रिश्तेदार एक साल से कर रहा था महिला से छेड़छाड़:बदनामी के डर से ससुराल छोड़ा, फिर भी नहीं माना तो कराई एफआईआर

Best Indore News इंदौर में एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि आरोपी रिश्तेदार पिछले एक साल से उसे परेशान कर रहा था और बार-बार छेड़छाड़ करता था। महिला ने बताया कि बदनामी के डर से उसने ससुराल छोड़ दिया, लेकिन आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं। अंततः मजबूर होकर महिला को पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा और एफआईआर दर्ज कराई। घटना का विवरण पीड़िता के अनुसार, आरोपी रिश्तेदार ने सबसे पहले उसके ससुराल में रहने के दौरान उसे परेशान करना शुरू किया। शुरुआत में महिला ने यह सोचकर चुप्पी साध ली कि परिवार की बदनामी न हो। लेकिन जब छेड़छाड़ की घटनाएं बार-बार होने लगीं और आरोपी का रवैया लगातार आक्रामक होता गया, तो महिला ने अपने माता-पिता के घर जाने का फैसला किया। महिला का कहना है कि ससुराल छोड़ने के बाद भी आरोपी ने उसका पीछा करना नहीं छोड़ा। वह उसे फोन पर मैसेज करता, धमकी देता और मिलने के लिए दबाव बनाता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने कई बार उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए उसे ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की। एफआईआर और जांच महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (छेड़छाड़), 354-डी (स्टॉकिंग) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि उसने महिला को किस प्रकार से धमकी दी और परेशान किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी। सामाजिक दृष्टिकोण और महिला सुरक्षा यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सवाल खड़े करती है। परिवार के ही लोग अगर महिलाओं को परेशान करें, तो पीड़ित के लिए आवाज उठाना और भी मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में महिलाओं को तुरंत शिकायत करनी चाहिए और परिवार व दोस्तों से मदद लेनी चाहिए। महिला संगठनों का मानना है कि छेड़छाड़ जैसे मामलों में समझौता करने की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए। पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों में डर पैदा हो। पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर कोई भी महिला किसी प्रकार की उत्पीड़न या छेड़छाड़ की शिकार होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके लिए 1090 (महिला हेल्पलाइन) और स्थानीय थानों के नंबर पर कॉल किया जा सकता है। इंदौर की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि चुप्पी कभी समाधान नहीं है। गलत का विरोध करना और कानून की मदद लेना जरूरी है। आरोपी को सजा मिलने से ऐसे लोगों के मन में डर पैदा होगा और महिलाओं के प्रति अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
पड़ोसी बालिका के साथ बुजुर्ग ने की छेड़छाड़: आरोपी को 5 साल का कठोर कारावास; इंदौर कोर्ट ने सुनाई सजा

Best Indore News इंदौर कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए एक बुजुर्ग व्यक्ति को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला एक मासूम बालिका से छेड़छाड़ से जुड़ा हुआ है, जो कि आरोपी की पड़ोसी थी। न्यायालय के इस फैसले को समाज में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता और न्याय की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है। यह घटना इंदौर के एक रिहायशी इलाके की है, जहां आरोपी बुजुर्ग पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग बालिका को बहलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। बालिका ने यह बात डर के कारण शुरू में किसी को नहीं बताई, लेकिन उसकी बदलती मानसिक स्थिति और व्यवहार को देखकर परिजन चिंतित हो गए। काफी समझाने के बाद बच्ची ने सारी बात मां को बताई, जिसके बाद मामला तुरंत थाने में दर्ज कराया गया। