन्होंने सबूत मिटाए हैं, उन्हें कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। परिवार की मांग – समाज से बहिष्कृत हो आरोपी का परिवार सोनम के परिवार का मानना है कि सिर्फ आरोपी ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार ने हत्या के बाद सबूतों को छुपाने में मदद की है। राजा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इसलिए आरोपी के पूरे परिवार को समाज से बहिष्कृत करने की मांग की जा रही है। राजा का कहना है –“अगर किसी ने किसी की बेटी की हत्या की है और सबूतों को मिटाया है, तो उस परिवार को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। हम समाज से आग्रह करते हैं कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार हो।” शिलॉन्ग में जमानत पर उठे सवाल सोनम हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने शिलॉन्ग में जमानत दे दी है, जो अब एक और विवाद का कारण बन चुका है। राजा ने इस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में आरोपी को जमानत कैसे मिल गई? उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि वह जल्द ही शिलॉन्ग जाकर इस जमानत को रद्द कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे। सवाल उठे कानून व्यवस्था पर इस मामले ने कानून व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता पूछ रही है कि जब सबूत मिटाने के स्पष्ट आरोप हैं, तो आरोपी को किस आधार पर जमानत दी गई? साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पैसे और प्रभाव के दम पर न्याय प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है? समाज का समर्थन – पीड़िता के परिवार के साथ इस पूरे प्रकरण में समाज का एक बड़ा वर्ग सोनम के परिवार के साथ खड़ा है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय पंचायतों तक में इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और सोनम के हत्यारों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने की अपील कर रहे हैं। क्या होगा अगला कदम? राजा और उनका परिवार अब शिलॉन्ग की कोर्ट में जाकर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि वे अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे ताकि सोनम को न्याय मिल सके और इस मामले में कोई भी दोषी बच न सके। वे चाहते हैं कि न केवल हत्या के आरोपी को सजा मिले, बल्कि वह परिवार भी जो इस मामले को दबाने में लगा है, सजा पाए। सोनम हत्याकांड सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं है, यह सामाजिक और न्यायिक संवेदनशीलता की परीक्षा भी है। यदि समाज और न्याय प्रणाली मिलकर इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम नहीं उठाए, तो आम जनता का विश्वास डगमगा सकता है। सोनम के परिवार की पीड़ा और समाज की अपेक्षाएं अब न्याय की दिशा में निर्णायक कदम की मांग कर रही हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

