कृष्णा पुरा छत्री, इंदौर – मराठा विरासत का एक भव्य प्रतीक

कृष्णा पुरा छत्री, इंदौर इंदौर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक कृष्णा पुरा छत्री शहर की हलचल से दूर एक शांत स्थान पर स्थित है। यह स्थल न केवल स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना है, बल्कि यह इंदौर के शासकों की वीरता और सम्मान की गाथा को भी दर्शाता है। होलकर वंश की स्मृति में निर्मित यह छत्रियां आज भी उस गौरवशाली युग की गवाही देती हैं। स्थान और आवश्यक जानकारी कैसे पहुंचे? इंदौर एक प्रमुख शहर है और भारत के कई शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। रेलवे, हवाई यात्रा और सड़क मार्ग से आप इंदौर पहुँच सकते हैं। कृष्णा पुरा छत्री, राजवाड़ा से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहाँ आप ऑटो, रिक्शा या टैक्सी के माध्यम से आसानी से पहुँच सकते हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि कृष्णा पुरा छत्री का निर्माण 1800 के उत्तरार्ध में हुआ था। यह छत्रियां होलकर वंश के शासकों की स्मृति में बनाई गई थीं, जिनका इंदौर पर शासन 1948 तक रहा। यह स्मारक खान नदी के किनारे स्थित है और इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी है। होलकर वंश मराठा समाज के धनगर जाति से संबंध रखते थे। उन्होंने मुग़ल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध युद्ध किए और इंदौर को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित किया। स्थापत्य विशेषताएं यह छत्रियां माराठा शैली में निर्मित हैं। इनकी बनावट में पत्थरों का विशेष उपयोग हुआ है जिससे इसका बाहरी स्वरूप और भी भव्य लगता है। यहाँ कुल तीन छत्रियां हैं, जिनमें— परिसर का सौंदर्य खान नदी के किनारे स्थित होने के कारण इस स्थल की प्राकृतिक छटा और भी निखरकर सामने आती है। आसपास के हरियाली और शांत वातावरण इसे शांति प्रिय पर्यटकों के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। यह स्थल राजवाड़ा महल से बहुत पास है, जिससे आप दोनों स्थानों की यात्रा एक साथ कर सकते हैं। कृष्णा पुरा छत्री के रोचक तथ्य भव्य स्थापत्य कला यह छत्रियां मराठा राजाओं की उत्कृष्ट स्थापत्य समझ का प्रमाण हैं। तीन दिशाओं में निर्मित छत्रियांप्रत्येक छत्री एक अलग शासक को समर्पित है, जिससे यहाँ एक त्रैतीय संरचना का दृश्य उत्पन्न होता है। प्राचीन मूर्तियाँपरिसर में शूरवीर सैनिकों, दरबारियों, संगीतकारों और राजाओं की प्राचीन मूर्तियाँ देखी जा सकती हैं। बाहरी दीवारों की नक्काशीभगवानों और देवियों की सुंदर नक्काशी दीवारों पर की गई है, जो इस स्थल की भव्यता को और भी बढ़ाती है। पुनर्निर्माण प्रयासइंदौर गौरव फाउंडेशन द्वारा छत्रियों की सफाई और संरक्षण के लिए विशेष पहल की गई है। 2018 में इसे ऐतिहासिक वॉकिंग टूर में भी शामिल किया गया। क्यों है यह स्थल लोकप्रिय? कृष्णा पुरा छत्री केवल एक दर्शनीय स्थल नहीं, बल्कि यह वीरता, भक्ति और वास्तु कला का संगम है। यहाँ आकर आप न केवल इतिहास को करीब से महसूस करेंगे, बल्कि इंदौर की गौरवशाली विरासत से भी रूबरू होंगे। यह स्थल इतिहास प्रेमियों, फोटोग्राफरों और शांत वातावरण में समय बिताने वाले लोगों के लिए एक आदर्श जगह है। यात्रा के सुझाव यदि आप इंदौर की ऐतिहासिक आत्मा को महसूस करना चाहते हैं, तो कृष्णा पुरा छत्री की यात्रा अवश्य करें। यह न केवल एक स्मारक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य निधि है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट बेस्ट इंदौर पर अवश्य जाएं।
इंदौर: कादरी के घर पर बुलडोजर की तैयारी, विजयवर्गीय बोले – किसी को नहीं छोड़ेंगे, शहर में आक्रोश

Best Indore News: कांग्रेस के पार्षद अनवर कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, मंत्री बोले सिमी से जुड़े होने की शिकायत भी मिल चुकी इंदौर: के कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी लव जिहाद के केस में फरार हैं। वे परिवार के साथ घर से कहीं जा चुके हैं और पुलिस लगातार सुबह शाम उन्हें पकड़ने के लिए छापे मार रही है। कल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस को कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का कहा था। आज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कादरी पर सख्त एक्शन के लिए कहा है। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक जल्द ही कादरी के घर पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ कादरी के विरोध में कई जगह प्रदर्शन हो रहे, शहर के लोग उसे जल्द पकड़ने और सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। मंत्री बोले कादरी जैसे अपराधियों को सख्त सजा मिलेगीमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज कहा कि अनवर कादरी पर सिमी से जुड़े होने के भी आरोप लग चुके हैं। कई प्लाट और मकानों पर भी उसने बलपूर्वक कब्जे किए हैं। इस तरह के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बक्शा नहीं जाएगा। महापौर बोले पार्षदी समाप्त होगीमहापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि अनवर कादरी की पार्षदी समाप्त करने के लिए संभाग आयुक्त को पत्र लिखा है। जल्द ही उसकी पार्षदी खत्म की जाएगी। वहीं लव जिहाद की फंडिंग के मामले में भी उस पर जांच चल रही है। जांच में सभी बातें साफ होने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई होगी। 19 केस दर्ज हैं कादरी पर इंदौर में लव जिहाद को फंडिंग करने का आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत 19 आपराधिक मामलों में नामजद रहा है। इनमें जानलेवा हमला, डकैती, बलवा, अवैध हथियार रखना, जमीन कब्जा करना और मारपीट जैसे केस शामिल हैं। अनवर 2011 में एक साल की सजा भी काट चुका है। दस हजार का इनाम घोषित हुआलव जिहाद मामले में फरार चल रहे अनवर पर पुलिस ने 10 हजार का इनाम घोषित किया है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें हर संभावित ठिकाने पर छापे मार रही हैं। वह अपने परिवार के साथ फरार हुआ है। उसके घर पर ताला डला है। राजवाड़ा पर अनवर डकैत का पुतला फूंका इंदौर के राजवाड़ा पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने आज कांग्रेस पार्षद और 10 हजार का इनामी आरोपी अनवर उर्फ अनवर डकैत का पुतला फूंका। डकैत पर लव जिहाद को फंडिंग, अवैध वसूली और धमकाने जैसे गंभीर आरोप हैं। अब डकैत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है। अनुराग प्रताप सिंह राघव के नेतृत्व में करणी सेना ने आज कांग्रेसी पार्षद अनवर डकैत के खिलाफ पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अनवर पर आरोप लगाए कि वह लव जिहाद को फंडिंग करता है उसने कई हिंदू परिवारों को धमकाया और अवैध वसूली के मामलों में उसका नाम थानों में दर्ज है। डकैत लंबे समय से फरार है और उस पर 10 हजार का इनाम भी घोषित है। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ मौजूद रही और सभी ने अनवर मुर्दाबाद और नारी के सम्मान में करणी सेना मैदान में के नारे लगाए। इस दौरान वरिष्ठ नेता किशोर सिंह सिकरवार, संभाग अध्यक्ष अभिनव सिंह चौहान, नगर अध्यक्ष शुभम सिंह राजपूत, राहुल सिंह जादौन और अमर सिंह ठाकुर आदि मौजूद रहे। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भोपाल में कृष्णा गुरुजी संग कुष्ठ रोगियों ने किया योग, लिया नेत्रदान का संकल्प

MP News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भोपाल के गांधीनगर कुष्ठ आश्रम में इंदौर से आए अंतरराष्ट्रीय योग गुरु कृष्णा मिश्रा (कृष्णा गुरुजी) ने कुष्ठ रोगियों के साथ योगाभ्यास कर समाज को अनूठा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग हर उस व्यक्ति का अधिकार है, जिसे समाज ने पीछे छोड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भोपाल के गांधीनगर कुष्ठ आश्रम में कुष्ठ रोगियों ने भी योगाभ्यास किया। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी कुछ अलग करते हुए इंदौर से पहुंचे अंतरराष्ट्रीय योग गुरु कृष्णा मिश्रा (कृष्णा गुरुजी) ने योग दिवस को कुष्ठ रोगियों के बीच मनाने का निर्णय लिया। आश्रम में योग को एक सच्चे आत्मिक अनुभव के रूप में मनाया गया। कृष्णा गुरुजी पिछले 11 वर्षों में उन वर्गों के बीच योग को पहुंचाया है, जिन्हें समाज अक्सर नजरअंदाज कर देता है। इन आसनों का कराया अभ्यास गुरुजी ने सबसे पहले योग प्रार्थना राष्ट्रगान के साथ कराई और फिर दिव्यांगों के लिए अनुकूल प्राणायाम कराए। ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, ताड़ासन, भ्रामरी, नाड़ी शोधन, पितृ प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। श्वास और ऊर्जा के माध्यम रोग होता है दूर इस दौरान कृष्णा गुरुजी ने हीलिंग के बारे में भी बताया। उन्होंने हीलिंग को भी योग का ही एक रूप बताया, जिसमें श्वास और ऊर्जा के माध्यम से रोग को बाहर निकाला जाता है। उन्होंने सभी रोगियों को Divine Astro Healing की विधियां सिखाईं और व्यक्तिगत स्पर्श चिकित्सा (Healing Touch) भी दी। ‘तुझमें नारायण, मुझमें नारायण’ भाव के साथ लिया नेत्रदान का संकल्प कार्यक्रम में सभी कुष्ठ रोगियों ने सामूहिक रूप से नेत्रदान का संकल्प लिया। इस दौरान “तुझमें नारायण, मुझमें नारायण” भाव के साथ जब यह संकल्प दोहराया गया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। कृष्णा गुरुजी ने कहा कि “अगर आप समाज से कुछ लेने नहीं, देने का भाव रखेंगे तो आप दया के पात्र नहीं, प्रेरणा बन जाएंगे।” इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