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और मेडिकल व मनोवैज्ञानिक जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई। मामले की सुनवाई इंदौर की विशेष पॉक्सो कोर्ट में की गई, जहां अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूतों और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि समाज में बच्चियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है ताकि समाज में गलत मानसिकता रखने वाले लोगों को चेतावनी मिल सके। कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी माना और 5 साल का कठोर कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला न केवल पीड़िता के परिवार के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उन सभी माता-पिता के लिए एक संकेत है जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पीड़िता को राज्य सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाए और उसे मानसिक व सामाजिक परामर्श की सुविधा दी जाए ताकि वह अपने जीवन को फिर से सामान्य रूप में जी सके। इंदौर पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस केस को संवेदनशीलता और तत्परता से निपटाया, जिससे पीड़िता को न्याय मिल सका। यह मामला यह भी दर्शाता है कि यदि कोई भी बच्चा या अभिभावक समय रहते आवाज उठाए तो न्याय जरूर मिलता है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित किया है कि कानून अपना कार्य कर रहा है और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और न्यायपालिका पूरी तरह से सजग है। साथ ही, यह समाज की जिम्मेदारी भी है कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार का समर्थन करें और दोषियों को समाज में बेनकाब करें। पुलिस विभाग ने अपील की है कि अगर किसी को इस प्रकार की कोई भी जानकारी मिले या कोई बच्चा इस तरह की स्थिति में हो, तो तुरंत 1098 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। इंदौर कोर्ट का यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की अश्लील हरकत या छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। यह निर्णय बाल सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने हुई सुनवाई:ई-रिक्शा पॉलिसी समेत कई सुझाव मिले; कोर्ट ने कहा- स्वच्छता की तरह पब्लिक अवेयरनेस कीजिए

Best Indore News इंदौर, जो कि लगातार स्वच्छता में नंबर वन शहर रहा है, अब ट्रैफिक व्यवस्था सुधार की दिशा में भी गंभीर प्रयास करता दिख रहा है। हाल ही में हाईकोर्ट में इंदौर की ट्रैफिक स्थिति को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें ई-रिक्शा पॉलिसी और अन्य यातायात से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। अदालत ने नगर निगम और प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस तरह स्वच्छता के लिए शहरवासियों को जागरूक किया गया, उसी तरह ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी पब्लिक अवेयरनेस पर जोर देना जरूरी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और अन्य संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की और सुझावों की समीक्षा की। ई-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग, अवैध संचालन, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और सड़कों पर होने वाली अनावश्यक भीड़ जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए प्रशासन से कहा कि एक ठोस पॉलिसी के तहत ई-रिक्शा का संचालन हो, ताकि यह सुविधा भी बनी रहे और ट्रैफिक भी संतुलित रहे। इसके अलावा अवैध स्टैंड्स और गलत जगहों पर पार्किंग पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था तभी सुधरेगी जब आम जनता को इसके लिए संवेदनशील बनाया जाए। जैसे स्वच्छता के लिए लोगों को शिक्षित किया गया, जागरूकता अभियान चलाए गए, वैसा ही प्रयास ट्रैफिक के लिए भी करना होगा। जनभागीदारी के बिना किसी भी योजना को सफल बनाना संभव नहीं है। सुनवाई के दौरान कई सुझाव रखे गए, जैसे— इंदौर शहर की सड़कें और ट्रैफिक व्यवस्था आज के समय की एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, ओवरलोडिंग, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना, गलत