सफाई मित्रों को मिलेगा ₹1000 मासिक स्वास्थ्य भत्ता: इंदौर में नई पहल

इंदौर के 7,500 सफाई मित्रों के लिए बड़ी खबर: स्वास्थ्य के लिए मिलेगा ₹1000 महीना Best Indore News: इंदौर नगर निगम ने शहर के 7,500 सफाई मित्रों के लिए एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। अब इन सफाई कर्मियों को हर महीने उनके स्वास्थ्य और सेहत के लिए ₹1000 का अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य उन मेहनती सफाई मित्रों का सम्मान करना है जो दिन-रात शहर की सफाई और स्वच्छता के लिए अपना पसीना बहाते हैं। स्वच्छता में इंदौर का नाम अग्रणीदेश का सबसे स्वच्छ शहर लगातार कई वर्षों से इंदौर ही रहा है। इस उपलब्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान इन सफाई मित्रों का है। हर सुबह जब शहर नींद में होता है, तब ये कर्मठ सफाईकर्मी सड़कों, गलियों और मोहल्लों की सफाई में जुटे रहते हैं। नगर निगम और प्रशासन ने उनकी भूमिका को समझते हुए उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। भत्ते से मिलेगा स्वास्थ्य लाभनगर निगम द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, ₹1000 का मासिक भत्ता सीधे सफाई मित्रों के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। यह राशि किसी विशेष संस्था या बीमा में कटौती के बजाय, सीधे उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि सफाई मित्र अपने लिए नियमित चेकअप, दवाइयों और अन्य उपचारों में इस राशि का उपयोग कर सकें। मेयर ने जताया आभारइंदौर की मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि “हमारे सफाई मित्र शहर की असली शान हैं। स्वच्छता के इस अभियान में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्हें सम्मान देना और उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। यह भत्ता केवल शुरुआत है, आने वाले समय में हम और भी योजनाएं लाएंगे।” स्वास्थ्य शिविरों की भी योजनाभविष्य में सफाई मित्रों के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर, ब्लड टेस्ट, शुगर-बीपी चेकअप और स्पेशल मेडिकल जांच शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इन सभी शिविरों में मुफ्त जांच और ज़रूरत पड़ने पर मुफ्त दवा देने की योजना भी बनाई जा रही है। सफाई मित्रों में खुशी की लहरइस फैसले से सफाई मित्रों में बेहद उत्साह देखा गया। कई सफाई कर्मियों ने कहा कि इस प्रकार की आर्थिक सहायता से उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग रहने में मदद मिलेगी। पहले उन्हें अपनी ज़रूरतों के आगे स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करना पड़ता था, लेकिन अब वे डॉक्टर के पास जाने और दवाइयों पर खर्च करने से नहीं हिचकिचाएंगे। समाज के प्रति संदेशयह पहल केवल सफाई कर्मियों की मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश भी है कि जो लोग हमारी गंदगी साफ करते हैं, उनका स्वास्थ्य और सम्मान भी हमारी जिम्मेदारी है। अगर हम चाहते हैं कि हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहे, तो हमें इन कर्मियों को भी उसी आत्मीयता से देखना होगा जैसे हम अपने किसी करीबी को देखते हैं।इंदौर नगर निगम की यह पहल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। सफाई मित्रों को स्वास्थ्य भत्ता देकर प्रशासन ने यह साबित कर दिया है कि स्वच्छता के असली योद्धाओं की चिंता करना ही सच्चे विकास का संकेत है। उम्मीद है कि इस तरह की योजनाएं आगे भी बढ़ती रहेंगी और सफाई कर्मियों का जीवन स्तर भी बेहतर होता जाएगा।

इंदौर कांग्रेस का यातायात मुख्यालय घेराव, नए ट्रैफिक थानों की मांग तेज़

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Best Indore News  इंदौर। शहर की बढ़ती यातायात समस्याओं और दुर्घटनाओं की संख्या को देखते हुए, इंदौर शहर कांग्रेस ने सोमवार को यातायात मुख्यालय का घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से शहर में 10 नए यातायात थानों की स्थापना और पुलिस बल में बढ़ोतरी की मांग की। शहर कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। क्यों उठी यह मांग? इंदौर, जो देश का सबसे स्वच्छ शहर होने के साथ-साथ तेजी से विकास करता मेट्रो शहर बन रहा है, वहां यातायात व्यवस्था बड़ी चुनौती बनती जा रही है। शहर की आबादी में तेजी से वृद्धि हो रही है और इसके साथ ही वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है। लेकिन, वर्तमान में ट्रैफिक व्यवस्था उसी पुराने ढांचे पर आधारित है। शहर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि: कांग्रेस नेताओं की मुख्य मांगे: यातायात पुलिस की स्थिति: फिलहाल इंदौर में महज़ कुछ गिने-चुने ट्रैफिक थाने हैं और पुलिसकर्मी भारी दबाव में काम कर रहे हैं। कई चौराहों पर तो ट्रैफिक लाइट्स भी सुचारू रूप से काम नहीं कर रहीं, जिससे जाम और टकराव की स्थिति बनी रहती है। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे राजवाड़ा, बापट चौराहा, पलासिया, विजय नगर आदि में ट्रैफिक का प्रबंधन मुश्किल हो जाता है। मेमोरेंडम सौंपा गया: कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संबंधित विभागों से मांग की कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल निर्णय लिए जाएं। प्रतिनिधियों ने चेतावनी भी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़े स्तर पर जन आंदोलन करेंगे। कांग्रेस नेताओं का बयान: इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “शहरवासी रोज़ाना घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहते हैं। यह प्रशासन की असफलता है। जब तक ट्रैफिक थानों और पुलिस बल में विस्तार नहीं होगा, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। मुख्यमंत्री को इस विषय को प्राथमिकता देनी चाहिए।” स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: शहर के नागरिकों ने कांग्रेस की इस पहल का समर्थन किया है। कई नागरिकों ने कहा कि उन्हें रोज़ सुबह-शाम दफ्तर और स्कूल आते-जाते समय जाम का सामना करना पड़ता है। यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। इंदौर जैसे विकसित होते शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना अत्यंत आवश्यक है। कांग्रेस द्वारा उठाई गई मांगें वास्तव में ज़मीनी हकीकत से जुड़ी हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस पर गंभीरता से विचार करे और नागरिकों को बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराए इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