MP Weather Alert: अशोकनगर-शिवपुरी में भारी बारिश की चेतावनी, पूरे प्रदेश में बरसेंगे बादल

MP News: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है, जिससे बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, शनिवार को पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना है, विशेषकर अशोकनगर एवं शिवपुरी जिले में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। मध्य प्रदेश: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुक्रवार को पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया। इसके साथ ही अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक गुना में 50, शिवपुरी में 45, टीकमगढ़ में 40, नरसिंहपुर में 21, सागर में 17, मलाजखंड एवं मंडला में 14, पचमढ़ी में 13, बैतूल में 12, छिंदवाड़ा में 11, सीधी में छह, जबलपुर में चार, दमोह में तीन, नौगांव में दो, ग्वालियर में एक मिलीमीटर बारिश हुई। इन इलाकों में हुई भारी बारिश मौसम विज्ञानियों के अनुसार, आज पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। विशेषकर अशोकनगर एवं शिवपुरी जिले में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक धार, खंडवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली एवं छतरपुर में भारी बारिश हुई। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में झारखंड और उसके आसपास बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलकर दक्षिणी बिहार और उसके आसपास पहुंच गया है। इससे हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात संबद्ध है, जो दक्षिण की ओर झुका हुआ है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। अच्छी बारिश होने की संभावना उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तरी गुजरात से होकर जा रही है। पूर्व-पश्चिमी द्रोणिका उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मेघालय तक बनी है, जो उत्तर-पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र तक बनी है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। गुना में दूसरे दिन भी तेज बारिश गुना जिले में लगातार दूसरे दिन भी बारिश जारी रही। मौसम विभाग में भारी बारिश के लिए पहले बताया था। शनिवार सुबह बमोरी फतेहगढ़ क्षेत्र में नदी नाले ऊफान पर आ गए हैं। फतेहगढ़ क्षेत्र की कोहन नदी में दो लोगों के बहने की सूचना है। थाना प्रभारी जय नारायण शर्मा के अनुसार उनका ट्रैक्टर तो नदी में दिखाई दे रहा है, लेकिन वह दोनों लोग नहीं मिल रहे हैं, रेस्क्यू जारी है, दोनों निवेरी गांव के बताए जा रहे हैं। गुना में नदी में बहे व्यक्ति की मौत वहीं बरसाती नदी में एक व्यक्ति बह गया। जिनकी मौत की सूचना है उनका नाम गोलू वाल्मिक फतेहगढ़ बताया जा रहा है। बमोरी फतेहगढ़ क्षेत्र में कोहन, बरसाती और मगरोडा नदी है, बरसाती और मगरोडा नदी कोहन में जाकर मिलती है। लगातार दूसरे दिन बारिश से नदी नाले ऊफान पर हैं जिले में। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
भोपाल में सीएम मोहन यादव, इंदौर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर किया योग अभ्यास

Best Indore News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भोपाल और इंदौर में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अटल पथ पर योग किया, जबकि इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजवाड़ा पर योगाभ्यास में भाग लिया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्रीगण शामिल हुए। भोपाल। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2025 का राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम सुबह छह बजे भोपाल के टीटी नगर स्थित अटल पथ पर आयोजित हुआ। एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिए योग थीम पर यह वृहद आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के साथ योग किया। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष सहित विभिन्न विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलों के कार्यक्रम में मंत्रीगण शामिल हुए। देवास में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के राजवाड़ा में, केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर धार के मांडव में शामिल हुईं। उज्जैन में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, ग्वालियर में मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, जबलपुर में मंत्री राकेश सिंह शामिल हुए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।