दिशा में वाहन ले जाना जैसे व्यवहार आम होते जा रहे हैं। ऐसे में कोर्ट का यह रुख निश्चित रूप से सराहनीय है। अब देखना होगा कि इंदौर प्रशासन और जनता इस दिशा में कितनी सक्रियता दिखाते हैं। यदि सही तरीके से जनसहभागिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया तो इंदौर ट्रैफिक व्यवस्था में भी देश का आदर्श बन सकता है। कोर्ट की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल आदेशों से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से ही स्थायी समाधान संभव है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में 1 अगस्त से शुरू होगा लग्जरी वृद्धाश्रम: बुजुर्गों के लिए नई उम्मीद”

Best Indore News इंदौर में बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मध्य प्रदेश का पहला लग्जरी वृद्धाश्रम 1 अगस्त से शुरू होने जा रहा है, जो सीनियर सिटीजन कपल्स के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है। इस वृद्धाश्रम में रहने के लिए प्रति माह 82 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही यहां 24×7 मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। क्या है इस लग्जरी वृद्धाश्रम की खासियत? इस वृद्धाश्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुविधाएं और वातावरण है। बुजुर्गों को यहां न केवल रहने की सुविधा मिलेगी, बल्कि एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा। इस लग्जरी होम में एक कपल के लिए अलग-अलग कमरे होंगे, जिसमें एसी, फर्निश्ड इंटीरियर, निजी वॉशरूम, टीवी, इंटरनेट और इमरजेंसी कॉलिंग सिस्टम जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। 24×7 मेडिकल सपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाएं बुजुर्गों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यहां 24 घंटे डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहेगा। एमरजेंसी के लिए एम्बुलेंस सेवा, नियमित हेल्थ चेकअप और स्पेशल थैरेपी सेशन जैसे आयुर्वेद, योग, फिजियोथैरेपी आदि की व्यवस्था भी की गई है। क्यों है यह वृद्धाश्रम खास? वरिष्ठ नागरिकों के लिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बुजुर्गों को इस वृद्धाश्रम में स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उनका अपना निजी स्पेस होगा, साथ ही एक ऐसा माहौल मिलेगा जिसमें वे अपने हमउम्र लोगों के साथ बातचीत और समय बिता सकें। क्यों जरूरी था लग्जरी वृद्धाश्रम? आज के समय में जब समाज और परिवार की प्राथमिकताएं बदल रही हैं, बुजुर्गों को अक्सर अकेलापन और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह वृद्धाश्रम उन लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प होगा, जो अपनी उम्र के इस पड़ाव में सम्मानजनक जीवन चाहते हैं, लेकिन बच्चों या परिवारजन के साथ रहना संभव नहीं है। शुल्क और आवेदन प्रक्रिया एक कपल के लिए 82,000 रुपये मासिक शुल्क रखा गया है, जिसमें रहने, खाने, स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन और सभी सुविधाएं शामिल हैं। इच्छुक लोग इस योजना से जुड़ने के लिए ऑनलाइन या सीधे वृद्धाश्रम कार्यालय जाकर आवेदन कर सकते हैं। समाज के लिए एक सकारात्मक पहल इस लग्जरी वृद्धाश्रम की शुरुआत न केवल इंदौर, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। यह आने वाले समय में बुजुर्गों के लिए बेहतर देखभाल की संस्कृति को बढ़ावा देगा और समाज को यह संदेश देगा कि वृद्धावस्था में भी गरिमा और खुशी से जीया जा सकता है। इंदौर में शुरू हो रहा यह लग्जरी वृद्धाश्रम बुजुर्गों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। यह सुविधा उन सभी लोगों के लिए लाभकारी है जो अपने जीवन के इस दौर को सम्मान और सुविधा के साथ बिताना चाहते हैं। यह एक सामाजिक बदलाव का संकेत है, जो भविष्य में और अधिक वृद्धाश्रमों को इस दिशा में प्रेरित करेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