ग्रीन सिटी की ओर इंदौर: तीन साल में 250 टन सूखा कचरा कम किया

Best Indore News: इंदौर शहर ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और मिसाल कायम की है। ग्रीन सिटी बनने के संकल्प को साकार करते हुए, बीते तीन वर्षों में शहर ने 250 टन से अधिक सूखे कचरे को कम किया है। यह उपलब्धि न केवल इंदौर को स्वच्छता के मामले में अग्रणी बना रही है, बल्कि देशभर के अन्य शहरों को भी प्रेरणा दे रही है। क्या है यह उपलब्धि? स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंदौर नगर निगम ने विशेष रूप से सूखे कचरे के प्रबंधन पर फोकस किया। तीन सालों में निगम ने व्यापक अभियान चलाकर रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों से निकलने वाले सूखे कचरे को सॉर्टिंग, रिसाइकलिंग और रीयूज़िंग की प्रक्रिया से गुज़ारा। परिणामस्वरूप, कचरे की मात्रा में 250 टन की कमी दर्ज की गई। कैसे हुआ संभव? इस उपलब्धि के पीछे नगर निगम की रणनीतिक योजना और नागरिकों की भागीदारी रही। नगर निगम ने वेस्ट सेगरेगेशन को प्राथमिकता दी। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करने के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन सिस्टम को मजबूत किया गया। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया कि वे अपने घरों में ही कचरा छांटें। स्कूल, कॉलेज और सोसायटीज़ में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। ग्रीन सिटी मिशन का उद्देश्य इंदौर को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम ने “3R” – Reduce, Reuse और Recycle पर विशेष ज़ोर दिया है। सूखे कचरे की मात्रा कम करके न केवल लैंडफिल पर दबाव घटाया गया, बल्कि प्रदूषण को भी कम किया गया है। इस पहल के तहत प्लास्टिक, कागज़, धातु और कपड़ों जैसे सूखे कचरे का पुनः उपयोग बढ़ाया गया। तकनीकी पहल और संसाधन नगर निगम ने सूखे कचरे को प्रोसेस करने के लिए अत्याधुनिक मशीनें और सेगरेगेशन सेंटर स्थापित किए। इन केंद्रों पर कचरे को कई स्तरों पर छांटा जाता है और उपयोगी सामग्रियों को अलग कर रिसाइकिल किया जाता है। इस प्रक्रिया से न केवल पर्यावरण सुरक्षित होता है, बल्कि वेस्ट मैनेजमेंट भी स्मार्ट हो जाता है। नागरिकों की भूमिका इस मुहिम की सफलता में इंदौर के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सबसे अहम रही। आम लोगों ने स्वेच्छा से कचरे को छांटने की आदत डाली। स्वच्छता मित्रों के सम्मान और कचरा गाड़ियों के स्वागत की संस्कृति ने शहर में एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। भविष्य की योजना नगर निगम की योजना है कि अगले दो वर्षों में सूखे कचरे की मात्रा को और 30% तक घटाया जाए। इसके लिए लोगों को होम कम्पोस्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, साथ ही कचरे के स्रोत पर ही निपटान की व्यवस्था की जा रही है। स्कूलों और कॉलेजों में “ग्रीन क्लब” की स्थापना की जा रही है ताकि अगली पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा सके। इंदौर की नई पहचान इंदौर लगातार आठ वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। अब ग्रीन सिटी बनने की दिशा में उठाया गया यह कदम उसे एक और नई पहचान दिला रहा है। यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी स्थायी विकास की ओर इशारा करती है। इंदौर की यह पहल साबित करती है कि जब प्रशासन की इच्छाशक्ति और नागरिकों का सहयोग एक साथ होता है, तो बड़े से बड़ा बदलाव संभव है। 250 टन सूखे कचरे को कम करना कोई मामूली उपलब्धि नहीं है, और यह इंदौर को सच्चे अर्थों में ग्रीन सिटी बनने की ओर अग्रसर कर रहा है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