best palmist in indore 1
yahoo
मांडू को मिलेगा नया पर्यटन रूप, स्थानीय होमस्टे को मिलेगा बढ़ावा

इंदौर: ऐतिहासिक किलों के लिए प्रसिद्ध मांडू शहर को पर्यटन सुविधाओं और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के तहत संवारा जा रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) के अनुसार, इस सौंदर्यीकरण परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 25 करोड़ रुपये है। इंदौर क्षेत्र के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटक स्थलों में शामिल मांडू में हाल के वर्षों में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इंदौर के पास स्थित ऐतिहासिक नगरी मांडू को एक बड़े पर्यटन कायाकल्प की दिशा में तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य है मांडू को एक प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करना। इस योजना के अंतर्गत पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जैसे अच्छी सड़कें, संकेतक बोर्ड, शौचालय और ईको-फ्रेंडली व्यवस्थाएं। ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किया जाएगा, जिससे दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्मारकों की प्राचीनता बनी रहे। स्थानीय निवासियों को होमस्टे योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे वे अपने घरों का एक हिस्सा पर्यटकों के लिए आवास में बदल सकें। इससे रोजगार भी उत्पन्न होगा। सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्सवों, गाइडेड टूर और प्रमुख स्थलों जैसे जहाज महल, हिंडोला महल आदि की रात्रि रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस कदम से मांडू को एक प्रमुख ऐतिहासिक और ईको-पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा और स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। मांडू पर्यटन विकास समाचार पर्यटन और संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया मानसून के बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा,“हमारा उद्देश्य मांडू को पर्यटकों के लिए और अधिक अनुकूल बनाना है ताकि वे इसकी ऐतिहासिक सुंदरता को पूरी तरह से अनुभव कर सकें। हम चाहते हैं कि हर आगंतुक को यह किलों का शहर एक अविस्मरणीय अनुभव दे।” उन्होंने आगे बताया कि मांडू में बढ़ते पर्यटकों के आगमन से भील जनजाति के कई परिवारों को स्वरोजगार के लिए प्रेरणा मिली, जिन्होंने धार के पास मालिपुरा क्षेत्र में होमस्टे सुविधाएं शुरू की हैं। एक स्थानीय होमस्टे मालिक दिनेश कतारे ने कहा:“हम आगामी पर्यटन सीज़न को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हमें जो प्रशिक्षण मिला, उसने हमें अपनी संस्कृति और मेहमानवाजी को पर्यटकों से साझा करने का आत्मविश्वास दिया है। हम और अधिक मेहमानों का स्वागत करने के लिए तत्पर हैं।” ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे विकास “हमारे गांव में और भी कई परिवार आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में होमस्टे शुरू करने की योजना बना रहे हैं।” इन परिवारों को इस पहल के लिए तैयार करने हेतु, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत अतिथि सत्कार और विभिन्न नौकरी भूमिकाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया। इस पहल के अंतर्गत राज्यभर के 100 गांवों की पहचान की गई, जहां लाभार्थियों को होमस्टे सुविधाओं के विकास और स्थानीय उत्पादों व पारंपरिक भोजन को बढ़ावा देने में सहायता दी गई। इसके अतिरिक्त, पर्यटन विभाग मांडू, ओरछा और टामिया जैसे स्थलों पर वार्षिक महोत्सवों के आयोजन के लिए साझेदारी कर रहा है। इन महोत्सवों में मनोरंजन और साहसिक गतिविधियों को शामिल कर पर्यटकों के अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के लिए खुशखबरी! ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन की तारीख तय

