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कनाड़िया पुलिस ने नकली तंबाकू कारोबार का किया भंडाफोड़: ‘कमल किशोर’ ब्रांड के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा, लाखों का माल जब्त

इंदौर में नकली तंबाकू का बड़ा रैकेट उजागर Best Indore News: इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक नकली तंबाकू बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी लोकप्रिय ‘कमल किशोर’ ब्रांड के नाम से नकली तंबाकू तैयार कर रहे थे और उसे असली बताकर बाजार में खपा रहे थे। पुलिस ने मौके से लाखों रुपए का नकली माल और पैकिंग सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इलाके में एक गोपनीय स्थान पर नकली तंबाकू बनाने का कारोबार चल रहा है। कैसे हुआ खुलासा? इंदौर कनाड़िया पुलिस को एक गुप्त सूत्र से सूचना मिली कि क्षेत्र के एक गोदाम में नकली तंबाकू तैयार की जा रही है। पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर रेड की कार्रवाई की। मौके पर पहुंचने पर पुलिस को: बरामद हुई। पुलिस ने वहां मौजूद तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ जारी है। “गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में लाखों का नकली तंबाकू जब्त किया गया है। ये लोग नामी ब्रांड की नकल कर आम जनता को धोखा दे रहे थे।” — थाना प्रभारी, कनाड़िया गिरफ्तार आरोपी और उनका नेटवर्क पुलिस के अनुसार, गिरोह का संचालन स्थानीय निवासी और मास्टरमाइंड माने जा रहे एक युवक के इशारों पर हो रहा था। आरोपी सस्ते तंबाकू में खतरनाक केमिकल मिलाकर उसे ब्रांडेड पैकिंग में भरते थे और फिर थोक विक्रेताओं के ज़रिए इसे दुकानों तक पहुंचाया जाता था। गिरफ्तार आरोपी: इनके खिलाफ धारा 420, 467, 468 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पकड़े गए माल में इस्तेमाल हो रही सामग्री को जब फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने जांचा, तो उसमें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायन पाए गए। नकली तंबाकू में: मौजूद थे, जो लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। “ये उत्पाद न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ भी हैं।” — खाद्य सुरक्षा अधिकारी, इंदौर नकली ब्रांडिंग और पैकेजिंग का खेल छापे में कमल किशोर नामक ब्रांड के हूबहू मिलते-जुलते स्टीकर, रैपर, डिब्बियाँ और पैकिंग मशीनें मिली हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह उच्च स्तरीय नकल तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था। यह सब देखकर ग्राहक धोखा खा जाते थे और उन्हें लगता था कि वे असली ब्रांड का तंबाकू खरीद रहे हैं। बाजार में कैसे फैलाया जा रहा था माल? पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह नकली तंबाकू: इनका नेटवर्क इंदौर से बाहर खंडवा, देवास, उज्जैन और रतलाम तक फैला हुआ था। आगे की कार्रवाई और सख्ती कनाड़िया पुलिस ने अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, माल खरीदने वाले थोक व्यापारियों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्हें माल की वास्तविकता की जानकारी थी या नहीं। इस बीच असली ‘कमल किशोर’ ब्रांड के मालिक ने पुलिस से संपर्क कर बताया है कि वे इस नकली माल से अनजान थे और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की है। आम जनता से अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे: “अगर हम सब जागरूक नहीं हुए, तो इस तरह के नकली उत्पाद हमारी सेहत और समाज दोनों को नुकसान पहुँचाते रहेंगे।” इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में नकली तंबाकू के बड़े रैकेट का खुलासा यह दर्शाता है कि अपराधी अब न केवल कानून बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से भी खेल रहे हैं। पुलिस की सतर्कता और तत्परता से एक बड़ा खतरा टल गया है, लेकिन इस तरह के मामलों से निपटने के लिए सामूहिक जागरूकता और सख्त कानून की ज़रूरत है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर से 3 शहरों के लिए बंद होगी सीधी उड़ान: यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स से करना होगा सफर, समय और खर्च दोनों में होगा इजाफा

Best Indore NewsDirect flights from Indore to 3 cities will be stopped:

एयर कनेक्टिविटी को लगा झटका Best Indore News:   मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। इंदौर एयरपोर्ट से तीन प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें जल्द ही बंद होने जा रही हैं। अब इन शहरों तक जाने के लिए यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे न सिर्फ यात्रा का समय बढ़ेगा बल्कि खर्च भी दोगुना हो सकता है। यह फैसला एयरलाइंस द्वारा कम यात्रीभार और संचालन लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, लेकिन इसका नकारात्मक असर व्यापार, शिक्षा और टूरिज्म सेक्टर पर साफ दिखाई देगा। कौन-कौन सी उड़ानें होंगी बंद? सूत्रों और एयरलाइंस के अनुसार, जिन तीन शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद की जा रही हैं, वे हैं: इन तीनों शहरों के लिए फिलहाल सप्ताह में 3 से 5 उड़ानें संचालित हो रही थीं, जो आने वाले हफ्तों में चरणबद्ध रूप से रद्द की जाएंगी। यात्रियों को होगी भारी परेशानी इन सीधी उड़ानों के रद्द होने से सबसे अधिक प्रभाव रोज़ाना सफर करने वाले व्यापारियों, छात्रों और चिकित्सा सेवाओं के लिए जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। परेशानी के प्रमुख कारण: “मुझे हर महीने लखनऊ काम से जाना होता है। सीधी उड़ान से मैं 2 घंटे में पहुंच जाता था, अब 5-6 घंटे लगेंगे। खर्च भी बढ़ेगा।” — व्यापारी, इंदौर व्यापार और शिक्षा क्षेत्र पर असर इंदौर से जयपुर, लखनऊ और नागपुर जैसे शहरों के साथ सीधी हवाई कनेक्टिविटी ने व्यापार, मेडिकल टूरिज्म और शिक्षा क्षेत्र को तेज़ी से बढ़ावा दिया था। अब इन उड़ानों के बंद होने से: “जयपुर में कई मेडिकल कॉलेज और इलाज के बड़े केंद्र हैं। मरीजों के लिए सीधी उड़ान बंद होना चिंता की बात है।” — ट्रैवल एजेंट, इंदौर क्यों लिया गया यह फैसला? एयरलाइंस कंपनियों ने बताया कि यह फैसला फाइनेंशियल नॉन-वायबल रूट्स की समीक्षा के बाद लिया गया है। कम यात्री संख्या और ईंधन लागत में बढ़ोतरी जैसे कारणों से ये रूट लॉस में चल रहे थे। मुख्य कारण: “हम यात्रियों की मांग और कमर्शियल फायदे को देखकर ही रूट चुनते हैं। भविष्य में मांग बढ़ी तो दोबारा सेवा शुरू हो सकती है।” — एयरलाइन प्रवक्ता आंकड़ों में असर शहर औसत साप्ताहिक उड़ानें वर्तमान लोड फैक्टर अनुमानित यात्रियों की संख्या (प्रति सप्ताह) लखनऊ 4 52% 480–520 नागपुर 3 57% 400–450 जयपुर 5 58% 600–650 इन आंकड़ों के आधार पर एयरलाइंस ने रूट को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। क्या दोबारा शुरू हो सकती हैं उड़ानें? एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह स्थायी रद्दीकरण नहीं है। यदि आगामी महीनों में इन रूट्स पर डिमांड बढ़ती है, तो एयरलाइंस कंपनियाँ पुनः सेवा शुरू कर सकती हैं। साथ ही, नए एयरलाइंस ऑपरेटर भी इन रूट्स को अपने नेटवर्क में शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। “यात्रियों की ओर से मांग आने पर एयरलाइंस को व्यावसायिक लाभ दिखेगा और वे वापस उड़ानें शुरू कर सकते हैं।” — एविएशन विश्लेषक यात्रियों की मांग: उड़ानें फिर से शुरू हों रूट बंद होने की खबर आने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों ने नाराज़गी जताई है। कई लोगों ने #IndoreFlightDemand हैशटैग चलाकर एयरलाइंस और एअरपोर्ट अथॉरिटी से आग्रह किया है कि वे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। “इंदौर जैसे शहर से लखनऊ और जयपुर की सीधी उड़ान बंद होना एक कदम पीछे जाने जैसा है।” — यात्री संघ इंदौर से तीन शहरों के लिए सीधी उड़ानों का बंद होना केवल हवाई यातायात नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिशीलता पर भी असर डालेगा। यह स्थिति न केवल यात्रियों की सुविधा को प्रभावित करेगी, बल्कि इंदौर की राष्ट्रीय कनेक्टिविटी की ताकत को भी कमजोर कर सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन, एयरलाइंस और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर आने वाले महीनों में क्या ये उड़ानें दोबारा बहाल होती हैं या नहीं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