12 साल की लड़की की संदिग्ध परिस्थिति में मौत:सीने में दर्द और घबराहट होने पर एमवाय अस्पताल लेकर पहुंची मां, जहां दम तोड़ा

Best Indore News इंदौर से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां मात्र 12 वर्ष की एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची को अचानक सीने में दर्द और तेज घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना दिया है। घटना का विवरण: बच्ची इंदौर के एक सामान्य परिवार से थी और पूरी तरह से स्वस्थ मानी जा रही थी। घटना के दिन वह स्कूल से घर लौटी और कुछ देर बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार वालों के अनुसार, उसे पहले सीने में हल्का दर्द महसूस हुआ, फिर धीरे-धीरे घबराहट और बेचैनी बढ़ गई। जब हालत बिगड़ने लगी तो तुरंत उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, जिसके चलते डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम की सिफारिश की है। मां ने सुनाई आपबीती: बच्ची की मां का कहना है कि उनकी बेटी को पहले कभी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। उन्होंने बताया कि बच्ची बिल्कुल सामान्य दिनचर्या में थी, उसने सुबह नाश्ता किया, स्कूल गई, दोपहर को खाना खाया और फिर आराम करने लगी। लेकिन शाम को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। मां की आंखों में आंसू थे जब उन्होंने बताया कि, “हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। वह तो हमारी जान थी, चंचल और होशियार बच्ची थी।” जांच में जुटी पुलिस: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक तौर पर कोई बाहरी चोट या विष का संकेत नहीं मिला है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है — चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हो, घरेलू हो या कोई और कारण। इलाके में शोक का माहौल: बच्ची की मौत के बाद मोहल्ले में शोक की लहर है। स्कूल के शिक्षकों और सहपाठियों ने भी बच्ची की असमय मृत्यु पर दुख जताया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वह पढ़ाई में अच्छी थी और हाल ही में उसने विज्ञान प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। विशेषज्ञों की राय: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में हृदय संबंधी या न्यूरोलॉजिकल समस्या कम ही देखने को मिलती है, लेकिन अगर कोई आनुवंशिक या छुपी हुई बीमारी हो, तो ऐसे लक्षण अचानक सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य पर सतत नजर रखनी चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों के स्वास्थ्य को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही असली कारण सामने आएगा, लेकिन तब तक यह मामला सभी के लिए पीड़ा और प्रश्नचिन्ह बनकर खड़ा है। जैसे ही इस मामले में कोई नई जानकारी सामने आती है, हम आपको अपडेट करते रहेंगे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
6 साल में गर्भावस्था जैसा पेट हो गया था बड़ा:इंदौर में महिला की बच्चेदानी से निकलीं 30 गठानें; MTH में हुई सफल सर्जरी

Best Indore News इंदौर में हाल ही में एक चौंकाने वाला और चिकित्सकीय रूप से जटिल मामला सामने आया है, जहां एक महिला के पेट में पिछले 6 वर्षों से लगातार सूजन हो रही थी। यह सूजन इतनी अधिक थी कि उसका पेट गर्भवती महिला की तरह दिखाई देता था। लेकिन जब इंदौर के प्रसिद्ध महाराजा तुकोजीराव हॉस्पिटल (MTH) में जांच और इलाज कराया गया, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। सर्जरी के दौरान महिला की बच्चेदानी (गर्भाशय) से कुल 30 गांठें (फाइब्रॉइड्स) निकाली गईं, जो उसके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होती जा रही थीं। यह मामला न केवल चिकित्सा की दृष्टि से उल्लेखनीय है, बल्कि जागरूकता की दृष्टि से भी बेहद ज़रूरी है। महिला की उम्र करीब 40 वर्ष है और वह बीते छह सालों से पेट फूलने, भारीपन, कमजोरी और मासिक धर्म में अनियमितता जैसी समस्याओं से परेशान थी। पहले तो उसने इसे सामान्य पेट की चर्बी या वजन बढ़ने की समस्या समझा, लेकिन जब हालात बिगड़ने लगे, तो उसने सरकारी अस्पताल MTH में संपर्क किया। MTH में गायनेकोलॉजी विभाग की डॉक्टरों की टीम ने महिला की विस्तृत सोनोग्राफी, ब्लड टेस्ट और MRI कराई। जांच में सामने आया कि उसकी बच्चेदानी में कई सारी गठानें विकसित हो चुकी थीं। इन फाइब्रॉइड्स की वजह से न सिर्फ पेट का आकार असामान्य हो गया था, बल्कि महिला को चलने-फिरने में भी कठिनाई होने लगी थी। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने महिला की ओपन सर्जरी की योजना बनाई, जिसमें लगभग 3 घंटे तक ऑपरेशन चला। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बच्चेदानी से करीब 30 अलग-अलग आकार की गठानें निकालीं, जिनका कुल वजन करीब 4 से 5 किलोग्राम था। इनमें से कुछ गठानें बड़ी थी, तो कुछ छोटी-छोटी थीं, जो आपस में जुड़कर एक बड़ी संरचना बनाती जा रही थीं। सर्जरी सफल रही और महिला की तबीयत अब पूरी तरह ठीक है। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने बताया कि यदि समय रहते इलाज न किया जाता, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि बच्चेदानी में गठान बनने की यह समस्या “यूटरिन फाइब्रॉइड्स” कहलाती है, जो महिलाओं में आमतौर पर 30 से 50 की उम्र के बीच हो सकती है। इस पूरे मामले में MTH हॉस्पिटल की डॉक्टरों की टीम का सराहनीय योगदान रहा। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह सर्जरी उनके लिए एक चुनौतीपूर्ण केस था, लेकिन टीम ने पूरी निष्ठा और तकनीकी दक्षता से ऑपरेशन को सफल बनाया। इस घटना से यह सीख मिलती है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। यदि लंबे समय तक पेट में सूजन, दर्द, भारीपन, मासिक धर्म में गड़बड़ी या कमजोरी जैसी समस्याएं बनी रहें, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इंदौर के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल मेडिकल सुविधाओं की गुणवत्ता का पता चलता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि MTH जैसे सरकारी अस्पताल भी जटिल मामलों को कुशलता से संभालने की क्षमता रखते हैं। डॉक्टरों ने यह भी अपील की है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें। यह केस इंदौर शहर की चिकित्सा क्षमताओं को उजागर करता है और यह भी संदेश देता है कि समय रहते अगर चिकित्सकीय सलाह ली जाए, तो बड़ी से बड़ी बीमारी का भी समाधान संभव है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
MP की पहली तेजस इंदौर-मुंबई के बीच 23 से चलेगी:3 कैटेगरी में 1805 से लेकर 3800 रुपए के टिकट; दुरंतो-अवंतिका से ज्यादा समय और महंगी

Best Indore News मध्यप्रदेश को जल्द ही अपनी पहली तेजस एक्सप्रेस मिलने जा रही है। इंदौर से मुंबई के बीच चलने वाली यह तेजस एक्सप्रेस 23 जुलाई से पटरी पर दौड़ना शुरू करेगी। यह रेल सेवा न केवल इंदौर वासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी सौगात भी है। रेल मंत्रालय की ओर से यह निर्णय यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और तेज़ गति की सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी और यात्रियों के लिए तीन कैटेगरी में टिकट उपलब्ध होंगे – चेयरकार, एग्जीक्यूटिव चेयरकार और एसी फर्स्ट क्लास। किराया और सेवाएं इस ट्रेन में सफर करने के लिए यात्रियों को दुरंतो और अवंतिका जैसी ट्रेनों की तुलना में थोड़ा अधिक किराया देना होगा। तेजस एक्सप्रेस का न्यूनतम किराया 1805 रुपए से शुरू होकर अधिकतम 3800 रुपए तक होगा। हालांकि, किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ सुविधाओं में भी खास ध्यान दिया गया है। इस ट्रेन में यात्रियों को ऑनबोर्ड एंटरटेनमेंट, बेहतर केटरिंग, स्वचालित दरवाजे, सीसीटीवी निगरानी और आधुनिक इंटीरियर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन सेमी-हाई स्पीड कैटेगरी में आती है और इसके कोच आधुनिक तकनीक से युक्त होंगे। समय और दूरी हालांकि तेजस का किराया अधिक है, लेकिन यह दुरंतो और अवंतिका से ज्यादा समय लेगी। मुंबई तक पहुंचने में तेजस को 12 घंटे से अधिक का समय लगेगा, जबकि दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस अपेक्षाकृत तेज चलती हैं। यह ट्रेन इंदौर से रवाना होकर उज्जैन, रतलाम, वडोदरा, सूरत होते हुए मुंबई पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यह ट्रेन सप्ताह में 3 दिन – मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलाई जाएगी। यात्रियों की प्रतिक्रिया ट्रेन की घोषणा के साथ ही यात्रियों में उत्साह देखने को मिला है। इंदौर से मुंबई की यात्रा करने वाले नियमित यात्रियों का कहना है कि भले ही किराया अधिक है, लेकिन अगर सुविधाएं बेहतर मिलती हैं तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। व्यापारी वर्ग, आईटी प्रोफेशनल्स और टूरिस्ट इस रूट पर तेजस की शुरुआत से काफी खुश नजर आ रहे हैं। सरकार और रेलवे की पहल मध्यप्रदेश सरकार और रेलवे प्रशासन इस सेवा को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और समय-समय पर फीडबैक के आधार पर सुधार भी किए जाएंगे। इस ट्रेन की शुरुआत से इंदौर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। मुंबई जैसे व्यस्त महानगर से सीधा और आरामदायक कनेक्शन व्यापार, शिक्षा और टूरिज्म सेक्टर को नई ऊंचाइयां देगा। 23 जुलाई से शुरू हो रही इंदौर-मुंबई तेजस एक्सप्रेस मध्यप्रदेश के रेल नक्शे में एक ऐतिहासिक कदम है। यह न सिर्फ एक नया सफर शुरू करेगी, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी एक नया आयाम देगी। आधुनिकता, सुविधा और गति के इस समावेश से इंदौर का नाम देश के प्रमुख शहरों में और अधिक उभर कर सामने आएगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में पौन इंच बारिश के बाद आज फिर आसार: अब तक 7 इंच से ज्यादा बारिश; 9 दिन में 8 इंच पानी बरसा तब पूरा होगा जुलाई का कोटा

Best Indore News इंदौर में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। बीते 24 घंटे में शहर में पौन इंच बारिश दर्ज की गई है और मौसम विभाग ने आज फिर बारिश के आसार जताए हैं। जुलाई की शुरुआत से अब तक इंदौर में 7.11 इंच वर्षा हो चुकी है। शहरवासियों को राहत देने वाली इस बारिश ने तापमान में गिरावट भी दर्ज की है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक जुलाई के महीने में इंदौर में औसतन 8 इंच बारिश होना अपेक्षित होती है, ऐसे में केवल एक इंच बारिश और हो जाए तो यह कोटा पूरा हो जाएगा। विभाग का अनुमान है कि आने वाले 2-3 दिनों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे यह आंकड़ा जल्द ही पार हो सकता है। बारिश की वजह से शहर की निचली बस्तियों और कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन नगर निगम की त्वरित सफाई कार्रवाई से हालात नियंत्रण में रहे। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, बारिश पूर्व तैयारियों की वजह से इस बार स्थिति ज्यादा बिगड़ने नहीं दी गई है। इधर, किसानों के चेहरे पर भी बारिश की संभावना से रौनक लौट आई है। खेतों में बोवनी की प्रक्रिया तेज हो गई है और किसान अब उम्मीद लगाए हुए हैं कि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होगी जिससे उनकी फसल को लाभ मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से नमी मिल रही है, जिससे इंदौर समेत मालवा क्षेत्र में बादल सक्रिय हैं और लगातार बारिश की संभावना बनी हुई है। इंदौर के आसपास के जिलों में भी अच्छी बारिश हो रही है, जिससे जलस्तर में वृद्धि हुई है। इस बार की मानसूनी गतिविधियां शहर की जलापूर्ति व्यवस्था के लिए भी लाभकारी साबित हो रही हैं। बड़े तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने लगी है, जिससे आगामी महीनों के लिए पानी की समस्या से राहत मिल सकती है। अभी तक इंदौर जिले में कुल 181.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि सामान्य से थोड़ी ही कम है। यदि अगले 9 दिनों में भी ऐसी ही बारिश का सिलसिला बना रहा, तो जुलाई का पूरा कोटा पूरा हो जाएगा और वर्षा सामान्य से ऊपर जा सकती है। इंदौर के नागरिकों को जहां इस बारिश से गर्मी से राहत मिली है, वहीं प्रशासन भी सतर्क है और जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सप्ताह में भी इंदौरवासियों को रिमझिम फुहारों का आनंद मिलता रहेगा। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर में कांग्रेस ने गड्ढों में बैठकर भजन गाए:जिम्मेदारों को नींद से जगाने किया प्रदर्शन; कार्यकर्ताओं बोले- स्वच्छता में इंदौर नंबर वन,गड्ढों में जीरो