किसानों के लिए खुशखबरी! ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन की तारीख तय सीएम ने कहा हमने नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से सिंचाई का रकवा बढ़ाने के प्रयास किये हैं, भाजपा सरकार हमेशा किसान हितैषी निर्णय लेती है एमपी न्यूज़: ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की पैदावार करने वाले मध्य प्रदेश के किसानों के लिए ये अच्छी खबर है, मोंग और उड़द के उपार्जन के लिए सरकार ने पंजीयन की तारीख घोषित कर दी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक वीडियो मैसेज जारी कर जानकारी दी है कि 19 जून से रजिस्ट्रेशन शुरू किये जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द उत्पादक किसानों का इन्तजार और चिंता दोनों ख़त्म हो गए हैं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज घोषणा की है कि सरकार उनकी उपज का उपार्जन शीघ्र करने जा रही है, इसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया 19 जून से शुरू की जा रही है। ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के पंजीयन 19 जून से शुरू होंगे सोशल मीडिया पर एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए मुख्यमंत्री दो मोहन यादव ने 19 जून से पंजीयन शुरू होने की घोषणा की, उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन को लेकर उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात हुई है, जल्दी ही खरीद शुरू होगी, सरकार इसके लिए प्रस्ताव भेज रही है। रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की सीएम ने कहा कि जिन किसानों ने ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की पैदावार की है वे अपनी फसल के उपार्जन की तैयारी करें रजिस्ट्रेशन कराएँ, उन्होंने कहा मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने हमेशा किसान हितैषी निर्णय लिए हैं , उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल के उपार्जन की तैयारी के साथ सतह अगली फसल तैयारी भी करें, सरकार उसमें भी मदद के लिए खड़ी है। पंजीयन शुरू नहीं होने से किसान थे चिंतित गौरतलब है कि ग्रीष्मकालीन मूंग कम समय में तैयार होने वाली फसl है ये पककर तैयार हो चुकी है लेकिन बारिश सिर पर है मानसून आने वाला है और सरकार ने अब तक इसकी खरीद केलिए पंजीयन शुरू नहीं किये थे जिससे किसान चिंतित था और सरकार से रजिस्ट्रेशन शुरू कर उपार्जन शुरू करने की मांग कर रहा था। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की थी ये मांग इधर कांग्रेस ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुए सरकार से सवाल किये थे, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार लगातार सरकार से पंजीयन शुरू करने और खरीद करने के लिए पत्र लिख रहे थे, उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को कई पत्र लिखे हैं जिसमें उपज को एमएसपी पर शीघ्र खरीदने का अनुरोध किया है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने किया था मूंग खरीदने से इंकार गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल ने मूंग की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने को लेकर साफ इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मूंग की फसल में पेस्टीसाइड काफी मात्रा में इस्तेमाल हो रहे हैं और यह जहरीली हो चुकी है, इसीलिए समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदी नहीं करेगी। भारतीय किसान संघ ने किया था बयान का कड़ा विरोध कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल के बयान से किसानों में असंतोष बढ़ने लगा था, वहीं भारतीय किसान संघ ने भी इस बयान का विरोध किया था, संघ से जुड़े होने के बावजूद भारतीय किसान संघ सरकार के विरोध में आ गया था और घोषणा की थी कि यदि समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री का घेराव करेंगे। बहरहाल अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सामने से आकर रजिस्ट्रेशन की तारीख शुरू की है ये किसानों एक हित में एक अच्छा फैसला माना जा रहा है।
Madhya Pradesh weather: Thunderstorm and rain alert in 38 districts today on Saturday, heatwave in 8 cities, know the latest update on monsoon