इंदौर के प्रसिद्ध शिव मंदिर: आस्था, इतिहास और रहस्यों से भरी पौराणिक धरोहर

Best Indore Famous Shiva Temples of Indore– July 07, 2025

इंदौर न केवल एक आधुनिक औद्योगिक शहर है, बल्कि यह आध्यात्मिकता, भक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का भी केंद्र है। विशेष रूप से सावन मास में, जब भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है, तब इंदौर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। इन मंदिरों का ऐतिहासिक, पौराणिक और ज्योतिषीय महत्व भी अत्यंत विशेष है। इंद्रेश्वर महादेव मंदिर – इंदौर की पहचान से जुड़ा प्राचीन शिवधाम सबसे पहले बात करें इंद्रेश्वर महादेव मंदिर की, जिसे इंदौर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, स्वयं देवराज इंद्र ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी। यही नहीं, ऐसा भी कहा जाता है कि इंदौर शहर का नाम भी इस मंदिर के नाम पर ही पड़ा। इसके अतिरिक्त, इतिहास गवाह है कि देवी अहिल्याबाई होलकर स्वयं इस मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आती थीं, जिससे यह स्थान और भी अधिक पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। गेंदेश्वर महादेव मंदिर – एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों के दर्शन इसके बाद बात करते हैं परदेशीपुरा क्षेत्र में स्थित गेंदेश्वर महादेव मंदिर की, जो अपनी विशिष्टता के लिए पूरे इंदौर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां श्रद्धालु एक ही स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ चार धामों के दर्शन भी कर सकते हैं। यही नहीं, प्रत्येक संध्या यहां तांडव आरती का आयोजन होता है, जो भक्ति भाव से भर देता है और भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। ऐसे धार्मिक आयोजनों के कारण यह मंदिर इंदौरवासियों के हृदय में एक विशेष स्थान रखता है। भूतेश्वर महादेव मंदिर – श्मशान भूमि पर विराजमान रहस्यमय शिव अब यदि रहस्यमय और तांत्रिक महत्त्व वाले शिव मंदिर की बात करें, तो भूतेश्वर महादेव मंदिर अवश्य उल्लेखनीय है। यह मंदिर श्मशान घाट के समीप स्थित है और जनमान्यता है कि बाबा भूतेश्वर महादेव स्वयं श्मशान भूमि पर विराजमान हैं। विशेष रूप से तंत्र-साधना करने वाले साधक इस स्थान को अत्यंत शक्तिशाली मानते हैं। इतना ही नहीं, इस मंदिर को इंदौर का सबसे पुराना शिवालय भी माना जाता है, जो इसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बनाता है। देवगुराड़िया शिव मंदिर – नाग-नागिन और अविनाशी जलकुंड का चमत्कार यदि आप प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिकता का संगम एक साथ अनुभव करना चाहते हैं, तो देवगुराड़िया शिव मंदिर आपके लिए एक उत्तम स्थान है। यह मंदिर इंदौर से लगभग 15 किलोमीटर दूर नेमावर रोड पर स्थित है और यह क्षेत्र अपने प्राचीन धार्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस स्थान पर गरुड़ ने कठोर तपस्या की थी और देवी अहिल्याबाई होलकर ने यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था। सबसे अद्भुत बात यह है कि मंदिर परिसर में स्थित एक जलकुंड कभी सूखता नहीं, और यहां नाग-नागिन का स्थायी वास भी माना जाता है। इससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए एक रहस्यमयी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। अन्य प्रसिद्ध शिव मंदिर – जबरेश्वर, गुटकेश्वर और निरंजनपुर शिवालय उपरोक्त मंदिरों के अतिरिक्त इंदौर में कई अन्य शिव मंदिर भी हैं जो स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। जबरेश्वर महादेव मंदिर, गुटकेश्वर महादेव मंदिर और निरंजनपुर शिव मंदिर विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। प्रत्येक मंदिर का अपना एक अलग महत्व और ऊर्जा है, जिसे भक्तगण प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करते हैं। यदि आप इंदौर में रहते हैं या यहां की यात्रा पर हैं, तो इन शिव मंदिरों के दर्शन अवश्य करें। ये मंदिर न केवल आध्यात्मिक तृप्ति प्रदान करते हैं, बल्कि आत्मिक शांति और ज्योतिषीय लाभ भी देते हैं। सावन मास, महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत जैसे विशेष अवसरों पर इन स्थानों की यात्रा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

रात को लोग सो रहे थे, पानी 3 हजार घरों में घुसा: शहडोल में 4 इंच बारिश, शहर का 40% हिस्सा डूबा; रेलवे ट्रैक और जिला अस्पताल भी पानी में डूबे