सम्मान समारोह के कचरे को तुरंत किया साफ, मेयर की इंदौरवासियों से अपील

Best Indore NewsGarbage from the felicitation ceremony

Best Indore News स्वच्छता में देशभर में लगातार पहला स्थान हासिल करने वाले इंदौर ने एक बार फिर अपनी जागरूकता और तत्परता का प्रमाण दिया है। हाल ही में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान फैले कचरे को तुरंत साफ कर दिया गया। इस पहल से न सिर्फ नगर निगम की तत्परता नजर आई, बल्कि इंदौरवासियों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी उजागर हुई। इस अवसर पर इंदौर की मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से विशेष अपील की कि जब भी कचरा गाड़ी आए, लोग सफाई मित्रों का स्वागत करें और उन्हें सम्मान दें। मेयर ने कहा कि सफाई मित्र ही इंदौर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की रीढ़ हैं। इस सम्मान समारोह में कुछ ही समय में बहुत ज्यादा कचरा फैल गया था, लेकिन नगर निगम की सफाई टीम ने बिना देर किए, कुछ ही घंटों में पूरा परिसर साफ कर दिया। समारोह में जुटी भीड़ और फैला कचरा इंदौर के एक बड़े सामाजिक समारोह में हजारों लोग जुटे थे। कार्यक्रम के समाप्त होते ही जगह-जगह खाने-पीने के बचे हुए सामान, प्लास्टिक की बोतलें, पेपर प्लेट्स और अन्य कचरा फैल गया था। आयोजन स्थल की स्थिति कुछ समय के लिए चिंताजनक हो गई थी, लेकिन नगर निगम की टीम ने स्थिति को तुरंत काबू में लिया। नगर निगम की सक्रियता जैसे ही आयोजन समाप्त हुआ, नगर निगम की सफाई गाड़ियां और कर्मचारी स्थल पर पहुंचे। लगभग 50 सफाई मित्रों ने मिलकर कड़ी मेहनत से कुछ ही घंटों में पूरा स्थल चमका दिया। यह देखकर लोग दंग रह गए कि जिस स्थान पर कुछ समय पहले तक कचरा फैला था, वह अब फिर से साफ और व्यवस्थित दिख रहा था। मेयर की अपील: सफाई मित्रों को दें सम्मान इंदौर की मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर इंदौरवासियों से आग्रह किया कि वे अपने मोहल्लों में सफाई मित्रों के साथ सहयोग करें। जब भी कचरा गाड़ी मोहल्ले में आए, तो लोग सिर्फ कचरा न दें, बल्कि सफाई मित्रों को नमस्ते करें, उनका उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ इंदौर सिर्फ प्रशासन की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ‘स्वच्छता में भागीदारी, हर नागरिक की जिम्मेदारी’ इंदौर में पहले से ही घर-घर से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था है। कई जगहों पर गीला और सूखा कचरा अलग देने की व्यवस्था को भी लागू किया गया है। मेयर की इस पहल का मकसद है कि नागरिक सिर्फ नियम पालन न करें, बल्कि सफाई कर्मियों को सामाजिक सम्मान भी दें। इससे न केवल सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि समाज में समानता और सहयोग की भावना भी बढ़ेगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें समारोह के बाद साफ-सफाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। कई लोगों ने नगर निगम की टीम की तारीफ की और लिखा कि इंदौर क्यों बार-बार नंबर वन आता है, इसका जवाब खुद-ब-खुद मिल जाता है। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में आयोजनों में डिस्पोजल का उपयोग कम किया जाए और reusable वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाए। इंदौर शहर एक बार फिर साबित कर रहा है कि स्वच्छता सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। नगर निगम की सक्रियता, सफाई मित्रों की मेहनत और नागरिकों का सहयोग, यह सब मिलकर ही इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाते हैं। इस घटना के माध्यम से यह संदेश भी मिलता है कि हम सभी को सफाई के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और सफाई कर्मियों के प्रति आदर भाव बनाए रखना चाहिए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।