Best Indore News इंदौर। देशभर में स्वच्छता के मामले में नंबर वन का तमगा हासिल करने वाले इंदौर शहर में इन दिनों एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। विरोध का तरीका भी उतना ही अनूठा था – कार्यकर्ता शहर की टूटी सड़कों और गड्ढों में बैठकर भजन गा रहे थे। यह प्रदर्शन शहर के विभिन्न हिस्सों में बने गहरे गड्ढों और जलभराव की समस्या को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि भले ही स्वच्छता में इंदौर को बार-बार नंबर वन बताया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी गड्ढों में छिपी हुई है। प्रदर्शन का दृश्य और उद्देश्य: कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ता शहर के व्यस्त इलाकों में स्थित गड्ढों में बैठ गए और वहां भजन-कीर्तन करने लगे। कई कार्यकर्ताओं ने पोस्टर भी थाम रखे थे जिन पर लिखा था – “गड्ढों में बैठकर गा रहे हैं भजन, अब तो जागो प्रशासन”। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनहित के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश के आते ही सच्चाई सामने आ जाती है। कई इलाकों में सड़कों की हालत इतनी खराब है कि लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। स्वच्छता नंबर वन, पर सड़कों की हालत ‘शून्य’: एक कार्यकर्ता ने तीखे शब्दों में कहा – “स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर नंबर वन है, लेकिन गड्ढों में जीरो है। अगर सड़कें ही न हों तो सफाई कहां और कैसे दिखेगी?” यह बात आंशिक रूप से सही भी है। इंदौर में स्वच्छता को लेकर लगातार प्रयास किए गए हैं और नगर निगम की टीम ने वाकई कई सुधार किए हैं। लेकिन सड़कों की दशा पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। प्रशासन की प्रतिक्रिया: इस विरोध प्रदर्शन पर नगर निगम और प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के बाद संबंधित क्षेत्रों में गड्ढों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जा सकता है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब शहर की खराब सड़कों को लेकर प्रदर्शन हुआ हो। बीते वर्षों में भी नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सड़क मरम्मत और जलभराव की समस्या को लेकर आवाज उठाई है। बारिश के बाद बिगड़ी व्यवस्था: इंदौर में बीते कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। नालियों की सफाई अधूरी होने के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। साथ ही, हल्की सी बारिश में भी सड़कों पर गड्ढे उभर आते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। कई जगहों पर गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की स्थिति समझ नहीं आती और दुर्घटनाएं होती हैं। इस बार बारिश शुरू होते ही 10 से ज्यादा स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस का आरोप – “कागजों में सब ठीक है”: प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार और निगम सिर्फ कागजों पर विकास दिखा रही है। जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। उनका कहना है कि सिर्फ स्लोगन और रैंकिंग से शहर की छवि नहीं बनती, बल्कि वास्तविक विकास और सुविधाओं की आवश्यकता होती है। जनता की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को सकारात्मक नजर से देखा। एक दुकानदार ने कहा, “कम से कम किसी ने तो हमारी बात को सामने रखा है। रोज बारिश में दुकान तक आना मुश्किल हो जाता है, सड़क पर कीचड़ और गड्ढे जानलेवा हैं।” इंदौर में कांग्रेस द्वारा किया गया यह अनोखा प्रदर्शन न केवल शहर की खस्ताहाल सड़कों की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने का प्रयास है, बल्कि यह भी संदेश है कि स्वच्छता और सुगम यातायात दोनों एक साथ जरूरी हैं। जब तक शहर की मूलभूत सुविधाएं मजबूत नहीं होंगी, तब तक विकास अधूरा ही रहेगा। प्रशासन को चाहिए कि वह सड़कों की समय पर मरम्मत कराए और मानसून से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर कार्रवाई करे, ताकि इंदौर वाकई हर पैमाने पर नंबर वन बन सके। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