एक रात की बारिश और शहर बेहाल Best Indore News: मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में शुक्रवार देर रात हुई भारी बारिश ने शहर की कमर तोड़ दी। रात करीब 1 बजे से शुरू हुई मूसलधार बारिश ने महज कुछ ही घंटों में 4 इंच से ज्यादा पानी बरसा दिया, जिससे शहर का लगभग 40% हिस्सा जलमग्न हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब लोग गहरी नींद में थे, तब पानी घरों में घुस चुका था। कई लोग सुबह नींद से तब जागे जब उनके बिस्तर के पास पानी बह रहा था या फर्नीचर बह चुका था। 3000 घरों में घुसा पानी, सबसे ज्यादा प्रभावित बस्तियाँ प्रशासन के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, करीब 3000 मकानों में पानी घुस गया, जिनमें निम्न आय वर्ग की बस्तियाँ सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। इन क्षेत्रों में: लोगों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया। बिस्तर, गैस सिलेंडर, राशन, कपड़े और जरूरी कागज़ात बह गए या भीग गए। “हम सो रहे थे, अचानक आवाज आई — अलमारी गिर गई, जब उठकर देखा तो पूरा घर पानी में था। बच्चे डर गए थे।” — स्थानीय निवासी, शिवनगर जिला अस्पताल और रेलवे ट्रैक भी जलमग्न शहर के जिला अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में भी बारिश का पानी भर गया, जिससे आपातकालीन सेवाएँ प्रभावित हुईं। मरीजों को ऊपरी मंजिलों पर शिफ्ट किया गया, और कई वार्डों में बिजली सप्लाई काटनी पड़ी। शहडोल रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर भी पानी जमा हो गया, जिससे कुछ ट्रेनें या तो रद्द कर दी गईं या उनका मार्ग बदला गया। यात्रियों को घंटों तक स्टेशन पर फंसे रहना पड़ा। प्रशासन की आपातकालीन कार्रवाई घटना के बाद जिला प्रशासन, नगर निगम और आपदा प्रबंधन दल तुरंत हरकत में आ गए। प्रशासन ने: “हालात बेहद गंभीर हैं, लेकिन सभी विभाग मिलकर राहत कार्य में जुटे हैं। प्राथमिकता लोगों की जान और जरूरी सामान को सुरक्षित करना है।” — कलेक्टर, शहडोल खेती और पशुधन को भी नुकसान बारिश का कहर गांवों और खेतों पर भी पड़ा। जलभराव के कारण: “धान बोया था, दो दिन पहले अंकुर निकले थे — अब खेत में पानी-पानी है, सब बर्बाद हो गया।” — किसान, बुढार तहसील सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल लोगों ने सोशल मीडिया पर घरों के अंदर बहते पानी, सड़क पर तैरती गाड़ियाँ, और रेलवे ट्रैक पर बहते जल के वीडियो और फोटो शेयर किए। यह दृश्य लोगों को 2021 की बाढ़ की याद दिला गया। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति 10 घंटे तक बाधित रही, जिससे संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा। 10 वर्षों की सबसे भारी रात की बारिश मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश शहडोल में पिछले 10 वर्षों में जुलाई महीने की सबसे तेज रात की बारिश मानी जा रही है। इसने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की खामियाँ भी उजागर कर दीं। स्थायी समाधान की माँग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन से स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की है। कई कॉलोनियों में हर साल पानी भरता है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। “हर साल यही होता है। वादे होते हैं, लेकिन न तो नाले चौड़े होते हैं और न ही पक्की नालियाँ बनती हैं।” — वार्ड पार्षद, शहडोल शहडोल में बीती रात हुई बारिश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने हमारी तैयारी अब भी अधूरी है। 3 हजार से अधिक परिवारों की तकलीफ और शहर का 40% जलमग्न होना प्रशासन के लिए भी चेतावनी है। अब समय है कि स्थायी समाधान, जलनिकासी व्यवस्था, और आपदा प्रबंधन को कागज़ से जमीन पर लाया जाए — ताकि अगली बारिश तबाही का पैगाम न लाए। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

