
Best Indore News इंदौर, 25 जुलाई 2025 – इंदौर पुलिस और आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए बीते एक सप्ताह में जोरदार कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 311 लीटर अवैध देशी-विदेशी शराब और 1900 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया है। जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग 3.5 लाख रुपये आंकी गई है।
इस विशेष अभियान के तहत कुल 75 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कई पुराने शराब माफिया भी शामिल हैं। पुलिस और आबकारी अमले ने यह ऑपरेशन विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से चलाया और कई जगहों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब व सामग्री बरामद की।
कहां-कहां हुई कार्रवाई?
यह अभियान इंदौर के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में एक साथ चलाया गया। मुख्य रूप से जिन इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध गतिविधियां पकड़ में आईं, उनमें शामिल हैं:
- चंदन नगर
- कनाड़िया रोड
- खजराना
- अन्नपूर्णा
- हीरानगर
- महू और राऊ के ग्रामीण इलाके
पुलिस ने इन इलाकों में गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी और कई जगहों से छिपाकर रखी गई शराब की पेटियां और महुआ की भट्टियां जब्त कीं।
🧾 आंकड़ों में कार्रवाई
| विवरण | मात्रा | अनुमानित कीमत |
|---|---|---|
| देशी-विदेशी शराब | 311 लीटर | ₹1.2 लाख |
| महुआ लाहन (कच्चा माल) | 1900 किलो | ₹2.3 लाख |
| कुल मामले दर्ज | 75 | – |
| गिरफ्तारियां | 30 से अधिक आरोपी | – |
कैसे पकड़े गए आरोपी?
अभियान के दौरान पुलिस ने 30 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए हैं। अधिकांश आरोपी पहले भी अवैध शराब निर्माण या बिक्री में शामिल रह चुके हैं। कुछ मामलों में महिलाओं को भी सहयोगी के रूप में गिरफ्तार किया गया।
अभियान के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरा, लोकल मुखबिर नेटवर्क और मोबाइल सर्विलांस का उपयोग किया। इसके अलावा कई जगहों पर रात में गश्त बढ़ाई गई, जिससे रात्रिकालीन तस्करी को रोका जा सके।
महुआ शराब: अब भी ग्रामीण इलाकों में चुनौती
हालांकि शहरी इलाकों में शराब के बड़े रैकेट को काबू में लाया गया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में महुआ शराब का गुप्त कारोबार अभी भी पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
महुआ से बनी देशी शराब सस्ती होती है और तेजी से नशा देती है, जिसके कारण इसका उपभोग ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होता है। कई बार यह शराब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होती है और जानलेवा भी हो सकती है।
पुलिस की सख्ती और प्रशासन का रुख
इंदौर पुलिस कमिश्नर ने इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा:
“शहर में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी इस गोरखधंधे में शामिल है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि सप्ताह में दो बार स्पेशल ड्राइव चलाया जाए और रिपोर्ट सीधे मुख्यालय को भेजी जाए।
जनजागरूकता भी जरूरी
अवैध शराब से केवल कानून का उल्लंघन नहीं होता, बल्कि यह लोगों की स्वास्थ्य, समाज और भविष्य को भी नुकसान पहुंचाती है। प्रशासन अब शराब के दुष्प्रभावों पर जनजागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी में है। इसके तहत:
- स्कूलों और कॉलेजों में नशामुक्ति सेमिनार
- पोस्टर और होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचार
- गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम
अवैध शराब पर करारा वार, पर अभी लंबा सफर बाकी
इंदौर पुलिस और प्रशासन की यह कार्रवाई प्रशंसनीय है, जिसने न केवल अवैध शराब के जाल को तोड़ा बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को और भी मजबूत किया। लेकिन यह कोई एक दिन की लड़ाई नहीं है, बल्कि एक लंबा संघर्ष है।
जनता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, और अपने आसपास के वातावरण को सुरक्षित बनाए रखें।
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