The southwest monsoon is expected to enter Madhya Pradesh on 15-16 June. Before this, most parts of the state will remain cloudy. During this period, there are chances of rain, thunderstorm and lightning. MP News: The weather in Madhya Pradesh has changed due to the effect of cyclone and trough. On Friday, there was a period of strong storm and rain in many districts of the state. The temperature in many cities crossed 40 degrees. Khajuraho was the hottest among these. Here the day temperature reached 45 degrees Celsius. Today, on Saturday, heat wave alert has been issued in 8 districts and rain and storm alert in 38 districts. At present, the series of rains is going to continue in the districts of Bhopal, Indore, Ujjain, Narmadapuram division for 2-3 days. Here, the south-west monsoon has also picked up speed again, so it is expected that monsoon can enter the state anytime between 15 and 18 June. The normal date of entry of monsoon is 15 June. Last year it entered on 21 June. Monsoon will knock in MP on 15-16 June MP Weather: Weather will remain like this till 17th June
This district of MP declared water scarcity area, collector issued restrictive order, read full news

This district of MP declared water scarcity area, collector issued restrictive order, read full news MP News: In case of violation of the order, there is a provision of imprisonment up to two years and fine up to two thousand rupees under the sections of Madhya Pradesh Protection Act. Gwalior Collector and District Magistrate has declared the entire district as water scarcity area and issued a prohibitory order, the reason for this has also been mentioned in the order, in the order the DM has banned tube well digging in the district till July 15 or till there is sufficient rainfall. Also, the use of all the sources like rivers, drains, ponds, stepwells etc. for irrigation, industrial and commercial purposes has also been banned. Gwalior Collector and District Magistrate Ruchika Chauhan has declared the district as water scarcity area under the provisions of Madhya Pradesh Conservation Act and issued a prohibitory order to this effect. Under the order, tube well digging has been banned for the time period of commencement of rainy season in the district i.e. July 15 or till there is sufficient rainfall. Till this time period, no new tube well can be dug in the district limits for any reason without the permission of the competent officer. Due to this the collector issued a prohibitory order Giving the reason for issuing the restrictive order, the collector wrote- The Executive Engineer of the Public Health Engineering Department and all the Sub-Divisional Revenue Officers of the district had submitted reports to take measures to ensure the supply of water to the general public for drinking and disposal, citing the reason of the reduced water supply capacity of drinking water sources in summer and the possible drinking water crisis. On this basis, this order has been issued. Irrigation will not be possible with the water from the river and pond, the washing centre will also be closed It has been clarified in the order that from the date of implementation of the order, no person will be able to dig a tube well within the geographical limits of the district without the permission of the competent officer. Also, drinking water sources and all rivers, drains, ponds, stepwells etc. cannot be used for irrigation, industrial and commercial purposes. This also includes all private vehicles and washing centers within the district. There is no ban on digging of government tube wells The collector said in the order that except for the digging of tube wells for drinking water in public interest by government departments and all panchayats, digging of all types of tube wells cannot be done during the restricted period. In special circumstances and emergency, on the written recommendation of the Executive Engineer Public Health Engineering, the concerned Sub-Divisional Magistrate will be able to give permission for digging of private tube wells for drinking water.