डॉक्यूमेंट्री फिल्में: सच्चाई को दिखाने वाली सिनेमा की शक्ति

Best Indore documentary films Indore– July 07, 2025

जब हम सिनेमा की बात करते हैं, तो अधिकतर लोग फिक्शन, एक्शन, ड्रामा या रोमांस की ओर आकर्षित होते हैं। लेकिन एक ऐसी विधा भी है जो बिना तामझाम के केवल सच्चाई दिखाती है — डॉक्यूमेंट्री फिल्में। ये फिल्में समाज के अनदेखे पहलुओं को उजागर करती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का उद्देश्य डॉक्यूमेंट्री फिल्में आमतौर पर किसी वास्तविक घटना, व्यक्ति, समाज, पर्यावरण, या इतिहास पर आधारित होती हैं। इनका उद्देश्य जानकारी देना, जागरूक करना, और सोच को प्रेरित करना होता है। ये फिल्में मनोरंजन से ज़्यादा ज्ञान और समझ देने का कार्य करती हैं। भारत की प्रसिद्ध डॉक्यूमेंट्री फिल्में 1. India’s Daughter (2015) निर्देशक: लेस्ली उडविनयह डॉक्यूमेंट्री 2012 के निर्भया कांड पर आधारित है। इसने दुनियाभर में महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक भेदभाव को लेकर बहस छेड़ दी थी। 2. Katiyabaaz (2014) निर्देशक: फहद मुस्तफा और दीप्ति कक्कड़यह फिल्म कानपुर की बिजली चोरी और ऊर्जा संकट पर आधारित है। इसमें सिस्टम की विफलता और आम जनता की जद्दोजहद को बखूबी दिखाया गया है। 3. The World Before Her (2012) निर्देशक: नाइना पॉलयह फिल्म भारत की दो अलग-अलग महिलाओं की दुनिया को दिखाती है — एक मिस इंडिया प्रतियोगिता की प्रतिभागी और दूसरी एक रूढ़िवादी विचारधारा वाली लड़की। डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का समाज पर प्रभाव डॉक्यूमेंट्री फिल्में क्यों देखें? कारण विवरण ज्ञानवर्धक ये फिल्में तथ्यों पर आधारित होती हैं। सोच को प्रेरित करें ये दर्शकों को गहराई से सोचने पर मजबूर करती हैं। वास्तविकता का दर्शन ये सच्चाई को ज्यों का त्यों दिखाती हैं। ऑनलाइन कहां देखें डॉक्यूमेंट्री फिल्में? डॉक्यूमेंट्री फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे समाज का आईना हैं। अगर आप सिनेमा के माध्यम से सच को देखना और समझना चाहते हैं, तो डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को जरूर देखें। ये फिल्में न केवल आपकी जानकारी बढ़ाती हैं, बल्कि आपको एक बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती हैं। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की इंदौर यात्रा आज: कार्यकर्ता सम्मेलन में लेंगे भाग, खजराना गणेश के करेंगे दर्शन

इंदौर में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह Best Indore News:  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष आज इंदौर के दौरे पर आ रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह उनका पहला इंदौर दौरा होगा जब से उन्हें मध्यप्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है। पार्टी के अनुसार, वे आज शहर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिसमें कार्यकर्ता सम्मेलन, नेताओं से मुलाकात, और खजराना गणेश मंदिर में दर्शन शामिल हैं। कार्यकर्ता सम्मेलन: नई ऊर्जा का संचार नए अध्यक्ष की अगुआई में भाजपा इंदौर इकाई एक विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर रही है, जिसमें हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है: कार्यक्रम स्थल पर विशेष सजावट और सुरक्षा व्यवस्था की गई है, और कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी सम्मेलन में भाग लेंगे। “प्रदेश अध्यक्ष का इंदौर आगमन हमारे लिए गर्व की बात है। यह सम्मेलन आने वाले चुनावों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।” – जिला अध्यक्ष, भाजपा इंदौर खजराना गणेश के दर्शन इंदौर आगमन के बाद नए अध्यक्ष सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर जाकर भगवान गणेश के दर्शन करेंगे। यह मंदिर इंदौर का प्रमुख धार्मिक केंद्र है और हर बड़े नेता की यात्रा का अहम हिस्सा माना जाता है। उनके मंदिर दौरे को लेकर मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। मंदिर परिसर में पारंपरिक स्वागत, आरती में शामिल होना, और श्रीफल अर्पण जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। “हर शुभ कार्य की शुरुआत गणपति वंदना से होती है, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष खजराना गणेश जी के दर्शन करके अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे।” — भाजपा मीडिया प्रभारी सुरक्षा और व्यवस्था के खास इंतज़ाम प्रदेश अध्यक्ष की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है: स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात इंदौर यात्रा के दौरान वे शहर के सांसद, विधायक, महापौर और पार्टी पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर तैयारियों, और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। भाजपा सूत्रों का कहना है कि कुछ नई नियुक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ भी इस दौरे में तय हो सकती हैं, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत हो। आगामी रणनीति पर हो सकती है घोषणा नए प्रदेश अध्यक्ष अपने इंदौर दौरे के दौरान आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं। इसके अलावा: संभावना है कि वे अपने भाषण में ‘मिशन 2028’ का भी उल्लेख करें और पार्टी कार्यकर्ताओं को इसके लिए तैयार रहने का आह्वान करें। जनता के बीच संवाद की तैयारी इस दौरे के दौरान भाजपा की योजना है कि अध्यक्ष कुछ जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से भी संवाद करें, जिससे जनता का भरोसा और संपर्क दोनों बढ़ सके। इंदौर शहर भाजपा के लिए हमेशा से मजबूत आधार रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व चाहता है कि इस दौरे से कार्यकर्ताओं और आम जनता को “सकारात्मक ऊर्जा और नया जोश” मिले। प्रदेश अध्यक्ष का इंदौर दौरा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भाजपा की आगामी चुनावी तैयारी और कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी नया आयाम देगा। खजराना गणेश मंदिर की यात्रा उनके दौरे को आध्यात्मिक आशीर्वाद और जनसंपर्क का संतुलन प्रदान करेगी। इंदौर की जनता और कार्यकर्ताओं को इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं, और पार्टी इसे नई शुरुआत के रूप में देख रही है। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