इंदौर के भाजपा नेता की मां की अस्थियां चुराई:ट्रेन में नींद खुली तो बदमाश पकड़ाया, बोले-अस्थियां चली जाती तो मां को क्या जवाब देता

Best Indore News इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ भाजपा नेता की मां की अस्थियों को चोरी करने की कोशिश की गई। यह मामला तब सामने आया जब ट्रेन में यात्रा कर रहे भाजपा नेता की नींद खुली और उन्होंने एक संदिग्ध को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना न केवल भावनात्मक रूप से झकझोरने वाली है, बल्कि समाज में गिरते नैतिक मूल्यों की भी गवाही देती है। घटना का विवरण –घटना इंदौर से एक ट्रेन में हुई जब भाजपा नेता अपनी मां की अस्थियां लेकर हरिद्वार की ओर जा रहे थे। यह अंतिम यात्रा उनकी मां की आत्मा की शांति के लिए थी, जैसा कि हिन्दू परंपरा में माना जाता है। लेकिन इस पवित्र उद्देश्य को एक बदमाश ने अपने स्वार्थ की बलि चढ़ाने की कोशिश की। नेता के अनुसार, वह ट्रेन में सो रहे थे और जैसे ही उनकी नींद खुली, उन्होंने पाया कि एक व्यक्ति उनके बैग के साथ छेड़छाड़ कर रहा है। जब उन्होंने फौरन उसे रोका, तो पाया कि वह बैग जिसमें उनकी मां की अस्थियां रखी थीं, चुराने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने तुरन्त उस व्यक्ति को पकड़कर अन्य यात्रियों की मदद से पुलिस को सौंप दिया। नेता की भावनात्मक प्रतिक्रिया –घटना के बाद भाजपा नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर मेरी मां की अस्थियां चली जातीं, तो मैं उन्हें क्या जवाब देता? यह तो उनकी आत्मा का अपमान होता।” उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चोरी नहीं थी, यह एक आस्था पर प्रहार था। उनकी आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा स्पष्ट झलक रहा था। चोरी का उद्देश्य –पकड़े गए आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसे नहीं पता था कि बैग में क्या है। उसने सोचा था कि उसमें पैसे या कीमती सामान होगा। हालांकि, यह दावा कितना सच है, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही चल पाएगा। पुलिस की कार्रवाई –रेलवे पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और केस दर्ज कर लिया है। साथ ही रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ट्रेन जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर भी ऐसी घटनाएं कैसे हो सकती हैं। सामाजिक प्रतिक्रिया –यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जहाँ लोग आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि यह केवल चोरी नहीं, एक संस्कार और धार्मिक भावना का अपमान है। नेताओं और आम जनता ने सरकार और रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व –हिंदू धर्म में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी अस्थियों को पवित्र नदियों में विसर्जित करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक कर्तव्य होता है। यह माना जाता है कि इससे आत्मा को शांति मिलती है। ऐसे में अस्थियों की चोरी किसी बड़े अपराध से कम नहीं मानी जा सकती। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आज के समाज में संवेदनाएं कितनी कमजोर हो गई हैं। एक ओर जहां बेटा अपनी मां की अंतिम यात्रा को पूरा करने निकलता है, वहीं दूसरी ओर कोई बदमाश उसकी इस भावना का अपमान करता है। यह मामला एक चेतावनी है कि हमें केवल सुरक्षा व्यवस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों को भी मज़बूत करने की ज़रूरत है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।