उज्जैन में मोहर्रम जुलूस के दौरान पुलिस का लाठीचार्ज: बेरिकेड तोड़कर प्रतिबंधित मार्ग में घुसे लोग, भोपाल समेत कई जिलों में मातम और तकरीरें

घटना का सारांश Best Indore News:  मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में मोहर्रम के जुलूस के दौरान रविवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कुछ लोगों ने जुलूस को निर्धारित मार्ग से हटाकर प्रतिबंधित क्षेत्र में ले जाने की कोशिश की। पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड तोड़ दिए गए, और हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। घटना के बाद कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन प्रशासन की सूझबूझ और धार्मिक नेताओं की अपील के बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया। इस बीच भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अन्य जिलों में मोहर्रम शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ, जहां मातम और मजलिसों के आयोजन किए गए। मोहर्रम: शहादत और सब्र की परंपरा मोहर्रम इस्लामी वर्ष का पहला महीना होता है और 10वीं तारीख ‘यौम-ए-आशूरा’ को कर्बला में हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया जाता है। यह दिन ग़म, मातम, तकरीर, और ताज़िया जुलूस के रूप में मनाया जाता है। मध्यप्रदेश में मोहर्रम के मौके पर हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरते हैं और ताज़िए, अलम और जुलूस निकालते हैं। इस बार भी ज्यादातर जिलों में शांति और अनुशासन के साथ आयोजन हुए, लेकिन उज्जैन में एक अप्रिय घटना ने माहौल बिगाड़ दिया। उज्जैन में क्या हुआ? उज्जैन शहर के फ्रीगंज इलाके से निकल रहे ताज़िया जुलूस को स्थानीय प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित मार्ग से ही ले जाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन कुछ युवाओं ने जुलूस को किसी अन्य प्रतिबंधित मार्ग की ओर मोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने पहले उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब लोगों ने बेरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तब पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। “हमने सभी अखाड़ों और समितियों को पहले ही मार्ग की जानकारी दे दी थी। कुछ असामाजिक तत्वों ने अनुशासन तोड़ने की कोशिश की, जिससे हल्की झड़प हुई।” — पुलिस अधीक्षक, उज्जैन धार्मिक नेताओं की अपील से स्थिति नियंत्रित घटना के बाद शहर में अफवाहें फैलने लगीं, लेकिन स्थानीय मौलवियों और धार्मिक नेताओं ने माइक पर आकर लोगों से संयम रखने की अपील की। उनके सहयोग से: “मोहर्रम सब्र और बलिदान का महीना है। हमें शांति बनाए रखनी चाहिए।” — उलेमा परिषद सदस्य अन्य जिलों में कैसा रहा माहौल? जिला गतिविधि स्थिति भोपाल अशरा मजलिस, ताज़िया जुलूस शांतिपूर्ण इंदौर अलम व ताजिए, मातम अनुशासित जबलपुर बड़ी संख्या में तकरीरें शांतिपूर्ण खंडवा ताजियों का विर्सजन परंपरागत ढंग से संपन्न बुरहानपुर मुस्लिम-हिंदू भाईचारा सराहनीय प्रशासन की तैयारी और निगरानी इस वर्ष मोहर्रम को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती थी: लेकिन उज्जैन की घटना ने यह भी संकेत दिया कि भीड़ नियंत्रण में स्थानीय भागीदारी सबसे ज़रूरी है। सोशल मीडिया पर अफवाहों से सतर्क घटना के बाद कुछ भ्रामक वीडियो और मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे, जिन पर तुरंत साइबर सेल ने कार्रवाई की। प्रशासन ने जनता से अपील की कि: मोहर्रम की गरिमा और उसकी धार्मिक महत्ता को समझना सभी समुदायों की जिम्मेदारी है। उज्जैन की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि जब प्रशासन और समुदाय साथ मिलकर काम करें, तो कोई भी संकट जल्दी शांत हो सकता है। जहाँ एक ओर प्रदेश के अधिकांश जिलों में शांति और एकजुटता के साथ मोहर्रम मनाया गया, वहीं उज्जैन की घटना ने भविष्य के आयोजनों में बेहतर प्रबंधन और संवाद की आवश्यकता को उजागर कर दिया। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

जुलाई की शुरुआत रही सूनी-सूनी: हल्की बारिश और बादलों के बीच राहत तो मिली, लेकिन झमाझम का इंतजार अभी बाकी

Best Indore NewsThe beginning of July was lonely

बारिश आई, लेकिन वैसी नहीं जैसी अपेक्षा थी Best Indore News: मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक जून के अंतिम सप्ताह में हो गई थी और उम्मीद जताई जा रही थी कि जुलाई के पहले हफ्ते में झमाझम बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। लेकिन वास्तविकता इससे थोड़ी अलग रही। जुलाई का पहला सप्ताह हल्की रिमझिम, बादलों की आवाजाही और मौसम में हल्की ठंडक लेकर आया, मगर तेज और मूसलधार बारिश की जो अपेक्षा थी, वह पूरी नहीं हो सकी। अब मौसम विभाग का कहना है कि मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने में थोड़ा और समय लग सकता है। क्या कहता है मौसम विज्ञान विभाग? मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत में जो अपेक्षित सिस्टम — जैसे लो प्रेशर एरिया, ट्रफ लाइन या साइक्लोनिक सर्कुलेशन — बनने चाहिए थे, वे कमजोर बने या बने ही नहीं। इस कारण से: “जुलाई के पहले हफ्ते में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। आने वाले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से कोई सक्रिय सिस्टम आएगा तभी तेज बारिश की संभावना बनेगी।” — IMD अधिकारी, भोपाल आंकड़ों में देखें जुलाई का पहला हफ्ता ज़िला सामान्य औसत वर्षा (मिमी) अब तक हुई वर्षा (मिमी) इंदौर 150 72 भोपाल 140 61 जबलपुर 180 88 उज्जैन 130 49 रीवा 160 65 इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है। कैसा रहा मौसम का मिजाज? “बारिश कम जरूर हुई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पंखे और कूलर की ज़रूरत नहीं पड़ी।” — इंदौर निवासी किसान हो रहे चिंतित जुलाई का पहला सप्ताह किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुआई का प्रमुख समय होता है। लेकिन बारिश की कमी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है: “हमने बीज डाल दिए थे, लेकिन बारिश नहीं हुई तो खेत सूख गए। अब दोबारा खर्च करके बुआई करनी पड़ेगी।” — किसान, धार शहरवासियों को मिली आंशिक राहत बारिश भले ही तेज़ नहीं हुई, लेकिन बादलों और ठंडी हवाओं ने शहरों की गर्मी और ट्रैफिक की उमस से लोगों को कुछ राहत जरूर दी: “बिना तेज़ बारिश के बादलों वाली ठंडक ने मौसम को मनभावन बना दिया है।” — निवासी, भोपाल आने वाले दिनों में क्या उम्मीद? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार: मौसम विभाग ने कहा कि 10 से 15 जुलाई के बीच मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश की गति में तेजी आएगी। जुलाई का पहला हफ्ता मानसून की दृष्टि से उतना संतोषजनक नहीं रहा जितनी उम्मीद की जा रही थी। कमजोर मानसून, सिस्टम की निष्क्रियता और रिमझिम बारिश ने किसानों को चिंता में डाल दिया है, जबकि शहरवासियों को आंशिक राहत जरूर मिली है। अब निगाहें मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर टिकी हैं — और उम्मीद की जा रही है कि दूसरे हफ्ते से प्रदेश को भरपूर बारिश मिलेगी, जिससे खेती, जलस्रोत और जलवायु — तीनों को संजीवनी मिल सके। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

मंडला में सड़क बही, हाईवे पर फंसी बारात: 27 जिलों में बारिश का असर, डिंडौरी में दो दिन स्कूल बंद, आधे मध्यप्रदेश में अलर्ट

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। घटना का सारांश Best Indore News: मध्यप्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटों में 27 जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई है, जिसमें मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, जबलपुर, सीधी और सिंगरौली जैसे इलाके प्रमुख हैं। मंडला जिले में हालात सबसे अधिक चिंताजनक बन गए जब तेज बारिश के कारण सड़क बह गई और एक बारात हाईवे पर फंस गई। वहीं, डिंडौरी जिले में स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के 26 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। मंडला में सड़क बहने से बारात फंसी शनिवार देर शाम मंडला जिले के एक इलाके में तेज बारिश के चलते स्टेट हाईवे की सड़क बह गई, जिससे उस रूट पर जा रही एक बारात बीच रास्ते में फंस गई। बाराती वाहन समेत घंटों वहीं खड़े रहे। स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बांस-बल्लियों की मदद से वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया ताकि वाहनों को धीरे-धीरे निकाला जा सके। डिंडौरी में स्कूल दो दिन बंद लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए डिंडौरी जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 2 दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। जिले में कई जगहों पर छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही खतरे में पड़ सकती थी। सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया। “बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले है। जब तक जलस्तर सामान्य नहीं होता, स्कूल बंद ही रहेंगे।” — डिंडौरी कलेक्टर बारिश का राज्यव्यापी असर मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में 27 जिलों में मध्यम से भारी बारिश हुई है। जिन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, उनमें शामिल हैं: जिला बारिश (मिमी में अनुमानित) मंडला 110 मिमी डिंडौरी 102 मिमी बालाघाट 95 मिमी शहडोल 88 मिमी सीधी 85 मिमी उमरिया 80 मिमी विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पीला और नारंगी अलर्ट जारी किया है। विशेषकर पूर्वी मध्यप्रदेश और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की संभावना है। बाढ़ का खतरा, राहत टीम अलर्ट पर प्रदेश के कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। विशेषकर नर्मदा, बाणगंगा और हिरण नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन को तटीय और निचले इलाकों में तैनात किया गया है। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में नाव और आपात किटें तैयार रखी गई हैं। “लोगों से अपील है कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से नदी या नालों को पार न करे।” — एसडीआरएफ अधिकारी खेती को राहत, लेकिन गांवों में परेशानी जहाँ एक ओर यह बारिश धान और मक्का की बुआई के लिए उपयुक्त मानी जा रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में: अलर्ट जिलों की सूची मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के 26 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इनमें प्रमुख हैं: इन जिलों में अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं के साथ वर्षा जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन की तैयारी मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता अब अपने चरम पर है। एक ओर जहाँ ये बारिश खेती के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है, वहीं दूसरी ओर सड़कें, पुल और विद्यालय जैसे सार्वजनिक ढांचे इसकी मार झेल रहे हैं। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे सुरक्षा के साथ-साथ राहत व्यवस्था को प्राथमिकता दें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें।

तलावली चांदा में फार्महाउस या विला खरीदना: वीकेंड रिट्रीट से लेकर डेली होम तक

Indore Property:Buying a Farmhouse or Villa in Talawali Chanda

इंदौर की अधिक जानकारी, हर क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ विकल्प और स्थानीय अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट Best Indore पर जरूर विजिट करें। इंदौर के रियल एस्टेट मानचित्र पर कई क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं, लेकिन यदि आप प्राकृतिक वातावरण, हरियाली, और सुकून की तलाश में हैं, तो तलावली चांदा आपके लिए एक आदर्श विकल्प हो सकता है। शहर की हलचल से थोड़ी दूरी पर स्थित यह क्षेत्र न केवल फार्महाउस या विला खरीदने के लिए उपयुक्त है, बल्कि यहाँ जीवन जीने का एक नया अनुभव भी मिलता है। क्यों चुनें तलावली चांदा? तलावली चांदा इंदौर-बायपास रोड के पास स्थित है और सुपर कॉरिडोर से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ की सबसे बड़ी खूबी है इसकी हरियाली और शांत वातावरण, जो इसे वीकेंड होम या रिटायरमेंट रेसिडेंस के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है। ● फार्महाउस और विला की मांग क्यों बढ़ रही है? शहर के व्यस्त जीवन से दूर सुकून और खुली जगहों की चाह में लोग अब तलावली चांदा जैसे क्षेत्रों में फार्महाउस और विला की ओर आकर्षित हो रहे हैं। डेली होम के रूप में भी बेहतरीन विकल्प तलावली चांदा अब केवल छुट्टियों का ठिकाना नहीं रहा, बल्कि लोग यहाँ अपना परमानेंट रेसिडेंस भी बना रहे हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाएँ हाल के वर्षों में तलावली चांदा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का काफी विकास हुआ है। निवेश के दृष्टिकोण से लाभदायक फार्महाउस और विला की कीमतें यहाँ धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, जिससे यह क्षेत्र निवेशकों के लिए भी फायदेमंद बनता जा रहा है। किसके लिए उपयुक्त? सामाजिक और सामुदायिक वातावरण तलावली चांदा में धीरे-धीरे एक समृद्ध और सुसंस्कृत समाज बस रहा है। यहाँ पड़ोसी सहयोगी हैं और जीवनशैली सकारात्मक है। तलावली चांदा में फार्महाउस या विला खरीदना केवल एक प्रॉपर्टी निवेश नहीं है, यह एक जीवनशैली का चुनाव है। यदि आप प्राकृतिक वातावरण में रहना चाहते हैं, अपने परिवार को प्रदूषण से मुक्त वातावरण देना चाहते हैं या फिर वीकेंड्स को शांति से बिताना चाहते हैं, तो तलावली चांदा आपके लिए एक आदर्श स्थान है। यहाँ निवेश करें और एक नए, सुंदर और सुकून भरे जीवन की शुरुआत करें। Call For Vastu Consultation इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी साहू जीउनकी वर्षों की विशेषज्ञता और वास्तु में गहराई से समझ आपके नए घर को एक सकारात्मक और शुभ शुरुआत देने में मदद करेगी। Astrologer Sahu Ji428, 4th Floor, Orbit MallIndore, (MP)IndiaContact:  9039 636 706  |  8656 979 221For More Details Visit Our Website: Indore Jyotish